ब्रेकिंग न्यूज़, मुरली मनोहर जोशी ने जताई खुशी
''मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि राम जन्मभूमि आंदोलन में बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए मुझे भी कुछ योगदान करने का मौक़ा मिला था.''
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से विवादित ज़मीन पर फ़ैसला रामलला के पक्ष में सुनाया और मुस्लिम पक्ष को अलग पाँच एकड़ ज़मीन मस्जिद के लिए देने का निर्देश दिया है.
''मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि राम जन्मभूमि आंदोलन में बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए मुझे भी कुछ योगदान करने का मौक़ा मिला था.''
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा है, ''विजय के इस क्षण में हमें अशोक सिंघल को याद रखना चाहिए और नरेंद्र मोदी सरकार तत्काल उन्हें भारत रत्न दे.''
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस ने कहा कि इस फ़ैसले का स्वागत करना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण का पक्षधर है.
मस्जिद हम किसी को दे नहीं सकते. यह हमारी शरियत में नहीं है. लेकिन कोर्ट का फ़ैसला मानेंगे.
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील ने ज़फ़रयाब ज़िलानी ने फ़ैसले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''हम फ़ैसले पर अभी मश्विरा करेंगे और बाद में तय करेंगे कि इसकी समीक्षा के लिए याचिका दायर करेंगे या नहीं. इस फ़ैसले का आदर करना चाहिए. हमें इसके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं करना चाहिए.''
राजनाथ सिंह ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को सहज होकर स्वीकार करना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने फ़ैसले पर कहा, ''सभी को सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मानना चाहिए और शांति कायम रखनी चाहिए.''
कोर्ट ने कहा कि सरकार तीन महीने के भीतर जो ट्रस्ट बनाएगी उसमें निर्मोही अखाड़ा होगा या नहीं यह सरकार को तय करेगी.
जहां पर बाबरी मस्जिद के गुंबद थे वो जगह हिन्दू पक्ष को मिली.
अदालत ने कहा कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ अलग उपयुक्त ज़मीन दी जाए.
जब भारतीय पुरातत्विक सर्वेक्षण यानी 'आर्केयोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया' के तत्कालीन महानिदेशक बीबी लाल ने पहली बार राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद की विवादित भूमि का पुरातात्विक सर्वेक्षण किया था तब उस टीम में केके मुहम्मद भी शामिल थे. ये बात 1976 और 1977 की है जब मुहम्मद ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के बाद 'स्कूल ऑफ़ आर्केयोलॉजी' में पढ़ना शुरू किया था यानी वे इस सर्वेक्षण में बतौर छात्र शामिल हुए थे.
कुछ सालों बाद केके मुहम्मद ने सबको तब चौंका दिया जब उन्होंने विवादित स्थल पर हुए पुरातात्विक सर्वेक्षण का ख़ुलासा करते हुए कहा था कि 'वहां से प्राचीन मंदिरों' के अवशेष मिले थे.
कई जानकारों का कहना है कि यह पक्के तौर पर कहना मुश्किल है कि ये अवशेष हिंदू मंदिर के ही हैं, कुछ पुरातत्वविद यह भी कहते हैं कि वहां जैन या बौद्ध मंदिर होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
पढ़ें पूरी कहानी: क्या पुरातात्विक सर्वेक्षण में राम मंदिर के अवशेष मिले थे?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर अयोध्या पर एक कार्ययोजना तैयार करने का कहा है.
अंदर के चबूतरे पर कब्ज़े को लेकर गंभीर विवाद रहा है. 1528 से 1556 के बीच मुसलमानों ने वहां नमाज़ पढ़ जाने का कोई सबूत पेश नहीं किया.
बाहरी चबूतरे पर मुसलमानों का क़ब्ज़ा कभी नहीं रहा. 6 दिसंबर की घटना से यथास्थिति टूट गई.
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड इस स्थान के इस्तेमाल का सबूत नहीं दे पाया.
बाहरी चबूतरे पर हमेशा से हिन्दुओं का क़ब्ज़ा रहा. ऐतिहासिक यात्रा वृतांतों को भी ध्यान में रखा गया है.
ऐतिहासिक यात्रा वृतांत बताते हैं कि सदियों से मान्यता रही है कि अयोध्या ही राम का जन्मस्थान है.
हिन्दुओं की इस आस्था को लेकर कोई विवाद नहीं है. आस्था उसे मानने वाले व्यक्ति की निजी भावना है.
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मद्देनज़र कई जगहों पर सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम हैं और संवेदनशील जगहों पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं.