कोरोना वायरस: अमरीका में एक दिन में रिकॉर्ड 52,000 नए मामले
अमरीका में महामारी रोग के सबसे बड़े एक्सपर्ट ने कहा लॉकडाउन पूरी तरह से लागू नहीं होने से बढ़ा ख़तरा.
लाइव कवरेज
कर्नाटक सरकार ने ज़िलों को दी कॉन्ट्रैक्ट पर डॉक्टर रखने की इजाज़त
कर्नाटक सरकार ने ज़िलों
के स्वास्थ्य विभाग को एमबीबीएस धारक डॉक्टरों को अनुबंध पर नियुक्त करने का
अधिकार दिया है. ये नियुक्तियां ज़िले के स्वास्थ्य अधिकारियों और आयुक्तों की इजाज़त के बाद ही हो पाएंगी. स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर रखे डॉक्टरों का वेतन 45 हज़ार प्रतिमाह से बढ़ाकर 60 हज़ार रुपये कर दिया है.
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अमरीका में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड नए मामले
बुधवार को अमरीका में कोरोना के 52,000 नए मामले सामने आए. देश में एक दिन में संक्रमण का अब तक
का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है.
बहुत से दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों
में कोविड-19 के मामलों में उछाल देखने को मिला है. ऐसे में उन्होंने लॉकडाउन हटाने की योजनाओं को टालने
का फ़ैसला किया है.
महामारी को ट्रैक कर रही जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार,
अमरीका में अब तक 27 लाख
मामले सामने आ चुके हैं और 1
लाख 28 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान
जा चुकी है.
नीचे देखें, अमरीका में मार्च से लेकर अब तक दिन-ब-दिन नए मामले कैसे बढ़े.
इमेज कैप्शन, हर रोज़ पॉज़िटिव पाए जाने वाले मामलों की संख्या
महाराष्ट्र में कोविड-19 के 93,154 मरीज़ हुए ठीक
केंद्रीय स्वास्थ्य
मंत्रालय ने कोविड-19 मरीज़ों के ठीक होने के
मामले में टॉप 15 राज्यों की सूची जारी की. ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या के आधार पर महाराष्ट्र सबसे ऊपर है. उसके बाद दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम
बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश, असम और ओडिशा का नंबर आता है.
इमेज स्रोत, Health Ministry
कोरोना संक्रमण से सेना के एक ब्रिगेडियर की मौत
इमेज स्रोत, https://wbuhs.ac.in/
इमेज कैप्शन, कोलकाता स्थित कमांड हॉस्पिटल
भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर की कोविड-19 की बीमारी के कारण कोलकाता में गुरुवार को मौत हो गई.
समाचार एजेंसी पीटीआई का भारतीय सेना के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहना है कि कोरोना महामारी के कारण मरने वाले ये सेना के सबसे बड़े रैंक के अधिकारी हैं.
अधिकारियों ने बताया कि ब्रिगेडियर विकास साम्याल ईस्टर्न कमांड में पोस्टेड थे और कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें बैरकपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
तबियत ज़्यादा बिगड़ जाने के बाद उन्हें कमांड हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था.
सूत्रों का कहना है कि मृतक अधिकारी को निमोनिया और कोविड-19 से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी.
कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं और कैसे कर सकते हैं बचाव
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस ने कोरोना वायरस के तीन लक्षणों को चिन्हित किया है.
इन लक्षणों का अंदाज़ा होते ही आपको सचेत होना है और तमाम एहितायात बरतने होंगे, जिसमें चिकित्सीय सलाह लेना भी शामिल है.
क्या हैं ये तीन लक्षण
लगातार खांसी का आना- इस कारण लगातार खांसी हो सकती है यानी आपको एक घंटे या फिर उससे अधिक वक्त तक लगातार खांसी हो सकती है और 24 घंटों के भीतर कम से कम तीन बार इस तरह के दौरे पड़ सकते हैं. लेकिन अगर आपको खांसी में बलग़म आता है तो ये भी चिंता की बात हो सकती है.
बुख़ार- इस वायरस के कारण शरीर का तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है जिस कारण व्यक्ति का शरीर गर्म हो सकता है और उसे ठंडी महसूस हो सकती है.
कोविड-19 मरीज़ों की लाशें बड़े गड्ढे में फेंकी गईं, प्रशासन की आलोचना
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस महामारी ने हम सभी के जीवन पर गहरा असर डाला है लेकिन इसका असर मौत के बाद भी नज़र आ रहा है. देश भर से कई ऐसी तस्वीरें, ख़बरें और वीडियो सामने आए हैं जिसमें अपने ही लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण मरे अपने ही परिवार के सदस्य का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया.
कुछ ऐसा ही मिलता-जुलता मामला कर्नाटक में सामने आया है.
कर्नाटक के बल्लारी ज़िले के बाहरी इलाक़े में शवों को जिस तरह से दफ़नाया जा रहा था उसे लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी आलोचना हो रही है.
जो कुछ वीडियो सामने आए हैं उनमें लाशों को काले रंग की पॉलीथीन में बांधकर रखा गया है जिसे पीपीई किट पहने कुछ लोग ले जा रहे हैं और कुछ दूर चलकर ये लोग लाशों वाली इस काले रंग की पॉलीथीन को एक बड़े से गड्ढे में फेंक देते हैं.
सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने इस बहस को तेज़ कर दिया है कि क्या मरने के बाद किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं होता? क्या अंतिम रीति-रिवाज क़ायदे से नहीं निभाए जाने चाहिए?
कोरोना के दौर में भी शादियां थम नहीं रही हैं, जब तक लॉकडाउन चला तब तक एक दो शादियों की ख़बरें ही सुनने को मिलती थीं. वो भी ऑनलाइन शादियां होती थीं.
लेकिन अनलॉक-1 के बाद 8 जून से 50 मेहमानों समेत शादियों के आयोजन की अनुमित दे दी गई. फिर क्या था छुप-छुपाकर ही सही लेकिन कई जगहों पर शादियां पहले की तरह होने लगीं.
पूछने पर शादी के आयोजक तो यही दावा करते हैं कि उन्होंने 50 से भी कम लोगों को आमंत्रित किया था. पटना में भी इसी तरह की एक शादी आजकल सुर्ख़ियों में है.
पटना के पालीगंज में हुई एक शादी समारोह ने इन आयोजनों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है.
पटना से छपने वाले स्थानीय अख़बारों में मंगलवार को एक शादी की ख़बर सुर्ख़ियों में रही. अख़बारों के मुताबिक़ इस आयोजन से जुड़े 111 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं वहीं दूल्हे की दो दिनों बाद ही मौत हो गई.
अमरीका में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 52 हज़ार नए मामलों के सामने आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मास्क पहनने को लेकर अपने रुख पर फिर से गौर करेंगे.
कुछ अमरीकी राज्यों ने संक्रमण के नए मामलों पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन के प्रावधान को फिर से लागू करने का फैसला किया है.
लातिन अमरीका में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़े हैं. संक्रमण और मौत के आंकड़ों के मामले में केवल अमरीका से पीछे चल रहे ब्राज़ील में इस महामारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हज़ार से ज़्यादा हो गई है.
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले मामलों में रिकॉर्ड इजाफा दर्ज किया गया है. गुरुवार को देश में कोरोना संक्रमण के 8100 नए मामले सामने आए.
अफ्रीका महादेश में दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने महामारी की शुरुआत के बाद से पहली बार एक प्रस्ताव पारित कर सभी संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में तीन महीने का युद्ध विराम लागू करने की अपील की है ताकि कोरोना संकट से निपटा जा सके.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व के देशों में कोरोना संकट एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. डब्ल्यूएचओ ने ये भी कहा है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिहाज से सीरिया और यमन इस स्थिति में ही नहीं हैं कि वे इस संकट का सामना कर पाएं.
न्यूज़ीलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी.
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गुरुवार को बिहार में कोरोना संक्रमण के 188 नए मामलों के साथ राज्य में कोविड-19 की बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या 10,393 हो गई है.
राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ये जानकारी दी.
भारत, पाकिस्तान और मिस्र की जेनरिक दवा कंपनियां बनाएंगी कोविड-19 की दवा
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बुधवार को ये ख़बर सामने आई कि अमरीकी फार्मा कंपनी गिलियाड कोविड-19 का इलाज बताई जा रही रेमडेसिविर दवा का अगले तीन महीनों में जितना उत्पादन कर सकेगी, अमरीका ने लगभग इस पूरी खेप को खरीदने का सौदा पहले ही कर लिया है.
लेकिन भारत, पाकिस्तान और मिस्र की कुछ दवा निर्माता कंपनियों को रेमडेसिविर के जेनरिक वर्जन के उत्पादन का लाइसेंस दिया गया है.
अभी तक हुए रिसर्च से ये बात सामने आई है कि रेमडेसिविर के इस्तेमाल से मरीज़ जल्दी ठीक हो रहे थे.
हालांकि फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि संक्रमित व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना में इस दवा से किस हद तक सुधार होता है.
हैदराबाद की हेटेरो लैब्स ने बीबीसी तेलुगू की संवाददाता दीप्ति बथिनी को बताया कि कंपनी ने इसके जेनरिक वर्जन का उत्पादन पहले ही शुरू कर दिया है.
कंपनी का कहना है कि रेमडेसिविर के जेनरिक वर्जन के 30 हज़ार वायल्स (छोटी शीशी) की आपूर्ति देश भर के अस्पतालों को की जा चुकी है.
कंपनी की योजना अगले दो हफ़्तों में एक लाख वायल्स के उत्पादन की है.
उधर, पाकिस्तान में स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही ये दवा स्थानीय बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगी.
अधिकारियों ने बीबीसी संवाददाता उमर दराज़ नंगियाना को बताया कि दवा कंपनी फिरोज़संस लैबोरेटरीज़ इसका उत्पादन कर रही है और ये 15 जुलाई तक उपलब्ध हो जाएगा.
गिलियाड ने जेनरिक दवा बनाने वाली कंपनियों से इसके उत्पादन का करार किया है ताकि कम आमदनी वाले 127 देशों को इसकी आपूर्ति की जा सके.
ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका में महामारी की भीषण स्थिति का ख़तराः डॉक्टर फाउची
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अमरीका में महामारी रोग के सबसे बड़े विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में जो हालिया वृद्धि हुई है, अगर पर काबू नहीं पाया गया तो अमरीका के सामने इस महामारी का बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
वे देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर अपनी चिंता जाहिर कर रहे थे.
उन्होंने बीबीसी रेडियो फोर से कहा, "जहां तक कोरोना संक्रमण के मामलों और इस महामारी के कारण मरने वालों की संख्या की बात है, किसी और देश की तुलना में हम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इस समय हम जिस समस्या से रूबरू हैं, वो ये है कि सरकारी कामकाज को कथित रूप से शुरू करने या फिर से शुरू करने और इसे सामान्य दिनों की तरह पटरी पर लाने की कोशिश में हम ये देख रहे हैं कि अलग-अलग राज्यों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, जो परेशान करने वाली बात है."
"हमें हालात पर काबू पाना ही होगा नहीं तो अमरीका के सामने महामारी के इस भी भीषण स्वरूप का ख़तरा है."
कोरोना महामारी पर काबू पाने में कामयाब होने वाले कुछ यूरोपीय देशों से अमरीका के हालात की तुलना करते हुए डॉक्टर फाउची ने कहा, "उन्होंने 97 फीसदी की हद तक लॉकडाउन को लागू किया गया था जबकि अमरीका में ये 50 फीसदी की हद तक ही लागू किया गया. इससे महामारी को फैलने का मौका मिल गया."
"हमें लोगों की ख़ासकर नौजवान लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की ज़रूरत है."
डॉक्टर फाउची की राय में नौजवान लोगों के सामने भले ही कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित होने का ख़तरा न हो लेकिन वे इस बीमारी को फैला तो सकते हैं.
रूस में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले 660,000 से ज़्यादा हुए
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रूस में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 6760 नए मामले रिपोर्ट किए गए.
इसके साथ ही रूस में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 661,165 हो गई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण से 147 लोगों की मौत भी हुई है.
वहां अभी तक इस वायरस के कारण 9683 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
पश्चिम बंगालः पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 611 नए मामले
इमेज स्रोत, Sanjay Das/BBC
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप में राजधानी कोलकाता के दो निजी लैब में कोरोना की जांच पर रोक लगा दी है.
स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने इन दोनों लैब का दौरा करने पर पाया कि वहां आईसीएमआर के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है. उसके बाद वहां कोरोना की जांच बंद रखने का निर्देश दिया गया.
स्वास्थ्य सेवा निदेशक अजय चक्रवर्ती ने इसकी जानकारी दी. राज्य में कोरोना की जांच के लिए कुल 51 में से 15 लैब निजी क्षेत्र में हैं.
इस बीच, राज्य में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
अब बीते चौबीस घंटे के दौरान 611 नए मरीजों के सामने आने से संक्रमितों की संख्या 19,170 तक पहुंच गई. कोरोना से मरने वालों की संख्या भी सात सौ के करीब पहुंच गई है.
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बीते चौबीस घंटे के दौरान 15 लोगों की मौत हो गई. बीते तीन दिनो से लगातार छह सौ ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं. राज्य में अब तक लगभग पांच लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है. रोजाना औसतन साढ़े नौ हजार लोगों की जांच हो रही है.
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी बताते हैं, "कोलकाता सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. बीते 24 घंटे के दौरान सामने आए 611 मामलों में से सबसे ज्यादा 238 कोलकाता के ही हैं. उसके बाद क्रमशः उत्तर 24-परगना (153) और हावड़ा (78) का स्थान है."
अब तक 12,528 यानी 65 प्रतिशत मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. फिलहाल 5,959 एक्टिव मामले हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, अनलॉक 2: भारत में कोरोना संक्रमण के मामले छह लाख के पार पहुंचे
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गुरुवार को भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर छह लाख से ज़्यादा हो गई. इतना ही नहीं देश में कोविड-19 की महामारी के कारण अब तक 17,834 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 19,148 मामले दर्ज किए गए.
पांच दिन पहले ही भारत में संक्रमण के मामलों की संख्या 5 लाख से ज़्यादा हुई थी.
सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 604,641 हो गई है जबकि 24 घंटों में 434 लोगों की मौत भी हुई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ भारत में एक तरफ़ लॉकडाउन के नियमों में राहत दी जा रही है तो दूसरी तरफ़ प्रशासन महामारी को फैलने से रोकने के लिए लड़ाई लड़ रहा है.
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इस सिलसिले में ताज़ा चुनौती असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर सामने आई है. आपदा प्रबंधन के महकमे के सामने राहत कार्यों के साथ-साथ महामारी से बचाव की चुनौती भी है.
इस हफ़्ते राज्य में भूस्खलन के कारण 57 लोगों की मौत हो गई जबकि तकरीबन 15 लाख लोगों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पनाह लेनी पड़ी है.
असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि राज्य में कोरोना टेस्ट व्यापक स्तर पर कराया जा रहा है ताकि संक्रमित लोगों की पहचान की जा सके.
इस बीच बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोगों ने सामुदायिक भवनों, स्कूलों और सरकारी इमारतों में शरण लिया है. हेमंत बिस्व सरमा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि हालात गंभीर हैं और कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट इलाकों को आइसोलेट कर रहे हैं.
एक जुलाई तक 90 लाख से ज़्यादा कोरोना टेस्टः आईसीएमआर
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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने गुरुवार को बताया कि देश की अलग-अलग लैब्स में एक जुलाई तक 90 लाख से भी ज़्यादा कोरोना टेस्ट कराए जा चुके हैं.
आईसीएमआर का कहना है कि पिछले 24 घंटों में देश में 229,588 सैंपल्स की जांच कराई गई है.
संस्था ने बताया, "एक जुलाई तक 90,56,173 सैंपल्स टेस्ट किए गए हैं."
देश में कोरोना टेस्टिंग की सुविधाओं को विस्तार देने की कोशिश के एक हज़ार कोविड टेस्टिंग लैब को मंज़ूरी दी गई है. इनमें 730 लैब सरकारी हैं जबकि 270 प्राइवेट सेक्टर के.
असम में कोरोना टेस्ट रिपोर्ट अब उपलब्ध होगी सरकारी वेबसाइट पर
इमेज स्रोत, Dilip Kumar Sharma/BBC
दिलीप कुमार शर्मा
गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
असम सरकार ने राज्य में हो रहे कोविड-19 टेस्ट के परिणामों को गुरुवार से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की एक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की घोषणा की है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की घोषणा करते हुए कहा, "कोविड-19 की जांच के लिए स्वैब देने के बाद लोग सरकारी वेबसाइट http://covidassam.in पर अपना टेस्ट रिजल्ट प्राप्त कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें अपना स्पेसिमेन रेफरल फॉर्म (एसआरएफ) आईडी दर्ज करना होगा."
दरअसल कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए भारत में अलग-अलग राज्य नई तकनीकों और ऐप के ज़रिए ऐसे कई आसान उपाय करने में जुटे है. जिससे लोगों की परेशानियों को कम किया जा सके.
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ऐसे में यह दावा किया जा रहा है कि असम देश के भीतर पहला राज्य है जो कोविड-19 टेस्ट के परिणाम लोगों को सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा.
स्वास्थ्य मंत्री सरमा ने लोगों से आग्रह किया कि वे तब तक बाहर न निकले जब तक कि वे अपनी टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त न कर लें.
इसके अलावा मंत्री ने कहा कि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के सुझावों का पालन करते हुए अगले 2-3 दिनों में गुवाहाटी में क्यू कोविड-19 एजी जांच किट मॉडल लॉन्च किया जाएगा.
यह जांच किट एक घंटे के भीतर परिणाम देने में सक्षम होगा.
उन्होने आगे कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कल मेरी फोन पर बात हुई थी. भारत सरकार के आकलन के अनुसार, गुवाहाटी में कोविड-19 की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. आईसीएमआर के डीजी के साथ उनकी बैठक के बाद, गृह मंत्री ने मुझे परीक्षण पैटर्न बदलने का निर्देश दिया है."
असम सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद राजधानी शहर गुवाहाटी समेत कामरूप (मेट्रो) जिले में 28 जून से 14 दिनों के लिए संपूर्ण लॉकडाउन कर रखा है.
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कुवैत में फंसे 177 भारतीय बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच गए हैं.
चंडीगढ़ इंटरनेश्नल एयरपोर्ट ने जानकारी दी कि वापस लौटने वाले लोगों को उनके गृह ज़िले पहुंचाया जाएगा जहां उन्हें सरकारी दिशानिर्देशों के तहत क्वारंटीन में रहना होगा.
इससे पहले वंदेभारत मिशन के तहत 30 जून को गोएयर का एक विमान कुवैत से 184 भारतीयों को लेकर चंडीगढ़ इंटरनेश्नल एयरपोर्ट पहुंचा था.
दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के 54 नए मामले
इमेज स्रोत, Getty Images
दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के 54 नए मामले दर्ज किए गए हैं. संक्रमण के नए मामले अब राजधानी के बाहरी इलाकों से सामने आ रहे हैं.
इनमें ग्वांग्जु जैसे शहर भी शामिल हैं.
ग्वांग्जु में इसी हफ़्ते संक्रमण के दर्ज़नों मामले रिकॉर्ड किए गए थे. वहां स्कूल बंद कर दिए गए हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़ी पाबंदियां लागू की गई हैं.
दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य मंत्री पार्क न्वेंग हू ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर हुई एक मीटिंग में ग्वांग्जु की स्थिति को लेकर चिंता भी जाहिर की.
दक्षिण कोरिया के दूसरे बड़े शहरों की तुलना में ग्वांग्जु में कोरोना संक्रमण के मामले उस स्तर तक चिंताजनक नहीं थे.
स्वास्थ्य मंत्री पार्क न्वेंग हू ने शहर के लोगों से बेवजह बाहर न निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने और मास्क पहनने की अपील की है.
दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या 12,904 हो गई है. वहां अभी तक 282 लोगों की मौत हो चुकी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, मध्य पूर्व के देश कोरोना संकट के 'नाजुक मोड़' पर खड़े हैंः विश्व स्वास्थ्य संगठन
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा है कि मध्य पूर्व के देश कोरोना संकट के नाजुक मोड़ पर खड़े हैं. वहां लॉकडाउन से जुड़े नियमों में राहत दिए जाने के बाद कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा गया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात की पुष्टि की है कि मोरक्को से लेकर पाकिस्तान तक 22 देशों में कोरोना संक्रमण के दस लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
डब्ल्यूएचओ के पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख अहमद अल-मंधारी ने कहा, "हम अपने इलाके में एक नाजुक मोड़ से गुजर रहे हैं."
वे बुधवार को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इस इलाके में जितनी मौतें हुई हैं, उनका 80 फीसदी सिर्फ़ पांच देशों में दर्ज किया गया है. ये देश हैं मिस्र, ईरान, इराक़, पाकिस्तान और सऊदी अरब.
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अल-मंधारी ने कहा, "हम उस मकाम पर पहुंच गए हैं जो परेशानी की वजह बन सकती है."
उन्होंने बताया कि इस इलाके में 29 जनवरी को कोरोना संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट हुआ था. इसके बाद के चार महीनों में जितने केस रिकॉर्ड नहीं किए गए, उससे ज़्यादा मामले केवल जून में दर्ज हुए.
अहमद अल-मंधारी का मानना है कि कोरोना संक्रमण के मामलों के बढ़ने की एक वजह तो टेस्टिंग सुविधाओं का विस्तार भी है लेकिन दूसरी तरफ़ वे ये भी कहते हैं कि हाल के हफ़्तों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जो पाबंदियां लगाई गई थीं, उनमें काफी हद तक ढील दी गई है, इससे भी संक्रमण बढ़ा है.
कोरोनिल: योग गुरु रामदेव की ‘कोरोना की दवाई’ का सच
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कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में दहशत फैला रखी है और सभी को इंतज़ार है, उस एक जाँची-परखी वैक्सीन या दवा का जो कोरोना वायरस से बचा जा सके.
भारत समेत दुनिया के कई देशों में उस एक दवा/वैक्सीन बनाने के दर्जनों क्लीनिकल ट्रायल जारी हैं.
इसी बीच भारत की पतंजलि आयुर्वेद कंपनी का 'कोरोना को ठीक करने वाले इलाज' का दावा भी आया जिसे भारत सरकार ने फ़िलहाल 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया और अब दावे की 'गहन जाँच' चल रही है.
पतंजलि ग्रुप पर इस 'दवा के नाम पर फ़्रॉड' करने के आरोप में चंद एफ़आईआर भी दर्ज हो चुकी हैं.
कैसे होता है क्लीनिकल ट्रायल
मामले की पड़ताल से पहले ये समझना ज़रूरी है कि भारत में किसी दवा के क्लीनिकल ट्रायल के लिए क्या करना पड़ता है:
सबसे पहले ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया यानी डीजीसीआई (DGCI) की इजाज़त चाहिए.
इसके बाद उन सभी संस्थाओं की एथिक्स कमिटी की इजाज़त चाहिए जहाँ ये ट्रायल होंगे.
इसके बाद क्लीनिकल ट्रायल कराने वाली कंपनी को इंडियन काउंसिल ओफ़ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर (ICMR) की देख-रेख में चलाई जाने वाली 'क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री- इंडिया' यानी सीटीआरआई (CTRI) नाम की वेबसाइट पर ट्रायल से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, संसाधन, नाम-पाते और फ़ंडिंग तक का लेखा-जोखा देना होता है.
बीबीसी हिन्दी के पास सीटीआरआई (CTRI) वेबसाइट पर रजिस्टर किए गए उस फ़ॉर्म (CTRI/2020/05/025273) की कॉपी है जिसमें पतंजलि रिसर्च इंस्टीच्यूट, हरिद्वार ने "कोरोना वायरस बीमारी के इलाज में आयुर्वेदिक दवाओं के असर" पर किए जाने वाले क्लीनिकल ट्रायल की हामी भरी है.