कोरोना अपडेट: लॉकडाउन ने यूरोप में लाखों लोगों की जान बचाई

एक शोध के मुताबिक़ लॉकडाउन ने यूरोप में तीस लाख से ज़्यादा लोगों की जान बचाई है.

लाइव कवरेज

  1. तो क्या चीन में बहुत पहले ही शुरू हो गया था कोरोना वायरस का प्रकोप

    कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी जिसके बाद यह वायरस दुनिया के लगभग हर देश में फैल गया. दुनिया भर में सकंमण के 70 लाख 85 हज़ार से भी अधिक मामले हैं और चार लाख से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं.

    अमरीका समेत कई देश कोरोना वायरस पर चीन की भूमिका को लेकर संदेह जताते रहे हैं. अमरीका चीन पर लगातार आरोप लगाता रहा है कि चीन ने वायरस को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती हालांकि चीन इन आरोपों का शुरू से खंडन करता रहा है.

    लेकिन अब एक अध्ययन में भी कुछ ऐसा ही दावा किया गया है.

    हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के एक शोध में कहा गया है कि हो सकता है कि चीन में वायरस का संक्रमण बहुत पहले ही शुरू हो गया हो.

    कमर्शियल सैटेलाइट इमेजरी की मदद से वुहान शहर की कुछ तस्वीरों का अध्ययन किया गया है. ये तस्वीरें साल 2019 अगस्त की हैं. जिनमें वुहान शहर के अस्पतालों के बाहर बड़ी संख्या में वाहन दिखाई दे रहे हैं. स्टडी के मुताबिक़, संभव है कि रिपोर्ट किये जाने से बहुत पहले ही चीन मे कोविड 19 का प्रकोप शुरू हो गया हो.

    शोधकर्ताओं ने उस दौरान वुहान के पांच बड़े अस्पतालों के बाहर आश्चर्यजनक तौर पर वाहनों की भीड़ की बात कही है. हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि जो लोग अस्पताल पहुंचे हों उन्हें मौसम की वजह से खांसी-बुखार और डायरिया की शिकायत हो जोकि कोविड19 के भी सामान्य लक्षण हैं.

    डॉ. जॉन ब्राउनस्टेन इस अध्ययन को लीड कर रहे हैं. उनका कहना है कि साक्ष्य परिस्थितजन्य हैं लेकिन एक टीवी साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह तथ्य वायरस की उत्पत्ति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

    उन्होंने कहा, “अक्टूबर में कुछ हो रहा था.”

    “स्पष्ट रूप से, कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत माने जाने से पहले कुछ सामाजिक व्यवधान तो ज़रूर था.”

    दिसंबर साल 2019 में चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को किसी अज्ञात कारण से निमोनिया जैसे मामलों के सामने आने के बारे में सूचित किया था. इसके नौ दिन बाद चीन के अधिकारियों ने बताया था कि उन्होंने निमोनिया के बहुत से मामलों में कोरोना वायरस की पहचान की है.

    कोरोना वायरस

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  2. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्राज़ील से की डेटा शेयर करने की अपील

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्राज़ील से कोरोना वायरस संक्रमण के आंकड़ों को जुटाने और उन्हें साझा करने की अपील की है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ब्राज़ील से अपील की है कि वो सतत तौर पर और पारदर्शीता के साथ आंकड़े साझा करे.

    ब्राज़ील दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है. ब्राज़ील में संक्रमण के 6 लाख 91 हज़ार से अधिक मामले हैं. ब्राज़ील में कोविड 19 से मरने वालों की संख्या भी 40 हज़ार से अधिक है. वहीं कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को संभालने को लेकर ब्राज़ील की आलोचना भी हो रही है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के हेल्थ इमरजेंसी प्रमुख ने पत्रकारों को बताया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी है कि आंकड़ों को लेकर पारदर्शिता बरती जाए और उन्हें साझा किया जाए.

    उन्होंने कहा, “उन्हें यह समझने की ज़रूरत है कि आख़िर हो क्या रहा है? उन्हें ये भी जानने की आवश्यकता है कि वायरस कहां और कितना फैल चुका है. उन्हें यह पता करने की ज़रूरत है कि वे कैसे इस संक्रमण को संभालेंगे.”

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  3. ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हुई प्रेस ब्रीफ़िंग के महत्वपूर्ण बिंदु

    ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 2 लाख 88 हज़ार 827 हो गए हैं. ब्रिटेन में कोविड 19 से मरने वालों की संख्या 40 हज़ार से अधिक हो चुकी है.

    ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण से जुड़े ताज़ा हालात के बारे में हुई प्रेस ब्रीफ़िंग को हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैंकॉक ने संबोधित किया.

    प्रेस ब्रीफ़िंग की महत्वपूर्ण बातें-

    -अटकलों के बावजूद सप्ताह के अंत तक वायरस के दोबारा पैदा होने की दर कुछ राज्यों में एक से अधिक रही है और कुछ में नहीं. इसका मतलब ये हुआ कि हर एक संक्रमित शख़्स औसतम कम से कम एक दूसरे शख़्स को वायरस ट्रांसफ़र कर रहा है.

    -वृद्धाश्रम और केयर होम्स में रहने वाले वाले हर शख़्स और वहां काम करने वाले हर स्टाफ़ सदस्य का टेस्ट कराया जाएगा.

    -हैंकॉक ने कहा कि अगर संक्रमण की दूसरी लहर आती है तो यह अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही हानिकारक साबित होगी.

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  4. विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने जताई चिंता

    भले ही दुनिया के कुछ देशों में संक्रमण के मामले पहले की तुलना में कम आ रहे हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर यह और ख़तरनाक हो रहा है.

    यह कहना है विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस का.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बीते दस दिनों में से नौ दिनो में संक्रमण के एक लाख से भी अधिक मामलों की पुष्टि हुई है. और जितने भी मामले कल आए हैं उनमें से 75 फ़ीसदी मामले सिर्फ़ दस देशों में हैं. उनमें भी ज़्यादातर केस अमरीका और दक्षिण एशिया से हैं.

    टेडरोस ने हालांकि इस बात के भी संकेत दिए कि कुछ देशों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आए है.

    उन्होंने कहा अलग-अलग अध्ययनों से यह बात स्पष्ट होती है कि वैश्विक स्तर पर अभी भी एक बड़ी आबादी संक्रमण के लिहाज़ से अति-संवेदनशील है.

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