अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से अब तक 90 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के
आंकड़ों के मुताबिक़, यहां कोरोना संक्रमण से मरने वालों की कुल
संख्या 90,338है. यह दुनिया के किसी भी और देश से अधिक है. वहीं कुल संक्रमित लोगों की संख्या यहां 15 लाख के पार
पहुंच गई है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो कोरोना वायरस से बचाव के लिए
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ले रहे हैं. इस दवा का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज में किया जाता
है. लेकिन ये दवा के कोरोना वायरस के कारगर है नहीं, अब तक इस बात के कोई प्रमाण
नहीं मिले हैं.
बीते महीने अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों के लिए एक चेतावनी
जारी कर कहा कि कोरोना के मरीज़ों में ये दवा हार्ट की समस्या पैदा कर सकती है.
अमरीकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अज़ार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की आलोचना
की है और कहा है कि संगठन कोरोना महामारी के बारे में पहले से चेतावनी देने में
नाकाम रहा जिस कारण हज़ारों लोगों को जान गंवानी पड़ी.
इसके उत्तर में संगठन के
निदेशक टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रीयेसुस ने कहा है कि संगठन से वक्त रहते चेतावनी जारी
की थी और एक बार नहीं बल्कि कई बार देशों को कोरोना के बारे में चेताया था.
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 96
हज़ार के पार पहुंच गया है जबकि इस वायरस से होने वाली मौतों का आकड़ा अब 3029 हो
गया है.
बीते कुछ दिनों में देश में रोज़ाना कोरोना से चार हज़ार से अधिक मामले सामने
आ रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि भारत में ये आंकड़ा आज एक लाख के पार हो सकता
है.
हालांकि जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार भारत में कुल
संक्रमितों की संख्या पहले ही एक लाख के पार है. डैशबोर्ड के अनुसार देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 100,328 है, वहीं कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 3,156 है.
ब्रिटेन में संक्रमण की चपेट में आए लोगों की कुल संख्या 247,709है. यहां संक्रमण से अब तक 34,876 लोगों की मौत हो चुकी है. अमरीका के बाद सबसे अधिक मौतें यहीं हुई हैं.
देश में कोराना वायरस को रोकने के लिए लगाए के गए लॉकडाउन में राहत देने के
बाद फ्रांस में बच्चों के स्कूल एक सप्ताह से खुल गए हैं. सरकार का कहना है कि अब
स्कूलों में अब कोरोना वायरस के 70 नए मामले सामने आए हैं.
बीते सप्ताह छोटे बच्चों के स्कूल खोले गए थे जिसके बाद सोमवार से 150,000
जूनियर हाई स्कूलों में भी पढ़ाई शुरु हुई थी.
इधर सरकार ने की आला एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट ने कहा है कि धार्मिक सथलों पर लगा
गए बैन को भी ख़त्म किया जाना चाहिए. कोर्ट ने अगले आठ दिनों के भीतर बैन हटाने का आदेश दिया है.
कोरोनो महामारी के हुई तबाही से यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए
फ्रांस और जर्मनी ने 500 अरब यूरो के एक विशेष फंड का प्रस्ताव दिया है. वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई बातचीत के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने इस पैकेज की घोषणा की.
माना जा रहा है कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे
बड़ी चुनौती का सामना कर रही है. मैक्रों का कहना है कि कोरना महामारी से निबटने
के लिए स्वास्थ्य के मामले पर और अधिक समन्वय की ज़रूरत है.
सरकारी समाचार एजेंसी क्यूएनए ने ख़बर दी है कि कोरोना वायरस के मद्देनज़र हुई
कैबिनेट की एक अहम बैठक में देश में दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाने का फ़ैसला
किया गया है. इसके बाद मई 19 से मई 30 तक क़तर में सभी राशन और दवा की दुकानों को
छोड़ कर दूसरी दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को देश में कोरोना वारस के 1,365 ताज़ा मामले सामने आए थे जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या अब 33,969 पहुंच गई है.
सरकार में एक अधिकारी का कहना है कि कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए
रात को लगने में वाले कर्फ्यू को दो घंटों के लिए बढ़ाया जाएगा. फिलहाल देश में रात
10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात का कर्फ्यू लगाया गया है.
नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता, सैफ़ अल दाहेरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि बुधवार से कर्फ्यू रात 8 बजे तक शुरू होगा.
अधिकारियों ने कहा है कि मुसलमानों में पवित्र माने जाने वाले रमज़ान के दौरान
ईद उल-फित्र में होने वाली प्रार्थना का आयोजन सार्वजनिक तौर पर नहीं किया जाएगा. सरकारी समाचार एजेंसी एसएएनए ने अपील की है कि लोग मस्जिदों में आने की बजाय अपने घरों पर ही प्रार्थना करें.
कोरोना
वायरस को लेकर मिस्र और अल्जीरिया में भी कुछ इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं.
कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए देश में आपातकाल लगाने के राष्ट्रपति नईब
बुकेले के फ़ैसले को देश की सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने इसे
ग़ैर-क़ानूनी करार दिया है.
शनिवार को राष्ट्रपति ने अगले 30 दिनों के लिए आपातकाल
लगा दिया था और कहा था कि इस दौरान स्कूल और कॉलेज बंद किए रहेंगे.
दक्षिण सूडान के उपराष्ट्रपति रीक माशर और देश की रक्षा मंत्री एजेलिना टेनी (राष्ट्रपति के पत्नी) कोरोना
संक्रमित पाए गए हैं.
माशर की उम्र 60 साल के ऊपर है. उनका कोरोना टेस्ट 13 मई को तब किया गया था जब कोविड-19 टास्क फ़ोर्स
के एक सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.
अमरीका से डिपोर्ट किए गए ग्वाटेमाला के दस नागरिकों
को कोरोना टेस्ट में पॉज़िटिव पाए गए हैं.
नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी
ने बताया कि इन लोगों को 13 मई को लुसियाना से ग्वाटेमाला लाया गया था. इसके बाद
अब उस फ्लाइट में सवार सभी 52 लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा.