स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में
बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 2231 लोग ठीक हो चुके हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक़,
कल से अब तक 1334 नए मामले आए हैं और अब देश में 15712 नए मामले हैं. बीते
चौबीस घंटे में 27 मौतें हुई हैं, कोरोना से अब तक देश में कुल 507 मौतें हुई
हैं.
अग्रवाल ने बताया, "पुड्डुचेरी के माहे और
कर्नाटक के कोडागू में पिछले 28 दिनों से कोई केस नहीं आया है. इसके अलावा 54 ऐसे ज़िले
हैं जहां पिछले 14 दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है. इसमें 10 नए
ज़िले जुड़े हैं. ये ज़िले हैं बिहार के गया और सारण, उत्तर प्रदेश का बरेली,
फ़तेहगढ़
साहिब रूप नगर पंजाब से, हरियाणा से भिवानी, हिसार और फ़तेहाबाद और असम में कचार और
लखीमपुर. हमारी कोशिश है कि इन ज़िलों में कोई नया मामला सामने ना आए."
उन्होंने बताया, "आज एक हाई लेवल टास्क
फ़ोर्स का गठन किया गया है जो वैक्सीन के काम पर समन्वय करेगी. इस टास्क फ़ोर्स का
मुख्य उद्देश्य अकादमी, इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रयासों को गति
देना है."
14 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा
था कि बीस अप्रैल के बाद कुछ इलाक़ों में राहतें दी जाएगीं.
लव अग्रवाल ने बताया कि हॉटस्पाट ज़िलों के कंटेनमेंट एरिया
में ये राहत लागू नहीं होगी.
उन्होंने बताया, "हमारे स्वास्थ्य
मंत्रलाय के दिशानिर्देशों के मुताबिक हॉटस्पॉट या रेड ज़ोन वो इलाक़े हैं जहां
बड़ी तादाद में मामले सामने आए हैं या कोरोना के मामलों के दोगुना होने की रफ़्तार
चार दिन से कम है."
इन हॉटस्पाट में स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर भी बीमारी को
रोकने के लिए कंटेनमेंट ज़ोन और बफ़र ज़ोन बनाते हैं.
उन्होंने कहा, “इन कंटेनमेंट ज़ोन में किसी तरह की राहत
देने की अनुमति नहीं है. यहां ज़रूरी सेवाओं के अलावा और कोई सेवाएं लागू नहीं की
जाएंगी.”
उन्होंने कहा, "इन कंटेनमेंट ज़ोन के
बाहर के इलाक़ों में ज़िला और राज्य प्रशासन को ये सुनिश्चित करना है कि वहां
लॉकडाउन से जुड़े क़दमों का पालन किया जाए. ऑफ़िस, फ़ैक्ट्री या अन्य
जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन हो."
लव अग्रवाल ने बताया, "जो गतिविधियां देश में
तीन मई तक बंद रहेंगी, वो राहत दिए जाने वाले इलाक़ों में भी बंद रहेंगी. इसमें
सड़क, रेल और हवाई यात्राएं शामिल हैं. इसके अलावा स्कूल कॉलेज और धार्मिक स्थल भी
बंद रहेंगे. वो ओद्योगिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी जिन्हें विशेष तौर पर इजाज़त
नहीं दी गई है. सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी."
“कुछ गतिविधियों को राहत दी गई है और इन राहतों का उद्देश्य है
देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खोलना. हमारी कोशिश धीरे-धीरे हालात सामान्य करने
की है. सेवाओं को बहाल करते हुए ये ध्यान रखना है कि कोई लापरवाही ना हो. सोशल
डिस्टेंसिंग का हर तरह से पालन किया जाना चाहिए.”
रोज़ाना प्रेस वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्रालय की
प्रवक्ता पुण्या सलिला श्रीवास्तवा ने कहा है कि ग़ैर-ज़रूरी ई-कॉमर्स सेवाओं में
लॉकडाउन की अवधि में रोक रहेगी.
उन्होंने बताया, "ऐसे क्षेत्र जो
हॉटस्पाट, क्लस्टर या कंटेनमेंट ज़ोन में नहीं आते हैं वहां सावधानी बरतनी है और यह
सुनिश्चित करना आवश्यक है कि छूट वास्तविक परिस्थितियों का सही से आंकलन करके ही
दी जाए."
उन्होंने कहा, "ज़िलाधिकारियों को
उद्योग समूहों के साथ सहयोग से राज्यों के भीतर ही मज़दूरों के उनके कार्यस्थल पर
स्थानांतरित करने की व्यवस्था करनी चाहिए. इससे मज़दूरों को रोज़गार के अवसर मिलने
लगेंगे."
उन्होंने कहा, "ऐसी इकाइयों के संचालन
को प्राथमिकता देनी चाहिए जहां मज़दूरों को परिसर में ही रखने की व्यवस्था
हो."
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, "राज्यों को यह
भी सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि अब जब मेडिकल टीमें कम्युनिटी टेस्टिंग कर रही हैं
तो मेडिकल टीमों को पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए. समुदाय के ज़िम्मेदार लोगों
को शामिल किया जाए और शांति समितियों को सक्रिय किया जाए. लोगों में फैली
भ्रांतियों को दूर करना होगा."
उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय ने
प्रवासी मज़दूरों की राज्य के भीतर आवाजाही को लेकर आज एसओपी जारी किया है."
इस आवाजाही में सोशल डिस्टेंसिंग इत्यादी का सख़्ती से पालन
किया जाना है.
वहीं, प्रेसवार्ता में आईसीएमआर के प्रवक्ता ने बताया,
"हमने
अब तक 3,86,791 टेस्ट किए हैं. कल 37173 टेस्ट हुए हैं. अभी
आईसीएमआर नेटवर्क में 194 लैब हैं."