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जामिया मामला: अमित शाह ने कहा- कुछ पार्टियाँ भड़का रही हैं हिंसा

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चौतरफ़ा सवाल उठ रहे हैं. प्रियंका गांधी ने कहा- ये तानाशाही.

लाइव कवरेज

  1. राहुल ने शांतिपूर्ण विरोध का किया समर्थन

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर सीएबी और एनआरसी पर मोदी सरकार को घेरा है. राहुल ने अपने ट्वीट में कहा है, ''नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को भारत में बड़े पैमाने पर लामबंदी के लिए फासीवादियों की ओर से हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. इस गंदे हथियार के ख़िलाफ़ सबसे बढ़िया बचाव है शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक सत्याग्रह. जो सीएबी और एनआरसी का शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं हम उनके साथ खड़े हैं.''

  2. इरफ़ान पठान ने जताई चिंता

    क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने कहा है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्टूडेंट को लेकर वो चिंतित हैं. उन्होंने कहा, ''राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहेगा लेकिन मैं जामिया के स्टूडेंट्स को लेकर चिंतित हूं.''

  3. जामिया में क्या हुआ था रविवार को?

    बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने जामिया यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी गार्ड और छात्रों से पूछा कि रविवार को कैसे हालात हुए बेक़ाबू.

  4. लखनऊ यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार लखनऊ के एसपी कलानिधि नैथानी ने कहा है कि डेढ़ सौ लोगों की भीड़ जब नागरिकता क़ानून का विरोध कर रही थी उसी दौरान 30 सेकेंड तक पत्थरबाजी हुई. अब हालात सामान्य हैं. छात्र क्लासरूम में वापस चले गए हैं.''

  5. जामिया की वीसी ने जताया दुख

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की उपकुलपति प्रोफ़ेसर नजमा अख़्तर ने विश्वविद्यालय में हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए पूरे वाक़ये पर दुःख जताया है.

    उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ''मेरे छात्रों साथ हुई बर्बरता की तस्वीरें देखकर मैं बहुत दुखी हूं. पुलिस का कैंपस में बिना इजाज़त आना और लाइब्रेरी में घुसकर बेगुनाह बच्चों को मारना अस्वीकार्य है. मैं बच्चों से कहना चाहता हूं कि आप इस मुश्किल घड़ी में अकेले नहीं हैं. मैं आपके साथ हूं. पूरी यूनिवर्सिटी आपके साथ खड़ी है.''

  6. देश भर में हिंसा

    इंदिरा जय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ''हमलोग यहां इसलिए आए हैं कि देश भर में हिंसा भड़क गई है. ऐसी हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान ले. यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है. इन मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए जांच होनी चाहिए.''

  7. जस्टिस बोबडे ने पूछा सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान क्यों हुआ

    वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और कोलिन गोनसाल्वेज ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि छात्रों के ख़िलाफ़ हिंसा की सुप्रीम कोर्ट जांच करे. इन्होंने मांग की है कि इसकी जांच के लिए रिटायर जज को भेजा जाए. इस पर जस्टिस बोबडे ने पूछा है, ''सावर्जनिक संपत्ति का नुक़सान क्यों किया गया? बसें क्यों जलाई गईं? चाहे जिसने भी तोड़फोड़ की शुरुआत की है, पहले उसे रोका जाए.''

  8. लखनऊ यूनिवर्सिटी में पत्थरबाजी

    नए नागरिकता क़ानून को लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद पुलिस छात्रों को कैंपस के भीतर रखने की कोशिश कर रही थी, इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई. सुरक्षा बलों ने गेट बंद कर दिया है. कैंपस के भीतर भी पत्थरबाजी की ख़बर है.

  9. इस मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए अदालत तक आने के लिए कहा.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े ने कहा,”बस इसलिए कि वो छात्र हैं, इसका मतलब ये नहीं कि वो क़ानून-व्यवस्था अपने हाथ में ले लें, इस बात का फ़ैसला तभी होगा जब स्थिति शांत हो जाए. पहले दंगे बंद होने चाहिए.”

  10. सुप्रीम कोर्ट जामिया हिंसा की करेगा सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने जामिया में हुई हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि हिंसा बंद होनी चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा है कि वो इस बारे में दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करेगी.