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कोरोना अपडेटः पाकिस्तान में लॉकडाउन के बदले 'स्मार्ट लॉकडाउन'
पाकिस्तान में शनिवार को एक दिन में सबसे ज़्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं.
लाइव कवरेज
पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफ़रीदी कोरोना पॉजिटिव
पाकिस्तान के जाने-माने पूर्व क्रिकेटर शाहिद आफ़रीदी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि वो कोरोना संक्रमित हैं. शाहिद ने ट्वीट कर कहा है, ''मैं गुरुवार से बीमार था. बुरी तरह से बदन दर्द हो रहा था. दुर्भाग्य से मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूं. जल्दी ठीक होने के लिए आपकी दुआओं की ज़रूरत है. इंशाअल्लाह...''
ब्रेकिंग न्यूज़, क्या कोरोना संक्रमितों के मामले में रूस से भी भारत आगे निकल जाएगा?
रूस में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 8,706 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ रूस में संक्रमितों की कुल संख्या 520,129 हो गई है. प्रशासन का कहना है पिछले 24 घंटों में 114 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या 6,829 हो गई है.
पिछले दो दिनों से रूस की तुलना में भारत में संक्रमण के ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. भारत में शुक्रवार को एक दिन में अब तक के सबसे ज़्यादा 11,458 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही भारत में अब तक 3,08,993 लोग संक्रमित हो चुके हैं.
कोरोना प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में भारत रूस के बाद चौथे नंबर पर है. अगर भारत में इतनी ही तेज़ी से मामले बढ़ते गए तो रूस पीछे छूट सकता है. भारत में मृतकों की कुल संख्या 8,884 हो गई है. पिछले 24 घंटों में यहां 386 लोगों की मौत हुई है.
इससे पहले गुरुवार को भी भारत में रूस से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए थे. गुरुवार को रूस में 8,779 मामले सामने आए थे जबकि भारत में 10,956. गुरुवार को रूस में 183 लोगों की मौत हुई और भारत में 396 लोगों की.
शुक्रवार को ही भारत ने कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में ब्रिटेन को पीछे छोड़ा था. भारत ने संक्रमण रोकने के लिए मार्च में लॉकडाउन लागू किया था लेकिन उसके बाद से मामले लगातार बढ़ते गए और अब भी जारी है.
भारत का पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र सबसे बुरी तरह से प्रभावित है. यहां अब तक एक लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं जो कि कनाडा से भी ज़्यादा है.
दिल्ली की भी हालत बदतर है. दिल्ली में पिछले 24 घंटों में दो हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं. यहां के अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं और मरीज़ असप्ताल दर अस्पताल इलाज के लिए भटक रहे हैं.
पाकिस्तान की इन महिलाओं के लिए कोरोना वायरस एक बड़ा मौक़ा कैसे बन गया?
पाकिस्तान की महिलाएं जिन्होंने मेडिकल की पढ़ाई तो की लेकिन कभी प्रैक्टिस नहीं कर पाई लेकिन कोरोना वायरस ने इन्हें दिया है मौक़ा.
ई डॉक्टर नाम का प्रोजेक्ट अब इन महिला डॉक्टरों की मदद से लोगों तक अपनी सेवा पहंचा रहा है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 500 अरब डॉलर के पार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 500 अरब डॉलर को पार कर गया है.
बिज़नेस स्टैंडर्ड अख़बार की ख़बर के अनुसार,ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि तेल के दामों में गिरावट आई है और लॉकडाउन के कारण तेल मार्केटिंग कंपनियां विदेशी मुद्रा की मांग नहीं कर रही हैं.
5 जून को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 501.7 अरब डॉलर था जो एक सप्ताह में 8 अरब डॉलर बढ़ा है. 28 सितंबर 2007 के बाद से यह सबसे बड़ा साप्ताहिक उछाल था.
करेंसी डीलर्स का कहना है कि रिलायंस जियो और एयरटेल सौदों के कारण डॉलर देश में आया और उसे केंद्रीय बैंक ने ग्रहण किया.
अगर ऐसा न होता तो रुपया अधिक चढ़ता जो निर्यात के लिए नुक़सानदेह होता.
साथ में अख़बारों की अन्य सुर्खियां.
कोरोना वायरस की महामारी के कारण भविष्य में कितना बदल जाएगा धर्म
भारत में जब कोरोना वायरस पहुंचा तो एक ओर मंदिर और मस्जिदें बंद कर गईं. वहीं, दूसरी ओर रामायण सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला टेलीविज़न शो बन गया.
ऐसे में क्या लोग अपने भगवान से निराश थे या फिर इस दौरान उनकी आस्था में इज़ाफा हुआ?
रामायण धारावाहिक में सीता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिकालिया टोपीवाला मानती हैं कि कोरोना वायरस के बाद की दुनिया ज़्यादा आध्यात्मिक हो जाएगी.
वह मानती हैं कि इस महामारी का असर ये होगा कि भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा 'प्रकृति और आध्यात्मिकता' की ओर जाएगा.
वह कहती हैं, "मुझे लगता है कि आपको पार्क में ध्यान लगाते हुए लोगों की संख्या बढ़ी हुई मिलेगी."
अजमेर में 13वीं शताब्दी के पूज्यनीय सूफी संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह का ध्यान रखे वाले सैयद गौहर इस वायरस को अल्लाह का प्रकोप बताते हैं.
गौहर के समुदाय में कई लोग और धार्मिक नेता ये मानते हैं कि फरिश्ते कोरोना वायरस को मस्जिदों में घुसने से रोक देंगे.
अन्य लोगों ने गौमूत्र से कोरोना वायरस ठीक करने की बात कही है.
ऐसा लगता है कि कोरोना वायरस को दूर रखने के लिए धार्मिक प्रतीकों और प्रक्रियाओं को आधिकारिक मान्यता मिली हुई है.
सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटीज़ से जुड़े डॉक्टर हिलाल अहमद कहते हैं, "आधुनिक धर्मों का विज्ञान के साथ कोई टकराव नहीं है. बल्कि उन्हें विज्ञान को उचित ठहराया है."
जब उनके सामने कोई अभूतपूर्व चीज़ आती है तो वे हमेशा कहते हैं, "उनके धर्म में हमेशा से ऐसा चल रहा था."
राहुल गांधी का ग्राफ़ के ज़रिए मोदी सरकार पर हमला
कोरोना वायरस को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी मोदी सरकार को लगातार निशाने पर ले रहे हैं. राहुल गांधी ने ट्विटर पर चार ग्राफ़ शेयर किए हैं और इसमें दिखाया गया है कि हर चरण के लॉकडाउन में कोरोना वायरस के मामले कैसे बढ़े हैं.
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 11 हज़ार नए मामले सामने आए हैं. ये एक दिन में अब तक के सबसे ज़्यादा मामले हैं. आज आँकड़ा आने के बाद ही राहुल गांधी ने ट्वीट किया है.
राहुल ने इन ग्राफ़ के साथ एक कोट भी लिखा है- मूर्खता में एक ही काम बार-बार किया जा रहा है और कुछ अलग नतीजे की उम्मीद की जा रही है.''
इससे पहले भी राहुल गांधी ने एक ग्राफ़ शेयर कर कहा था कि भारत में लॉकडाउन फेल हो गया है. उन्होंने कहा था कि दूसरे देशों में लॉकडाउन के कारण मामले कम हुए लेकिन भारत में संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है.
कोरोना वायरस: डॉ एंतोनी फ़ाउची को क्यों लग रहा कि अमरीका में बेकाबू हो सकते हैं हालात
अमरीका के जाने-माने संक्रामक बीमारी विशेषज्ञ एंतोनी फ़ाउची ने सीएनएन से कहा है कि अमरीका के कुछ राज्यों में जिस तरह से कोरोना वायरस के मरीज़ों की अस्पतालों में भर्तियां बढ़ रही है वो चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि अगर कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग सिस्टम को प्रभावी नहीं बनाया गया तो हालात अनियंत्रित हो सकते हैं.
फाउची ने कहा कि लॉकडाउन में छूट के बाद से संक्रमण तेज़ी से बढ़ा है. फाउची ने कहा, ''जब आप देखते हैं कि अस्पतालों में मरीज़ों की तादाद बढ़ रही है तो हमें सतर्क हो जाना चाहिए कि सब कुछ ठीक नहीं है.''
अमरीका में कोरोना वायरस से अब तक एक लाख 16 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. अमरीका के आधे दर्जन से ज़्यादा राज्यों के अस्पतालों में बेड को लेकर मारामारी की स्थिति है.
शुक्रवार को टेक्सस और उत्तरी कैरोलाइना से ख़बर आई कि अमरीका में कोरोना मरीज़ों की अस्पतालों में भर्ती की दर सबसे ज़्यादा यहीं है. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कोरोना से सबसे कम मृत्यु दर यहीं है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कीनिया के जाने-माने सिंगर की मौत के बाद अंत्येष्टि को लेकर हंगामा
कीनिया के चर्चित सिंगर बर्नार्ड ओबोन्यो की अंत्येष्टि को लेकर शुक्रवार को पुलिस और प्रशंसकों के बीच झड़प हो गई. बर्नार्ड ओबोन्यो को लोग प्यार से अबेनी कहते थे. अबेनी के प्रशंसक उनकी अंत्येष्टि कोरोना वायरस के संदिग्धों के शवों की तरह नहीं चाहते थे.
प्रशंसकों की भीड़ का कहना था कि ऐसा करना अबेनी का अपमान होगा. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण शवों की अंत्येष्टि के कई नियम बदले गए हैं ताकि संक्रमण को रोका जा सके. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.
ओबोन्यो की मौत 33 साल की उम्र में 11 जून को हो गई थी. ओबोन्यो के भाई ने कीनियाई अख़बार डेली नेशन से कहा है कि वो सीने और पेट में तेज़ दर्द से जूझ रहे थे. उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी और ख़ून की उल्टी कर रहे थे. परिवार और प्रशासन ने ये नहीं बताया है कि उनका कोरोना टेस्ट हुआ था या नहीं.
सऊदी अरब में भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
सऊदी अरब में भी तेज़ी से कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटों में सऊदी में कोरोना वायरस के 3,921 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही सऊदी अरब में कोरोना के कुल 119,942 मामले हो चुके हैं.
सऊदी अरब में कोरोना से मरने वालों की कुल तादाद 893 हो गई है. कोरोना के ज़्यादातर मामले रियाद में हैं. इसके बाद जेद्दा और मक्का में हैं. मंगलवार को सऊदी के स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सऊदी में संक्रमण के मामले इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का सख़्ती से पालन नहीं कर रहे हैं.
सऊदी अरब ने पिछले कुछ हफ़्तों में लॉकडाउन में छूट दी है. शुक्रवार को नमाज़ के लिए मस्जिदें खोली जा रही हैं लेकिन वो भी सीमित समय को लिए खोली जा रही हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, उत्तरी और दक्षिणी अमरीकी महाद्वीप की हालत बहुत ख़राब: WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उत्तरी और दक्षिणी अमरीकी महाद्वीप कोरोना वायरस महामारी की चेपट में सबसे बुरी तरह से हैं. कोरोना वायरस से दुनिया के टॉप 10 प्रभावित देशों में से चार इन्हीं दो महाद्वीप के देश हैं.
WHO के टॉप के आपातकालीन विशेषज्ञ माइक रियान ने ब्राज़ील और मेक्सिको में कोरोना संकट को भी रेखांकित किया. ब्राज़ील की हालत दुनिया भर के देशों में सबसे ख़राब मानी जा रही है. माइक रियान ने कहा कि ब्राज़ील के सघन आबादी वाले इलाक़ों में हालात चिंताजनक हैं. रियान ने कहा कि ब्राज़ील की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है. उन्होंने कहा कि आईसीयू की स्थिति भी ख़राब है और 90 फ़ीसदी से ज़्यादा बेड भर चुके हैं.
कोरोना मुक्त हुआ न्यूज़ीलैंड
न्यूज़ीलैंड न्यूज़ सर्विस न्यूज़हब के अनुसार पिछले 24 घंटों में न्यूज़ीलैंड में कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है. इसका मतलब यह हुआ कि पिछले 22 दिनों से कोरोना का एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है.
यहां अब कोरोना का एक भी सक्रिय मामला नहीं है. किसी हॉस्पिटल में भी कोई कोरोना मरीज़ नहीं है.
ब्रेकिंग न्यूज़, मौत के मामले में ब्राज़ील ने ब्रिटेन को छोड़ा पीछे, अगस्त तक एक लाख और लोगों की मौत की आशंका
कोरोना वायरस से होने वाली मौत के मामले में ब्राज़ील ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया है. अमरीका के बाद ब्राज़ील में कोरोना से सबसे ज़्यादा लोगों की जान गई है. पिछले 24 घंटों में ब्राज़ील में 843 लोगों की मौत के साथ ही यहां मरने वालों की कुल संख्या 41 हज़ार 901 हो गई है. इस आँकड़े को कई न्यूज़ आउटलेट्स के एक संगठन ने प्रकाशित किया है. पिछले हफ़्ते ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने डेटा सार्वजनिक करना बंद कर दिया था.
ब्रिटिश सरकार के अनुसार ब्रिटेन में कोरोना से अब तक 41,481 की जान गई है. अमरीका में कोरोना वायरस से अब तक एक लाख 16 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है. ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो शुरू से कोरोना को कमतर बताते रहे. यहां तक कि वो इसे मीडिया हिस्टिरिया तक कहते रहे और मामला इस हद तक पहुंच चुका है.
40 हज़ार से ज़्यादा मौत होने तक ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो सोशल डिस्टेंसिंग का मज़ाक उड़ाते रहे. वो राज्यों में गवर्नरों के लॉडकाउन के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन भी करने उतरे लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को कभी गंभीरता से नहीं लिया. दो-दो स्वास्थ्य मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया लेकिन फिर राष्ट्रपति गंभीर नहीं हुए.
आख़िर में सरकार ने कोरोना के नए मामले और मौत का डेटा जारी करना बंद कर दिया. अमरीका में अब तक संक्रमितों की तादाद 20 लाख से ज़्यादा हो गई है और ब्राज़ील में यह संख्या 829,902 है. इसी हफ़्ते यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन ने अनुमान लगाया था कि अगस्त महीने तक ब्राज़ील में कोरोना से एक लाख और लोगों की मौत हो सकती है.
कोरोना वायरस: चीन की राजधानी बीजिंग में बंद करना पड़ा एक थोक बाज़ार
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार चीन की राजधानी बीजिंग में कृषि के एक थोक बाज़ार को कोरोना वायरस के कारण बंद करना पड़ा है. यहां पिछले दो दिनों से कोरोना वायरस के लोकल ट्रांसमिशन के मामले लगातार बढ़ रहे थे.
शुक्रवार को स्थानीय समय के हिसाब से शाम में तीन बजे शिनफ़ादी थोक बाज़ार को बंद किया गया. एक मांस शोध संस्थान में काम करने वाले दो लोग हाल में इस बाज़ार में आए थे. शुक्रवार को पता चला कि दोनों कोरोना से संक्रमित थे. अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों व्यक्ति कैसे संक्रमित हुए थे.
चीन में चिंता बढ़ रही है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू हो रही है. चीन के अलावा भी कई देशों में यह देखने को मिल रहा है. बीजिंग प्रशासन ने शिनफ़ादी बाज़ार में शुरुआत में बीफ़ और मटन के कारोबार पर रोक लगा दी थी. ऐसा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किया गया था.
बीजिंग प्रशासन का कहना है कि 10 हज़ार से ज़्यादा लोगों का न्यूक्लिएक एसिड टेस्ट किया जाएगा ताकि कोरोना संक्रमण पता किया जा सके. प्रशासन ने नए मामलों को देखते हुए स्कूल भी बंद कर दिए हैं. चीन में शुक्रवार को कोरोना के 11 नए मामले सामने आए और इनमें से सात बिना लक्षण वाले हैं.
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 11 हज़ार नए मामले
- भारत में कोरोना संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले मामलों में हर दिन एक नया रिकॉर्ड बनता हुआ दिख रहा है.
- शनिवार सुबह जारी किए स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में भारत में 11,458 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
- इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई है.
- संक्रमित लोगों की कुल संख्या अब 308,993 पर पहुंच गई है.
- इतना ही नहीं, पिछले 24 घंटों में कोविड-19 की महामारी के कारण देश में 386 लोगों की मौत हुई है.
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय संक्रमण के 145779 सक्रिय मामले हैं. 154330 मामले संक्रमण के बाद ठीक हो गए हैं.
- कोरोना महामारी के कारण अब तक देश में 8884 लोगों की मौत हो चुकी है.
कोरोना वायरस के नए संक्रमण के कारण बीजिंग की एक मार्केट बंद की गई
बीते दो दिन में चीन की राजधानी बीजिंग में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले मिलने के बाद एक बड़े थोक कृषि बाज़ार को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है.
शनिवार को रात तीन बजे शिनफ़ाडी थोक बाज़ार को तब बंद किया गया जब मीट रिसर्च सेंटर में काम करने वाले दो लोगों के यहां आने का पता चला था.
वो दोनों व्यक्ति शुक्रवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे.
यह अभी तक साफ़ नहीं है कि दोनों आदमी कैसे संक्रमित हुए थे.
बहुत से देशों में संक्रमण की रफ़्तार थमने के बाद अब नए संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने की आशंका है.
कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में चीन के हुबेई प्रांत में वुहान के एक सीफ़ूड मार्केट में पाया गया था.
डब्ल्यूएचओ ने कहा, कोरोना पॉजिटिव मां के दूध से बच्चे को ख़तरा नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉक्टर टेड्रोस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कोरोना पॉज़िटिव माताओं से अपील की है कि वो अपने नवजात शिशु को स्तनपान कराना जारी रखें.
जेनिवा में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में डॉक्टर टेड्रोस ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस मुद्दे पर स्टडी किया है और पाया है कि वायरस संक्रमण के जोखिम की तुलना में बच्चे के लिए स्तनपान के फायदे अधिक हैं.
डॉक्टर टेड्रोस ने कहा, "हम ये जानते हैं कि बड़ों के मुक़ाबले बच्चों में कोविड-19 का जोखिम कम होता है, लेकिन दूसरी ऐसी कई बीमारियां हैं जिससे बच्चों को अधिक ख़तरा हो सकता है और स्तनपान से ऐसी बीमारियों को रोका जा सकता है. मौजूदा प्रमाण के आधार पर संगठन ये सलाह देता है कि वायरस संक्रमण के जोखिम से स्तनपान के फायदे अधिक हैं."
उन्होंने कहा, "जिन माओं के कोरोना संक्रमित होने का शक है या फिर जिनके संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है उन्हें बच्चे को दूध पिलाने के लिए उत्साहित किया जाना चाहिए. अगर मां की तबीयत वाकई में बहुत ख़राब नहीं है तो नवजात को मां से दूर नहीं किया जाना चाहिए."
विश्व स्वास्थ्य संगठन में रिप्रोडक्टिव हेल्थ मामलों के सलाहकार डॉक्टर अंशु बनर्जी ने कहा है, "अब तक हम मां के दूध यानी ब्रेस्टमिल्क में किसी लाइव वायरस का पता नहीं लगा पाए हैं. कई मामले हैं जिनमें ब्रेस्टमिल्क में वायरस के आरएनए के टुकड़े पाए गए हैं (कोरोना वायरस आरएनए यानी एक प्रोटीन मॉलीक्यूल से बना है) लेकिन अब तक हमें असल में ब्रेस्टमिल्क में कोई लाइव वायरस नहीं मिला है. इस कारण मां से बच्चे में कोरोना संक्रमण फैलने का जोखिम साबित नहीं किया जा सका है."
अरविंद केजरीवाल: दिल्ली को 'कोरोना कैपिटल' बनने से बचा पाएंगे?
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के मरीज़ों को लेकर शुक्रवार को स्वतः सज्ञान लेते हुए चार राज्यों से जवाब माँगा है.
उनमें से महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के साथ साथ दिल्ली भी है. जस्टिस कॉल ने दिल्ली को लेकर कहा कि यहाँ टेस्ट बहुत कम हो रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में अस्पतालों में शवों की जो हालत है वो भयावह है.
इस बेंच ने कहा कि वेटिंग एरिया में शवों को रखा गया है.
ये बताता है कि दिल्ली में स्थिति कितनी ख़राब हैं. कुछ इसी तरह की भयावह स्थिति की बात ख़ुद दिल्ली सरकार ने की है.
दिल्ली में जुलाई के अंत तक में कोरोना के साढ़े पाँच लाख मरीज़ हो जाएंगे.
- 9 जून 2020 मनीष सिसोदिया, उप-मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार
इस बयान को सुनने के बाद से ही दिल्ली एनसीआर में डर का माहौल है. अभी इस बयान के डर और सदमे से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इससे भी बड़ा बयान आ गया.
अगर बाहर वालों का इलाज दिल्ली में करना पड़ा तो दिल्ली में दोगुने बेड्स की ज़रूरत पड़ेगी. यानी जुलाई के अंत तक डेढ़ लाख बेड्स की ज़रूरत पड़ेगी.
-10 जून 2020 अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार
इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि क्या दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए दोबारा लॉकडाउन लगाने की ज़रूरत पड़ेगी? इस पर शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बयान देकर सभी अटकलों को शांत कर दिया.
दिल्ली में लॉकडाउन अब और नहीं बढ़ेगा.
-12 जून 2020 सत्येंन्द्र जैन, स्वास्थ्य मंत्री, दिल्ली सरकार
ऐसे में सवाल उठता है कि 68 दिन के लॉकडाउन में आख़िर दिल्ली की सरकार ने क्या तैयारी की?
कहां कमी रह गई? केजरीवाल से कहां चूक हुई? इसी सवाल का जबाव तलाशती है ये रिपोर्ट.
कोरोना महामारी के बाद कितना बदल जाएगा धर्म
भारत में जब कोरोना वायरस पहुंचा तो एक ओर मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे बंद कर दिए गए.
वहीं, दूसरी ओर रामायण सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला टेलीविज़न शो बन गया.
ऐसे में क्या लोग अपने भगवान से निराश थे या फिर इस दौरान उनकी आस्था में इज़ाफा हुआ?
लॉकडाउन के बाद अब धर्मस्थलों को दरवाज़े खुल रहे हैं.
कोरोना ने दुनिया में काफी कुछ बदल दिया है लेकिन क्या अब भक्ति भी बदलेगी?
क्या मंदिर-मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो पाएगा?
कोरोना महामारी के क़हर से युद्धग्रस्त यमन कैसे हो रहा है तबाह
यमन का हेल्थ सिस्टम कोरोना की वजह से ढहने के कगार पर है. ये कहना है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था डॉक्टर्स विदाउद बॉर्डर का.
यमन पहले से ही दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा था और अब कोरोना वायरस धीरे धीरे पूरे देश में फैल रहा है.
टेस्टिंग कम होने के कारण ये पता लगाना मुश्किल है कि वहां वायरस से कितने लोगों की मौत हो चुकी है.
देखिए बीबीसी संवाददाता लीस ड्यूसेट की रिपोर्ट.