You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

आज का संदेश जोड़ने का है, जुड़ने का है, मिलकर जीने का है- पीएम मोदी

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से विवादित ज़मीन पर फ़ैसला रामलला के पक्ष में सुनाया और मुस्लिम पक्ष को अलग पाँच एकड़ ज़मीन मस्जिद के लिए देने का निर्देश दिया है.

लाइव कवरेज

  1. मथुरा में सख़्त सुरक्षा इंतज़ामों के बीच दर्शन

    मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की पंक्ति.

  2. अयोध्या के फ़ैसले पर बोला पाकिस्तान

    अयोध्या में मंदिर और मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पाकिस्तान से भी प्रतिक्रिया आ रही है.

    पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ ग़फ़ूर ने ट्वीट कर कहा, ''दुनिया ने एक बार फिर से अतिवादी भारत का असली चेहरा देख लिया है. पाँच अगस्त को कश्मीर का भारत ने संवैधानिक दर्जा ख़त्म किया और आज बाबरी मस्जिद पर फ़ैसला आया. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान दूसरे धर्म का आदर करते हुए गुरु नानक के सेवकों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया.''

  3. पांच एकड़ ज़मीन की ख़ैरात नहीं चाहिए: ओवैसी

    ओवैसी ने शीर्ष अदालत की ओर से मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले पर भी असहमति जताई.

    ओवैसी की कही और अहम बातें

    • हम अपने क़ानूनी अधिकार के लिए लड़ रहे थे. मुसलमान ग़रीब है और भेदभाव भी उसके साथ हुआ है. लेकिन इन तमाम मजबूरियों के बावजूद मुसलमान इतना गया गुज़रा नहीं है कि वो अपने अल्लाह के घर के लिए पांच एकड़ ज़मीन न ख़रीद सके. हमें किसी को ख़ैरात या भीख की ज़रूरत नहीं है.
    • देखना होगा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पांच एकड़ ज़मीन को क़बूल करेंगे या नहीं, मेरी निजी राय ये है कि हमें इस प्रस्ताव को ख़ारिज़ करना चाहिए.
    • मुल्क अब हिंदू राष्ट्र के रास्ते पर जा रहा है. संघ परिवार और बीजेपी अयोध्या में इसे इस्तेमाल करेगी.
    • वहां शरीयत के ऐतबार से मस्जिद थी, है और रहेगी. हम अपनी नस्लों को ये बताते जाएंगे कि यहां 500 साल तक मस्जिद थी. लेकिन 1992 में संघ परिवार ने और कांग्रेस की साज़िश की वजह से उस मस्जिद को शहीद किया गया.
  4. मस्जिद नहीं गिरी होती तो क्या फ़ैसला आता: ओवैसी

    एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राजीव धवन और मुस्लिम पक्ष की बात सुप्रीम कोर्ट में रखने वाले दूसरे लोगों को शुक्रिया कहते हुए अपनी बात शुरू की और फ़ैसले पर असंतोष जताते हुए तथ्यों के ऊपर आस्था की जीत बताया है.

    उन्होंने कहा, "ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह मेरा भी यह मानना है कि हम इससे संतुष्ट नहीं है. सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम ज़रूर है पर अचूक नहीं है. ये जस्टिस जेएस वर्मा ने कहा था. जिन्होंने 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराया, आज उन्हीं को सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि ट्रस्ट बनाकर मंदिर का काम शुरू कीजिए. मेरा कहना ये है कि अगर मस्जिद नहीं गिराई गई होती तो कोर्ट क्या फ़ैसला देता?"

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम ज़रूर पर अचूक नहीं- ओवैसी

  6. मुल्क हिंदू राष्ट्र की ओर जा रहा है- ओवैसी

  7. पांच एकड़ की खै़रात की जरूरत की नहीं है- ओवैसी

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, अगर बाबरी मस्जिद ना गिरती को अदालत क्या फ़ैसला देती- ओवैसी

  9. हाशिम अंसारी के बेटे बोले, "हम पूरी तरह संतुष्ट"

    राम जन्मभूमि और बाबरी विवाद के सबसे उम्रदराज़ याचिकाकर्ता रहे दिवंगत हाशिम अंसारी के बेटे इक़बाल अंसारी ने कहा है कि वह अदालत के फ़ैसले से पूरी तरह संतु्ष्ट हैं.

    उन्होंने कहा, "हम 200 फ़ीसदी संतुष्ट हैं. कोर्ट ने जो फ़ैसला किया वो सही किया. हम पहले भी कोर्ट का सम्मान करते रहे हैं और आज भी यही कर रहे हैं. सरकार ने अगर ये मसला तय कर दिया तो ये अच्छी बात है. सरकार जो करेगी हम उसे मानेंगे. मैं हिंदू और मुसलमान दोनों भाइयों को कहना चाहता हूं कि सरकार ने ये मसला ख़त्म कर दिया, इसे मानें."

  10. अयोध्या पर फ़ैसले के बाद मथुरा में शाही ईदगाह के पास आम लोग.

  11. प्रियंका गांधी: फ़ैसले का सम्मान, भाईचारा बनाएं रखें

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदुओं को मस्जिद निर्माण में सहयोग देना चाहिए- बाबा रामदेव

  13. मथुरा-काशी पर क्या बोले भागवत?

    संघ प्रमुख मोहन भागवत से पत्रकारों ने पूछा कि क्या संघ अब मथुरा-काशी पर सक्रिय होगा, जैसा संघ के आनुषांगिक संगठनों की ओर से पहले नारे लगाए जाते थे?

    संघ प्रमुख ने ऐसी संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा, "मैं संघ में राष्ट्रीय पदाधिकारी भी नहीं था जब संघ इस आंदोलन से जुड़ गया. संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है. वह एक अपवाद के तौर पर इससे जुड़ा. अब हम दोबारा मनुष्य निर्माण के काम में लगेंगे."

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, फ़ैसले को हार-जीत की तरह न देखें: भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की है और 'झगड़ा-विवाद' समाप्त करने की बात कही है. उन्होंने यह भी अपील की है कि इसे हार-जीत की तरह नहीं देखना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "हम योगदान करने वाले सभी सहयोगियों और बलिदानियों को याद करते हैं. भाईचारा बनाए रखने के लिए सरकारी और समाज स्तर पर हुए प्रयासों का भी हम स्वागत और अभिनंदन करते हैं. संयमपूर्वक न्याय का इंतज़ार करने वाली भारतीय जनता भी बधाई की पात्र है. इसे जय-पराजय के रूप में नहीं देखना चाहिए. सभी से अनुरोध है कि संयमित और सात्विक तरीके से अपने आनंद को व्यक्त करें. अतीत की सभी बातों को भुलाकर हम सभी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे."

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, संघ प्रमुख मोहन भागवत- फै़सले को जय पराजय की दृष्टि से ना देखा जाए.

  16. फ़ैसले के बाद चर्चा में दिवंगत गोपाल सिंह विशारद

    अयोध्या फ़ैसले के साथ एक और नाम चर्चा में है. ये नाम है दिवंगत गोपाल सिंह विशारद का.

    69 साल बाद आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल सिंह विशारद को वहां पूजा करने का अधिकार दे दिया है.

    लेकिन यह फ़ैसला उनकी मौत के 33 साल बाद आया है.

    कौन थे गोपाल सिंह विशारद, पढ़िए पूरी ख़बर: गोपाल सिंह विशारद: मौत के 33 साल बाद मिला पूजा का हक़

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, रामभक्ति हो या रहीमभक्ति हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना अहम: मोदी

    अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है. यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में क़ानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है.''

    ''हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया. न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीक़े से समाधान कर दिया. देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फ़ैसला सुना दिया है.''

    ''इस फ़ैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है. देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें.''

  18. अमित शाह ने फ़ैसले का किया स्वागत

    केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कहा, ''मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा. यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा.''

    ''दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस क़ानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है. मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूँ.''

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, तेजस्वी यादव - मंदिर-मस्जिद सब अपने हैं

    तेजस्वी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का वो सम्मान करते हैं और देश में जितने भी अलग-अलग धर्मों के पूजा स्थल हैं सारे अपने हैं.