दुनिया भर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर
को लेकर चिंता बढ़ रही है. हालांकि कोरोना वायरस के कारण लगाई पाबंदियों की मार
झेल रही अर्थव्यवस्था को लेकर भी देश चिंतित हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक
डॉक्टर माइकल रायन ने कहा है कि “दुनिया के कई देश फिलहाल इस महामारी की पहली
लहर से जूझ रहे हैं. यूरोप के कुछ देश, दक्षिण पूर्व
एशिया, उत्तरी अमरीका में कोरोना संक्रमण का पीक आ
चुका है. कुछ देशों ने लॉकडाउन लगा कर कोरोना से बढ़ते मामलों पर लगाम भी लगाई.”
“लेकिन कुछ देशों में अब संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं जिनके बारे में
कहा जा सकता है कि वहां संक्रमण की दूसरी लहर देखी जा रही है. दूसरे शब्दों में
कहें तो यहां बीमारी पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुई है, वायरस पर कुछ
वक्त के लिए काबू पाया गया लेकिन अब वो फिर से अपने पैर पसार रहा है.”
उन्होंने कहा कि “इसका एक कारण ये हो सकता है कि कुछ देशों ने लॉकडाउन में ढील दी हैऔर लोगों का
मिलना जुलना शुरू हो गया है. साथ ही सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन नहीं
किया जा रहा. ऐसे में संक्रमित मामलों को आइसोलेट करने की ज़रूरत है और टेस्टिंग
को भी बढ़ाया जाना चाहिए.”
महानिदेशक टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा
है कि “कोरोना से लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है. लोग इस वायरस के प्रति अतिसंवेदनशील हो सकते हैं और इस वायरस के एक बार फिर
पलट कर हमला करने की संभावना है."
चीन में कई मार्केट बंद किए गए
चीन के बीजिंग में लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद
स्थानीय प्रशासन ने 6 होलसेल फूड मार्केट पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से बंद कर दिए हैं.
यहां दो लोगों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद उन मार्केट को बंद किया गया
है जहां ये दोनों गए थे. हालांकि दोनों को संक्रमण कैसे हुआ इस बारे में अब तक कोई
जानकारी नहीं मिल सकी है.
वहीं शुक्रवार को बीजिंग प्रशासन ने कहा कि संक्रमण के ताज़ा मामले सामने आने
के बाद अब प्राथमिक स्कूलों को खोलने में जल्दबाज़ी नहीं की जाएगी.
दक्षिण कोरिया में भी संक्रमण के नए मामले
कोरोना संक्रमण
के नए मामले सामने आने के बाद दक्षिण कोरिया ने अपने इंटेसिव प्रीवेन्शन और
सैनिटेशन के काम को अनिश्चित तौर पर बढ़ा दिया है.
सरकार का कहना
है कि जब तक कोरोना के मामले एक दिन में दस से कम नहीं हो जाते जब तक वो ये
कार्यक्रम जारी रखेगा. हाल में सोल
के कई इलाक़ों में कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए थे
अमरीका के कई इलाक़ों में बढ़ा संक्रमण
अमरीका के कई राज्यों ने कहा है कि संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और अस्पतालों
में बेड तेज़ी से भर रहे हैं.
टेक्सस और एरिज़ोना में तेज़ी से अस्पताल कोरोना
मरीज़ों से भर रहे हैं. वहीं अलाबामा, फ्लोरिडा, नॉर्थ कैरोलाइना,साउथ कैरोलाइना, ओरेगॉन और नेब्रास्का में
गुरुवार को संक्रमण के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए हैं.
'मामले बढ़े तो फिर करना होगा लॉकडाउन'
कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन से दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर
बुरा असर पड़ा है. इसी वजह से कई मुल्क अब लॉकडाउन से बाहर निकलना चाहते हैं.
यूरोरपीय
संघ की स्वास्थ्य मंत्री स्टेला किर्याकिडस ने संघ के सभी 27 सदस्यों से गुज़ारिश
की है कि वो स्कूल और कारोबार को फिर से खोलने की योजना में व्यापक टेस्टिंग को भी
शामिल करें.
उनका कहना है कि “ज़रूरत
पड़ने पर लॉकडाउन में दी गई रियायतों को वापिस लेने के लिए हमें तैयार रहना होगा.”
संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत ने ब्रिटेन को छोड़ा पीछे
भारत सरकार ने हाल में लॉकडाउन में राहत दी है. यहां 8 जून से दुकान-बाज़ार और
धर्मिक स्थल खोले गए हैं. इसके बाद से देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़त देखी
जा रही है. जानकार मानते हैं कि यहां अब तक कोरोना का पीक नहीं आया है.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार जहां 8 जून को भारत कोरोना संक्रमण के 257,486 मामलों के साथ दुनिया के सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों की लिस्ट में पांचवें
नंबर पर था. वहीं 12 जून को वो ब्रिटेन को
पीछे छोड़ता हुआ इस लिस्ट में चौथे नंबर पर आ गया.
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ कर 75.70 लाख हो चुके हैं. वहीं अब
तक 4.22 लाख लोगों की इस कारण मौत हो चुकी है. कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले
अमरीका में हैं. यहां 20.31 लाख लोग इस वायरस की चपेट में हैं जबकि 1.14 लाख से
अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
अमरीका के बाद कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित ब्राजील में संक्रमण के मामले
8 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं जबकि 40.919 लोग इस वायरस के कारण मर चुके हैं.