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किसानों और सरकार के बीच आज की बैठक ख़त्म, नहीं निकला कोई नतीजा

किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक पाँच दिसंबर को होगी. ये बातचीत बेनतीजा रही. इससे पहले मंगलवार को हुई बातचीत भी बेनतीजा रही थी.

लाइव कवरेज

  1. किसानों को मोदी सरकार पर भरोसा क्यों नहीं, कॉर्पोरेट जगत का डर क्यों

  2. 'किसानों के नाम पर चीन, पाकिस्तान भारत को अस्थिर करना चाहते हैं'

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, प्रकाश सिंह बादल ने लौटाया पद्म विभूषण

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने किसानों का समर्थन करते हुए उन्हें मिला पद्म विभूषण सम्मान लौटा दिया है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति भवन के पत्र लिख कर कहा है, कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति सरकार की बेरुख़ी और उसका रवैया देख कर उन्हें आश्चर्य है.

    उन्होंने लिखा कि "मैं देश की 70 फीसदी आबादी के बारे में लिख रहा हूं जो किसान हैं. बीते 70 सालों से इन्हें अन्नदाता कहा जाता रहा है. किसानों ने भारत को ऐसा देश बनाया जो दूसरे मुल्कों से अनाज लेने की बजाय आज अनाज का निर्यात करता है. लेकिन किसान को आज अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है."

  4. किसानों के साथ हैं मज़दूर - भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर

    भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि मैं चाहता हूं कि किसानों की मांगों पर सरकार अमल करे और उन्हें मान ले.

    गुरुवार को चंद्रशेखर किसानों के आंदोलन में शरीक होने के लिए सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा, "किसान लोकतंत्र ज़िंदा रख रहे हैं. जब सरकार तानाशाह हो जाती है तो किसी न किसी को सड़क पर उतरना होता है."

    "किसानों की वजह से आज पूरे देश को आंदोलन करने का उत्साह मिल रहा है. सरकार इस आंदोलन को बदनाम न करे."

    उन्होंने कहा कि किसान और मज़दूरों का चोली-दामन का साथ है और इस मुद्दे पर मज़दूर, किसानों के साथ हैं. उन्होंने कहा, "मैं मज़दूर वर्ग से आता हूं और मैं कह सकता हूं कि अगर जेल जाना पड़ा तो सबसे पहले मैं जाऊंगा."

    उन्होंने कहा, "किसानों को पता है कि खेती की लागत कितनी होती. सरकार किसानों की ज़मीनें कंपनियों को देना चाहती है, किसान इसका विरोध कर रहे हैं."

  5. जनवरी में पार्टी लांच करेंगे रजनीकांत

    अभिनेती रजनीकांत ने कहा है कि 31 दिसंबर को वो अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने के बारे में ऐलान करेंगे जिसके बाद जनवरी में पार्टी लांच करेंगे.

    बीते कई महीनों से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि रजनीकांत सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं. उसके ट्वीट के बाद अब इन अटकलों पर रोक लग गई है.

    रजनीकांत ने आध्यात्मिक राजनीति का वादा करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी 2021 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी और ‘जीत दर्ज’ करेगी.

    विधानसभा चुनाव तमिलनाडु में अप्रैल-मई, 2021में होंगे.

    उन्होंने ये विश्वास जताया है कि आने वाले चुनाव में उनकी पार्टी ‘लोगों के भारी समर्थन के साथ चुनाव जीतने’ में सफल होंगी.

    उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है- आने वाले विधानसभा चुनाव में निश्चित तौर पर आध्यात्मिक राजनीति का उदय होगा.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, सरकार के साथ किसानों की बैठक शुरू

    दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ सरकार की बातचीत शुरू हो गई है.

    बैठक में सरकार की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं, जबकि किसानों के प्रतिनिधिमंडल में कुल 40 किसान नेता शामिल हैं.

  7. किसानों की समस्या का कोई हल जल्द निकलना चाहिए कैप्टन अमरिंदर सिंह

    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वो केवल यह कहने के लिए गृह मंत्री से मुलाक़ात करने पहुंचे थे कि किसानों की समस्या का कोई हल जल्द निकलना चाहिए.

    गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि फिलहाल सरकार और किसानों के बीच बातचीत चल रही है और वो इस समस्या का समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं.

    उन्होंने मीडिया के ज़रिए किसानों से अपील की कि वो इस मुश्किल का हल जल्द निकालें क्योंकि इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, अमित शाह से मिलने पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ किसानों की बैठक के शुरू होने से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात करने पहुंचे हैं.

    माना जा रहा है कि दोनों नेता किसानोें की समस्या के समाधान खोजने को लेकर बात करेंगे.

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि आज चौथे चरण की चर्चा में कोई न कोई हल ज़रूर निकलेगा.

    अमरिंदर सिंह के अमित शाह से मुलाक़ात करने के लिए पहुंचने से ठीक पहले कृषि मंत्री ने अमित शाह से मुलाक़ात की.

    मुलाक़ात करने के बाद निकल रहे कृषि मंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि सरकार लगातार किसानों के साथ बातचीत कर रही है और मामले का हल निकालने की कोशिश कर रही है.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, कृषि मंत्री से मुलाक़ात के लिए पहुंचे 40 किसान नेता

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात के लिए किसानों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के विज्ञान भवन पहुंच चुका है. प्रतिनिधिमंडल में 40 किसान नेता शामिल हैं.

    किसानों का कहना है कि सरकार को नए कृषि क़ानून को वापिस लेना होगा, उससे कम में समझौता होने की गुंजाइश नहीं है.

    किसान नेताओं के अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं जिसमें तीनों कृषि क़ानूनों को हटाए जाने की मांग भी शामिल है.

    किसान नेताओं का कहना है कि सरकार कह रही है की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लागू रखा जाएगा, लेकिन अगर सरकार अनाज की खरीद नहीं करेगी तो एमएसपी का कोई मूल्य नहीं रहेगा.

    भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कहते हैं हमें उम्मीद है कि आज की बैठक सफल होगी.

    उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगे मनेगी और हम वापिस घर जा सकेंगे, नहीं तो 26 जनवरी की परेड में किसान शामिल होगा."

  10. आज की बातचीत से हमें ज़्यादा उम्मीद नहीं है- बुराड़ी में बैठे किसान

    दिल्ली के बुराड़ी के निरंकारी मैदान में विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए किसानों का कहना है कि उन्हें गुरुवार को होने वाली किसान और सरकार की बैठक से अधिक उम्मीदें नहीं हैं.

    किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात कर कृषि क़ानूनों पर चर्चा करने वाला है.

    विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए पंजाब से दिल्ली आए किसान ज्ञान सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "इससे पहले भी इस तरह की बैठकें हुई हैं लेकिन किसानों के हक में कोई फ़ैसला नहीं आया. आज की बैठक से भी हमें कोई उम्मीद नहीं है. सरकार को किसानों के हित के बारे में सोचना होगा नहीं तो हम कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन पर डटे रहने के लिए तैयार हैं."

    वहीं बलविंदर सिंह ने कहा, "सरकार हमारी मांगें मान ले तो हम दिल्ली से वापिस चले जाएंगे. हमारा फ़ैसला पूरी तरह सरकार के फ़ैसले पहर निर्भर है."

    पंजाब और हरियाणा के किसान बीते आठ बिनों से केंद्र सरकार के पास किए गए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के किसान भी उनके समर्थन में दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं.

  11. भारत में 95 लाख से अधिक को कोरोना का संक्रमण

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 95 लाख से अधिक हो गई है.

    मंत्रालय के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीते चौबीस घंटों में देश में संक्रमण के 35,551 नए मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 526 लोगों की मौत कोरोना से हुई है.

    जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा अब 9,534,964 हो चुका है जबकि इस वायरस से मरने वालों की संख्या 138,648 है.

    संक्रमण के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में दर्ज किए गए हैं. जहां बीते चौबीस घंटों में महाराष्ट्र में संक्रमण के 3350 मामले रिकॉर्ड किए गए वहीं केरल में 6316, दिल्ली में 3944 और पश्चिम बंगाल में 3271 नए मामले दर्ज किए गए हैं.

    आईसीएमआर को अनुसार बीते कल देश में कोरोना के लिए 11,11,698 नमूनों की जांच की गई है.

    पूरी दुनिया में कोरोना से अब तक 1.39 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 14.92 लाख लोगों की मौत हुई है. मृतकों की सबसे अधिक संख्या अमेरिका और ब्राज़ील में हैं.

    जहां अमेरिका में अब तक कोरोना से 273,368 लोगों की मौत हुई है वहीं ब्राज़ील में 174,515 लोग कोरोना के कारण जान गंवा चुके हैं.

  12. बातचीत के लिए रवाना हुए किसान

    सरकार के साथ बातचीत के लिए सिंघु बॉर्डर से रवाना हुए किसान नेता.

    वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी बैठक के लिए अपने घर से रवाना हो चुके हैं.

  13. एमएसपी था, है और रहेगा - सोम प्रकाश

    वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा है कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर सरकार बहुत स्पष्ट है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा कि, "एमएसपी था, है और रहेगा. इसमें किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए. सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है, लिखकर देने के लिए तैयार है:"

    किसानों के साथ गुरुवार को होने वाली बातचीत का उद्देश्य समाधान तलाश करना है और उन्हें उम्मीद है कि बैठक सफल होगी.

    उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सरकार हर मुद्दे पर विस्तार से बात करेगी ताकि इस समस्या का हल निकले. उन्होंने कहा, "देश के हित में सरकार किसानों के साथ खुले मन से बात करेगी."

    बीते कल भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था कि देश के सभी हिस्सों के किसानों को सड़कों पर आने की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा था, "अगर सरकार किसानों की समस्या को हल करना चाहती है तो वो ऐसा कर सकती है. पूरे देश के किसान संगठनों को अब सड़कों पर आना चाहिए."

  14. सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने कैसे जारी रखी है अपनी लड़ाई

  15. किसानों के नाम पर चीन, पाकिस्तान भारत को अस्थिर करना चाहते हैं - हरियाणा के कृषि मंत्री

    हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करना चाहती हैं इसलिए किसानों के नाम का इस्तेमाल कर रही हैं.

    उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि, "ये किसानों की बात नहीं है. किसान का नाम आगे कर के विदेशी ताकतें, चीन, पाकिस्तान और दुश्मन देश, भारत को अस्थिर करना चाहते हैं."

    "देश में विकास हो रहा है लेकिन कुछ विदेशी ताकतों को देश का विकास अच्छा नहीं लगता, कुछ को मोदी का चेहरा पसंद नहीं है और वो किसान को मोहरा बना कर राजनीति कर रहे हैं क्योंकि किसानों के नाम से कोई विरोध नहीं करता."

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोपे हुए राजा नहीं बल्कि चुने हुए नेता हैं जिन्हें जनता का मैन्डेट मिला है.

    उन्होंने कहा, "ये क़ानून पास होने के बाद बिहार चुनाव में उनकी जीत हुई. उन्हें लोगों ने जबर्दस्त समर्थन दिया है. क्या वो किसान नहीं हैं?"

    राज्य कृषि मंत्री ने कहा, "दस-बीस हज़ार किसान सड़क पर आ जाएं तो सवाल उटता है कि देश का नीति निर्धारण सड़क पर होगा या संसद में. अगर जनता को चुने प्रतिनिधियों का फ़ैसला पसंद नहीं हैं तो जनता को उन्हें हटाने का हक़ है लेकिन सड़क की राजनीति अच्छी बात नहीं है."

    उन्होंने कहा, "देश में लोकतंत्र है, चुनाव होते हैं. एक विचारधारा को सभी लोग नहीं मानते और न ही एक नेता को सभी स्वीकार नहीं करते हैं, कुछ लोग ने एक नेता का विरोध किया तो इसका मतलब ये नहीं है कि आम जनता उनके खिलाफ़ हो गई है."

    किसानों के दिल्ली पहुंचने और दिल्ली की सीमाओं पर इकट्ठा होने को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली देश का दिल है, इसे घेरना अच्छा बात नहीं.

    उन्होंने किसानों से अपील की कि वो सरकार से बातचीत करें. उन्होंने कहा, "ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर देंगे या रास्ते बंद कर देंगे. दिल्ली कोई लाहौर या कराची नहीं, ये हमारी देश की राजधानी है."

    उन्होंने कहा कि अगर किसी को प्रधानमंत्री मोदी की नीति से शिकायत है "एक दो साल इंतज़ार करें, पहले काम होने दें और फिर देखें कि इससे लाभ हो रहा है या नुकसान हो रहा है, उसके बाद कोई फ़ैसला करें."

  16. अब मध्य प्रदेश के किसान बोले, दिल्ली जाएंगे

    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसानों ने दिल्ली की तरफ़ मार्च करने का फ़ैसला किया है. ये लोग दिल्ली और आसपास जारी किसानों के प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं.

    सरकार और किसानों के बीच 1 दिसंबर को तीसरे दौर की बातचीत हुई थी.

    दोनों पक्षों के बीच 3 दिसंबर यानी गुरुवार को फिर बातचीत होनी है.

  17. किसानों के साथ आए पूर्व खिलाड़ी, वापस करेंगे अवॉर्ड

    नए कृषि क़ानूनों का विरोध अब पंजाब के पूर्व खिलाड़ी भी कर रहे हैं.

    उनके मुताबिक अगर क़ानून वापस ना लिए गए तो 5 दिसंबर को दिल्ली पहुंच कर सम्मान वापिस कर दिए जाएंगे.

    वीडियोः प्रदीप पंडित और राजन पपनेजा

  18. कृषि क़ानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच आज अहम बातचीत

    मंगलवार को हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद गुरुवार को एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच बातचीत होने वाली है.

    इससे पहले सरकार ने कहा था कि तीन दिसंबर से पहले किसानों के प्रतिनिधि से कृषि क़ानून से जुड़े मुद्दे सरकार को बताएं.

    कृषि मंत्री नरेंद्र सिह तोमर ने कहा है कि वो किसानों के साथ एक और दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों पक्ष अपनी राय रखेंगे और समस्या का हल खोजने की कोशिश करेंगे.

    सरकार नए कृषि क़ानूनों को ऐतिहासिक बता रही है और सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अपना उत्पाद किसी को भी बेचने की आज़ादी मिलेगी. लेकिन किसानों की मांग है कि "न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी ख़रीद लागू रहे."

    इधर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष स्वराज सिंह ने कहा है कि दिल्ली को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली नोएडा की सड़क से हो कर विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली आ रहे किसानों को पुलिस ने अस्थाई जेल में शिफ्ट कर दिया है.

    नोएडा के डिप्टी पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह का कहना है कि, "किसान रास्ते पर बैठे थे जिस कारण यातायात बाधित हो रहा था. इसलिए हमे उन्हें सड़क के नज़दीक डॉक्टर आम्बेडकर मेमोरियल पार्क में शिफ्ट कर दिया है."

    लेकिन किसानों का कहना है कि पुलिस ने रास्ते में बैरीकेडिंग लगा कर उन्हें दिल्ली नहीं जाने दिया जिस कारण यातायात की समस्या पैदा हुई.

    उन्होंने कहा कि "हम इसे जेल ही मानते हैं. यहां से छूटने पर हम सीधे दिल्ली के लिए कूच करेंगे."

    पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के बीच बहस

    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर किसानों का समर्थन न करने का आरोप लगाया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा है कि, "केजरीवाल ओछी राजनीति कर रहे हैं. वो किसानों की हितों की रक्षा करने मे नाकाम रहे हैं और अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं."

    एक आधिकारिक बयान में अमरिंदर सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने केंद्र सरकार के बनाए क़ानूनों में से एक क़ानून को दिल्ली में नोटिफाई कर दिया है. उन्होंने सवाल किया कि, "केंद्र सरकार के क़ानूनों के विरोध में आपने विधानसभा में क़ानून पारित क्यों नहीं किया?"

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