शुक्रवार को केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के 130 ज़िलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है. पहले 170 ज़िलों को रेड ज़ोन में रखा गया था. पहले रेड ज़ोन वो इलाक़े थे जहाँ कोरोना संक्रमण के मामले सबसे अधिक हैं और यहाँ संक्रमित होने की दर भी लगभग दोगुनी थी लेकिन नई सूची में दूसरे तथ्यों को भी ध्यान में रखा गया है.
इसके तहत नए मामलों के साथ टेस्टिंग के स्तर और जनसंख्या घनत्व पर भी विचार किया गया है.
ग्रीन ज़ोन की संख्या में भी कमी आई है. ग्रीन ज़ोन के अंदर जहाँ पहले 353 क्षेत्र थे अब वो घटकर 319 हो गए हैं. हालांकि ग्रीन ज़ोन का निर्धारण का तरीक़ा भी अब बदल गया है.
पहले जहाँ कोरोना संक्रमण के मामले 28 दिनों के दौरान नहीं आए थे उन्हें ग्रीन ज़ोन में रखा गया था. अब ग्रीन ज़ोन में उन क्षेत्रों को रखा गया है जहाँ पिछले तीन हफ्तों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है.
इसी बीच लॉकडाउन भी दो हफ़्ते बढ़ा दिया गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिन 170 ज़िलों को पहले हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया था, उसमें से 92 ज़िलों को हटा दिया है और 52 नए ज़िलों को जोड़ा है. पूरे देश में 733 ज़िले हैं जिसमें से अब 130 रेड ज़ोन में हैं. 2011 के जनगणना के मुताबिक़ अगर आबादी के हिसाब से देखे तो इन 130 ज़िलों में देश की एक तिहाई आबादी रहती है और अगर क्षेत्रफल के हिसाब से देखे तो यह कुल क्षेत्रफल का पांचवा हिस्सा होता है.
इन रेड ज़ोन में क़रीब 40 करोड़ आबादी रहती है. रेड ज़ोन के रूप में चिह्नित ये ज़िले 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के अंतर्गत आते हैं. लगभग सभी बड़े शहर रेड ज़ोन में हैं फिर चाहे वो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु हो या अहमदाबाद. रेड ज़ोन और ग्रीन ज़ोन के अलावा 207 ज़िले ऐसे हैं जो ऑरेंज ज़ोन में आते हैं.
रेड ज़ोन वाले ज़िलों में जहाँ कुल 40 प्रतिशत की कमी हुई है तो वहीं सात राज्य ऐसे हैं जहां रेड ज़ोन वाले इलाक़ों में इजाफा हुआ है. पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा इजाफा हुआ है. यहाँ रेड ज़ोन की संख्या चार से दस हो गई है. जिन राज्यों में रेड ज़ोन वाले इलाक़े कम हुए हैं उनमें तमिलनाडु सबसे ऊपर है.
यहाँ 22 ज़िलों में से 13 ज़िले अब रेड ज़ोन की सूची से अब बाहर हैं लेकिन तीन नए ज़िले जुड़े भी हैं. फिर भी यह संख्या 12 तक ही पहुँचती है जो पहले की तुलना में बहुत ही कम है. दूसरे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली ही अकेला ऐसा राज्य है जो पूरी तरह से रेड ज़ोन में है.
चंडीगढ़ में लेकिन सिर्फ़ एक ज़िला है.
एनसीआर में फ़रीदाबाद, गौतबुद्ध नगर और मेरठ पूरी तरह से रेड ज़ोन में है जबकि गुरुग्राम और गाज़ियाबाद ऑरेंज ज़ोन में है.
राज्यों के हिसाब से देखें तो सबसे ज़्यादा ज़िले उत्तर प्रदेश के रेड ज़ोन में हैं. यहाँ के 75 में से 19 ज़िले रेड ज़ोन में हैं. सबसे ज़्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में भी 36 में से 14 ज़िले ही रेड ज़ोन में हैं तो वहीं तमिलनाडु में 37 में से 12 ज़िले रेड ज़ोन में हैं.