कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से मज़दूरों के लिए हज़ार बसे चलवाने के
प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन जितनी शर्तें
आधिकारिक रूप से इस प्रक्रिया में रखी जा रही हैं, उन्हें देखकर लगता नहीं है कि
मज़दूर जल्द से जल्द इन बसों का लाभ ले पाएंगे.
दोनों तरफ से ही पत्र-बाज़ी हो रही है. सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के अपर
मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर सूचित किया था कि ‘उनके
एक हज़ार बस चलवाने के प्रस्ताव को यूपी सरकार ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन इन
बसों के ड्राइवरों का नाम और बसों का डिटेल जल्द से जल्द यूपी सरकार को भेज दें.’
मंगलवार को एक अन्य पत्र में अवनीश अवस्थी ने लिखा है कि “प्रियंका
गांधी की टीम की ओर से 19 मई को लिखे गए एक पत्र में कहा गया है कि वो नोएडा और
गाज़ियाबाद में बसें उपलब्ध करा सकते हैं, मगर लखनऊ में बसें उपलब्ध नहीं करा
पाएंगे.”
उन्होंने प्रियंका गांधी की टीम से कहा है कि “500 बसों के डिटेल दोपहर 12 बजे तक गाज़ियाबाद के डीएम को भेज दें. गाज़ियाबाद के डीएम को इसकी सूचना दी जा चुकी है. गाज़ियाबाद प्रशासन इन बसों को रिसीव करेंगा और प्रयोग करेगा.”
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि बसें गाज़ियाबाद के साहिबाबाद और कौशाम्बी बस स्टैंड पर भेज दें.
इसके साथ ही प्रियंका गांधी की टीम से 500 बसों की लिस्ट गौतम बुद्ध नगर के डीएम को सौंपने के लिए कहा गया है जिन्हें अवनीश अवस्थी ने ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट मैदान में भेजने का अनुरोध किया है.
अवनीश अवस्थी ने निर्देश दिया है कि सभी बसों का परमिट, फ़िटनेस, इंश्योरेंस, ड्राइवर का लाइसेंस और कंडक्टर के डिटेल जाँचने के बाद ही इन बसों का प्रयोग किया जाये.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अवनीश अवस्थी के इस पत्र के जवाब में प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने यूपी सरकार को एक पत्र लिखा है.
उन्होंने कहा है कि “हमारी कुछ बसें राजस्थान से आ रही हैं और कुछ दिल्ली से, इनके लिए दोबारा परमिट दिलवाने की कार्यवाही जारी है. बसों की संख्या अधिक होने के कारण इसमें कुछ घंटे लगेंगे. आपके कहे अनुसार ये बसें गाज़ियाबाद और नोएडा बॉर्डर पर शाम 5 बजे पहुँच जाएंगी. आपसे आग्रह है कि 5 बजे तक आप भी यात्रियों की लिस्ट और रूट मैप तैयार कर लें ताकि इनके संचालन में हमें कोई आपत्ति ना आये.”