कोरोना अपडेट: फ़्रांस में लॉकडाउन के कारण आठ लाख लोगों की नौकरी को ख़तरा
फ़्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ले मेयर ने संसद की वित्तीय कमेटी को इसकी जानकारी दी.
लाइव कवरेज
बांग्लादेश: दो और रोहिंग्या मुसलमानों की कोविड-19 से शरणार्थी कैंप में मौत
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दो और रोहिंग्या मुसलमानों की मौत के बाद बांग्लादेश स्थित रोहिंग्या शरणार्थी
कैंप में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है.
बांग्लादेश सरकार के अधिकारियों ने बुधवार को यह सूचना दी.
उन्होंने बताया, “रोहिग्या शरणार्थी कैंप के कुछ हिस्सों में
रहने वाले लोगों से आइसोलेशन का गंभीरता से पालन करने के लिए कहा गया है. अब तक कैंप
में कोविड-19 के 35 मामलों की पुष्टि हुई है. पहला केस इस कैंप में मई के मध्य में
सामने आया था.”
म्यांमार से जान बचाकर भागे क़रीब दस लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के
कॉक्सेस बाज़ार ज़िले में स्थित शरणार्थी कैंप में रह रहे हैं.
Parle-G: देखिए, आपदा को अवसर में बदलने की पूरी कहानी
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बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर आज का कार्टून
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ब्रेकिंग न्यूज़, खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए बढ़ाई गई उड़ानें
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नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर यह सूचना दी है कि ‘खाड़ी
देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए अब से 30 जून के बीच 58 और फ़्लाइटें
जोड़ी गई हैं.’
उन्होंने लिखा है, “फ़िलहाल वंदे भारत मिशन का तीसरा चरण जारी
है जिसमें उड़ानों की संख्या 107 से बढ़ाकर 165 कर दी गई है.”
राजस्थान बिना पास के आने-जाने पर 7 दिन की रोक
मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए
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कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान में बिना पास के प्रवेश और राज्य से बाहर जाने पर अगले सात दिनों के लिए प्रतिबंध रहेगा.
राजस्थान में एक सप्ताह में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार सुबह प्रदेश वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर बढ़ते मामलों पर चर्चा की जिसके बाद राज्य में सख्ती करने का फ़ैसला लिया गया है.
राजस्थान पुलिस के प्रशासन, कानून व्यवस्था महानिदेशक एमएल लाठर ने राजस्थान की सीमाएं सील करने का आदेश निकाला. इस आदेश के दो घंटे बाद ही संशोधित आदेश जारी कर राज्य में आवागमन को नियंत्रित करने फ़ैसला लिया है.
आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने सीमाओं पर पुलिस चैक पोस्ट बनाना शुरू कर दिया है. अब बिना पास के राज्य में प्रवेश और बाहर जाने पर प्रतिबंध रहेगा.
अंतर्राज्यीय सड़कों के अलावा हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर भी पुलिस चैक पोस्ट स्थापित कर चैकिंग की व्यवस्था के आदेश जारी किए गए हैं.
महानिदेशक एमएल लाठर ने बीबीसी को बताया कि 'शुरू में सात दिनों के लिए यह सख्ती की जा रही है. अब केवल अनुमति प्राप्त लोगों को ही राज्य में आने व बाहर जाने दिया जाएगा.'
उन्होंने कहा कि राज्य में एक ज़िले से दूसरे ज़िले में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा.
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राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार ने ग़लती से राजस्थान की सीमाएं सील करने का आदेश दे दिया था, जिसमें सुधार किया गया है.
पिछले 8 दिन में 2,145 नये मामले सामने आये हैं और रोज़ाना औसतन 250 मामले सामने आने से प्रदेश में चिंता बढ़ी है.
राजस्थान में अब तक कोरोना के 11,368 पॉज़िटिव मामले मिले हैं जिनमें से 8,592 मरीज़ ठीक हो चुके हैं जबकि राज्य में अभी 2,610 एक्टिव मामले हैं.
कोरोना महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है: डॉक्टर एंथनी फ़ाउची
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अमरीका के कोरोना वायरस विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के सलाहकार डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने चेतावनी दी है कि अभी भी कोरोना महामारी ख़त्म नहीं हुई है.
मंगलवार को एक कॉन्फ़्रेंस में बोलते हुए उन्होंने इस संकट को 'सबसे बुरा सपना' क़रार दिया.
उनका कहना था, ''चार महीनों में इसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. दुनिया भर में इसने लाखों-लाख लोगों को संक्रमित किया है और वो भी बहुत ही कम समय में.''
फ़ाउची ने कहा कि कोरोना फैलने की सबसे बड़ी वजह रही इस वायरस की संक्रामक क्षमता और संक्रमित लोगों का विश्व भर में सफ़र करना.
उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही इसका वैक्सीन ढूंढ लिया जाएगा.
दुनिया भर में 70 लाख से ज़्यादा लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं और चार लाख से ज़्यादा लोग अब तक मारे जा चुके हैं.
सीएम केजरीवाल ने कहा- 'उप-राज्यपाल का आदेश अक्षरश: लागू किया जाएगा'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ‘दिल्ली
के सरकारी अस्पतालों में सभी के इलाज के लिए उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने जो आदेश
दिया है, उसे अक्षरश: लागू किया जाएगा.’
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एक वीडियो मैसेज में केजरीवाल ने कहा कि “सोमवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली कैबिनेट के निर्णय को पलट दिया और केंद्र सरकार, उप-राज्यपाल साहब ने आदेश जारी किया है कि दिल्ली के हर अस्पताल में सबका इलाज किया जाएगा. ये समय असहमतियों का नहीं है. उप-राज्यपाल के आदेश को अक्षरश: लागू किया जाएगा. इस लड़ाई में सभी संस्थाओं और सरकारों को साथ आने की ज़रूरत है.”
उन्होंने कहा, “जितने बेड हमें दिल्ली के लोगों के लिए चाहिए उतने ही दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी चाहिए. 15 जुलाई को दिल्लीवालों के लिए 33,000 बेड चाहिए तो बाहर वाले भी मिलाएंगे तो कुल 65,000 बेड चाहिए.”
केजरीवाल ने यह वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “हमें एक दूसरे से नहीं, मिलकर कोरोना से लड़ना है.”
इस संदेश में केजरीवाल ने बताया कि उनका कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आया और इसके लिए उन्होंने शुभकामना संदेश देने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया.
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केजरीवाल से पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि “हरियाणा और उत्तर प्रदेश टेस्ट तो करते नहीं हैं. हरियाणा कहता है कि हमारे यहाँ 1,000 सक्रिय मामले हैं, उत्तर प्रदेश इतना बड़ा राज्य कहता है कि 2,000-3,000 सक्रिय मामले हैं. लेकिन उनके यहाँ बीमार खूब हैं.”
जैन ने कहा, “वहाँ पॉज़िटिव केस हैं, अब वो लोग दिल्ली आकर ही टेस्ट कराएंगे, यहीं भर्ती होंगे तो दिल्ली में तो समस्या आएगी ही. अगर उनके यहाँ ज़रूरत नहीं है तो चिल्ला क्यों रहे हैं.”
पाकिस्तान में अब तक कोविड-19 के एक लाख 13 हज़ार 702 मामलों की पुष्टि
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पाकिस्तान सरकार के अनुसार बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 5,385 नये मामले
सामने आये हैं.
इन्हें शामिल करने के बाद पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके
लोगों की कुल संख्या बढ़कर एक लाख 13 हज़ार 702 हो गई है.
संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में दर्ज
किये जा रहे हैं.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी कोविड-19 के 5,963 केस दर्ज किये गए
हैं.
पाकिस्तान के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वहाँ कोविड-19 से मरने वालों की
संख्या अब 2,255 हो गई है. बीते 24 घंटे में 83 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है.
स्वास्थ्य विभाग के अफ़सरों के मुताबिक़, पाकिस्तान में रोज़ाना 20 हज़ार से
ज़्यादा लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है.
अब तक संक्रमित हुए लोगों में से 36,308 लोग मेडिकल हेल्प के बाद पूरी तरह ठीक
हो चुके हैं.
कोरोना वायरस महामारी के
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव के बारे में चर्चा करने के लिए बुधवार
को नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल की एक बैठक बुलाई गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
इमरान ख़ान इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं.
'कोरोना वायरस ने सिर्फ़ मुझे लाचार नहीं किया, मेरे परिवार को भी बर्बाद कर दिया'
मेरी भांजी खुशाली तामैची को जिस समय उसकी 12वीं कक्षा की मार्कशीट मिली, उसकी आंखों में आंसू थे. वो अपने बैच के उन कुछ बच्चों में से एक थी जो प्रथम श्रेणी से पास हुए थे.
उसे जानने वाला हर शख़्स इसकी वजह जानता था.
यही वो दिन था जिसके लिए उसके पिता ज़िंदा थे. उसके पिता उमेश तामैची की कुछ दिन पहले ही कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौत हो गई थी.
उमेश 44 साल के थे. वो अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में बतौर वरिष्ठ अधिवक्ता थे.
12 मई को उनका टेस्ट हुआ जिसमें वो कोरोना पॉज़िटिव पाए गए. यह सोमवार देर शाम 11 मई की बात थी जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ महसूस हुई. जिसके बाद मेरी बहन शेफ़ाली उन्हें पास के ही एक प्राइवेट अस्पताल ले गई.
आनंद सर्जिकल अस्पताल को कुछ दिन पहले ही अहमदाबाद नगर निगम ने कोविड-19 के मरीज़ों के लिए सूचीबद्ध किया था. यह काफ़ी जाना माना अस्पताल है. शेफ़ाली ने मुझे अस्पताल से ही फ़ोन किया और सारी जानकारी दी.
मैंने शेफ़ाली को शांत रहने और धीरज बांधने को कहा. मैंने आनंद सर्जिकल अस्पताल में कुछेक लोगों को फ़ोन कॉल किया. उन्होंने मुझे बताया कि भले ही यह अस्पताल कोरोना मरीज़ों के लिए हो लेकिन उनके पास अभी तक कोरोना मरीज़ों के लिए तैयार कोई आइसोलेशन रूम नहीं है.
उनके पास वेंटिलेटर भी नहीं है और डॉक्टर भी नहीं, जो कोरोना मरीज़ों का इलाज कर सकें.
मैंने शेफ़ाली से कहा कि वो किसी और अस्पताल में जाने की कोशिश करे.
उसने एक के बाद एक कई अस्पतालों से संपर्क किया लेकिन कोई भी अस्पताल तैयार नहीं हुआ. यहां तक कि कोई भी अस्पताल उमेश को शुरुआती इलाज देने के लिए भी तैयार नहीं हुआ.
पास में ही एक दूसरा अस्पताल था जिसने उमेश के सांस ना ले पाने के सही कारणों की जांच के लिए सीने का एक्स-रे करवाने में मदद की. एक्स-रे के मुताबिक़, उमेश की छाती में कफ़ जमा हो गया था. अब आशंका स्पष्ट हो गई थी कि वो कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित हो सकता है.
श्रमिक स्पेशल ट्रेन में चार दिन सड़ता रहा शव, किसी को भनक तक नहीं लगी
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उत्तर प्रदेश में बस्ती के रहने वाले मोहनलाल शर्मा 23 मई को झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठे थे. ट्रेन गोरखपुर जाकर चार दिन बाद झांसी लौट आई लेकिन मोहनलाल अपने घर नहीं पहुँचे.
झांसी रेलवे यार्ड में ट्रेन की सफ़ाई होने लगी तो सफ़ाईकर्मियों ने ट्रेन के शौचालय में एक एक सड़ी लाश देखी. पड़ताल करने पर पता चला कि ये लाश मोहनलाल की थी.
यह त्रासदी अकेले मोहनलाल के साथ नहीं हुई बल्कि श्रमिक ट्रेनों में यात्रा करने वाले कई लोग अपनी जान गँवा चुके हैं.
इनमें से ज़्यादातर मौतें किन वजहों से हुईं, ये सवाल वैसे ही रहस्य बना हुआ है जैसे मोहनलाल शर्मा की मौत का.
झांसी में राजकीय रेलवे पुलिस के डीएसपी नईम ख़ान मंसूरी ने बीबीसी को बताया, "पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह की बाहरी चोट नहीं लगी है. विसरा जाँच के लिए भेजा गया है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत किस वजह से हुई है."
जिस श्रमिक ट्रेन में मोहनलाल बैठे थे उसे अगले दिन गोरखपुर पहुँचना था और फिर उसी दिन वहाँ से वापस आना था. लेकिन दो दिन की यात्रा को ट्रेन ने चार दिन में पूरा किया.
यह वैसे ही था जैसे कई अन्य श्रमिक ट्रेनें कई-कई दिनों में अपनी निर्धारित दूरियां पूरी कर रही हैं और कई बार रास्ता भी भटक रही हैं. हालाँकि रेलवे मंत्रालय इसे रास्ता भटकना नहीं बल्कि डायवर्जन बता रहा है.
बिना लक्षण वाले लोग संक्रमण फैला सकते हैं या नहीं, अभी भी बड़ा सवाल?
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैज्ञानिक ने साफ़ किया है कि बिना लक्षण वाले (एसिम्प्टोमैटिक) कोरोना वायरस संक्रमित लोगों से कितना संक्रमण फैला है, यह अभी भी 'साफ़ नहीं' है.
डॉक्टर मारिया वेन केरखोव ने सोमवार को कहा कि यह 'बेहद कम' है कि एसिम्प्टोमैटिक लोग बीमारी को फैलाएं.
लेकिन उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि उनका यह बयान सिर्फ़ कुछ छोटे मामलों में किए गए शोध पर आधारित है.
अब तक मिले साक्ष्य ये इशारा करते हैं कि लक्षण वाले लोग अधिक संक्रमित करते हैं लेकिन यह बीमारी शरीर में पैदा होने से पहले भी आगे फैलाई जा सकती है.
हालांकि, लोगों के एक ऐसे तबक़े का पता चला था जो बिना लक्षण के भी टेस्ट में पॉज़िटिव पाए गए थे लेकिन उन्होंने कितने लोगों को संक्रमित किया, इसका अभी भी पता नहीं है.
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दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले अस्पताल दिल्लीवालों के लिए रिज़र्व करने के फ़ैसले को उपराज्यपाल द्वारा पलटने जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि एलजी और केंद्र के आदेश को लागू किया जाएगा.
उन्होंने कहा, "हमें एक दूसरे से नहीं, मिलकर कोरोना से लड़ना है."
भारतीय रेल: आइसोलेशन बोगियों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहीं हैं राज्य सरकारें?
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झारखंड के हटिया यार्ड में खड़ी कुछ विशेष ट्रेनों की 60 बोगियां आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दी गई हैं. इसके लिए उनमें रेग्युलर बेडों को हटाकर ख़ास परिवर्तन किए गए हैं. अब इन बोगियों में कुल 480 बेड्स हैं.
यहां कोविड-19 से संक्रमित या संक्रमण की आशंका वाले लोगों को आइसोलेट (अलग) किया जा सकता है. हर कोच में आठ आइसोलेशन बेड हैं. डॉक्टरों और नर्सों के रहने का इंतज़ाम है. पंखे लगे हैं. शौचालयों में से कुछ में बदलाव कर बाथरुम बनाए गए हैं. ताकि, यहां रहने वाले लोग नहा सकें.
इनमें उन सभी ज़रुरी सुविधाओं (मेडिकल फैसिलिटीज को छोड़कर) की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है, जो किसी आइसोलेशन वार्ड के लिए अनिवार्य होती हैं. इसके बावजूद इनमें से एक भी बेड का इस्तेमाल नहीं किया गया है. ये बेकार पड़े हैं. इनका रख-रखाव भी कठिन हो रहा है.
यह सिर्फ़ झारखंड की कहानी नहीं है. अधिकतर राज्यों में इनका इस्तेमाल नहीं किया गया है.
भारत में कोरोना का संक्रमण आने के तुरंत बाद रेलवे ने 900 करोड़ रुपये से भी अधिक ख़र्च कर पूरे देश की रेलवे बोगियों में 3.2 लाख आइसोलेशन वार्ड बनाए थे. इसके लिए 5000 से भी अधिक कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया था. तब स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इस संबंधित जानकारियां मीडिया से साझा की थी.
सड़क को कैनवास बनाकर चित्र बनाता कलाकार
वीडियो कैप्शन, सड़क बनी कैनवस
एक ऐसे कलाकार की बात जो दिल की सुनता है और सड़क को कैनवस बनाकर तस्वीरें बनाता है.
ये हैं अमरीकी चित्रकार डेविड ज़िन.
उन्होंने अमरीका से लेकर स्वीडन और ताइवान तक की सड़कों पर चित्रकारी की है.
बीबीसी ने डेविड से बात की और पूछा कि वो ऐसी चित्रकारी क्यों करते हैं.
क्या कोरोना महामारी को भुना रहा है चीन?
वीडियो कैप्शन, क्या कोरोना महामारी को भुना रहा है चीन?
दिसंबर के बाद से लगातार चीन ख़बरों में है. पहले चर्चा चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस की थी.
ये वायरस जब दुनिया में फैला तब तक चीन संक्रमण से लगभग उबर चुका था और उसके बाद से वो नए मिशन में जुट गया लगता है.
आलोचकों की राय है कि महामारी को मौका बनाकर चीन विस्तारवादी नीतियों को बढ़ा रहा है.
चीन को लेकर क्यों बन रही है ऐसी राय, कवर स्टोरी में आज इसी की पड़ताल
दुनिया के अधिकतर देशों को कोविड-19 ने बैकफुट पर ला दिया है.
वो स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, उस समय चीन ने हांगकांग से लेकर साउथ चाइना सी तक अपने राष्ट्रीय हितों को साधना शुरू कर दिया है.
कोविड-19 के इलाज के लिए दिल्ली के किन अस्पतालों में कितने बेड
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दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि देश भर में अकेले राजधानी दिल्ली में 31 जुलाई तक कोरोना वायरस संक्रमण के साढ़े पांच लाख मरीज़ हो जाएंगे.
मंगलवार को उन्होंने कहा कि दिल्ली में 15 जून तक 44 हज़ार, 15 जुलाई तक 2.25 लाख और 31 जुलाई तक 5.50 लाख मामले हो जाएंगे. उनके अनुसार 31 जुलाई तक मरीज़ों के इलाज के लिए अस्पतालों में 80 हज़ार बेड्स की आवश्यक्ता होगी.
अस्पतालों में बेड को लेकर विवाद
दिल्ली के अस्पतालों को लेकर प्रदेश सरकार बीते कई दिनों से चर्चा में है. इन अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों को बेड न मिलने के बारे में हाल में सोशल मीडिया में कई ख़बरें आईं.
इसके बाद केजरीवाल ने कुछ निजी अस्पतालों पर कोरोना महामारी के दौर में बेड कीब्लैकमेलिंग का आरोपलगाया. उन्होंने कहा कि ये अस्पताल लोगों की सेवा के लिए बनाए गए थे न कि पैसे कमाने के लिए.
इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक कोरोना महामारी जारी है, जब तक दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ़ यहां रहने वालों के लिए कोरोना के बेड सुरक्षित होने चाहिए. दिल्ली में निजी अस्पताल कोरोना महामारी तक केवलदिल्लीवालों के लिए रिज़र्व होंगे.
आईसीसी बैठक: गेंद चमकाने के लिए लार की जगह क्या इस्तेमाल करेंगे खिलाड़ी?
दुनिया भर में एक ओर कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बुधवार को क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की कई मुद्दों पर बैठक होने वाली है.
हर साल आईसीसी के दुबई मुख्यालय में होने वाली बैठक की चर्चाएं होती आई हैं क्योंकि इसमें पूरा क्रिकेट सीज़न तय किया जाता है लेकिन इस बार आईसीसी के सदस्य वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए मिलेंगे.
हालांकि, आईसीसी बोर्ड की बैठक 28 मई को होनी थी लेकिन गोपनीयता भंग होने के मुद्दे के कारण इसे 10 जून तक स्थगित कर दिया गया था.
रिपोर्टों के अनुसार, इस मुद्दे पर एक स्वतंत्र जांच के गठन के बाद मुद्दा समाप्त हुआ.
बोर्ड के सदस्यों ने मुद्दा उठाया था कि संगठन के आंतरिक मामलों की गोपनीयता भंग हुई है.
तमिलनाडु: डीएमके विधायक जे अंबाजगन का कोविड-19 के कारण निधन
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डीएमके विधायक जे अंबाजगन का कोविड-19 की वजह से चेन्नई में निधन हो गया है.
वे 62 वर्ष के थे, और यह एक बुरा इत्तेफ़ाक है कि आज उनका जन्मदिन भी है.
जे अंबाजगन कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए थे और 3 जून को तबीयत
बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ़्ट किया गया था.
उनकी मौत पर अस्पताल द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार, “जे
अंबाजगन जो कोविड-19 पॉज़िटिव थे, उनकी तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़नी शुरू हुई.
हालांकि उन्हें पूरी मेडिकल सपोर्ट दी गई, वे वेंटिलेटर पर भी थे, लेकिन वे उभर
नहीं पाये और बुधवार सुबह, 8 बजकर 5 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.”
तमिलनाडु की दो अलग विधानसभा सीटों से जे अंबाजगन तीन बार विधायक रहे थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, बीते-24 घंटे में कोविड-19 के 9,985 नये मामले
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बुधवार को कोविड-19 के 9,985 नये मामले सामने आये हैं जिनके बाद भारत में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2 लाख 76 हज़ार 583 हो गए हैं.
बीते 24 घंटे में 279 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है और महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7,745 हो गई है.
अब तक सामने आये कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में से 1 लाख 33 हज़ार 632 मामले फ़िलहाल एक्टिव हैं. यानी इन मरीज़ों में महामारी के लक्षण अभी भी हैं.
जबकि 1 लाख 35 हज़ार 205 मरीज़ इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके हैं.
आईसीएमआर के अनुसार भारत में रोज़ लगभग डेढ़ लाख
कोविड-19 सैंपल लिये जा रहे हैं. अब तक कोरोना टेस्ट के लिए 50 लाख से ज़्यादा
लोगों के सैंपल लिये जा चुके हैं.
मेक्सिको ने कहा अभी पीक नहीं आया, डब्ल्यूएचओ की पाकिस्तान को चेतावनी
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दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ना जारी
हैं. पूरी दुनिया में संक्रमण के मामले 72.72 लाख के ऊपर जा चुके हैं जबकि 4.11
लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. आइये जानते हैं कि पूरी दुनिया में क्या
हालात हैं..
कोरोना के सबसे अधिक संक्रमण के मामले अमरीका, ब्राज़ील और
रूस में हैं जबकि मौतों के मामले में अमरीका, ब्रिटेन और ब्राज़ील शीर्ष पर हैं.
मेक्सिको के उप-स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि देश में अभी
पीक आने में हफ़्तों हैं. मेक्सिको में अब तक 14,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है
और सरकार का अनुमान है कि अक्तूबर तक 35,000 मौतें होंगी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ब्राज़ील ने पुराने आंकड़ों
को बहाल कर दिया है. बोलसोनारो सरकार ने आधिकारिक वेबसाइट पर आंकड़े बदल दिए थे.
ब्राज़ील में 38,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
तुर्की के
राष्ट्रपति रेजेप तैयप अर्दोआन ने कहा है कि तुर्की 65 साल से ऊपर के लोगों के लिए
घर में रहने के आदेशों को हटा रहा है और नाबालिग़ों के लिए भी प्रतिबंधों में ढील
दी गई है. 65 साल से ऊपर के लोग अब सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक घर से बाहर जा
सकते हैं.
विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वो चिन्हित क्षेत्रों में ‘रुक-रुककर लॉकडाउन’ लागू करे. ऐसा
इसलिए कहा गया है कि क्योंकि संगठन का मानना है कि पाकिस्तान ने उसकी शर्तों के
हिसाब से प्रतिबंध नहीं हटाए हैं.