कोरोना वायरस: गृह मंत्रालय की राज्यों को चिट्ठी, सड़क-रेलवे ट्रैक पर न चलने दें मज़दूरों को

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि अगर कोई प्रवासी मज़दूर सड़क-ट्रैक पर जाते हुए पाया जाता है तो उसे क़रीबी शेल्टर होम में रखा जाए.

लाइव कवरेज

  1. मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान

    निर्मला सीतारमण

    ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आर्थिक पैकेज में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

    उन्होंने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि इससे दो लाख से ज़्यादा मधुमक्खी पालकों को लाभ मिलेगा.

    लॉकडाउन के कारण कृषि आपूर्ति चेन में आई गड़बड़ी को सुधारने के लिए ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फ़ंड का ऐलान किया गया है. इसे 'टॉप टु टोटल' योजना का नाम दिया गया है.

  2. हर्बल खेती के लिए 4,000 करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान

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    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज के तहत हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए चार हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान किया है.

    इससे 10 लाख हेक्टेयर ज़मीन में हर्बल खेती हो पाएगी. इससे किसानों को पांच हज़ार करोड़ रुपये को लगभग आय होगी.

    साथ ही औषधीय पौधों की खेती के लिए स्थानीय किसानों और मंडियों को प्रोत्साहित किए जाने की योजना है.

  3. मत्स्य पालन में 55 लाख लोगों को मिलेगा रोज़गार: वित्त मंत्री

    निर्मला सीतारमण

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मछुआरों और पशुपालकों के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान किया है.

    फ़ंड का ऐलान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किया गया है. मत्स्य व्यवसाय के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए नौ हज़ार करोड़ रुपये की घोषणा की गई है.

    नेशनल एनिमल डिज़ीज़ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत 13,343 करोड़ रुपये की धनराशि का ऐलान किया गया है.

    इसके तहत सभी गायों, भेड़ों और बकरियों का 100 फ़ीसदी टीकाकरण भी कराया जाएगा.

    पशुपालन व्यवसाय के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए 15 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. एनिमल हसबैंड्री इंफ़्रास्ट्रचक्टर डेवलपमेंट फ़ंड के ज़रिए पैकेज का ऐलान हुआ है.

  4. हर्बल उत्पादों को दुनियाभर तक पहुंचाने का वादा

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  5. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अहम घोषणाएं

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  6. कृषि के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए एक लाख करोड़ रुपये का ऐलान

    निर्मला सीतारमण

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान अधिकतम समर्थन मूल्य पर 74 हज़ार करोड़ रुपये की खरीदारी की.

    उन्होंने कहा कि कृषि के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान किया गया है. इससे भंडारण की क्षमता, मूल्य संवर्धन, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने में तत्काल मदद मिलेगी.

    वित्त मंत्री ने कहा कि इसका फ़ायदा कृषि उद्यमियों, खेती से जुड़े स्टार्ट अप्स और सहकारी संगठनों को मिलेगा.

    माइक्रो फ़ूड एंटरप्राइज़ (MFEs) बनाने के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये की घोषणा की गई है. दो लाख माइक्रो फ़ूड एंटरप्राइज़ को इसका लाभ मिलेगा.

    साथ ही मछुआरों और पशुपालकों के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान.

  7. प्रवासी मज़दूरों की ऐसी हालत के लिए ज़िम्मेदार कौन?

    बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें भूखे-प्यासे अपने घरों की ओर बढ़ रहे प्रवासी मज़दूरों का दुख सामने आया था.

    बीबीसी हिंदी ने फ़ेसबुक पन्ने पर लोगों से पूछा कि ऐसे हालात के लिए कौन ज़िम्मेदार है? हज़ारों की संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं.

    इंद्रमणि सिंह का कहना है, "ये सब इसलिए हुआ क्योंकि लॉकडाउन की कोई योजना तैयार नहीं की गई थी, फ़ैसला लेने वालों में बहुत कन्फ्यूज़न था. सरकार के पास संसाधन भी है और पैसा भी, लेकिन ग़रीबों के दर्द की किसी को फ़िक्र नहीं है."

  8. आर्थिक पैकेज पर वित्त मंत्री की लगातार तीसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस

    निर्मला सीतारमण

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    ‘आत्मनिर्भर भारत’ आर्थिक पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की है.

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपनी तीसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत दी जाने वाली तीसरी किस्त का ऐलान किया.

    तीसरी किस्त में खेती, दुग्ध व्यवसाय, पशुपालन, मछली पालन और फ़ूड प्रोसिंग जैसे व्यवसायों को प्रमुखता दी गई है.

    वित्त मंत्री ने 11 अलग-अलग चरणों में कृषि और कृषि व्यवसाय से जुड़े क्षेत्रों को दी जाने वाली राहत राशि का ऐलान किया.

  9. उत्तर कोरिया ने पार्क में घूमते, ख़रीदारी करते लोगों का वीडियो किया जारी

    महिला

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    बीबीसी मॉनिटरिंग

    बीबीसी न्यूज़

    उत्तर कोरिया ने राजधानी प्योंगयांग में खुले में समय बिता रहे लोगों के फ़ुटेज जारी किए हैं.

    ऐसा कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने इसलिए इन तस्वीरों को जारी किया है क्योंकि ऐसी रिपोर्ट सामने आई थीं जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया कोविड-19 से जूझ रहा है.

    सरकारी वेवसाइट डीपीआरके ने शुक्रवार को 13 मई की दो से तीन मिनट लंबी वीडियो क्लिप अपलोड की है. जिसमें लोग डिपार्टमेंटल स्टोर में जा रहे हैं और परिवार-दोस्तों के साथ समय बिता रहे हैं.

    इस वीडियो में कहीं भी कोविड-19 का कहीं कोई ज़िक्र नहीं है लेकिन इसमें दुकान पर एक कर्मचारी कहता दिख रहा है कि यहां पर मांग के हिसाब से पूरा सामान है और एक सामान ख़रीदने वाली महिला कहती है कि वो सप्ताह में कम से कम तीन बार सामान ख़रीदने आती है.

    हालांकि, उत्तर कोरिया ने अपने यहां कोरोना वायरस के मामलों को ख़ारिज किया है. ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि उत्तर कोरिया में सामान की सप्लाई कम है और वहां पर लोग दहशत में ख़रीदारी कर रहे हैं.

  10. कोरोना वायरस के अलावा 'दुनिया के ग़ुस्से' से कैसे निपट रहा है चीन

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    एक समय था जब चीन की विदेश नीति बेहद सोची-समझी और रहस्यपूर्ण हुआ करती थी.

    अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंगर ने कूटनीति पर अपने एक मौलिक अध्ययन में लिखा है, "बीजिंग की कूटनीति इतनी सूक्ष्म और अप्रत्यक्ष थी कि वॉशिंगटन में यह अधिकांशत: हमारे पल्ले नहीं पड़ती थी."

    पश्चिमी दुनिया की अधिकांश सरकारें अपने यहां चीनी भाषा के ऐसे जानकार को नियुक्त करती हैं जिनका काम होता है चीनी पोलित ब्यूरो की बैठकों के संकेतों को समझना.

    पूर्ववर्ती नेता डेंग शिआयोपिंग के समय चीन की घोषित नीति "अपनी क्षमता छिपाने और अपनी बारी का इंतज़ार करने की" होती थी लेकिन अब इसमें बदलाव आ चुका है.

    चीन ने अब दुनिया भर के देशों में कहीं ज़्यादा मुखर राजनयिकों को तैनात किया है जो सोशल मीडिया पर बेबाकी से अपनी बात रखते हैं. उनकी बेबाकी कई बार अचरज भी डालने वाली होती है.

  11. कोरोना के दौर में किसने की ताबड़तोड़ कमाई, किसे हुआ नुक़सान?

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    कोरोना वायरस महामारी की वजह से पूरी दुनिया में उद्योग-धंधे चौपट हो चुके हैं.

    टेक्नॉलजी कंपनियों की भी स्थिति कोई बेहतर नहीं है लेकिन कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो लॉकडाउन के दौरान भी मुनाफ़ा कमाने में कामयाब रही हैं.

    जिनमें सबसे पहला नाम सॉफ़्टवेयर कंपनियों का आता है.

  12. दिल्ली में बीते 24 घंटों में कोई मौत नहीं

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    दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि बीते 24 घंटों में देश की राजधानी में कोविड-19 से कोई भी मौत नहीं हुई है और 425 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं.

    इसके साथ ही दिल्ली में कुल संक्रमित मरीज़ों की संख्या 8895 हो गई है जिसमें से 3518 लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं.

    दिल्ली में 123 लोगों की मौत हुई है.

  13. मनरेगा मज़दूरों पर सरकार के दावों की हक़ीक़त

    Nirmala

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    "50 दिन से काम नहीं मिला है. ना पति को ना मुझको. पहले मनरेगा में काम नहीं मिलता था तो पति शहर चले जाते थे. वहां कोई ना कोई काम मिल ही जाता था. लेकिन जब से ये बीमारी आया है ना.... सब बंद है दीदी."

    झारखंड के दुमका के एक छोटे से गाँव में रहने वाली शुभारानी टूडु, फ़ोन पर बात करते हुए ना तो 'कोरोना वायरस' बीमारी का नाम सही से बोल पा रही है, ना ही 'लॉकडाउन' का.

    लेकिन इन दोनों शब्दों की अहमियत उनकी ज़िंदगी में किसी और के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा है.

    जहां रोज़ कमा कर खाना ही जीवन की नियति हो, अगर वहाँ 50 दिन से काम ही ना मिला हो, तो पाँच आदमी का परिवार क्या खाए और क्या रोए.

  14. कोविड-19 पर चर्चा कर रहे हैं दक्षिण कोरिया, चीन और जापान

    चीन

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    दक्षिण कोरिया, चीन और जापान के स्वास्थ्य मंत्री शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस महामारी से निपटने के संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करेंगे.

    दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने बताया कि इस मीटिंग में कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैश्विक अभियान में साथ काम करने के तरीक़ों पर चर्चा की जाएगी.

    एशिया के इन प्रमुख देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की यह बैठक अपने आप में काफ़ी अहम है.

    कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया भर में फैल चुका है और उसके बाद यह पहला मौक़ा है जब शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी आपस में इस तरह चर्चा कर रहे हैं.

    दक्षिण कोरिया के उप-स्वास्थ्य मंत्री किम गैंग-लिप ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई कोविड-19 महामारी के संदर्भ में कहा, “मंत्रियों के बीच कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा होगी और वे अपने-अपने देशों की पॉलिसी भी साझा करेंगे.”

    उन्होंने कहा, “हम सूचना साझा करने को लेकर अपने-अपने कामों को शेयर करेंगे. स्पेशल एंट्री का तरीक़ा और बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की बातों पर भी चर्चा होगी.”

    तीनों देश फ़िलहाल इस बात से संतुष्ट हैं कि उन्होंने अपने यहाँ काफ़ी हद तक इस महामारी को कंट्रोल करने में सफलता हासिल की है.

    चीन अब हूबे प्रांत में स्थित वुहान शहर के सभी 1.1 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट करने की प्लानिंग कर रहा है. जबकि जापान ने अपने यहाँ अधिकांश जगहों से इमरजेंसी हटा दी है, हालांकि जापान के लगभग सभी बड़े शहरों में कुछ प्रतिबंध अभी भी जारी हैं.

    दक्षिण कोरिया में चीन के बाद सबसे पहले कोरोना संक्रमण के मामले देखने को मिले थे. लेकिन व्यापक टेस्टिंग की मदद से दक्षिण कोरिया ने अपने यहाँ इस महामारी पर काफ़ी कंट्रोल किया है. लेकिन पिछले हफ़्ते राजधानी सोल के एक नाइलक्लब से जुड़े संक्रमण के कुछ नए मामले सामने आने के बाद चिंताएं थोड़ी बढ़ी हैं.

  15. विश्व बैंक ने भारत के लिए की एक अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा

    कोरोना वायरस महामारी के बीच विश्व बैंक ने भारत के लिए सामाजिक सुरक्षा पैकेज की घोषणा की है.

    सरकार के कार्यक्रमों के लिए विश्व बैंक ने एक अरब डॉलर का पैकेज देने की घोषणा की है.

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  16. जानिए किस राज्य में क्या है कोविड-19 की वर्तमान स्थिति

    ये आंकड़े शुक्रवार, 15 मई सुबह 8 बजे तक के हैं. (स्रोत: पीआईबी)

    भारत सरकार

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  17. बीबीसी के वायरल वीडियो वाले परिवार को मिली थोड़ी राहत

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  18. कल से शुरू होगा 'वंदे भारत मिशन' का दूसरा चरण

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    भारत की सरकारी विमान कंपनी एयर इडिंया कल से विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के दूसरे चरण की शुरुआत कर रही है.

    कंपनी के अनुसार दूसरे चरण में 31 देशों में 140 से ज़्यादा फ़्लाइटें भेजकर क़रीब तीस हज़ार भारतीयों को वापस लाना है.

    इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि पहले चरण में क़रीब दर्जन भर देशों में फंसे आठ हज़ार से ज़्यादा भारतीयों को वापस लाया जा चुका है.

    भारत सरकार ने इसे ‘वंदे भारत मिशन’ नाम दिया है. इसके तहत भारत सरकार विभिन्न देशों में एयर इंडिया की फ़्लाइटें भेज रही है जिनके टिकटों का पैसा यात्रियों से लिया जा रहा है.

    एयर इंडिया के अनुसार दूसरे चरण में अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और फ़्रांस के लिए भी फ़्लाइटें भेजी जाएंगी.

    कोरोना महमारी के भय से विदेशों में फंसे भारतीयों को बहुत ही व्यवस्थित तरीक़े से वापस लाया जा रहा है.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, मक्का में सबसे ज़्यादा संक्रमित

    मक्का

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    सऊदी अरब में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 46,869 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 77 फ़ीसदी संक्रमित लोग मक्का, रियाद, जेद्दा, मदीना और दम्माम में हैं. इन चार शहरों में भी सबसे ज़्यादा मामले मक्का में हैं.

    मक्का: कुल संक्रमित 9,900

    रियाद: कुल संक्रमित 8,430

    जेद्दा: कुल संक्रमित 8,034

    मदीना: कुल संक्रमित 6,768

    गुरुवार को सऊदी अरब में कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,039 नए मामले सामने आए.

    यह एक दिन की अब तक की यह सबसे बड़ी तादाद है. अल-अरबिया के अनुसार सऊदी में बच्चों में 125 फ़ीसदी संक्रमण बढ़ा है और 100 फ़ीसदी महिलाओं में बढ़ा है. सऊदी अरब ने हाल ही में पाँच से ज़्यादा लोगों के साथ होने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

    इस बार की हज यात्रा भी अधर में लटक गई है. सिंगापुर ने अपने यहां से हाजियों का ट्रिप रद्द कर दिया है.

    कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए संकट से कच्चे तेल की क़ीमत में जबर्दस्त गिरावट आई है. इसने तेल के ऊपर निर्भर रहने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर डाला है.

    कभी टैक्स फ़्री होने के लिए मशहूर सऊदी अरब ने अपने यहाँ वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) पाँच फ़ीसदी से बढ़ाकर 15 फ़ीसदी तक कर दिया है. हर महीने कर्मचारियों को दिया जाने वाला भत्ता भी ख़त्म कर दिया है.

    वैश्विक स्तर पर तेल की क़ीमत एक साल पहले के मुक़ाबले में आधी से भी कम हो गई है. इससे सऊदी अरब के राजस्व में 22 फ़ीसदी की कमी हुई है. इसके बाद सऊदी अरब ने अपने सारे अहम प्रोजेक्ट्स पर फ़िलहाल रोक लगा दी है.

    कोरोना

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    सिंगापुर ने कहा- 'हाजियों के लिए जोख़िम भरा हो सकता है कोविड-19'

    सिंगापुर की इस्लामिक रिलीजियस काउंसिल ने क़रीब 900 मुस्लिम तीर्थयात्रियों की हज यात्रा को 2021 तक स्थगित कर दिया है. ये लोग हज के लिए सऊदी अरब की यात्रा पर जाने वाले थे.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार सऊदी अरब ने भी इस साल की हज यात्रा पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की हैजो हर वर्ष जुलाई के अंत में शुरू होती है.

    सिंगापुर की काउंसिल ने कहा है कि जाने के लिए पंजीकृत 80 प्रतिशत से अधिक लोग 50 वर्ष की आयु से ऊपर थे जिनके लिए कोविड-19 वाक़ई जोखिम भरा हो सकता है.

    हर साल लाखों मुसलमान पवित्र शहर मक्का की यात्रा करते हैं.

  20. रूस ने उत्तर कोरिया को भेजा 25,000 टन गेहूँ

    पुतिन और किम जोंग-उन

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    रूस ने मानवीय सहायता के तौर पर उत्तर कोरिया को 25,000 टन गेहूँ भेजा है. प्योंगयांग में स्थित रूस के दूतावास ने एक फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिये इसकी जानकारी दी है.

    इस फ़ेसबुक पोस्ट में रूसी दूतावास ने लिखा है कि जहाज के चालक दल को क्वारंटीन में रखा गया है और बंदरगाह के एक अलग क्षेत्र में सारा माल उतारा जा चुका है.

    संयुक्त राष्ट्र की अप्रैल में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि क़रीब एक करोड़ उत्तर कोरियाई लोग भोजन की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं.

    यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया में खाद्य आपूर्ति कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हुई है या वजह कुछ और है.

    हालांकि उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उनके यहाँ कोविड-19 का एक भी केस नहीं हैं.