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कोरोना अपडेट: डॉक्टरों ने मुझे कई लीटर ऑक्सीजन दिए थे- बोरिस जॉनसन

कोरोना से ठीक होकर अस्पताल से निकलने के बाद ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक इंटरव्यू में कई अहम बातें सार्वजनिक की.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना वायरस के बाद लॉकडाउन के कैसे भारत में रोज़गार के सारे अवसर ख़त्म हो रहे हैं, देखिए वीडियो रिपोर्ट-

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक 1218 मौतें

    पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,293 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 37,336 हो गई है.

    इनमें से अब तक 9950 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं तो वहीं 26167 लोगों का इलाज चल रहा है. भारत में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों संख्या 1218 हो गई है.

  3. अफ्रीकी देशों में क्या हालात हैं?

    • कीनिया के ज़्यादातर स्वास्थ्यकर्मी इस्तेमाल किए गए पीपीई को दोबारा इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं. एक मानवाधिकार समूह के अध्ययन में यह बात सामने आई है. ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (नेशनल हेल्थ सर्विस) को फूल भेजने की वजह से कीनिया के राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा की आलोचना हो रही है. कीनिया के कुछ लोग सरकार की ‘ग़लत प्राथमिकता’ देने की बात कह कर आलोचना कर रहे हैं. लेकिन राष्ट्रपति ने कहा है कि यह एक रणनीतिक क़दम है क्योंकि कीनियाई फूलों के लिए ब्रिटेन एक बड़ा बाज़ार है.
    • तंजानिया के मुख्य विपक्षी दल चादेमा ने अपने सांसदों को 14 दिनों के लिए सेल्फ आइसोलेशन और संसद की इमारत से दूर रहने को कहा है. पिछले एक पखवाड़े में तीन सांसदों की मौत हो गई हालांकि उनकी मौत का कोरोना वायरस से कोई संबंध नहीं है.
    • दक्षिण अफ्रीका ने लॉकडाउन की पाबंदियों में छूट दी है और लोगों को कसरत करने के लिए घर से निकलने की इजाज़त दे दी है.
  4. ब्रेकिंग न्यूज़, रेमडेसिवियर भारत में असर दिखाएगी?

    रेमडेसिवियर कोरोना के ख़िलाफ़ पहली कामयाब दवा मानी जा रही है. अमरीका में 1063 लोगों के ऊपर इसे इस्तेमाल करने के बाद वायरस के प्रभाव को रोकने में असरदार पाया गया है. अमरीकी नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्सियस डिजीज (NIAID) के डायरेक्टर एंथोनी फाउची ने कहा है, “आँकड़ों के मुताबिक़ रेमडेसिवियर का साफ़ तौर पर मरीज़ों के ऊपर सकारात्मक असर दिख रहा है.”

    उन्होंने इसकी तुलना 1980 के दशक में एचआईवी के ख़िलाफ़ रेट्रोवायरल की कामयाबी से की. अमरीकी फ़ूड एंड ड्रग एडिमिनिस्ट्रेशन ने इसकी इमर्जेंसी की हालत में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. इस दवा को अमरीकी दवा कंपनी गिलिएड ने बनाया है. इबोला के इलाज के लिए यह दवा बनाई गई थी. चीन में रेमडेसिवियर ट्रायल के दौरान फेल हो गई थी.

    ऐसा लगता है कि दुनिया को आख़िर कोविड-19 की इलाज की दवा मिल गई है लेकिन अब भी यह जन सामान्य के लेने के लिए नहीं है. यह दवा अस्पताल में भर्ती मरीज़ को ही दी जा सकती है.

    अगर अमरीका में इस दवाई को देने की अनुमति दे दी गई है तो क्या भारत भी कोरोना के मरीज़ों में इसके इस्तेमाल पर विचार करेगा?

    जाने-माने वैज्ञानिक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के पूर्व महानिदेशक डॉ निर्मल गांगुली ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा है, ''रेमडेसिवियर के शुरुआती ट्रायल में दिखा है कि यह दवाई कोरोनो संक्रमितों की रिकवरी अवधि 15 दिनों से 11 दिन कर दे रही है. जैसा कि एन्फ्लुएंजा की दवाई में होता है. ज़ाहिर है कि बहुत असरदार नहीं है लेकिन रिकवरी में मदद मिल रही है. NIAID के ट्रायल में रेमडेसिवियर मरीज़ों को पांच और दस दिनों तक दी गई. जिन्हें यह दवाई दी गई उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट की ज़रूरत नहीं पड़ी. पहला डोज 200 एमजी और फिर एक दिन में 100 एमजी दी गई. यह मरीज़ों में नस के ज़रिए दी गई. मरीज़ों के एक समूह को पाँच दिनों के लिए दी गई और दूसरे समूह को 10 दिनों के लिए. जिन मरीज़ों के रेमडेसिवियर दी गई उनमें से बड़ी संख्या में लोगों को वेंटिलेटर सपोर्ट की ज़रूरत नहीं पड़ी. स्पष्ट है कि अस्पताल में मरीज़ों को कम दिन रहना पड़ेगा. जिन्हें यह दवाई दी जाएगी वो 10 से 14 दिनों में डिस्चार्ज हो जाएंगे.''

    गांगुली कहते हैं कि गिलिएड साइंस की योजना है कि वो इसका ट्रायल दुनिया के कई देशों में बढ़ाए. गांगुली कहते हैं, ''भारत को भी इस पर विचार करना चाहिए. भारत ने पहले लाखों लोगों की जान न केवल अपनी आबादी बल्कि दूसरे देशों में भी सस्ती और प्रभावी एंटी-रेट्रोवायरल दवाई देकर बचाई है.''

  5. लॉकडाउन में टापू पर फंसा एक कपल कैसे गुज़ार रहा ज़िंदगी? देखिए वीडियो रिपोर्ट

  6. मेक्सिको में 113 लोगों की मौत

    मेक्सिको के स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को बताया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के 1515 नए मामले सामने आए हैं और 113 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही यहाँ संक्रमित होने वालों की संख्या 20,739 हो चुकी है तो वहीं मरने वालों की संख्या 1,972 तक पहुँच गई है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, चीन में लोकल ट्रांसमिशन का एक भी मामला नहीं

    चीन के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक़ वहाँ एक मई को कोरोना वायरस से संक्रमण का महज़ एक नया मामला सामने आया है. एक दिन पहले यानी 30 अप्रैल को 12 नए मामले सामने आए थे. उसकी तुलना में यह काफ़ी कम है. यह मामला विदेश से आए व्यक्ति का है. 30 अप्रैल को विदेश से आए लोगों में संक्रमण के छह नए मामले सामने आए थे.

    चीन में लोकल ट्रांसमिशन का कोई मामला नहीं आया है. इसके एक दिन पहले छह नए मामले सामने आए थे. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक मई को 20 नए ऐसे मामलों की बात कही है जिसमें मरीज़ बिना लक्षण वाले हैं. इससे एक दिन पहले ऐसे मामले 25 थे. चीन में अब तक संक्रमण के कुल मामले 82,875 तक पहुँच गए हैं. शुक्रवार को किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है. मरने वालों की संख्या अभी भी 4,633 ही है.

  8. चीन को लेकर अमरीका की रणनीति के पीछे क्या है?

    बार्बरा प्लेत अशर

    बीबीसी संवाददाता

    अमरीका और चीन के बीच तनाव लंबे समय से है लेकिन कोरोना वायरस की महामारी और अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के कारण प्रतिद्वंद्विता और बढ़ गई है. इस हफ़्ते अमरीका की तरफ़ से चीन पर ख़ूब तीखे हमले हुए. आख़िर अमरीका की रणनीति क्या है? इसी हफ़्ते ट्रंप अमरीका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में चीन को ले आए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से उन्होंने कहा कि चीन उन्हें फिर राष्ट्रपति नहीं चुने जाने के लिए जो भी कर सकता है वो करेगा.

    ट्रंप कोरोना वायरस की महामारी के बीच अपने चुनावी कैंपेन को चीन की तरफ़ मोड़ना चाहते हैं. संदेश साफ़ है कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच स्थिति और बिगड़ेगी. कोरोना वायरस की महामारी में अमरीका बुरी तरह से चपेट में है. 62 हज़ार से ज़्यादा अमरीकी नागरिकों की जान जा चुकी है.

    ट्रंप की नीतियों की आलोचना हो रही है और उनका चुनावी कैंपेन भी कमज़ोर पड़ता दिख रहा है. चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस के संक्रमण के अमरीका में कहर बनकर टूटने के बीच ट्रंप ने जो कुछ भी किया उसे नाकाफ़ी बताया जा रहा है. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ट्रंप को इस मुद्दे पर घेर रहे हैं.

    ट्रंप का चुनावी कैंपेन अपने प्रतिद्ंवद्वी जो बाइडन को विज्ञापनों में चीन का चहेता बताने की कोशिश कर रहा है. बाइडन को 'बीजिंग बाइडन' तक कहा जा रहा है. बाइडन ट्रंप को घेरते हुए कह रहे हैं कि कोरोना वायरस की महमारी में अपनी नाकामी छुपाने के लिए ट्रंप ऐसा कर रहे हैं.

    बाइडन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने चीन पर आंख मूंदकर भरोसा किया और कोरोना से जुड़ी जो सूचना चीन ने दी उसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने कुछ जानने की कोशिश नहीं की. अमरीका में चीन विरोधी भावना अभी पर्याप्त है और दोनों पार्टियां इसे भुनाने की कोशिश कर रही हैं. ट्रंप के ट्रेड वॉर शुरू करने के बाद से अमरीका में चीन की नकारात्मक छवि और बढ़ी है.

  9. अब तक जो कुछ हुआ

    दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले 33 लाख से ज़्यादा हुए

    जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़ दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या 33,34,416 हो चुकी है. इनमें से कम से कम अब तक 2,37,943 लोगों की जान जा चुकी है. आधिकारिक और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित आँकड़ों के मुताबिक़ बहुत संभव है कि संक्रमण के मामले वास्तविक मामलों से कम हों. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कई संदिग्धों के टेस्टिंग के नतीजे आने वाले होंगे.

    ट्रंप ने अब अमरीका में एक लाख से कम मौतें होने की उम्मीद जताई

    राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के एक आयोजन के दौरान उम्मीद जताई है कि अमरीका में कोरोना वायरस के संक्रमण से एक लाख से कम मौतें हो सकती हैं. उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि एक लाख से कम जानें जाएँगी. हालांकि यह भयावह है.”इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर अमरीका में एक से दो लाख के बीच लोगों की जान जाती है तो समझिए हमने इस पर नियंत्रण पाने की दिशा में अच्छा काम किया है. अमरीकी सेंटर्स फॉर डीजिज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के हालिया आँकड़ों के मुताबिक़ अमरीका में 62,406 लोगों की जान अब तक जा चुकी है.

    अमरीका ने गंभीर मामलों में रेमडेसिवियर देने की अनुमति दी

    कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित मरीज़ों को इमर्जेंसी की हालत में रेमडेसिवियर देने की इजाज़त दे दी गई है. एफ़डीए कमिशनर स्टीफ़न हान ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में भर्ती मरीज़ों को इमर्जेंसी की हालत में यह दवा दी जा सकती है. ट्रंप का कहना है कि इस अनुमति से पता चलता है कि “हालात उम्मीद से भरे हुए हैं.”

    कोविड-19 को लेकर अमरीका और चीन के ट्रेड वॉर के ख़तरे के बीच बाज़ार का हाल खस्ता

    अमरीका-चीन ट्रेड वॉर फिर से शुरू करने की ट्रंप की धमकी का वैश्विक वित्तीय बाज़ार पर बुरा असर पड़ा है. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ते तनाव के बीच शेयर के दाम नीचे चले गए हैं.

    आयरलैंड में पाबंदियां की जारी रहेंगी

    आयरलैंड में आवाजाही को लेकर पाबंदियां अगले कई हफ़्तों तक जारी रहेंगी. हालांकि 70 से अधिक आयु के लोगों को अब कसरत करने के लिए बाहर जाने की इजाज़त दे दी गई है. आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर का कहना है कि ज़्यादातर पाबंदियां 18 मई तक रहेंगी ताकि “वायरस संक्रमण को कमज़ोर किया जा सके और आगे यह लौटकर न आ पाए.”

    ब्रिटेन में मरने वालों की संख्या 27,510 हुई

    ब्रिटेन में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से 739 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही देश में मरने वालों की कुल संख्या 27,510 तक पहुँच चुकी है. स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक का कहना है 1,77,454 लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं. गुरुवार के बाद से इसमें 6,201 लोगों का इजाफा हो चुका है. इनमें से 15,111 लोग अस्पताल में हैं.

    भारत में लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ी

    देश में लॉकडाउन दो हफ़्तों के लिए और बढ़ा दिया गया है. लेकिन इसके साथ ही उन क्षेत्रों में कुछ रियायत दी गई है जहाँ संक्रमण के कम मामले हैं. गृह मंत्रालय ने कहा है कि “जहाँ संक्रमण के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है और जहाँ कुछ ही मामले हैं या फिर कोई मामला नहीं है, वहाँ कुछ छूट दी जाएंगी.”

    दक्षिण अफ्रीका ने लॉकडाउन की पाबंदियों में छूट देनी शुरू की

    दक्षिण अफ्रीका में कुछ उद्योग-धंधों को पाँच हफ़्ते की पाबंदियों के बाद फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई है. यहाँ की अर्थव्यवस्था जब 27 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ उस वक़्त पहले से ही काफ़ी वृद्धि दर के कम होने और अधिक क़र्ज़ की वजह से बुरी हालत में थी. लॉकडाउन में यह छूट तब दी गई है जब रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने देश की क्रेडिट रेटिंग बुधवार को काफ़ी नीचे गिरा दी थी.

  10. इस लाइव पेज में बीबीसी हिन्दी के सभी पाठकों और दर्शकों का स्वागत है. हम यहां दिन भर कोरोना वायरस की महामारी से जुड़े सभी बड़े और ज़रूरी अपडेट्स से आपको अवगत कराएंगे. पिछले 24 घंटों के अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.