चलती का नाम ज़िंदगी

कोरोना वायरस से दुनिया भर में संक्रमित लोगों की संख्या 25 लाख के पार पहुंच गई है.


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आलोक प्रकाश पुतुल
रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिये
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोरोना वायरस के मद्देनज़र अंतरिम ज़मानत या पैरोल पर छोड़े गये बंदी और क़ैदी अब अगले एक महीने तक रिहाई का लाभ ले पायेंगे. इन बंदियों और क़ैदियों की ज़मानत 30 अप्रैल को समाप्त हो रही थी. यानी 30 अप्रैल तक इन्हें जेल लौटना था.
लेकिन मंगलवार को कोविड-19 से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ज़मानत और पैरोल की मियाद 31 मई तक बढ़ा दी है. हाईकोर्ट में इस बात पर बहस हुई कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई कर दी गई है. ऐसे में 30 अप्रैल तक इन बंदियों और क़ैदियों की जेल वापसी से ज़मानत का उद्देश्य पूरा नहीं होता.
राज्य सरकार की तरफ़ से यह भी तर्क दिया गया कि 30 अप्रैल तक जो क़ैदी और बंदी वापस जेल आयेंगे, उन्हें आइसोलेशन में रहना पड़ेगा क्योंकि ये सभी क़ैदी और बंदी ज़मानत अवधि के दौरान कई लोगों से मिले होंगे. ऐसे में इन्हें सीधे दूसरे बंदियों के साथ रखे जाने की स्थिति में जेल के दूसरे बंदियों में भी संक्रमण का ख़तरा हो सकता है.
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस गौतम भादुड़ी की पीठ ने कहा कि क़ैदियों को अगर फिर से जेल भेजा जाता है तो कई जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके बाद अदालत ने हाईपावर कमेटी को क़ैदियों और बंदियों की ज़मानत की अवधि को 31 मई तक बढ़ाने का आदेश जारी किया.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने एक याचिका की सुनवाई के बाद जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों को लेकर चिंता जताई थी और राज्य सरकारों को आदेश दिया था कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये क़ैदियों और बंदियों को ज़मानत या पैरोल पर छोड़ा जाये.
इस आदेश के बाद राज्य सरकार द्वारा गठित हाईपावर कमेटी ने 1,478 क़ैदियों और बंदियों को अंतरिम ज़मानत और पैरोल पर रिहा किया था.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटि के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 1,71,152 हो गई है जबकि इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 24 लाख 94 हज़ार 915 हो गई है. हालांकि छह लाख से ज़्यादा लोग ठीक भी हो चुके हैं.
दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से शुरू होने वाला वायरस क़रीब 25 लाख लोगों को संक्रमित कर चुका है जिसमें अमरीका सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है. अमरीका में अब तक क़रीब 43 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और सात लाख 87 हज़ार लोग संक्रमित हुए हैं.
दो अप्रैल तक 10 लाख लोग संक्रमित हुए थे, 15 अप्रैल तक 20 लाख और 21 अप्रैल तक 25 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं.
अमरीका के बाद स्पेन में 24 हज़ार, इटली और फ़्रांस में 20-20 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. ब्रिटेन में अब तक 16 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

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शुरैह नियाज़ी
भोपाल से बीबीसी हिंदी के लिये,
मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार को कर दिया गया है.
शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ के पद यह विस्तार 29 दिनों बाद किया गया है.
यह विस्तार कोरोना संकट की वजह से मुमकिन नहीं हो पा रहा था. वहीं शिवराज सिंह चौहान पर कोरोना को प्रदेश में काबू नहीं करने की वजहभी यही मानी जा रही थी कि सरकार के पास कोई भी मंत्री नहीं था और शिवराज सिंह चौहान अकेले ही सारे काम कर रहे थे.
मंगलवार को पांच विधायकों ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. नरोत्तम मिश्रा, गोविंद सिंह राजपूत, मीना सिंह, तुलसीराम सिलावट और कमल पटेल ने शपथ ली. इनमें तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत, सिंधिया ग्रुप से हैं जिन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.
भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण का भी ध्यान में रखा. नरोत्तम मिश्रा ब्राहमण समाज से आते है. मीना सिंह महिला और आदिवासी वर्ग से आती है, कमल पटेल ओबीसी वर्ग से आते है.वही तुलसी सिलावट, अनुसूचित जाति वर्ग से है और गोविंद सिंह राजपूत को सामान्य वर्ग से माना जा सकता है.
शपथ समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग का ख़याल रखा गया था. सभी लोगों ने मास्क पहने थे और एक-दूसरे से भी इन लोगों ने दूरी बनाकर रखी थी. राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने शपथ दिलाई और किसी भीवीवीआईपी को इसमें नहीं बुलाया गया था. इतने सादे समारोह में शपथ ग्रहण शायद ही हाल के सालों में हुआ होगा.
सूत्रों की मानी जाए तो यह लिस्ट दिल्ली में भाजपा हाईकमान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाक़ात के बाद तय हुई. हालांकि सिंधिया चाहते थे कि मंत्रिमंडल बड़ा हो और उनके उन सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई जायें जिन्होंने उनके लिये इस्तीफ़ा दिया है. लेकिन ऐसा न हो सका.
इस मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा को अपने कई वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज़ करना पड़ा उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं. इस आधार पर सरकार में मुख्यमंत्री समेत 35 विधायक मंत्री बन सकते हैं.

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार विपक्षी कांग्रेस के निशाने पर थे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि मध्य प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है जो स्वास्थ्य और गृह मंत्री के बिना कोरोना जैसी महामारी का सामना कर रहा है.
अगर प्रदेश की हालत देखें तोआंकड़ा लगभग 1552से अधि पहुंच चुका है और 80लोगों की मौत हो चुकी है. प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौरमें हालात से बद से बदतर हो चुके है. अकेले 915 कोरोना के मरीज़ इंदौर में ही निकल चुके है.
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.डी शर्मा ने कहा है कि कोरोना से लड़ने के लिये टास्क फ़ोर्स और एडवाइज़री कमेटी का गठन किया गया था. उसके बाद उन्होंने महसूस किया कि कुछ लोगों को और आवश्यकता है तो उन्होंने इसलिये मंत्रिमंडल गठन किया है.
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरी ताक़त से कोरोना से लड़ने में लगे हैं. वो काफ़ी हद तक इसको काबू में पाने में भी कामयाब रहे हैं. आगे भी वो मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ मिलकर कोरोना को ख़त्म करने में कामयाब होगें.”
राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाये हैं.
उन्होंने कहा, “ मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल को संविधान की मंशा के विपरीत बताया है.”
विवेक तन्खा ने अपने ट्वीट में लिखा, “शिवराज जी, कैबिनेट के संबंध में मेरे सुझावों को ‘आंशिक’ रूप से ही मानने के लिए धन्यवाद परंतु पहला सवाल यह है किसंविधान की धारा 164-1ए के अनुसार न्यूनतम 12 मंत्री होने चाहिए तोबीजेपी को संवैधानिक प्रावधानों से परहेज़ क्यों है. दूसरा सवाल यह है किपहली बार चारों महानगरों से मूल ‘बीजेपी’ का प्रतिनिधि नहीं.”
उन्होंने आगे कहा, “ऑपरेशन लोटस के महत्वपूर्ण किरदार कैसे छूट गए? वरिष्ठतम नेता और पूर्व एलओपी भी शामिल नहीं. इस आशा के साथ की प्रदेश में मौत का तांडव रुकेगा और हम कोरोना से जंग जीतेंगे.”
वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया जिन्होंने भाजपा की सरकार बनने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने ट्वीट किया है कि वो मुख्यमंत्री के साथ इस घड़ी में खड़े हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई की, “ शिवराज सिंह चौहान के सक्षम नेतृत्व में आप सभी मिलकर कोरोना के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे भी.”
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संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेताया है कि कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में खाने की कमी का सामना कर रहे लोगों की संख्या दोगुनी हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम ने कहा है, “2020 में खाने की कमी का सामना करने वाले लोगों की संख्या 26.5 करोड़ होगी जो 2019 में 13.5 करोड़ से 13 करोड़ अधिक होगी. इसकी मुख्य वजह कोविड-19 के कारण पड़ने वाला आर्थिक असर है.”
यह चेतावनी तब आई है जब विश्व खाद्य कार्यक्रम और उसके दूसरे सहयोगियों ने विश्व में खाद्य संकट पर एक नई रिपोर्ट जारी की है.
खाद्य संकट पर चौथी सालाना वैश्विक रिपोर्ट में पाया गया है कि कोरोना वायरस की महामारी फैलने से पहले खाद्य असुरक्षा शीर्ष स्तर पर थी.

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पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 9,500 के पार चली गई है जबकि इसके कारण 197 लोगों की मौत हुई है और 2101 लोग ठीक हुए हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल सत्तार ईधी के बेटे और ईधी फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष फ़ैसल ईधी कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाए गए हैं.
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा है कि दुनियाभर में लोग कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग में बहादुरी से किरदार अदा कर रहे हैं और उन्हें भी इसी जंग के दौरान कोरोना के मरीज़ों की सेवा करने का मौक़ा मिला है.
उन्होंने बताया कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और उम्मीद है कि वो जल्द स्वस्थ हो जाएंगे.
उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अधिकतर लोगों में इसके वायरस का पता भी नहीं चलता है और ज़्यादातर लोग स्वस्थ हो जाते हैं.
उन्होंने ईधी फ़ाउंडेशन के कर्मचारियों से भी कहा कि उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है और संगठन का काम रुकना नहीं चाहिए, जैसे ही उनकी टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आएगी वो वापस इस जंग में वापस साथ होंगे.

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने आज दैनिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि उसने दो दिनों के लिए रैपिड टेस्ट किट से जांच करने पर रोक लगा दी है. आईसीएमआर का कहना था कि एक राज्य ने टेस्ट किट से सही परिणाम न आने की शिकायत की थी.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा ने बताया कि देश में सबसे पहले राजस्थान में रैपिड टेस्ट किट से जांच शुरू हुई, लेकिन दो दिन के अंदर ही इस तरह के टेस्ट को रोक दिया गया है.
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री के मुताबिक, 168 रैपिड टेस्ट किए गए और उम्मीद थी कि इस टेस्ट के 90 फ़ीसदी नतीजे सही आएंगे, लेकिन सिर्फ़ चार से पांच फ़ीसदी नतीजे ही सही आए.
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि इस टेस्ट की सटीकता पर ही सवाल उठ गया है. नतीजों में गड़बड़ी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने फ़िलहाल रैपिड टेस्ट पर रोक लगा दी है और इस बारे में आईसीएमआर को चिट्ठी लिखी है.
मंत्री रघु शर्मा ने बयान जारी कर कहा, "जितनी ज़्यादा टेस्टिंग होगी, उतनी ज़्यादा हक़ीक़त की जानकारी हमें मिलेगी, इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने कहा किआरटीपीसीआर टेस्टिंग किट्स हमारे पास जितनी मात्रा में होनी चाहिए थी वो नहीं थी. हालांकि हमने सरकार से उसके लिए पर्याप्त मात्रा में ऑर्डर कर दिए हैं. लेकिन रैपिड टेस्ट किट से हम बल्क में लोगों के टेस्ट करके संक्रमित लोगों की पहचान करना चाहते थे. लेकिन जब हमने इस रैपिड टेस्ट किट कोपॉज़िटिव मामलों पर टेस्ट किया और इसके 168 टेस्ट किए तो नतीजे 5.4 प्रतिशत आ रहे हैं.”
“अगर कोरिलेशन ही सही नहीं है, तो इस टेस्ट को आगे करने में क्या फ़ायदा है. इसलिए हमने आईसीएमआर को रिपोर्ट भेजी है कि आपकी सभी गाइडलाइन का पालन कर रैपिड टेस्ट किए गए और परिणाम सामने हैं."

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों में देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 19,000 के क़रीब पहुंच चुकी है.
मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश में संक्रमित कुल मरीज़ों की संख्या 18,985 हो गई है. साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 603 हो गया है.
इसके साथ ही इस वायरस से ठीक हुए लोगों की संख्या 3259 हो चुकी है जबकि देश में इस समय कोविड-19 के सक्रिय मरीज़ों की संख्या 15,122 है.

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कोरोना वायरस के कारण लातिन अमरीकी देशों में क्या हाल है. आइये जानते हैं...

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केंद्रीय गृह, स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की संयुक्त दैनिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मंगलवार को बताया गया कि देश में अगले दो दिन तक रैपिड टेस्ट किट से कोरोना की जांच नहीं होगी.
आईसीएमआर के डॉ. रमन गंगाखेडकर ने बताया कि अलग-अलग राज्यों में रैपिड टेस्ट किट से किए जा रहे टेस्ट में रिज़ल्ट अलग-अलग आ रहे हैं जो ठीक नहीं है, इसके मद्देनज़र आईसीएमआर अपनी टीमें वहां भेज रही है, साथ ही राज्यों को रैपिड टेस्ट किट दो दिन तक इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है.
पूरी जांच के बाद आईसीएमआर रैपिड टेस्ट किट पर दिशानिर्देश जारी करेगा.
डॉ. गंगाखेडकर ने बताया कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 4 लाख 49 हज़ार 810 टेस्ट हुए हैं और कल 35 हज़ार टेस्ट हुए थे.
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस से 705 लोग ठीक हुए जिसके बाद देश में अब तक कुल 3252 लोग ठीक हो चुके हैं.
इसके अलावा कल एक दिन में संक्रमण के 1336 नए केस आए जिसके बाद देश में कुल संक्रमण के मामले 18601 हो गए हैं. कोरोना वायरस के कारण देश में अब तक 590 लोगों की मौत हो चुकी है.
राजस्थान के प्रतापगढ़ ज़िले में 28 दिनों से कई कोरोना संक्रमण का मामला नहीं आया है, अब तक देश के 61 ज़िलों में 14 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई केस नहीं आया है.

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कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में दो पोर्टल बनाए गए
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ही बताया गया गया कि covidwarriors.gov.in नामक एक वेबसाइट शुरू की गई है जिसमें डॉक्टर्स से लेकर अस्पताल और आशा वर्कर्स तक की जानकारियां होंगी. इसमें 1 करोड़ से अधिक लोगों का डेटा होगा.
इस वेबसाइट कुछ ही जानकारी की पहुंच आम लोगों तक होगी जबकि ज़िला प्रशासन इसको पूरा एक्सेस कर सकेगा.
इसके ज़रिए एक ज़िले से दूसरे ज़िले की मेन पावर का इस्तेमाल किया जा सकता है
इसके अलावा igot.gov.in एक पोर्टल और बनाया गया है जिस पर कोर्स और ट्रेनिंग की जानकारियां होंगी.

कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बाद हिमालय की तलहटी में एक गुफा में रह रहे छह विदेशियों को अधिकारियों ने बचाया है.
कम पैसे होने के बाद चार पुरुष और दो महिलाएं लॉकडाउन में फंस गए थे और गुफा में रहने लगे थे.
24 मार्च से भारत में हवाई, रेल और सड़क यातायात बंद हैं.
ज़्यादा से ज़्यादा देश अब इस बात को लेकर एकमत हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक जगहों पर मुंह ढंक कर रहना सबसे बेहतर उपाय है.
उनके अनुसार मुंह ढंकने का संबंध सिर्फ़ आपकी सुरक्षा से नहीं बल्कि दूसरों की सुरक्षा से भी है. ऐसा कर आप वायरस के संक्रमण के ख़तरे को कम करते हैं.
अमरीका में विशेषज्ञ अब इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण मिलने लगे हैं कि लोग वायरस को फैला सकते हैं बावजूद इसके कि उनमें वायरस का कोई लक्षण नहीं दिखे. जिसे विज्ञान की भाषा में एसिम्पटोमैटिक ट्रांसमिशन या बिना लक्षण वाला संक्रमण कहा जाता है.
इसीलिए अमरीका में अब सार्वजनिक जगहों पर सभी के लिए मास्क पहनना या किसी भी तरह अपने मुंह को ढंकना आधिकारिक नीति का हिस्सा है.
कई दूसरे देशों में भी मास्क पहनना अनिवार्य है.
शोध बताते हैं कि मुंह ढंकने से वायरस को बाहर फैलने से बहुत हद तक रोका जा सकता है जोकि आपके मुंह नहीं ढंकने से आपकी सांस के ज़रिए वायरस के बाहर निकलने की आशंका रहती है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट या किसी सुपरमार्केट जैसी जगहों पर जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना संभव नहीं है वहां मुंह ढंकना बहुत फ़ायदेमंद है.
ब्रिटेन में भी सरकार के सलाहकार इस बात का आकलन कर रहे हैं कि वो सरकार को इस बात की जानकारी दें कि चेहरा ढंकना वायरस को फैलने से रोकने में कितना अहम रोल अदा करता है, ऐसे समय में जब लॉकडाउन में कुछ ढील देने के बारे में सरकार फ़ैसला लेने जा रही हो.
लेकिन इसका एक ख़तरा ये भी है कि लोग ये न समझ जाएं कि चेहरा ढंकने से आप सुरक्षित रहेंगे और वो हाथ धोने जैसे दूसरे महत्वपूर्ण बातों की अनदेखी करने लगें.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुब्रत कुमार पति ने बताया है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज एक वीडियो संदेश में कहा कि कोरोना मरीज़ों का इलाज करते हुए किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की मौत होने पर उनके परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी.
इसके साथ उनके रिटायरमेंट तक की पूरी तनख़्वाह भी दी जाएगी. राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
सरकारी या ग़ैर सरकारी क्षेत्रों में काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के क्षेत्र में यह लागू होगा. किसी डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार करने वाले के ख़िलाफ़ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत कड़ी कारवाई की जाएगी.
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ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय का आज 94वां जन्मदिन है. इस मौक़े पर केन्सिंगटन पैलेस ने उनकी एक पहले की तस्वीर शेयर की है.
ये तस्वीर कोरोना फैलने से पहले की है. पिछले साल अपने पोते प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट के साथ एक फ़लावर शो में वो शामिल हुईं थीं.
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समीरात्मज मिश्र
लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले में एक ही दिन 33 लोगों की कोविड-19 रिपोर्ट पाज़िटिव आने से हड़कंप मच गया है.
रायबरेली में अब तक सिर्फ़ दो पॉज़िटिव मामले थे लेकिन मंगलवार को यह संख्या बढ़कर 35 हो गई. जिन 33 लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है, दो दिन पहले उनके सैंपल लिए गए थे और ये सभी लोग रायबरेली के कृपालु इंस्टीट्यूट में क्वारंटीन किए गए थे.
रायबरेली के मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने बीबीसी को बताया कि पॉज़िटिव पाए गए सभी लोगों को रायबरेली के ही लेवल-1 कोविड हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ़्ट किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पॉज़िटिव पाए गए ज़्यादातर लोग तब्लीगी जमात से संबद्ध हैं, हालांकि सीडीओ का कहना था कि इस बारे में अभी तहक़ीक़ात की जा रही है.
बताया जा रहा है कि पॉज़िटिव पाए गए 17 लोगों को पिछले दिनों हिरासत में लेकर क्वारंटीन किया गया था. ये सभी लोग सहारनपुर से आए थे और कुछ स्थानीय लोगों के भी संपर्क में थे.
कोरोना वायरस का संक्रमण उत्तर प्रदेश के 52 ज़िलों में फैल चुका है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1192 तक पहुंच चुकी है. राज्य में अब तक कोरोना संक्रमण से 18 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

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कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरों की वजह से जर्मनी में इस साल मशहूर बीयर फ़ेस्टिवल (अक्टूबरफ़ेस्ट) नहीं होगा.
जर्मनी में हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें 50-60 लाख के करीब लोग शिरकत करते हैं. इस साल यह फ़ेस्ट 19 सितंबर-4 अक्टूबर के बीच होने वाला था.
बीयर फ़ेस्टिवल के रद्द होने का म्यूनिख़ की अर्थव्यवस्था पर बेहद बुरा असर पड़ेगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार बीयर फ़ेस्टिवल से म्यूनिख़ शहर की हर साल लगभग 1.07 बिलियन डॉलर की कमाई होती है.

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