केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि 'कोई भी राज्य या केंद्र
शासित प्रदेश 31
मई तक लागू देशव्यापी लॉकडाउन के लिए जारी दिशा-निर्देशों
को कम नहीं करेगा.'
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को दिए
गए संदेश में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि ‘11
मई को मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
द्वारा आयोजित एक वीडियो कांफ्रेंस के बाद राज्यों के विचार और सहमति लेने के बाद
लॉकडाउन के चौथे चरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे.’
उन्होंने लिखा है, ‘‘जैसा कि मेरे
पहले के पत्रों में स्पष्ट किया गया है, मैं फिर से
दोहराना चाहूँगा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गृह मंत्रालय द्वारा जारी किये गए
दिशा-निर्देशों को कम या उनमें बदलाव नहीं कर सकते हैं. स्थिति के आकलन के आधार पर
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, विभिन्न क्षेत्रों में
कुछ अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं.”
भल्ला ने रविवार रात मुख्य सचिवों को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करूंगा कि नए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी संबंधित अधिकारियों को उनके सख़्त कार्यान्वयन के लिए निर्देशित करें.’’
उन्होंने कहा कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहाँ कोरोना वायरस संक्रमण के हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन तय करने का अधिकार दिया गया है.
रविवार को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन अपने यहाँ के रेड और ऑरेंज जोन में ‘निषिद्ध’ और ‘बफ़र’ ज़ोन चिह्नित करेगा.
पत्र में कहा गया है कि निषिद्ध क्षेत्र के भीतर लोगों की आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी, दूसरे किसी जोन से इस जोन में भी आवागमन पर रोक रहेगी, सिर्फ़ मेडिकल या अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग ही यहाँ आ-जा सकेंगे, इन क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी.
गृह सचिव ने कहा कि देश भर में कुछ गतिविधियों पर लागू पाबंदी जारी रहेगी.
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया है.
लॉकडाउन के नये दिशानिर्देश पुराने आदेशों की जगह लेंगे. सिर्फ़ लोगों की आवाजाही के संबंध में प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कोई बदलाव नहीं होगा.