कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जारी जंग में
जर्मनी को एक उदाहरण के रूप में पेश किया जा रहा है.
जर्मनी की सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था
रॉबर्ट कॉच इंस्टीट्यूट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक़, जर्मनी ने 5500 लोगों की मौत हो चुकी
है.
ये संख्या ब्रिटेन, स्पेन, इटली, फ्रांस और अमरीका से काफ़ी कम है. हालांकि जर्मनी में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 56 हज़ार से ज़्यादा है.
जर्मन विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष
अधिकारी एंड्रेइस मिशेलिस ने कहा है कि ये किस्मत की वजह से हुआ है और हमारी सरकार
के उस फैसले का भी इसमें योगदान है जिसके तहत आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को
ज़रूरत से ज़्यादा रखा गया.
बीबीसी के एंड्र्यू मार के न्यूज़ टॉक शो पर
उन्होंने कहा,“जर्मनी के पास 40 हज़ार आईसीयू बैड थे जिनमें से तीस हज़ार
को वेंटिलेटर्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
उन्होंने कहा,“ये हमारे स्वास्थ्य तंत्र की विरासत है. ये
हमारे स्वास्थ्य तंत्र का एक प्रमुख हिस्सा है. कई विशेषज्ञ इस हमारी आलोचना करते
हैं कि हमारे यहां आवश्यकता से अधिक क्षमता है जिस पर बहुत ज़्यादा पैसा ख़र्च होता
है.”
“मुझे लगता है कि जर्मनी के लिए अब ये कह सकते
हैं कि अतिरिक्त क्षमताएं बरकरार रखने के लिए वे पहले ज़्यादा पैसा ख़र्च करके खुश
हैं.”
जर्मनी अपने सावधानी पूर्वक लॉकडाउन को भी खोल रहा है, पहले
ख़ास उम्र के बच्चों के स्कूल खोले जाएंगे और ज़रूरी सामानों की दुकानों को खोला
जाएगा.