कोरोना वायरस: गृह मंत्रालय की राज्यों को चिट्ठी, सड़क-रेलवे ट्रैक पर न चलने दें मज़दूरों को

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि अगर कोई प्रवासी मज़दूर सड़क-ट्रैक पर जाते हुए पाया जाता है तो उसे क़रीबी शेल्टर होम में रखा जाए.

लाइव कवरेज

  1. ट्रंप क्या चीन से पूरा संबंध ख़त्म करने जा रहे?

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा है कि वो चीन से बहुत नाराज़ हैं क्योंकि उसने कोरोना वायरस को अपने तक सीमित नहीं रखा. कोराना वायरस के कारण दोनों देशों की बीच जारी टकराव से ट्रेड डील भी अधर में लटक गई है.

    कोरोना वायरस की शुरुआत पिछले साल दिसंबर महीने में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी.

    अमरीका और चीन के बीच जनवरी महीने में पहले चरण की ट्रेड डील पर हस्ताक्षर हुए. ट्रंप ने इस डील की जमकर तारीफ़ की थी. अब फॉक्स बिज़नेस नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा है, ''मैं चीन से बहुत नाराज़ हूं. अभी जो हुआ है उसे कभी नहीं होना चाहिए था. तब मैंने एक बढ़िया समझौता किया था लेकिन तब की बात कुछ और थी.''

    ट्रंप पहले कहते थे कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनके अच्छे रिश्ते हैं लेकिन अब वो नाराज़ हैं. ट्रंप ने गुरुवार को कहा, ''मैं अभी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात नहीं करना चाहता.'' चीन के साथ पहले चरण के समझौते में तय हुआ था कि चीन कम से कम 200 अरब डॉलर का अमरीकी सामान दो सालों में ख़रीदेगा.

    अमरीका

    इमेज स्रोत, Getty Images

    वहीं अमरीका टैरिफ वापस लेने पर तैयार हो गया था. चीन के एक सरकारी अख़बार ने अधिकारियों के हवाले से लिखा था कि चीन ट्रेड डील को लेकर फिर से बातचीत शुरू करना चाहता है. ट्रंप का कहना है कि अब वो इसमें कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं. ट्रंप से पूछा गया कि रिपब्लिकन सांसदों ने कहा है कि चीनी स्टूडेंट जो अमरीका पढ़ने आते हैं उन्हें वीज़ा देना बंद कर देना चाहिए, क्या ऐसा कोई फ़ैसला होगा?

    इस पर ट्रंप ने कहा, ''ऐसी कई चीज़ें हैं जो हम कर सकते हैं. हम ऐसा कर सकते हैं. हम चीन से पूरा संबंध ख़त्म कर सकते हैं.'' ट्रंप ने कहा, ''अगर हम संबंध पूरी तरह से ख़त्म कर लेते हैं तो क्या होगा? 500 अरब डॉलर की बचत होगी.'' ट्रंप ने चीन से सालाना आयात की यह रक़म बताई है. ट्रंप अक्सर कहते हैं कि चीन से कारोबारी रिश्ता पैसे की बर्बादी है.

  2. ब्रिटेन के शोधकर्ताओं को मिली बड़ी कामयाबी

    कोरोना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अमरीका और ब्रिटेन के कुछ शोधकर्ताओं ने बताया है कि 'ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस की जिस वैक्सीन पर काम चल रहा है, उसके शुरुआती निष्कर्ष आशाजनक हैं.'

    शोधकर्ताओं ने छह बंदरों के एक समूह पर इस वैक्सीन को आज़माया और पाया कि ये काम कर रही है.

    • बताया गया है कि 'अब इस वैक्सीन का ट्रायल इंसानों पर चल रहा है. साथ ही कुछ अन्य वैज्ञानिकों से आने वाले दिनों में इस वैक्सीन का रिव्यू करवाया जाएगा.'
    • शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 'छह बंदरों को कोरोना वायरस की भारी डोज़ देने से पहले, उन्हें यह टीका लगाया गया था. हमने पाया कि कुछ बंदरों के शरीर में इस टीके से 14 दिनों में एंटीबॉडी विकसित हो गईं और कुछ को 28 दिन लगे.'
  3. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना महामारी: दुनिया को हो सकता है 8.8 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर तक का नुक़सान

    कोरोना वायरस महामारी के दौरान धीमी हुई आर्थिक गतिविधियों की रफ़्तार से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5.8 ट्रिलियन से लेकर 8.8 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर तक का नुक़सान हो सकता है.

    एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) का यह ताजा अनुमान है जिसके अनुसार नुक़सान की ये जो क़ीमत बताई गई है, वो दुनिया के आर्थिक उत्पादन के 6.4% से 9.7% के बराबर है.

    पिछले महीने एडीबी ने जो भविष्यवाणी की थी, यह उससे दोगुना से अधिक है.

    बैंक ने यह अनुमान इस आधार पर लगाया है कि महामारी की वजह से दुनिया भर के बाज़ार अभी छह महीने और प्रभावित रहेंगे.

  4. वीडियो रिपोर्ट: कोरोना वायरस की लड़ाई में ड्रोन कैसे बना मददगार

    वीडियो कैप्शन, कोरोना काल में कैसे वरदान बन गया ड्रोन
  5. कोरोना वायरस: बेपरवाह पाकिस्तान?

    दुनिया भर के कई देशों में लॉकडाउन मे ढील दिए जाने के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं वो परेशान करने वाली हैं.

    तस्वीरों में साफ़ नज़र आ रहा है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं. कइयों के चेहरे पर मास्क नहीं हैं और बाज़ारों में रौनक ऐसी है, जैसे सब सामान्य हो चुका हो.

    देखें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की ये तस्वीरें.

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यह तस्वीर पाकिस्तान की है जहां एक दुपहिया पर परिवार के चार सदस्य बैठे हुए हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, सोशल डिस्टेंसिग कोरोना वायरस से बचाव का सबसे कारगर उपाय है. लेकिन इस तस्वीर को देखकर क्या कहेंगे आप?

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यह लाहौर की तस्वीर है. लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद कुछ समय तक विरान पड़ी सड़कें कुछ ऐसी नज़र आईं.

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यह तस्वीर भारत की राजधानी नई दिल्ली की है जहाँ सब्ज़ी का एक थोक व्यापारी बोरियों में भरी सब्जियों के साथ बैठा हुआ है.

    भारत में लॉकडाउन 3.0 के तहत कुछ इलाक़ों में छूट दी गई है. लेकिन एहतियात बरतने की अपील के साथ. बावजूद इसके सब्ज़ी मंडी में भीड़ देखी जा सकती है.

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ये चीन के शेंगयांग प्रांत के एक बाज़ार की तस्वीर है.

    कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी. इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया.

    जिस समय दुनिया के कई देश अपने यहां लॉकडाउन की तैयारी कर रहे थे, उस समय चीन अपने यहां लॉकडाउन हटाने पर विचार कर रहा था.

    चीन ने अपने यहां जनवरी में ही वुहान शहर को पूरी तरह सील कर दिया था.

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यह तस्वीर श्रीलंका की है. श्रीलंका ने अपने यहां 11 मई के बाद से लॉकडाउन में ढील देना शुरू किया है लेकिन प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाया नहीं है.

    लोगों को सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनकर ही निकलने को कहा गया है.

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यह तस्वीर ढाका की है जहाँ सरकार ने लॉकडाउन में कुछ ढील दी है.

    लॉकडाउन में मिली ढील के बाद बाज़ार में अस्थायी दुकानें लगाने वालों की भीड़ नज़र आई. साथ ही लोग भी ख़रीदारी करने घरों से निकले.

  6. प्रवासी मज़दूरों की अंतहीन राह..., देेखिए बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की यह वीडियो रिपोर्ट

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या हुई 2,649

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    • भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 81 हज़ार 970 हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 2649 हो गई है.
    • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा आँकड़ों के मुताबिक़, अभी 27 हज़ार 920 लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.
    • भारत में सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. यहां संक्रमण के 27 हज़ार 524 मामले हैं. राज्य में मरने वालों की संख्या 1019 है.
    • संक्रमण के लिहाज़ से दूसरे स्थान पर तमिलनाडु है. जहां संक्रमण के 9 हज़ार 674 मामले हैं. राज्य में मरने वालों की संख्या 66 है.
    • संक्रमण के मामले में तीसरे स्थान पर गुजरात है. यहां संक्रमण के 9591 है. गुजरात में मरने वालों की संख्या 586 है. दिल्ली में संक्रमण के 8470 मामले हैं. यहां मरने वालों की संख्या 115 है.
    • पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,377 मामले हैं लेकिन यहां मरने वालों की संख्या 215 है. मरने वालों की संख्या के लिहाज़ से मध्य प्रदेश में भी स्थिति चिंताजनक है. मध्य प्रदेश में मरने वालों की संख्या 237 हो गई है.
    • आईसीएमआर की वेबसाइट के मुताबिक़, 14 मई सुबह 9 बजे तक देश में 1947041 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं.
  8. कोरोना वायरस: बांग्लादेश से डराने वाली ख़बर, भारी तबाही की आशंका

  9. वीडियो रिपोर्ट: एक तरफ़ कोरोनो और दूसरी तरफ़ जंग

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस संकट के दौर में दोहरी जंग में उलझा देश
  10. चीन के वीगर मुसलमानों को लेकर अमरीकी सीनेट ने पास किया प्रस्ताव

    डोनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ( जून 2019 की तस्वीर)

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, डोनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ( जून 2019 की तस्वीर)

    अमरीकी सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर चीन की कम्युनिस्ट सरकार से वहाँ के वीगर और अन्य मुसलमान अल्पसंख्यक समूहों के ख़िलाफ़ हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर जवाब माँगा है.

    सीनेट ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया है और यह अब अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव के पास विचार के लिए जाएगा.

    कोरोना वायरस महामारी के लिए अमरीका चीन को ज़िम्मेदार मानता है और इस विधेयक को दोनों देशों के बीच शुरू हुए तकरार का ही हिस्सा माना जा रहा है.

    यह विधेयक चीन के शिनजियांग शहर में तुर्क मुसलमानों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा करता है और इन मुसलमानों के साथ चीन में हो रही मनमानी और उत्पीड़न को समाप्त करने का आह्वान करता है.

    चीन कहता है कि वो अपने यहाँ चरमपंथियों के ख़िलाफ़ जारी जंग की वजह से ऐसा कर रहा है.

    पिछले वर्ष ऐसी कई रिपोर्टें आई थीं, जिनमें दावा किया गया था कि चीन ने आतंकवाद और धार्मिक चरमपंथ से लड़ने के बहाने दस लाख जातीय वीगर और अन्य तुर्क मुसलमानों को 'शिविरों' में रखा जहाँ कथित तौर पर उनका ब्रेन वॉश किया जाता है. इसके लिए चीन की काफ़ी आलोचना भी हुई थी.

  11. अहमदाबाद से उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर पहुँचे प्रदीप कुमार की कहानी सुनिए..

  12. ग़ुस्से में मज़दूरों ने किया पथराव, मध्य प्रदेश सरकार को जमकर कोसा

  13. कोरोना वायरस: पिछले 24 घंटों में दुनिया भर में जो कुछ हुआ

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    तीन लाख से ज़्यादा मौतें

    • दुनिया भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन लाख के पार पहुंच गई है. क़रीब 45 लाख लोग दुनिया भर में इसकी चपेट में हैं.
    • जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के मुताबिक़, दुनिया का सबसे अधिक प्रभावित देश अमरीका है, जहां मरने वालों की संख्या लगभग 86 हज़ार हो गई है और संक्रमण के मामले 14 लाख से अधिक हैं.
    • संक्रमण के आधार पर रूस दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है. रूस में संक्रमण के दो लाख 52 हज़ार से अधिक मामलों की पुष्टि की गई है. रूस में मरने वालों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है. रूस में कोविड19 के कारण अभी तक 2,305 लोगों की मौत हो चुकी है.
    • मरने वालों की संख्या के आधार पर ब्रिटेन दूसरे स्थान पर है. ब्रिटेन में अभी तक 33 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जबकि यहां संक्रमण के दो लाख 34 हज़ार से अधिक मामले हैं.
    • यहां यह जानना ज़रूरी है कि सरकार के तरफ़ से जो आँकड़े दिए जा आ रहे हैं, मरने वालों की संख्या उससे कहीं अधिक होने का अंदेशा है.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    फ़्रांसिसी दवा कंपनी सेनोफ़ी पलटी

    • फ़्रांसिसी दवा कंपनी सेनोफ़ी के सीईओ पॉल हडसन ने वैक्सीन वितरण को लेकर पहले बयान दिया था "अमरीका सरकार के पास सबसे ज़्यादा प्री-ऑर्डर करने का अधिकार है क्योंकि उसने इस जोखिम भरे काम में निवेश किया है."
    • लेकिन अब दवा कंपनी सेनोफ़ी अमरीका को प्राथमिकता देने के अपने वादे से पलट गई है.अमरीकी डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस ने सेनोफ़ी के इस प्रोजेक्ट में तीन करोड़ डॉलर की निवेश किया है. इसी का हवाला देते हुए हडसन ने यह बात कही थी. लेकिन उनके इस बयान पर फ्रांस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
    • फ़्रांस के उप वित्त मंत्री एग्नस पैनिए-रूनाशर ने हडसन के इस बयान पर चेतावनी देते हुए कहा था कि फ़्रेंच दवा कंपनी सेनोफ़ी अगर कोविड-19 का टीका बनाती है और अमरीका के बाज़ार को प्राथमिकता देती है तो इसे क़तई स्वीकार नहीं किया जाएगा.
    • फ़्रांसिसी दवा कंपनी सेनोफ़ी के कोविड-19 टीके के शोध में अमरीका की संस्था यूएस बायोमेडिकल एडवांस्ड रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (बार्डा) ने निवेश किया है.
    • मगर सेनोफ़ी को हाल के वर्षों में फ़्रांस सरकार से उसके शोध कार्यों में सहायता के लिए लाखों यूरो के करों में छूट मिली है. कंपनी ने इसके अलावा पिछले महीने ब्रिटेन की कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन के साथ मिलकर एक टीका बनाने के लिए समझौता किया है.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ऑस्ट्रेलिया में करीब 6 लाख हुए बेरोज़गार

    • कोरोना वायरस महामारी के कारण ऑस्ट्रेलिया में क़रीब छह लाख लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. ये आँकड़े मार्च से अप्रैल महीने के बीच के हैं.
    • बेरोज़गारी का स्तर बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गया है और वहीं कॉन्ट्रैक्ट पर काम का स्तर 4.9 से बढ़कर 13.7 फ़ीसदी हो गया है.
    • ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा हैकि ये आँकड़े “बेहद चौंकाने वाले हैं हालांकि ऐसा नहीं है कि इसकी आशंका नहीं थी.”
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    स्पेन और फ्रांस में एक और ख़तरे की आहट

    • इटली का उत्तरी इलाक़ा कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित इलाक़ों में से एक है.अब इस क्षेत्र में और साथ ही फ्रांस में इंफ़्लेमेटरी सिंड्रोम के मामलों में एकाएक बढ़ोतरी पाई गई है.
    • ये केस ख़ासतौर पर छोटे बच्चों में पाए गए हैं. लांसेट की रिपोर्ट के मुताबिक़, इससे पहले ऐसा ही एक मामला अमरीका में भी मिला था. ब्रिटेन, स्पेन में भी ऐसे केस पाए गए हैं.
    • यह स्थिति कावासाकी बीमारी के लक्षणों से काफ़ी मिलती-जुलती है. इसमें बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पड़ जाना, ग्रंथियों में सूजन आ जाना और अगर मामला बहुत अधिक गंभीर हो तो दिल में भी सूजन आ सकती है.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    मास्क बाँटने की जगह बिना मास्क के पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    • अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को एक मास्क डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर पहुंचे. वो पेंसिलवेनिया स्थित इस सेंटर का दौरा करने पहुंचे थे लेकिन इस दौरान उन्होंने ख़ुद मास्क नहीं पहन रखा था.
    • हालांकि यह पहला मौक़ा नहीं है जब ट्रंप किसी सार्वजनिक जगह बिना मास्क पहने पहुंचे हों. बावजूद इसके कि अमरीकियों को मास्क पहनने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही व्हाइट हाउस के नए नियमों के मुताबिक़, वहां काम करने वाले स्टाफ़ के लिए मास्क पहनने को ज़रूरी किया जा चुका है.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, AFP

    • दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप में दो रोहिंग्या शरणार्थी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.सरकारी रोहिंग्या रेफ़्यूजी रिपेटरिएशन कमिशन के लिए काम करने वाले एक डॉक्टर का कहना है कि कॉक्स बाज़ार में मौजूद शरणार्थियों में पहले कोविड-19 मामले की पुष्टि हुई है.
    • अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि जो संक्रमित हुए हैं उनका आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है. इन संक्रमित लोगों के संपर्क में आए 1,900 शरणार्थियों को टेस्ट के लिए आइसोलेट किया गया है.शरणार्थी कैंप में 14 मार्च से लॉकडाउन जारी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इन लोगों को उसी इलाक़े में मौजूद क्लिनिक में कोरोना वायरस का इलाज मुहैया कराया जाएगा.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    3.6 करोड़ अमरीकी हुए बेरोज़गार, 30 लाख

    • अमरीका में बेरोज़गारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.डिपार्टमेंट ऑफ़ लेबर के ताजा आँकड़ों के मुताबिक़,बेरोज़गारी भत्ता के लिए दावा करने वालों की संख्या में पहले की तुलना में कमी ज़रूर आई है लेकिन अभी तक जितने बेरोज़गार हुए हैं वो संख्या अपने आप में रिकॉर्ड है और ऐसा 1930 में आई मंदी के वक़्त भी नहीं हुआ था.
    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इंग्लैंड में कोविड19 से हुई मौतों में एक चौथाई को था डायबिटीज़

    • इंग्लैंड के अस्पतालों में कोरोना वायरस के कारण हुई मौतों में से एक-चौथाई मामले ऐसे मिले हैं जिनमें लोग पहले से डायबिटीज़ से पीड़ित थे.
    • एनएचएस इंग्लैंड ने ये आँकड़े जारी किए हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि कोविड 19 से मरने वालों के स्वास्थ्य की पूर्व जानकारी को लेकर कोई रिपोर्ट जारी की गई है. मार्च 31 से लेकर अभी तक हुई 22,332 मौतों में पीड़ित को पहले से ही कोई ना कोई स्वास्थ्य समस्या थी.
    • इनमें से क़रीब 26 प्रतिशत लोगों को डायबिटीज़ थी जबकि 18 प्रतिशत को डिमेंशिया की शिकायत थी. वहीं 15 प्रतिशत लोगों को फेफड़े से जुड़ी कोई ना कोई समस्या थी.
  14. वीडियो रिपोर्ट: कोविड-19 महामारी से कैसे लड़ रहा है पाकिस्तान

    वीडियो कैप्शन, कोरोना से चरमराई पाकिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था
  15. ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह वक़्त में है: ट्रंप सरकार के पूर्व अधिकारी

    रिक ब्राइट

    इमेज स्रोत, AFP

    अमरीका के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी रिक ब्राइट ने कांग्रेस में कहा है कि अमरीका कोरोना वायरस के कारण आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह वक़्त में है. रिक ब्राइट अमरीका में उस एजेंसी का नेतृत्व कर रहे थे जो कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगी है.

    हालांकि उन्हें पिछले महीने ही राष्ट्रपति ट्रंप ने पद से हटा दिया था. इससे पहले रिक ब्राइट ने कहा था कि उन्हें पद से इसलिए हटा दिया गया था क्योंकि ट्रंप के सामने कोरोना वायरस को लेकर उनकी नीतियों का विरोध किया था. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ब्राइट को 'चिड़चिड़ा अधिकारी' कहकर पद से हटा दिया था.

    ब्राइट ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की हेल्थ पर बनी सबकमिटी में यह भी कहा है कि अमरीकी नागरिक इसलिए मर रहे हैं क्योंकि सरकार कोरोना वायरस को लेकर शुरुआत में पूरी तरह से निष्क्रिय रही. ब्राइट ने कहा कि उन्होंने पहली बार जनवरी में मेडिकल उपकरणों की कमी को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा कि इस बात को उच्च स्तरीय डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस में भी उठाया लेकिन कोई तवज्जो नहीं मिली थी.

    अमरीका में अब तक कुल 85 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. केवल न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस से 27,607 लोगों की मौत हो चुकी है.

    ब्राइट ने कहा है, ''मैंने चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस के असर को शुरुआत में ही कम कर सकते हैं और यही मौक़ा है लेकिन किसी ने नहीं सुनी. बिना कोई योजना के 2020 आधुनिक अमरीका के इतिहास का सबसे भयावह साल हो सकता है. हमने कोरोना को लेकर शुरुआत में ही हर स्तर पर बात उठाई लेकिन किसी ने नहीं सुनी.''

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ब्राइट ने कहा, ''मुझे पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि मैं कोरोना वायरस को लेकर कांग्रेस की ओेर से आवंटित पैसे का वैज्ञानिक इस्तेमाल पर ज़ोर दे रहा था. मैं नहीं चाहता था कि जिन ड्रग्स और वैक्सीन में कोई साइंटिफिक मेरिट नहीं है उन पर पैसे खर्च किए जाएं. मैंने इस पर बोला और आज मैं कांग्रेस में पेश होकर सारी बातें कह रहा हूं. मैं राजनीति नहीं बल्कि साइंस के आधार पर चीज़ों को कह रहा हूं.''

    ब्राइट ने कहा कि उन्होंने क्लोरोक्विन को लेकर एक लेख लिखा था जिसके बाद बायोमेडिकल अडवांस्ड रिसर्च एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी के निदेशक पद से हटा दिया गया. राष्ट्रपति ट्रंप ने एंटी वायरल ड्रग्स हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन को कोरोना वायरस के संक्रमितों के लिए गेमचेंजर बताया था. हालांकि उन्हें कई विशेषज्ञों ने चेताया था कि यह अप्रभावी है और यहां तक कि ख़रनाक भी साबित हो सकता है.

  16. किस रफ़्तार से बढ़ रहा है संक्रमण

    कोरोना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    दुनिया भर में कोरोना से मरने वालों की संख्या तीन लाख के पार पहुंच गई है. जबकि करीब 188 देशों में 44 लाख 37 हज़ार लोग कोरोना संक्रमित हैं. लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि यह बीमारी किस रफ़्तार से लोगों को अपने चपेट में ले रही है.

    पिछले महीने की शुरुआत में यानी दो अप्रैल को दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या दस लाख तक पहुंची थी.

    महज दो सप्ताह के अंदर दुनिया भर में बीस लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो गए.

    इसके बाद अगले दस लाख संक्रमण के लिए दो सप्ताह से कम का वक्त लगा और 28 अप्रैल को दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर तीस लाख हो गए.

    इसके बाद 13 मई को कोरोना संक्रमण के कुल मामले 40 लाख के पार पहुंच गए.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, पांच देश जहां हुई हैं सबसे ज़्यादा मौतें

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, Reuters

    जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना से मरने वालों की संख्या तीन लाख एक हज़ार को पार कर गई है. चीन में जब से कोरोना संक्रमण फैला था तभी से अमरीकी यूनिवर्सिटी दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के प्रसार और मौतों पर नज़र रख रही है.

    यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के मुताबिक मौजूदा समय में दुनिया भर में 44 लाख 26 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना संक्रमित हैं. वहीं 15 लाख लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.

    सबसे ज़्यादा मौतों के हिसाब से पांच शीर्ष देश इस तरह से हैं-

    • अमरीका- 14 लाख 13 हज़ार संक्रमित, 85,500 से ज़्यादा मौतें
    • ब्रिटेन - दो लाख 34 हज़ार संक्रमित, 33,614 की मौत
    • इटली- दो लाख 23 हज़ार संक्रमित, 31,368 की मौत
    • फ्रांस- एक लाख 79 हज़ार संक्रमित, 27,428 की मौत
    • स्पेन- दो लाख 29 हज़ार संक्रमित, 27,300 की मौत
  18. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने मज़दूरों के हितों को लेकर भारत को चेताया

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    संयुक्त राष्ट्र की लेबर एजेंसी इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने कोविड-19 के समय में श्रम कानून के निलंबन और श्रमिकों के अधिकारों के हनन को लेकर चेताया है.

    उत्तर प्रदेश ने तीन साल के लिए श्रम कानूनों को निलंबित कर दिया है जबकि गुजरात में भी श्रम कानूनों को निलंबित किया जा रहा है. बीते अप्रैल महीने में ही गुजरात की फैक्ट्रियों में काम करने के घंटे को बढ़ाकर 12 घंटे रोज़ाना कर दिया गया है.

    समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक अब तक छह राज्यों से इस तरह की ख़बरें सामने आयी हैं. कहा जा रहा है कि ये राज्य अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए ये कदम उठा रहे हैं. इनमें में ज़्यादातर वे राज्य हैं केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की सरकारें हैं.

    लेकिन इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि इस तरह का कोई भी क़दम सरकार, श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच बातचीत के बाद ही लिया जा सकता है. ऐसा किए बिना श्रम क़ानून में किसी तरह का बदलाव अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का उल्लंघन होगा.

  19. चीन से संबंध तोड़ने की ट्रंप की धमकी

    ट्रंप- जिनपिंग

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कोरोना महामारी को लेकर चीन की निंदा की है और उससे सारे संबंध तोड़ लेने की धमकी दी है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने फ़ॉक्स बिज़नेस को एक इंटरव्यू में कहा, "हम बहुत कुछ कर सकते हैं. हम सारे संबंध ख़त्म कर सकते हैं."

    ट्रंप ने फिर ख़ुद ही पूछा, "अगर ऐसा हुआ, तो क्या होगा?" और जवाब दिया, "आप 500 अरब डॉलर बचा लेंगे अगर आपने सारे संबंध तोड़ लिए तो."

    ट्रंप का इशारा चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार में अमरीका के विशाल घाटे की ओर था.

    अमरीका पिछले कुछ समय से चीन पर वायरस को लेकर मुआवज़ा देने के लिए दबाव बना रहा है.

    वो उस पर महामारी की शुरुआती जानकारी छिपाने का आरोप लगाता है.

    पर चीन लगातार इससे इनकार करता रहा है.

    ट्रंप के चीन-विरोधी बयानों को कई लोग नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, मरने वाले लोगों की संख्या तीन लाख के पार

    कोरोना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    दुनिया भर में कोरोना वायरस से तीन लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के मुताबिक दुनिया भर में संक्रमित मरीज़ों की संख्या 44 लाख से ज़्यादा हो चुकी है.

    प्रभावित देशों में अमरीका पहले नंबर पर बना हुआ है. अमरीका में संक्रमित लोगों की संख्या 14 लाख से ज़्यादा हो गई है जबकि यहां मरने वाले लोगों की संख्या 85 हज़ार के पार हो गई है.

    मौत के लिहाज से दूसरे पायदान पर ब्रिटेन हैं. ब्रिटेन में मरने वाले लोगों की संख्या 33,692 है. जबकि वहां दो लाख 34 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं.

    सबसे ज़्यादा संक्रमण के लिहाज से रूस दूसरे पायदान पर है. दो लाख 52 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के साथ ही वहां अब तक 2,305 मौतें हुई हैं.

    इटली में अब तक 31,368 लोगों की मौत हुई है. स्पेन और फ्रांस में 27-27 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.