कोरोना वायरस: भारत में संक्रमितों की संख्या 16 हज़ार पार, अब तक 519 की मौत

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 23.8 लाख पार कर गई है और इसके कारण 1.65 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

लाइव कवरेज

  1. ब्राज़ील में लॉकडाउन के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे

    ब्राज़ील

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    अमरीका की तरह ब्राज़ील के भी कई शहरों में लॉकडाउन का विरोध हो रहा है.

    शनिवार को वहाँ देश के कई बड़े शहरों में सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर पाबंदियों को ख़त्म करने की माँग की.

    रियो द जैनिरो, साओ पाओलो और ब्रासीलिया में लोगों ने गाड़ियों और दूसरे वाहनों से निकलकर विभिन्न प्रदेशों की ओर से लागू की गई सख़्तियों का विरोध जताया.

    ब्राज़ील में अमरीका की ही तरह वहाँ के राष्ट्रपति ज़ेर बोल्सानारो भी लॉकडाउन का विरोध कर रहे हैं.

    राष्ट्रपति ने कोरोना संकट को पहले ज़रा सा फ़्लू बताया था और लोगों से घरों में रहने का आग्रह करने वाले अपने स्वास्थ्य मंत्री को हाल ही में हटा दिया था.

  2. ओडिशा: बाहर फँसे लोगों को वापसी पर दो सप्ताह क्वारंटीन में रहना होगा

    सुब्रत कुमार पति

    बीबीसी हिन्दी के लिए,भुवनेश्वर से

    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि राज्य के बाहर फँसे लोगों को लॉकडाउन पीरियड ख़त्म होने के बाद वापस लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से बात की जाएगी और वापस लौटने वाले लोगों को 14 दिन के लिए कंपल्सरी क्वारंटीन पर रखा जाएगा.

    उन्होंने कहा कि ओडिशा के कई लाख लोग दूसरे राज्यों में फँसे हुए हैं. इनमें विद्यार्थी, मज़दूर, तीर्थयात्री, मरीज़ आदि शामिल हैं.

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाक़ों में इसे पंचायत स्तर पर लागू किया जाएगा जिसे लागू करने के लिए सरपंच को कलेक्टर के अधिकार दिए जाएँगे.

    साथ ही क्वारंटीन पर भेजे जाने वाले लोगों को 2000 रुपये की सहायता दी जाएगी.

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  3. युवा दिखाएँगे स्वस्थ और समृद्ध भविष्य का रास्ताः पीएम मोदी

    पीएम मोदी

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    अर्थव्यवस्था को लॉकडाउन से हुए नुक़सान और इसे लेकर जारी चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया है कि 'ऐसे समय में जब दुनिया कोविड-19 से लड़ रही है, भारत के ऊर्जावान और नई सोच वाले युवा एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की राह दिखाएँगे.'

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  4. स्पेनः रोज़ाना होने वाली मौतों की संख्या घटी

    स्पेन

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    स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि रविवार को और 410 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

    शनिवार को रोज़ाना होने वाली मौतों की संख्या 565 थी.

    स्पेन में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 20,453 हो गई है.

    देश में संक्रमित लोगों की संख्या 195,944 हो गई है.

  5. सऊदी अरबः मौलवियों ने कहा, रमज़ान के दौरान इकट्ठा ना हों मुसलमान

    सऊदी अरब

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    सऊदी अरब की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने दुनिया भर के मुसलमानों से आग्रह किया है कि वो रमज़ान के महीने में प्रार्थना के लिए एक जगह इकट्ठा ना हों.

    सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार द काउंसिल ऑफ़ सीनियर स्कॉलर्स ने मुसलमानों से कहा कि वो एक जगह इकट्ठा होने से बचें क्योंकि संक्रमण सबसे ज़्यादा इसी से फैलता है.

    सुन्नी बहुल देश ने मक्का समेत देश के सारी मस्जिदों को बंद कर दिया है.

    उधर शिया बहुल ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतोल्लाह ख़मेनेई ने मुसलमानों से कहा है कि रमज़ान के महीने में उन्हें रोज़ा रखने की ज़रूरत नहीं अगर इससे उनकी सेहत पर ख़तरा आता है.

  6. कोरोना वायरस: देसी नुस्खों से वाकई बढ़ाई जा सकती है इम्युनिटी?

  7. अस्पताल ने कहा, मुस्लिम मरीज़ निगेटिव कोरोना रिपोर्ट के साथ ही आएं

  8. झारखंड में 4 नए लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

    रवि प्रकाश

    राँची से बीबीसी हिन्दी के लिए

    रांची

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    झारखंड में चार नए कोरोना संक्रमित मरीज़ों की पहचान की गई है.

    अब तक कुल 38 लोगों में कोविड-19 के संक्रमण की पुष्टि हुई है. इनमें से 2 लोगों की मौत हो चुकी है.

    राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (रिम्स) के निदेशक डॉक्टर डीके सिंह ने बताया कि नए मरीज़ों में से 3 राँची और 1 सिमडेगा के हैं.

    राँची हॉटस्पॉट के तौर पर सामने आया है. यहाँ अभी तक कुल 21 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. इनमें से 2 विदेशी नागरिक हैं.

    रांची

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    इसके अलावा राँची निवासी एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी की भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी.

    शनिवार शाम दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में उनकी मौत हो गई. उन्हें शुक्रवार को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था.

    उनकी मौत दिल्ली में हुई, लिहाज़ा उन्हें झारखंड की मृत मरीज़ों की सूची में शामिल नहीं किया गया है.

    इधर, कोरोना संक्रमित रिटायर्ड आइएएस की मौत के बाद राँची के लेक व्यू हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है.

    उन्हें दिल्ली ले जाए जाने से पहले उनका इलाज इस अस्पताल में कराया गया था. उनके फ़्लैट को भी सील किया गया है.

  9. बीते 24 घंटे में भारत में 1334 नए मामले, 27 मौतें, पढ़ें, स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में और क्या-क्या बताया गया..

    व्यक्ति

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    स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 2231 लोग ठीक हो चुके हैं.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक़, कल से अब तक 1334 नए मामले आए हैं और अब देश में 15712 नए मामले हैं. बीते चौबीस घंटे में 27 मौतें हुई हैं, कोरोना से अब तक देश में कुल 507 मौतें हुई हैं.

    अग्रवाल ने बताया, "पुड्डुचेरी के माहे और कर्नाटक के कोडागू में पिछले 28 दिनों से कोई केस नहीं आया है. इसके अलावा 54 ऐसे ज़िले हैं जहां पिछले 14 दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है. इसमें 10 नए ज़िले जुड़े हैं. ये ज़िले हैं बिहार के गया और सारण, उत्तर प्रदेश का बरेली, फ़तेहगढ़ साहिब रूप नगर पंजाब से, हरियाणा से भिवानी, हिसार और फ़तेहाबाद और असम में कचार और लखीमपुर. हमारी कोशिश है कि इन ज़िलों में कोई नया मामला सामने ना आए."

    उन्होंने बताया, "आज एक हाई लेवल टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है जो वैक्सीन के काम पर समन्वय करेगी. इस टास्क फ़ोर्स का मुख्य उद्देश्य अकादमी, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रयासों को गति देना है."

    14 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था कि बीस अप्रैल के बाद कुछ इलाक़ों में राहतें दी जाएगीं.

    लव अग्रवाल ने बताया कि हॉटस्पाट ज़िलों के कंटेनमेंट एरिया में ये राहत लागू नहीं होगी.

    उन्होंने बताया, "हमारे स्वास्थ्य मंत्रलाय के दिशानिर्देशों के मुताबिक हॉटस्पॉट या रेड ज़ोन वो इलाक़े हैं जहां बड़ी तादाद में मामले सामने आए हैं या कोरोना के मामलों के दोगुना होने की रफ़्तार चार दिन से कम है."

    इन हॉटस्पाट में स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर भी बीमारी को रोकने के लिए कंटेनमेंट ज़ोन और बफ़र ज़ोन बनाते हैं.

    उन्होंने कहा, “इन कंटेनमेंट ज़ोन में किसी तरह की राहत देने की अनुमति नहीं है. यहां ज़रूरी सेवाओं के अलावा और कोई सेवाएं लागू नहीं की जाएंगी.”

    उन्होंने कहा, "इन कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर के इलाक़ों में ज़िला और राज्य प्रशासन को ये सुनिश्चित करना है कि वहां लॉकडाउन से जुड़े क़दमों का पालन किया जाए. ऑफ़िस, फ़ैक्ट्री या अन्य जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन हो."

    लव अग्रवाल ने बताया, "जो गतिविधियां देश में तीन मई तक बंद रहेंगी, वो राहत दिए जाने वाले इलाक़ों में भी बंद रहेंगी. इसमें सड़क, रेल और हवाई यात्राएं शामिल हैं. इसके अलावा स्कूल कॉलेज और धार्मिक स्थल भी बंद रहेंगे. वो ओद्योगिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी जिन्हें विशेष तौर पर इजाज़त नहीं दी गई है. सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी."

    “कुछ गतिविधियों को राहत दी गई है और इन राहतों का उद्देश्य है देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खोलना. हमारी कोशिश धीरे-धीरे हालात सामान्य करने की है. सेवाओं को बहाल करते हुए ये ध्यान रखना है कि कोई लापरवाही ना हो. सोशल डिस्टेंसिंग का हर तरह से पालन किया जाना चाहिए.”

    मज़दूर

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    रोज़ाना प्रेस वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्या सलिला श्रीवास्तवा ने कहा है कि ग़ैर-ज़रूरी ई-कॉमर्स सेवाओं में लॉकडाउन की अवधि में रोक रहेगी.

    उन्होंने बताया, "ऐसे क्षेत्र जो हॉटस्पाट, क्लस्टर या कंटेनमेंट ज़ोन में नहीं आते हैं वहां सावधानी बरतनी है और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि छूट वास्तविक परिस्थितियों का सही से आंकलन करके ही दी जाए."

    उन्होंने कहा, "ज़िलाधिकारियों को उद्योग समूहों के साथ सहयोग से राज्यों के भीतर ही मज़दूरों के उनके कार्यस्थल पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करनी चाहिए. इससे मज़दूरों को रोज़गार के अवसर मिलने लगेंगे."

    उन्होंने कहा, "ऐसी इकाइयों के संचालन को प्राथमिकता देनी चाहिए जहां मज़दूरों को परिसर में ही रखने की व्यवस्था हो."

    गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, "राज्यों को यह भी सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि अब जब मेडिकल टीमें कम्युनिटी टेस्टिंग कर रही हैं तो मेडिकल टीमों को पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए. समुदाय के ज़िम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए और शांति समितियों को सक्रिय किया जाए. लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना होगा."

    उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय ने प्रवासी मज़दूरों की राज्य के भीतर आवाजाही को लेकर आज एसओपी जारी किया है."

    इस आवाजाही में सोशल डिस्टेंसिंग इत्यादी का सख़्ती से पालन किया जाना है.

    वहीं, प्रेसवार्ता में आईसीएमआर के प्रवक्ता ने बताया, "हमने अब तक 3,86,791 टेस्ट किए हैं. कल 37173 टेस्ट हुए हैं. अभी आईसीएमआर नेटवर्क में 194 लैब हैं."

  10. 20 अप्रैल से राज्य के भीतर आ-जा सकेंगे प्रवासी मज़दूर: गृह मंत्रालय

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन की वजह से फँसे मज़दूरों को कुछ शर्तों के साथ राज्य के भीतर ही उनके काम की जगहों पर जाने दिया जाएगा.

    हालाँकि, गृह सचिव अजय भल्ला ने स्पष्ट किया है कि 3 मई तक लॉकडाउन के दौरान एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर रोक जारी रहेगी.

    गृह सचिव की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस फैलने की वजह से उद्योगों, कृषि, भवन-निर्माण और दूसरे क्षेत्रों के मज़दूर उनकी काम की जगहों से हट गए हैं और वे प्रदेश सरकारों की ओर से चलाए जा रहे राहत शिविरों में रह रहे हैं.

    सरकार का ये दिशानिर्देश 20 अप्रैल से प्रभावी होगा और मज़दूर औद्योगिक, मैन्युफ़ैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, कृषि और मनरेगा से जुड़े काम कर सकेंगे.

    गृह मंत्रालय के आदेश में दिए गए दिशानिर्देश में कहा गया है कि सरकारी राहत शिविरों में ठहरे मज़दूरों को स्थानीय कार्यालयों में रजिस्टर करवाना होगा और उनके कौशल के आधार पर तय किया जाएगा कि वो क्या काम कर सकते हैं.

    आदेश में कहा गया है कि मज़दूरों का एक समूह अगर अपने कार्यस्थल पर लौटना चाहता है तो उनकी स्क्रीनिंग होगी और जिनमें किसी तरह के कोई लक्षण नहीं मिलेंगे, उन्हें उनके काम की जगहों पर भिजवा दिया जाएगा.

    बसों में यात्रा के दौरान ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सुरक्षित दूरी के मानदंडों का पालन हो रहा है और बसों को सैनिटाइज़ किया जा रहा है.

    आदेश में कहा गया है कि यात्रा के दौरान मज़दूरों के खाने-पीने की भी व्यवस्था की जाएगी.

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  11. दिल्ली में कोरोना का ख़तरा टला नहीं, बढ़ रहा हैः मनीष सिसोदिया

    दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में पॉज़िटिव आए मामलों पर चिंता जताते हुए ट्वीट कर लोगों को घर में रहने की सलाह दी है.

    उन्होंने कहा, "दिल्ली में कल 736 कोरोना टेस्ट किए गए इसमें से 186 पॉज़िटिव आए हैं. यह अच्छे संकेत नहीं हैं. जिन इलाक़ों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं उन्हें हॉटस्पॉट घोषित करके सील किया गया है. कोरोना का ख़तरा टला नहीं है बल्कि बढ़ रहा है. सभी से अपील है घरों में ही रहें."

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  12. कोरोना के डर से अस्पताल ने गर्भवती महिला को लौटाया, नवजात की मौत

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    एनआरएस मेडिकल कॉलेज

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    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सरकारी एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक डॉक्टर ने शनिवार शाम को एक गर्भवती महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया क्योंकि वह राज्य के रेड ज़ोन इलाके हावड़ा से आई थी.

    उसने घर लौटने के कुछ देर बाद एक बच्चे को जन्म दिया जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई.

    इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हंगामा मचा है. एनआरएस मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष शैवाल मुखर्जी ने दोषी डाक्टर के ख़िलाफ़ कार्रवाई का भरोसा दिया है.

    शैवाल मुखर्जी बताते हैं, “मैंने प्रसूति विभाग के प्रमुख से बात की है. यह पता लगाया जा रहा है कि शनिवार शाम को कौन ड्यूटी पर था. ऐसे किसी गर्भवती महिला को अस्पताल से लौटाया नहीं जा सकता.”

    एनआरएस मेडिकल कॉलेज

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    उस महिला के एक परिजन ने बताया, हमने डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़कर महिला को दाख़िला देने का अनुरोध किया था.

    लेकिन वहां तैनात जूनियर डॉक्टरों ने पहले हमें नेशनल मेडिकल कॉलेज जाने को कहा.

    डॉक्टरों का कहना था कि चूंकि हम लोग हावड़ा से आए हैं, इसलिए प्रसव के बाद मां और शिशु को 14 दिनों के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा और इस दौरान कोई भी उनसे मुलाक़ात नहीं कर सकता.

    इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

    विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को ड्यूटी पर रहने वाले डाक्टरों को तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है.

    मरीज़ कल्याण समिति के अध्यक्ष शांतनु सेन कहते हैं, “यह बेहद अमानवीय घटना है. दोषी डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इनमें डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफ़ारिश करना भी शामिल है.”

  13. पटना में लॉकडाउन की ड्रोन से निगरानी

    ड्रोन

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    समाचार एजेंसी एएनआई ने पटना के ज़िलाधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि बिहार की राजधानी पटना में अलग-अलग इलाक़ों में 10 ड्रोन्स की मदद से लॉकडाउन तोड़ने वालों पर नज़र रखी जा रही है.

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  14. अमेज़न-फ़्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियाँ केवल ज़रूरी सामानों की ही करेंगी सप्लाई

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स कंपनियाँ लॉकडाउन के दौरान ग़ैर-ज़रूरी सामानों की सप्लाई नहीं कर सकतीं.

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  15. ओडिशा: लॉकडाउन उल्लंघन करने पर 8 युवा गिरफ़्तार

    सुब्रत पति

    भुवनेश्वर से

    ओडिशा के जाजपुर ज़िले के रसूलपुर ब्लॉक में कथित तौर पर स्थानीय बीडीओ के ऊपर हमला करने के मामले में 8 युवाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

    बीडीओ उमाकांत परिडा ने अपने एफ़आईआर में लिखा कि लॉकडाउन के समय वह पेट्रोलिंग कर रहे थे. कुछ युवा बिना मास्क के मोटरसाइकिल पर घूम रहे थे. उनको रोकने के समय उन युवाओं के साथ कुछ स्थानीय मुस्लिम लोगों ने उन पर जानलेवा हमला किया.

    स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी मनोज स्वाइन ने बीबीसी को बताया की इस मामले में कल 3 और आज 5 लोगों को पकड़ा गया है. मामले में और कुछ लोगों को भी अरेस्ट किया जा सकता है.

    इससे पहले कटक में लॉकडाउन के समय पुलिस पर हमले के मामले में 25 लोगों को अरेस्ट किया गया था.

  16. भारत-पोलैंड भाई-भाई

    17 अप्रैल को भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बराकोवोस्की ने भारत से हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन मिलने पर हिन्दी में एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में वो हिन्दी में बोल रहे हैं और भारत को शुक्रिया कह रहे हैं. उन्होंने इस वीडियो मैसेज में कहा कि वो पोलैंड की तरफ़ से भारत को धन्यवाद दे रहे हैं. इस वीडियो मैसेज का अंत उन्होंने भारत पोलैंड भाई-भाई से किया है.

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  17. ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में भारत की बढ़ी प्रासंगिकता

    संयुक्त अरब अमीरात ने भारत को हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन भेजने के लिए शुक्रिया कहा है. हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन का पहला खेप यूएई 55 लाख टैबलेट के रूप में पहुंचा है. इस दवाई का इस्तेमाल दुनिया भर के देश कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में कर रहे हैं. हालांकि यह दवाई कोविड-19 में कितनी कारगर है इस पर विवाद है.

    अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दवाई को गेमचेंजर कहा था. मलेरिया में दी जाने वाली भारत की यह दवाई दुनिया भर के कई देशों ने मंगवाई है. इसमें अमरीका, इसराइल से लेकर तुर्की और मलेशिया तक शामिल हैं. भारत ने पिछले महीने इस दवाई के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को ख़त्म किया था.

    स्पूतनिक न्यूज़ के अनुसार कश्मीर पर पाकिस्तान के साथ खड़े रहने वाले तुर्की और मलेशिया ने भी भारत से ये दवाई मांगी है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन के कारण भारत की डिप्लोमैसी और मज़बूत हुई है. भारत ने न केवल दुनिया भर में हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन भेजे हैं बल्कि नेपाल, मालदीव और कुवैत में आर्मी के डॉक्टरों की टीम को भी रवाना किया है.

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  18. कोरोना वायरस: लॉकडाउन के बाद इंसानों की जगह रोबोट ले लेंगे?

  19. चीन को लेकर था डर

    अब कोई भी विदेशी कंपनी बिना सरकार की अनुमति के कथित ऑटोमैटिक रूट से किसी भारतीय कंपनी का टेकओवर नहीं कर सकती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से सराकर के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है, ''संकट की घड़ी में हम नहीं चाहते कि हमारी कंपनियों को कोई विदेश कंपनी मजबूरी का फ़ायदा उठाकर टेकओवर कर ले.''

    इस तरह की पाबंदी बांग्लादेश और पाकिस्तान के लिए पहले से ही थी. अब तक यह नियम चीन, भूटान, अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार और नेपाल के लिए नहीं था. चीनी कंपनियों के लीगल सलाह देने वाले संतोष पाई ने इस मामले में रॉयटर्स से कहा है, ''निश्चित तौर पर इसका असर चीनी निवेशकों के सेंटिमेंट पर होगा. हालांकि इससे ग्रीनफील्ड निवेश पर कोई असर नहीं पड़ेगा.''

    मोदी चाइना

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  20. राहुल गांधी ने किया आगाह, मोदी सरकार ने लिया फ़ैसला

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 अप्रैल को ट्वीट कर विदेशी निवेश को लेकर नियम कड़ा करने का सुझाव दिया था. अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा था, ''अर्थव्यवस्था की बुरी हालत के कारण भारतीय कॉर्पोरेट्स कमज़ोर होंगे और ये टेकओवर के आसान शिकार बनेंगे. सरकार को राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में किसी भी भारतीय कंपनी के विदेशी टेकओवर की अनुमति नहीं देनी चाहिए.''

    जब 18 अप्रैल को सरकार ने फ़ैसला लिया कि पड़ोसी देशों की कोई कंपनी भारतीय कंपनी का टेकओवर केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद ही करेगी तो राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को शुक्रिया कहा. राहुल ने अपने नए ट्वीट में लिखा है, ''मेरी चेतावनी पर ध्यान देने और एफडीआई के नियमों को संशोधित करने के लिए सरकार को शुक्रिया.''

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