कोरोना: अमरीका में संक्रमण मामलों की संख्या 10 लाख से ज़्यादा हुई
अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण मामलों और इससे हुई मौतों की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है.
लाइव कवरेज
फ्रांस में लॉकडाउन से बाहर आने के प्लान पर बहस
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फ्रांस के प्रधानमंत्री 11 मई से लॉकडाउन में छूट देने की योजना पेश करेंगे. इस पर बहस और वोटिंग के बाद फैसला होगा. लॉकडाउन में बच्चों को भी घर से बाहर निकलने की छूट दिए जाने को लेकर विवाद हो रहा है.
जर्मनी में कोरोना वायरस का रीप्रोडक्शन रेट एक बार फिर 1.0 पहुंच गया है. यानी हर संक्रमित व्यक्ति किसी और को संक्रमित कर रहा है. चांसलर एंगेला मर्केल ने राज्यों को प्रतिबंधों में छूट न देने के लिए चेताया है क्योंकि संक्रमण के मामलों और मरने वालों की संख्या दोनों बढ़ रही है.
स्पेन और ग्रीस दोनों मंगलवार को लॉकडाउन में छूट देने को लेकर घोषणा कर सकते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, दो राज्यों की बॉर्डर पर लोगों को रोकने के लिए दीवार
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कोरोना संक्रमण के प्रसार पर अंकुश
लगाने के लिए तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश से लगी सीमा पर दीवार बनवा लिया है.
तमिलनाडु के वेल्लोर और आंध्र
प्रदेश के चित्तूर ज़िले के बीच पांच फ़ीट लंबी इस दीवार को गाड़ियों के आने जाने
पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है.
वेल्लोर ज़िले के एक अधिकारी ने
बताया कि इसके ज़रिए प्रवासी मजदूरों के आने जाने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी क्योंकि ये लोग मान्य पास के ज़रिए इधर से
उधर आ जा रहे हैं.
अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई
से कहा है, “मेन बॉर्डर वाली सड़क पर तो ऐसे लोगों को रोकना आसान है
लेकिन बिना नोटिस वाली रिमोट जगहों से लोग इधर से उधर जा रहे हैं.”
हालांकि
स्थानीय मीडिया से कुछ अधिकारियों ने बताया है कि दोनों राज्यों के बीच गाड़ियों
के आने जाने पर रोक के लिए यह अस्थायी प्रावधान किया गया है.
ग़रीबों पर कोरोना की दोहरी मार
ब्रेकिंग न्यूज़, नीति आयोग की बिल्डिंग सील
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नीति आयोग की इमारत को सील कर दिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक निदेशक स्तर के कर्मचारी को कोरोना संक्रमित होने के बाद इमारत को 48 घंटे के लिए सील किया गया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने ऑर्डर रद्द किया
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भारत ने चीन से पांच लाख रैपिड टेस्टिंग किट मंगाने का ऑर्डर
रद्द कर दिया है. ये टेस्टिंग किट प्रयोग में सही साबित नहीं हो रहे थे.
केंद्र सरकार ने राज्यों में भेजे गए टेस्टिंग किट वापस
मंगा लिए हैं. इन किट्स से संक्रमित लोगों के रक्त में एंटीबॉडीज़ का पता लगाया
जाता है.
रैपिड टेस्टिंग किट से परिणाम हासिल करने में 30 मिनट का
वक्त लगता है. इससे अधिकारियों को किसी ख़ास इलाके में संक्रमण के प्रसार का
अंदाज़ा हो जाता है.
हालांकि रैपिड टेस्टिंग किट से कोरोनावायरस का टेस्ट नहीं
हो सकता है और ऐसे में कई वैज्ञानिकों ने इसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं.
दूसरी ओर चीन ने भारत के दावों को ख़ारिज किया है. चीनी
दूतावास के प्रवक्ता जे रोंग ने मंगलवार को अपने बयान में कहा है, “चीन से निर्यात किए जाने वाले चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी
जाती है. कुछ व्यक्तियों द्वारा चीनी उत्पादों को दोषपूर्ण बताना अनुचित और पूर्वाग्रह
से देखने का गैर ज़िम्मेदाराना नजरिया है.”
भारत के कुछ राज्यों ने रैपिड
टेस्टिंग किट के इस्तेमाल के बाद ही शिकायत शुरू कर दी थी कि इसके परिणामों की
विश्वसनीयता महज पांच प्रतिशतक है. राज्यों के मुताबिक इन किट्स से पहले से ही
मालूम कोरोना संक्रमित लोगों के टेस्ट किए गए और उनके नतीजे भी निगेटिव निकले.
इसके बाद इंडियन काउंसिल ऑफ़
मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की क्वालिटी चेक में टेस्ट किट्स फेल हो गईं. सोमवार को
दिल्ली हाइकोर्ट ने यह भी कहा कि भारत टेस्टिंग किट के लिए कहीं ज़्यादा पैसों का
भुगतान कर रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, इंडोनेशिया में कोरोना से कितनी मौतें?
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कई विकासशील देशों में कोरोना से मरने वालों की संख्या आधिकारिक संख्या से ज़्यादा हो सकती है.
समाचार एजेंसी रायटर्स के रिसर्च के मुताबिक इंडोनेशिया में कोरोना के लक्षण वाले 2,200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें मृतकों में शामिल नहीं किया गया है.
आधिकारिक तौर पर इंडोनेशिया में कोरोना के दस हज़ार से ज़्यादा मरीज़ हैं और 765 लोगों की मौत हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, सिंगापुर में दूसरे चरण का संक्रमण
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सिंगापुर में कोविड-19 के दूसरे चरण का संक्रमण शुरू हो चुका है. अब तक
संक्रमण के कुल 14,000 मामले सामने आ चुके हैं. लेकिन अब सवाल
यह उठ रहा है कि क्या सरकार पर्याप्त टेस्टिंग कर रही है.
सिंगापुर में संक्रमण के ज्यादातर मामले प्रवासी मजदूरों से जुड़े हुए है. ये
मजदूर काफी संख्या में तंग डॉरमेट्री में रहते हैं. अब तक 12 डॉरमेट्री को
आइसोलेशन में रखा जा चुका है और इसके अंदर हज़ारों मजदूर क्वारंटीन में रह रहे है.
प्रवासी मजदूरों के संगठन ट्रांजिएंट वर्कर्स काउंट टू के एलेक्स वू ने बीबीसी
को बताया है कि पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग नहीं किए जा रहे थे और यह ‘स्पष्ट नहीं’ था कि किसका टेस्ट कराया जाएगा और किसका टेस्ट नहीं कराया जाएगा.
उन्होंने कहा,"हमारे पास ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि जिन मजदूरों को बुखार है, उन्हें डॉक्टर घंटों या फिर दिन-दिनभर नहीं देख रहे हैं.
उन्हें सिर्फ़ पारासीटामोल लेने को कहा जा रहा है और मॉनिटर करने को कह कर छोड़ दे
रहे हैं. इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किसका टेस्ट किया जा रहा है और
किसका नहीं."
उन्होंने कहा,"मुझे इससे इस बात का अंदेशा लग रहा है कि हमारे टेस्टिंग क्षमता के ऊपर काफी
दबाव है. इसलिए वो अपने हिसाब से टेस्टिंग के लिए लोगों को चुन रहे हैं. मैं
निश्चित तौर पर तो नहीं कह सकता लेकिन मुझे आशंका है कि हमारी स्वास्थ्य सेवा संकट
के कगार पर खड़ी है."
सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री जान किम योंग ने कहा है कि टेस्टिंग की दर कभी
कम नहीं हुआ था. हर रोज 3000 मजदूरों की टेस्टिंग की जा रही थी. 21000 मजदूरों और
डॉरमेट्री में रहने वाले हर 15 में से एक की टेस्टिंग पहले ही हो चुकी है.
वो कहते हैं,"अमरीका, ब्रिटेन हांगकांग और कोरिया जैसे दूसरे देशों
की तुलना में यह टेस्टिंग दर काफी अधिक है. कोरिया में हर नब्बे में से एक की
टेस्टिंग हुई है.”
किम जोंग उन की सेहत पर डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'अच्छी तरह पता है'
ब्रेकिंग न्यूज़, न्यूज़ीलैंड में खुले रेस्टोरेंट, रिश्तेदारों से मिल सकते हैं लोग
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न्यूज़ीलैंड ने लॉकडाउन की सख्ती में थोड़ी छूट दी है और हाई अलर्ट के अपने उच्चतम स्तर से एक चरण नीचे आ गया है.
अब न्यूज़ीलैंड में तीसरे लेवल का लॉकडाउन हैं. इसके अंदर लोगों को अभी भी अपने घर के दायरे में ही रहना है लेकिन अब वो अपने क़रीबी रिश्तेदारों से मिल सकते हैं और आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को मदद पहुँचा सकते हैं.
जितना संभव हो उतना लोगों को घर से ही काम करने की कोशिश करनी चाहिए और अगर दुकानदार कॉन्टैक्टलेस सेवाएँ प्रदान कर सकते हैं तभी उन्हें अपनी दुकानें खोलनी चाहिए.
रेस्तरांओं में जहाँ अभी तक सिर्फ़ ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा मौजूद थी अब वहाँ खाना पैक कराकर ले जा सकते हैं.
आप अपने घर के लोगों और करीबी रिश्तेदारों के साथ पार्क और बीच पर जा सकते हैं.
स्कूल खुल सकते हैं लेकिन उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. बड़े पैमाने पर लोगों के इकट्ठा होने और सार्वजनिक जगहों के खुलने पर पाबंदी लगी रहेगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोविड-19 संक्रमण को लेकर भारत का ताज़ा हाल
भारत के
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन को लेकर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों
से बात की है. इस बातचीत में ज़्यादातर राज्यों के मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन को
बढ़ाने के पक्ष में अपनी बात कही है.
उधर चीन से मंगाए
गए रैपिड टेस्टिंग किट को राज्यों से वापस मंगाने का फ़ैसला किया है. इन दोनों
रैपिड टेस्टिंग किट के नतीजे एकसमान नहीं पाए गए हैं.
वहीं भारत के कई
राज्यों ने दूसरी जगहों पर फंसे मजदूरों को वापस बुलाने की कोशिश तेज़ कर दी हैं.
दिल्ली में
संक्रमण के 190 मामले सामने आए हैं, इसके साथ राज्य में दिल्ली में संक्रमण के
मामले तीन हज़ार के पार पहुंच गए हैं.
भारत के 20
राज्यों के 85 जिलों में बीते दो सप्ताह के दौरान संक्रमण का कोई नया मामला सामने
नहीं आया है. सरकार ने यह भी बताया है कि उत्तर पूर्व के आठ राज्यों में पांच में
कोविड-19 संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में अब तक 934 मौत
भारत में कोरोना
संक्रमण से अब तक 934 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 24 घंटे में 62 लोगों की मौत हुई है.
भारत के
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 29,435 लोग संक्रमित हैं.
जबकि अब तक इलाज
के बाद अब तक 6,868 लोग बीमारी से ठीक भी हुए हैं.
भारत में
महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा 8590 लोग संक्रमित हैं, जबकि गुजरात 3,548 संक्रमण के
साथ दूसरे पायदान पर है. जबकि दिल्ली 3108 लोगों के साथ तीसरे पायदान पर है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में 30 लाख से ज़्यादा संक्रमित
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले 30 लाख 40 हज़ार से ज़्यादा हो गए हैं. संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले जिन देशों में हैं-
अमरीका में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या नौ लाख 88 हज़ार से ज़्यादा है. जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के कोविड-19 ट्रैकर के मुताबिक अमरीका में अब तक 56 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
स्पेन में दो लाख 29 हज़ार से ज़्यादा संक्रमित लोग हैं. संक्रमण के लिहाज से स्पेन दूसरे नंबर पर है जबकि यहां अब तक 23, 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
इटली में संक्रमित मरीज़ों की संख्या एक लाख 99 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है. इटली में अब तक 26,977 लोगों की मौत हो चुकी है.
फ्रांस में एक लाख 65 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं. जबकि यहां 23 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
संक्रमण के लिहाज से जर्मनी पांचवें पायदान पर ह, यहां अब तक एक लाख 58 हज़ार से ज़्यादा मरीज़ हैं जबकि मरने वालों की संख्या छह हज़ार के पार पहुंची है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, शंघाई में खुल गए स्कूल लेकिन आशंका कायम
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चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई
में बच्चों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया है.
शंघाई में हाई स्कूल और मिडिल
स्कूल के फाइनल ईयर के बच्चों ने स्कूल जाना शुरू किया है तो वहीं बीजिंग में
बच्चों को यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूल आने की इजाज़त दी
गई है. यह प्रवेश परीक्षा जुलाई में होने वाली है.
चीन के दूसरे हिस्सों में कई
हफ्ते पहले ही स्कूल खुल गए हैं. वुहान जहाँ से कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई है, वहाँ 6 मई से स्कूल खुलने वाले हैं.
चीन की सरकार का कहना है कि उसने
कोरोना के संक्रमण पर बहुत हद तक काबू पा लिया है. चीन में पिछले शुक्रवार से अब
तक सिर्फ़ 26 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही चीन में संक्रमितों
की कुल संख्या 82,830 हो गई है. चीन का कहना है कि
वुहान में अब कोई भी मरीज़ नहीं है और सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
हालांकि अभी भी संक्रमण के
दूसरे दौर के आने की आशंका है और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जा रहा
है. स्कूल जाने वाले बच्चों को मास्क पहनना और दूरी बनाकर बैठना अनिवार्य है.
ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में 30 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित- क्या है अपडेट्स
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हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, दुनियाभर
में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज़ों की संख्या 30
लाख से अधिक हो चुकी
है जबकि 2,10,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
प्रधानमंत्री बोरिस
जॉनसन ने कहा है कि ब्रिटेन इस समय ‘सबसे अधिक जोखिम के समय में’ है.
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में लॉकडाउन के नियम बरक़रार रहेंगे.
न्यूज़ीलैंड में
कोरोना वायरस के लगातार कम आते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री जेसिंडा
अर्डर्न ने कहा है कि वायरस का ‘वर्तमान’
में सफ़ाया कर दिया
गया है.
अमरीका में जॉर्जिया, ओकलाहोमा, अलास्का
और साउथ कैरोलीना की मदद से देश की अर्थव्यवस्थाएं दोबारा खोली गई हैं.
हालांकि, देश में अभी भी संक्रमण के मामले आना जारी
हैं.
जर्मनी में सार्वजनिक
जगहों और अधिकतर क्षेत्रों की दुकानों में कपड़े से बने मास्क पहनना अनिवार्य
कर दिया गया है.
एल सल्वाडोर में 50 से
अधिक लोगों की हत्याओं के बाद राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा है कि कोरोना
वायरस महामारी की आड़ में आपराधिक गैंग ऐसा कर रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, चीन पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
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व्हाइट हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके प्रशासन ने कोरोना वायरस पर चीन की प्रतिक्रिया को लेकर ‘बेहद गंभीर जांच’ शुरू कर दी है.
उन्होंने कहा, “हम चीन से ख़ुश नहीं हैं, हम पूरी परिस्थिति से ख़ुश नहीं हैं क्योंकि हमारा मानना है कि यह वहीं रोका जा सकता था जहां से यह शुरू हुआ.”
ट्रंप ने कहा कि कोरोना वायरस को तुरंत रोका जा सकता था और यह पूरी दुनिया में नहीं फैल पाता.
अमरीकी राष्ट्रपति लगातार कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन पर हमलावर रहे हैं और कहते रहे हैं कि उन्होंने इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए अमरीका की सीमाओं को चीन के लिए बंद कर दिया था.
कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका के पास तैयारियों का वक़्त था लेकिन ट्रंप प्रशासन ने अवसर खो दिया.
ट्रंप का कहना है, “कोई नहीं स्वीकार करेगा कि जो भी कुछ हुआ उसके लिए एक देश को ज़िम्मेदार ठहराया जाए.”
“कोई भी यहां किसी को ज़िम्मेदार नहीं ठहरा रहा है, हम उन लोगों के समूह को देख रहे हैं जो इसको उसके पैदा होने वाली जगह पर ही रोक सकते थे.”
अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीका उन्हें कभी नहीं भूलेगा जिन्होंने ‘अयोग्यता की वजह के कारण बलिदान दिया या अयोग्यता के अलावा किसी और वजह के लिए.’
चीन की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा, “वे सिर्फ़ हमें नहीं बल्कि पूरी दुनिया को बचा सकते थे.”
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या वो नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को स्थगित करने पर विचार कर रहे हैं?
ट्रंप ने कहा, “मैंने चुनाव की तारीख़ बदलने के बार में कभी नहीं सोचा. मैं ऐसा क्यों करूंगा? 3 नवंबर. यह एक अच्छा नंबर है.”
ट्रंप ने कहा कि यह सिर्फ़ एक प्रोपागेंडा है.
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