फ्रांस में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 20 हज़ार के पार
फ्रांस से स्वास्थ्य सेवा निदेशक ने इन आंकड़ों को 'प्रतीकात्मक और दुखद' बताया है.
लाइव कवरेज
ब्रिटेन: शुरू होगा ब्लड प्लाज़्मा से इलाज का ट्रायल
ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण
से ठीक होने वाले लोगों के ख़ून से इसके मरीज़ों के इलाज की तैयारी चल रही है.
एनएचएस के ब्लड ऐंड ट्रांसप्लांट
विभाग ने कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों से कहा है कि वो रक्तदान करें ताकि
ट्रायल में मदद मिल सके. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि ठीक होने वाली लोगों में
ऐसी ऐंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं जो कोरोना वायरस से लड़ने में मदद कर सकती हैं.
अमरीका में इस सिलसिले में एक बड़ा
प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है जिसके लिए 1,500 अस्पताल मिलकर काम कर रहे हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत सरकार के नए नियम का चीन ने किया विरोध
चीनी दूतावास ने कहा है कि एफ़डीआई को लेकर भारत सरकार का नया नियम कारोबार और निवेश में उदारीकरण के सामान्य चलन के ख़िलाफ़ है.
भारत ने पड़ोसी देशों की कंपनियों से होने वाले निवेश को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भारत सरकार के इस क़दम को कोरोना वायरस की महामारी के दौरान चीनी कंपनियों की ओर से भारतीय कंपनियों के टेकओवर को रोकने के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने 17 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि निवेश के नियमों में बदलाव किए गए हैं और इसका उद्देश्य मजबूरी का फ़ायदा उठाकर किसी कंपनी को टेकओवर करने से रोकने के लिए है. हालांकि इसमें चीन का कोई उल्लेख नहीं है.
भारत की सरहद से लगे किसी भी देश की कंपनी से होने वाले निवेश में सरकार की मंज़ूरी की लेनी पड़ेगी.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 अप्रैल को ट्वीट कर विदेशी निवेश को लेकर नियम कड़ा करने का सुझाव दिया था.
अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा था, ''अर्थव्यवस्था की बुरी हालत के कारण भारतीय कॉर्पोरेट्स कमज़ोर होंगे और ये टेकओवर के आसान शिकार बनेंगे. सरकार को राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में किसी भी भारतीय कंपनी के विदेशी टेकओवर की अनुमति नहीं देनी चाहिए.''
जब 18 अप्रैल को सरकार ने फ़ैसला लिया कि पड़ोसी देशों की कोई कंपनी भारतीय कंपनी का टेकओवर केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद ही करेगी तो राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को शुक्रिया कहा. राहुल ने अपने नए ट्वीट में लिखा है, ''मेरी चेतावनी पर ध्यान देने और एफडीआई के नियमों को संशोधित करने के लिए सरकार को शुक्रिया.''
चीन को लेकर था डर
अब कोई भी विदेशी कंपनी बिना सरकार की अनुमति के कथित ऑटोमैटिक रूट से किसी भारतीय कंपनी का टेकओवर नहीं कर सकती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से सराकर के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है, ''संकट की घड़ी में हम नहीं चाहते कि हमारी कंपनियों को कोई विदेश कंपनी मजबूरी का फ़ायदा उठाकर टेकओवर कर ले.''
इस तरह की पाबंदी बांग्लादेश और पाकिस्तान के लिए पहले से ही थी. अब तक यह नियम चीन, भूटान, अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार और नेपाल के लिए नहीं था. चीनी कंपनियों के लीगल सलाह देने वाले संतोष पाई ने इस मामले में रॉयटर्स से कहा है, ''निश्चित तौर पर इसका असर चीनी निवेशकों के सेंटिमेंट पर होगा. हालांकि इससे ग्रीनफील्ड निवेश पर कोई असर नहीं पड़ेगा.''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
अमरीका: 440 मरीज़ों पर होगा मलेरिया की दवा का ट्रायल
स्विस फ़ार्मा कंपनी नोवार्टिस और अमरीका में मलेरिया की
दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के कोविड-19 मरीजों पर ट्रायल को लेकर समझौता हो गया
है. ये जानकारी फ़ार्मा कंपनी ने दी है.
ये परीक्षण अस्पताल में भर्ती 440 अमरीकी नागरिकों पर होगा.
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज में
दशकों से हो रहा है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस दवा के कोरोना मरीज़ों पर
परीक्षण का समर्थन कर रहे हैं. हालांकि इस दवा का कोरोना संक्रमण में असल में कोई
फ़ायदा होता है, इसके कोई वैज्ञानिक सुबूत नहीं हैं.
नोवार्टिस ने एक बयान में कहा, “हम इस सवाल का महत्व समझते हैं कि असल में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का कोरोना
संक्रमण मामलों में फ़ायदा होता है या नहीं.”
दुनिया भर में वैज्ञानिक कोरोना
वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ख़ास सफलता
नहीं मिली है.
इमेज स्रोत, Getty Images
पुुदुचेरी: सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मज़दूरी
पुदुचेरी में काम करती हुई मनरेगा मज़दूर औरतें. मास्क
लगाकर मज़दूरी करने के साथ ही ये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही हैं. केंद्र
सरकार ने 20 अप्रैल से खेती और मनरेगा के तहत मज़दूरी के काम को शुरू करने की छूट
दी है.
इमेज स्रोत, ANI
केरल ने वापस लिया लॉकडाउन में छूट का फ़ैसला
केरल ने केंद्र सरकार से मिली चिट्ठी के बाद लॉकडाउन में
छूट को वापस ले लिया है.
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को एक चिट्ठी
लिखकर कहा था वो लॉकडाउन गाइडलाइन्स का सख़्ती से पालन करें.
केरल सरकार ने कहा है कि उसने छूट का ऐलान कुछ ग़लतफ़हमियों की वजह से कर दिया था. हालांकि इससे पहले राज्य सरकार ने अपने फ़ैसलों का बचाव
किया था और कहा था कि उसने इस बारे में केंद्र सरकार को सूचित किया था.
हालांकि केंद्र सरकार ने केरल सरकार के फ़ैसले को गाइडलाइन
का उल्लंघन बताया था और इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी.
केरल सरकार ने स्थानीय कारोबार, नाई की दुकान, रेस्तरां और
किताबों की दुकान खोले जाने जैसी छूट का ऐलान किया था.
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत: सरकार ने कहा, इन शहरों की स्थिति गंभीर
केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति
देश के कुछ हिस्सों में ‘ख़ास तौर पर’ गंभीर है.
राज्यों को भेजी गई एक चिट्ठी में
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, “मुंबई, पुणे, इंदौर, जयपुर,कोलकाता और पश्चिम बंगाल की स्थिति काफ़ी गंभीर है और ऐसे
लॉकडाउन का उल्लंघन कोरोना वायरस के फैलने का ख़तरा और बढ़ा रहा है.”
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश
के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्यकर्मियों और फ़्रंटलाइन वर्कर्स के साथ हिंसा की
घटनाएं देखने को मिली हैं. मंत्रालय ने कहा है कि ये तुरंत रुकना चाहिए.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में अब तक कोविड-19 संक्रमण की वजह से कम से कम 543 लोगों की मौत हो गई है. देश में कुल नए मामले अब 17,265 हो गए हैं और 2,546 लोग ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
कोरोना वायरस के संक्रमण से जुड़े ये पाँच झूठ जानना बहुत ज़रूरी
लॉकडाउन में छूट, खेती-बाड़ी शुरू
भारत सरकार ने आज से लॉकडाउन में कुछ
ढील दी है. इसमें खेती और मनरेगा मज़दूरी का काम भी शामिल है. छूट के बाद लुधियाना
(पंजाब) का एक दृश्य, जहां खेती-किसानी का काम फिर शुरू हो गया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
कोरोना: किस देश में कितनी मौतें?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 20 अप्रैल 2020 तक कुछ देशों में हुई मौतों और मामलों की संख्या का आंकड़ा जारी किया है. पूरी लिस्ट ट्वीट में:
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
भारत: एक दिन में सबसे ज़्यादा नए मामले
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार भारत
में पिछले 24 घंटों में 1,553 नए मामले सामने आए हैं. देश में एक दिन में नए
मामलों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस
संक्रमण मामलों की कुल संख्या 17,000 हो गई है.
भारत में अब तक कम से कम 543 लोगों
की मौत हो चुकी है. देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा हालांकि सोमवार से इसमें
कुछ ढील दी गई है.
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रेकिंग न्यूज़, इमरान ख़ान के आरोपों को भारत ने किया ख़ारिज
पाकिस्तान ने रविवार को भारत पर मुसलमानों को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया था. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ट्वीट कर कहा था कि भारत में मोदी सरकार कोरोना वायरस के मामले में मुसलमानों को जानबूझकर निशाना बना रही है.
इमरान ख़ान ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण लाखों मुसलमान को मुश्किल में हैं. इसके अलावा ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ह्यूमन राइट्स बॉडी ने रविवार को भारत में कथित रूप से बढ़ते इस्लामफ़ोबिया को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी.
समचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्ताव ने पाकिस्तान और ओआईसी के आरोपों को ख़ारिज कर दिया है. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है, ''पाकिस्तान की टिप्पणी हैरान करने वाली है. पाकिस्तान की सरकार देश के भीतर कोरोना वायरस की महामारी से लड़ नहीं पा रही है इसलिए वो ऐसी टिप्पणियों के ज़रिए ध्यान बँटाना चाहती है. वे बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
एक बार फिर महिला रिपोर्टर पर भड़के ट्रंप
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
रविवार को हुई प्रेस वार्ता में एक महिला रिपोर्टर पर भड़क गए.
सीबीसी न्यूज़ की वाइट हाउस
संवाददाता वीजिया जिआंग ने ट्रंप से पूछा था कि उन्होंने अमरीकी लोगों को
कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में पहले क्यों नहीं चेताया.
सवाल के बाद ट्रंप ने वीजिया से पूछा,
“आप कौन हैं?”
वीजिया के परिचय दिए जाने के बाद
ट्रंप ने कहा, “लोगों को मालूम था कि कोरोना संक्रमण फैल रहा है लेकिन लोग इस बारे में बात
नहीं करना चाहते थे.”
इस पर वीजिया ने कहा, “अमरीकी लोग आपके बारे में ठीक यही बातें कह रहे हैं. आपको लोगों को उसी वक़्त
चेताना चाहिए था जब वायरस जंगल की आग फैल रहा था. उस वक़्त फ़रवरी में आप हज़ारों
लोगों के साथ रैली कर रहे थे. आपने इतना वक़्त क्यों लगाया? आपने 16 मार्च से पहले सोशल डिस्टेंसिंग लागू क्यों नहीं की?”
इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, “मैं चीन के लोगों के अमरीका आने पर रोक लगा दी थी…”
इस पर वीजिया ने उन्हें टोकते हुए
कहा, “सिर्फ़ चीनियों को. सबको नहीं. चीन से लौटने वाले अमरीकियों को नहीं...”
अब ट्रंप ने वीजिया को रोकते हुए
कहा, “ये समझना आसान है..रिलैक्स. अपनी आवाज़ धीरे रखिए. आप ये बताइए कि जब मैंने ट्रैवेल बैन लगाया तब
अमरीका में संक्रमण से कितनी मौतें हुई थीं? आपको अपनी रिसर्च
करनी चाहिए. मेरे ख़याल से तब तक एक भी मौतें नहीं हुई थीं. आपको मेरे सही फ़ैसले
के लिए शुक्रिया कहना चाहिए.”
पिछले हफ़्ते भी राष्ट्रपति ट्रंप
सीबीएस न्यूज़ की एक अन्य महिला रिपोर्ट पर भड़क गए थे.
पॉला रेड ने ट्रंप से पूछा था कि
उन्होंने फ़रवरी में संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे.
जवाब में ट्रंप ने पॉला को ‘फ़ेक’ बताया और कहा कि
उन्होंने फ़रवरी में ‘बहुत से’ कदम उठाए थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
चीन: खुलने लगे पर्यटन स्थल
दो महीने के लॉकडाउन के बाद चीन
में अब जनजीवन धीरे-धीरे ही सही, मगर सामान्य होने की राह पर लौट चला है.
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के
अनुसार बीजिंग में अब ‘चीन की दीवार’ समेत 73 प्रमुख पर्यटन स्थलों को खोल दिया गया है.
ये सभी पर्यटन स्थल आउटडोर (खुले
इलाकों में) हैं. बीजिंग टूरिज़्म ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि इन सभी जगहों पर
30 फ़ीसदी सैलानियों को ही जाने दिया जाएगा.
इसके अलावा शंघाई में भी देर रात
तक चलने वाला एक खरीदारी अभियान शुरू होगा. इस दौरान दुकानें आधी रात तक खुली
रहेंगी.
इमेज स्रोत, Getty Images
कोरोना वायरस: अब तक की बड़ी बातें, दुनिया भर से ताज़ा अपडेट
-दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित
होने वालों की संख्या 2,404,071 हो गई है और अब तक एक लाख 65 हज़ार 229 लोगों की मौत
हुई है.
-रविवार को अमरीका में मरने वालों की
संख्या 40 हज़ार के पार चली गई. अमरीका में मरने वालों की तादाद पूरी दुनिया की लगभग
एक तिहाई है. यहां संक्रमितों की कुल संख्या 760,000 हो गई है.
-संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप और कई राज्यों के गवर्नरों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है.
ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता में कई रिपोर्टरों पर ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए कहा कि
गवर्नर लॉकडाउन की पाबंदियों को लेकर ‘बहुत ज़्यादा सख़्त' हो गए हैं.
-चीन में शुक्रवार को मौतों की संख्या अचानक बढ़ गई. इनमें 50 फ़ीसदी मौतें
वुहान में हुईं, जहां से संक्रमण शुरू हुआ था. हालांकि पिछले तीन दिनों से चीन में
कोई मौत नहीं हुई.
-जापान के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ केन्तारो इवाटा ने कहा है कि वो
अगले साल ओलंपिंक होने के लिए ‘बिल्कुल भी आशान्वित नहीं’ हैं. कोबे यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में प्रोफ़ेसर इवाटा
ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ओलंपिक अगले साल भी हो पाएंगे. ओलंपिक में सैकड़ों देशों से
लोग आते हैं...हो सकता है कि जापान अगली गर्मियों तक कोरोना संक्रमण पर काबू पा
ले, लेकिन हर जगह ऐसा नहीं होगा.”
-ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने
रविवार को ऐलान किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनज़र क़ैदियों की छुट्टियां
एक महीने के लिए बढ़ाई जाएंगी. ईरान में हिरासत में रखे गए एक लाख लोगों को रिहा
किया जा चुका है.
इमेज स्रोत, Getty Images
कोरोना वायरस: बनारस में मणिकर्णिका की आग भी ठंडी हुई
न्यूज़ीलैंड: प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमने संक्रमण पर काबू पाया'
न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डन ने कहा है कि न्यूज़ीलैंड ने बाक़ी देशों के मुक़ाबले शानदार काम किया है. उन्होंने अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में कहा
कि न्यूज़ीलैंड ने कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने पर लगभग काबू पा लिया है.
न्यूज़ीलैंड में कोरोना संक्रमण से
अब तक सिर्फ़ 12 मौतें हुई हैं. जैसिंडा ने कहा कि उन्हें हरेक व्यक्ति के
स्वास्थ्य के बारे में फ़ोन पर जानकारी मिलती रहती है.
उन्होंने कहा, “हम उन चंद देशों में हो सकते हैं जो ऐसे माहौल में भी कुछ काम कर पाए हैं.”प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकारी अधिकारी आश्वस्त हैं कि देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो रहा है.”
न्यूज़ीलैंड में 28 अप्रैल से
लॉकडाउन में थोड़ी ढील दी जाएगी. कारोबार धीरे-धीरे शुरू होंगे और दुकानों की
साफ़-सफ़ाई के लिए कुछ कर्मचारियों को छूट मिलेगी. हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग और घर
में रहने की गाइडलाइन इस दौरान भी लागू रहेगी.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जैसिंडा अर्डन
ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़गानिस्तान: राष्ट्रपति भवन में दर्जनों स्टाफ़ कोरोना पॉज़िटिव
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति भवन
में काम करने वाले दर्जनों कर्मचारी कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं. शुरुआत में 20
लोगों के संक्रमित होने की बात कही जा रही थी लेकिन रविवार को न्यूयॉर्क टाइम्स
में कहा गया है कि यह संख्या बढ़कर 40 हो गई है.
अफ़ग़ानिस्तान की सरकार ने इस बारे में अब
तक कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही अभी राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के संक्रमित होने की
कोई ख़बर है. 70 वर्षीय ग़नी कैंसर की वजह
से साल 1990 में ही अपने पेट का एक हिस्सा खो चुके हैं.
अफ़गान सरकार के एक अधिकारी ने
शनिवार को समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा था, “राष्ट्रपति भवन में 20 लोग कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित हैं. हालांकि इस बारे
में सार्जवनिक रूप से नहीं बताया जा रहा है ताकि लोगों में घबराहट न फैले.”
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, अशरफ़ ग़नी
कोरोना वायरसः क्या अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव टालना होगा? विकल्प क्या हैं?
भारत: आज से लॉकडाउन में थोड़ी छूट
आज से भारत में लॉकडाउन के कुछ नियमों में थोड़ी ढील दी
जाएगी. हालांकि ये ढील हर राज्यों में लागू नहीं होगी. कुछ राज्यों ने पहले से ही
साफ़ कर दिया है कि बढ़ते संक्रमण मामलों के ख़तरों की वजह से लॉकडाउन में किसी भी
तरह की छूट नहीं देंगे.
आज से क्या खुलेगा और क्या बंद रहेगा?
-खेती, हॉर्टीकल्चर, कृषि से जुड़ी गतिविधियों
को शुरू करने की इजाज़त दी जाएगी.
- सभी स्वास्थ्य सेवाएं
चालू रहेंगी. इनमें आयूष से जुड़ी सेवाएं भी हैं.
- मनरेगा वर्करों को
काम करने की इजाज़त होगी लेकिन उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन करना होगा.
- खेती से जुड़े सामान, कल-पुर्ज़े, सप्लाई चेन से जुड़े
काम किए जा सकेंगे.
- दवा बनाने वाली कंपनियां
और मेडिकल उपकरण बनाने वाले कारख़ाने खुल सकेंगे.
- चाय, कॉफ़ी, और रबर प्लांटेशन को
अधिकतम 50 फ़ीसदी कर्मचारियों
के साथ काम करने की इजाज़त होगी.
- तेल और गैस सेक्टर
से जुड़ी सभी गतिविधियां जारी रहेंगी.
- पोस्टल सर्विस जारी
रहेगी, पोस्ट ऑफ़िस खुले
रहेंगे.
- गौशाला और जानवरों
के शेल्टर होम खुले रहेंगे.
- आवश्यक सेवाओं की
आपूर्ति बरकरार रखी जाएगी.
- निर्माण कार्यों को
अनुमति होगी.
- हाइवे के ढाबे, ट्रक रिपेयर करने
वाली दुकान, सरकारी काम से जुड़े
कॉल सेंटर खुल सकेंगे.
- इलेक्ट्रिशियन, आईटी रिपेयरिंग वाले, पलंबर, मोटर मैकेनिक, कार्पेंटर और इसी
तरह के स्वरोज़गार वाले लोगों को काम करने की इजाज़त होगी.
- लेकिन ये सारी छूट
कोरोना के हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों को नहीं दी जाएगी.
- ग्रामीण इलाक़ों में
चल रहे उद्योग धंधों को खोलने की इजाज़त होगी लेकिन इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती
से पालन करना होगा.
- किसी भी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश को
इन गाइडलाइन को नज़रअंदाज़ करने की अनुमति नहीं होगी. अलबत्ता राज्य या केंद्र शासित
प्रदेश चाहें तो अपने स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार लॉकडाउन को और ज़्यादा सख़्त बना
सकते हैं.
- केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सभी दफ़्तर खुले
रहेंगे.
- सार्वजनिक जगहों पर फ़ेस मास्क पहनना या किसी भी
तरह चेहरे को ढंकना अब अनिवार्य कर दिया गया है.
- रेल, मेट्रो, सड़क और हवाई यात्रा तीन मई तक बंद रहेंगे.
- शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, ऑडिटोरियम, खेल परिसर, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, बार, जिम, रेस्त्रां वग़ैरह भी बंद रहेंगे.
- स्कूल, कॉलेज और सभी शिक्षण संस्थान भी तीन मई तक बंद रहेंगे. लेकिन इन संस्थानों को अकादमिक
सेशन को मेंटेन करना होगा. इसके लिए वे ऑनलाइन क्लासेज़ का सहारा ले सकते हैं. इसके
लिए दूरदर्शन और दूसरे शैक्षणिक चैनलों की भी मदद ली जा सकती है.
- मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च और किसी भी तरह के धार्मिक स्थल पूरी तरह बंद रहेंगे. इसके लिए किसी भी तरह
के धार्मिक आयोजन की भी अनुमति नहीं होगी.
- शादी-विवाह, सार्वजनिक कार्यक्रम, सामाजिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, राजनीतिक कार्यक्रम, कॉन्फ़्रेंस, खेल आयोजन पर भी पाबंदी लगी रहेगी.
- अंतिम संस्कार में 20 से ज़्यादा
लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान में रमज़ान में खुली रहेंगी मस्जिदें और सामूहिक नमाज़ भी होगी
पाकिस्तान की सरकार को इस्लामिक ग्रुपों के सामने झुकना पड़ा है. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए रमज़ान के महीने में पाकिस्तान ने मस्जिदों में समूहों में नमाज़ अदा करने पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन अब उसे इस फ़ैसले को वापस लेना पड़ा.
इसी हफ़्ते दुनिया भर में रमज़ान का महीना शुरू हो रहा है. रमज़ान के महीने में शाम में दुनिया भर के मुसलमान मस्जिदों में एक साथ नमाज़ अदा करते हैं.
धार्मिक नेताओं के साथ सहमति बनी है कि 50 साल से ऊपर के लोग, बच्चे और जिनमें फ़्लू के लक्षण हैं उन्हें मस्जिदों में नहीं आने दिया जाएगा.
मस्जिदों से कार्पेट हटा दिए जाएंगे और फ्लोर हर दिन साफ़ किए जाएंगे. नमाज़ियों के बीच उचित दूरी रखनी होगी. फेस मास्क भी पहन सकते हैं. हाथ और गले मिलने पर पाबंदी रहेगी.
प्रशासन की तरफ़ से कहा गया है कि अगर गाइडलाइन टूटी तो इस फ़ैसले पर विचार किया जा सकता है. इससे पहले पाकिस्तान में मस्जिदों में नमाज़ पर रोक थी और अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा हुआ था. हालांकि इसका भी कम ही पालन हो रहा था.