कोरोना अपडेट: मुंबई की स्थिति बेक़ाबू- पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा है कि उद्धव ठाकरे की सरकार कोरोना से निपटने में नाकाम रही है.
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कोविड-19: ब्रिटेन ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का ट्रायल शुरू किया

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ब्रिटेन के ऑक्सफ़र्ड और ब्राइटन में मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन’ का एक परीक्षण किया जा रहा है जिसका मक़सद इस बात को समझना है कि ‘ये दवा वाक़ई कोविड-19 के मरीज़ों पर कितना असर करती है?’
बाज़ार में ‘क्लोरोक्विन’ और ‘हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन’ के नाम से बिकने वाली ये दवा या इसका एक प्लसीबो यूरोप, अफ़्रीका, एशिया और दक्षिण अमरीका के 40 हज़ार से ज़्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाएगा.
इस ट्रायल में सिर्फ़ वो कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं जो कोविड-19 के मरीज़ों के संपर्क में हैं.
इस अध्ययन के प्रमुखों में से एक, प्रोफ़ेसर निकोलस व्हाइट ने कहा, “हमें वाक़ई इसकी पुख़्ता जानकारी नहीं है कि क्या ‘हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन’ कोविड-19 के मरीज़ों को फ़ायदा करती है या नुक़सान.”
लेकिन उन्होंने कहा कि “इस तरह का नियंत्रित अध्ययन, जहाँ ना तो प्रतिभागी को और ना ही शोधकर्ताओं को पता होगा कि किसको दवा दी गई है या किसे प्लसीबो दिया गया है, इस बात का पता लगाने में सबसे अच्छा तरीक़ा हो सकता है.”
ब्रिटेन में इस शोध पर काम इस सप्ताह की शुरुआत में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कोविड-19 से बचाव के लिए इस विवादित दवा को ले रहे थे, इस चेतावनी के बावजूद कि ये दवा असुरक्षित भी हो सकती है.
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टोक्यो ओलंपिक खेल हो सकते हैं रद्द

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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमिटी (आईओसी) के प्रमुख थोमस बाक़ ने कहा है कि कोरोना महामारी के मद्देनज़र अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों को रद्द किया जा सकता है.
इसी साल मार्च में आईओसी और जापान की सरकार ने बातचीत के बाद टोक्यो ओलंपिक खोलों को कुछ दिनों के लिए टालने का फ़ैसला किया था. ये खेल पहले जुलाई में होने वाले थे लेकिन इसे अगले साल कराने पर सहमति बनी थी.
लेकिन अब जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे ने कहा है कि अगर कोरोना वायरस पर क़ाबू नहीं पाया गया तो 2021 में भी देश में ओलंपिक खेल कराना मुश्किल होगा. थोमस बाक़ भी उनके इस बयान से सहमत हैं.
- जापान में कोरोना वायरस से अब तक 17,100 लोग संक्रमित हैं जबकि इस कारण 797 लोगों की मौत हो चुकी है.
थोमस बाक़ ने बीबीसी को बताया, “सच कहूं तो मैं हालात समझ सकता हूं. आयोजन कमिटी में आप हमेशा के लिए तीन हज़ार से पांच हज़ार लोगों को नियुक्त नहीं कर सकते. न तो आप हर साल खेलों की तय तारीख बदल सकते हैं और न ही आप खिलाड़ियों को खेलों की तारीख को लेकर झूठी उम्मीद भी दे सकते हैं.”
बाक़ ने कहा है कि आईओसी अगले साल ओलंपिक खेल कराने की तैयारी कराना चाहता है और इसके लिए खिलाड़ियों के क्वारेंटीन की व्यवस्था को भी ध्यान में रखना होगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में अब तक 50 लाख से ज़्यादा लोग हो चुके हैं कोरोना संक्रमित

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जॉन्स हॉपकिन्स यूनिर्सिटी के अनुसार दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 लाख पार कर गई है. अभी दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 50 लाख 38 है.
पिछले 24 घंटों में केवल एक लाख 6 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं. यह एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.

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जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार अमरीका में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या अब 93,439 तक पहुंच चुकी है. जानकार मानते हैं कि जल्द ही ये आंकड़ा एक लाख के पार हो जाएगा.
अमरीका में कुल संक्रमितों की संख्या अब 1,551,853 हो गई है.
वहीं दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या अब 50 लाख के पार पहुंच गई है, जबकि इस वायरस के कारण 3.28 लाख लोगों की मौत हो चुकी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, हवाई यात्रा के लिए AAI ने जारी किए नए नियम

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने घरेलू हवाई यात्रियों के लिए कुछ नए नियम जारी किए हैं.
14 साल से कम उम्र वालों को छोड़कर सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य कर दिया गया है.
भारत सरकार ने बुधवार को 25 मई से घरेलू हवाई सेवा बहाल करने की घोषणा की थी.
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- एयरपोर्ट में दाखिल होने से पहले सभी पैसेंजर्स की स्क्रीनिंग भी होगी.
- फ्लाइट में बीच वाली सीट अभी ख़ाली रखने की योजना है. इससे का किराया ज़्यादा लग सकता है.
- मार्च के आख़िरी दिनों में लॉकडाउन लागू होने के बाद हवाई सेवा भी बंद कर दी गई थी.
- एयरपोर्ट अथॉरिटी ने ये भी कहा है कि सभी पैसेंजरों को पहले स्क्रीनिंग ज़ोन में आना होगा और जांच के बाद ही एयरोपर्ट में एंट्री मिलेगी.
कोरोना वायरस: प्रवासी मज़दूरों की वापसी कई राज्यों में बढ़ने लगा संक्रमण
कोरोना वायरस महामारी ने बड़े देशों की भी खोली पोल - देखिए वीडियो रिपोर्ट...
वीडियो कैप्शन, अमरीका में पिछले सात हफ्तों में 3.60 करोड़ लोगों की नौकरियां गई हैं. भारत में क़रीब दो महीने से चल रहे लॉकडाउन ने ऐसी लाखों महिलाओं की ज़िदगी पर गहरा असर डाला है जो घरों में काम करके गुज़ारा करती हैं. देखिए यह रिपोर्ट...
वीडियो कैप्शन, कोरोना काल: संकट से जूझतीं घरेलू कामगार ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका में गोरों की तुलना में काले लोगों की मौत ज़्यादा क्यों?

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अमरीका में कोरोना वायरस काले लोगों को ज़्यादा शिकार बना रहा है. हाल के डेटा से पता चलता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से अफ़्रीकी अमरीकी नागरिकों की मौत गोरों की तुलना में क़रीब तीन गुना ज़्यादा है.
नए आँकड़ों को एपीएम रिसर्च लैब ने संग्रह किया है और बुधवार को इसे सार्वजनिक किया. एपीम रिसर्च लैब ने इस स्टडी का टाइटल 'कलर ऑफ कोरोना वायरस' दिया है. इस स्टडी से पता चलता है कि कोविड 19 से होने वाली मौतों में काले लोग एक तरफ़ हैं और बाक़ी अमरीकी नागरिक दूसरी तरफ़.
कोरोना वायरस से पूरे अमरीका में अफ़्रीकी अमरीकियों की मृत्यु दर 50.3 प्रति लाख आबादी में है जबकि गोरों की 20.7, लातिन अमरीकियों की 22.9 और एशियन अमरीकियों की 22.7 है.
प्रत्येक 2000 कालों की आबादी में एक की मौत कोविड 19 से हुई है. अमरीका के कुछ राज्यों में तो ये आँकड़े और हैरान करने वाले हैं. केंजस में तो कोविड 19 से गोरों की तुलना में कालों की मौत सात गुना ज़्यादा है. वॉशिगंटन में भी कोविड 19 ने गोरों की तुलना में कालों को छह गुना ज़्यादा शिकार बनाया.

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मिशिगन में पाँच गुना ज़्यादा और न्यूयॉर्क में तीन गुना ज़्यादा. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि गोरों और कालों की स्वास्थ्य स्थिति में असमानता के कारण कोविड 19 कालों को आसान शिकार बना रहा है. कालों में डायबिटीज, हाइपरटेंशन और मोटापा की शिकायत ज़्यादा हैं.
रविवार को हेल्थ सेक्रेटरी अलेक्स अज़ार ने कहा कि इसी विषमता के कारण काले लोग ज़्यादा निशाने पर आ रहे हैं. कालों में मृत्यु दर ज़्यादा होने की एक वजह आर्थिक विषमता भी बताई जा रही है. एपीएम रिसर्च लैब ने अपनी स्टडी में अमरीका के 40 राज्यों में कोविड 19 से हुई कुल 92,128 मौतों के 90 फ़ीसदी को कवर किया है.
ब्राज़ील ने दो विवादित एंटी-मलेरिया दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी

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इमेज कैप्शन, विश्व में संक्रमण के मामले में ब्राज़ील तीसरे नंबर पर है ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों के इलाज के लिए दो एंटी-मलेरिया दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है.
अभी तक कोई भी ऐसे निर्णायक सबूत मौजूद नहीं हैं जो ये साबित कर सकें कि क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन कोविड-19 के इलाज में प्रभावी हैं.
मार्च में ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन इस वायरस के इलाज में बेहद प्रभावी है.
हालांकि, बाद में फ़ेसबुक और ट्विटर ने फ़ेक न्यूज़ फैलाने के मामले में उनकी पोस्ट को डिलीट कर दिया था.
- सोमवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि वो निवारक उपायों को देखते हुए हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन ले रहे हैं.
- लेकिन अमरीकी फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कह चुका है कि इस दवा को ‘सुरक्षित और प्रभावी नहीं पाया गया है.’
- इस दवा के गंभीर दुष्परिणाम देखे गए हैं, ये आंखों और दिल समेत दूसरे अंगों पर असर डालती है.
मकाउ पुलिस ने तियानमेन नरसंहार जुलूस को अनुमति नहीं दी

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इमेज कैप्शन, हॉन्गकॉन्ग और मकाउ में हर साल हज़ारों लोग तियानमेन चौक नरसंहार की याद में इकट्ठा होते हैं चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र मकाउ की पुलिस ने तियानमेन चौक नरसंहार की याद में आयोजित किए जाने वाले सालाना जुलूस को अनुमति नहीं दी है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर चिंता को इसकी वजह बताया गया है.
मकाउ बिज़नेस समाचार एजेंसी के अनुसार, 30 साल में यह पहली बार होगा जब कोई जुलूस नहीं होगा.
इस जुलूस को आयोजित करने वाले डेमोक्रेटिक डेवलपमेंट यूनियन नाम संगठन ने कहा है कि वो इस फ़ैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे.
भूतपूर्व पुर्तगाली कॉलोनी और हॉन्गकॉन्ग के क़रीबी मकाउ में बीते 41 दिनों में कोई भी कोविड-19 का मामला नहीं है.
तियानमेन चौक के पीड़ितों की याद में हर साल मकाउ और हॉन्गकॉन्ग में जुलूस आयोजित किया जाता है.
1989 में बीजिंग के तियानमेन चौक पर हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन में अधिकतर पीड़ित छात्र और कार्यकर्ता थे.
वहीं, मंगलवार को हॉन्गकॉन्ग प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग के उपायों को कम से कम 4 जून तक के लिए आगे बढ़ा दिया था.
200 ट्रेनों में आज से शुरू होगा टिकट रिज़र्वेशन

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भारतीय रेलवे ने 1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों की सूची जारी कर दी है. इन ट्रेनों में सीटों की बुकिंग 21 मई यानी आज सुबह 10 बजे से शुरू होगी.
रेलवे ने बताया है कि ये ट्रेनें श्रमिक ट्रेनों से अलग होंगी.
इन ट्रेनों में एसी और नॉन-एसी क्लास भी होगा, साथ ही इसमें जनरल कोच भी होंगे लेकिन सभी कोच के लिए रिज़र्वेशन होगा.
जनरल कोच में बुकिंग के लिए सेकंड सिटिंग का किराया वसूला जाएगा और इन ट्रेनों में सिर्फ़ आईआरसीटीसी वेबसाइट या मोबाइल ऐप के ज़रिए ही ऑनलाइन बुकिंग ही होगी.
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साथ ही इन ट्रेनों के लिए 30 दिन पहले ही रिज़र्वेशन किया जा सकेगा.
इनके अलावा दूसरी मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर और सबअर्बन रेलवे सेवाएं रद्द रहेंगी.
रेलवे ने बताया है कि इन ट्रेनों में आरएसी और वेटिंग लिस्ट टिकट भी जारी होगा लेकिन वेटिंग लिस्ट टिकट वाली व्यक्ति को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी.
ट्रेन पकड़ने से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी और सिर्फ़ बिना कोरोना लक्षण वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति होगी.
यात्रियों के गंतव्य स्थान पर पहुंचने के बाद उन्हें उस जगह के हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा.
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