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लाइव, पश्चिम बंगाल: एनआईए ने टीएमसी पार्षद को किया गिरफ़्तार, पत्नी दो बार रह चुकीं सांसद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को हुगली ज़िले की रिसड़ा नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद शाक़िर अली को गिरफ़्तार किया है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, रौनक भैड़ा

  1. पश्चिम बंगाल: एनआईए ने टीएमसी पार्षद को किया गिरफ़्तार, पत्नी दो बार रह चुकीं सांसद, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को हुगली ज़िले की रिसड़ा नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद शाक़िर अली को गिरफ़्तार किया है.

    एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि शाक़िर अली को साल 2023 में रामनवमी के दिन बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.

    शाक़िर की पत्नी अपरूपा पोद्दार साल 2014 और 2019 में हुगली ज़िले की आरामबाग सीट से सांसद रही हैं.

    पति की गिरफ़्तारी के बाद पूर्व सांसद अपरूपा ने पत्रकारों से कहा, "भगवान और न्याय प्रक्रिया पर मुझे पूरा भरोसा है."

    एनआईए की एक छह सदस्यीय टीम केंद्रीय बल के जवानों के साथ मंगलवार को तलाशी के लिए शाक़िर के घर पहुंची थी. चार घंटे से ज़्यादा समय चली तलाशी और पूछताछ के बाद उनको गिरफ़्तार कर लिया गया.

    एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान शाक़िर के बयान में विसंगति के कारण उनको गिरफ़्तार किया गया.

    शाक़िर के घर तलाशी की खबर फैलते ही पार्टी के समर्थक मौके पर जुट गए और नारेबाज़ी करने लगे. इससे इलाक़े में तनाव फैल गया. बाद में रिसड़ा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची. एनआईए की टीम सुरक्षा घेरे में शाक़िर को लेकर वहां से निकल गई.

    दरअसल साल 2023 में अप्रैल के महीने में रामनवमी के दिन रिसड़ा समेत हुगली ज़िले के विभिन्न इलाक़ों और हावड़ा ज़िले के शिवपुर में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. यहां पर रामनवमी के जुलूस पर पथराव हुआ था. कुछ लोगों ने जुलूस पर हमला किया और मारपीट की. रिसड़ा में जुलूस के दौरान दो गुटों में झड़प, आगज़नी, और पत्थरबाज़ी के कारण पूरे इलाक़े में धारा 144 लगानी पड़ी, जिसके बाद इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं.

    उस जुलूस में भाजपा नेता और पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल थे. हिंसा के बाद पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों ने उनको और पार्टी के दूसरे नेताओं को वहाँ से सुरक्षित बाहर निकाला था.

    तब बीजेपी ने इस हिंसा के लिए शाक़िर अली और उनकी सांसद पत्नी अपरूपा को ज़िम्मेदार ठहराया था. लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया था.

    उस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी.

    इस बीच, सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में श्रीरामपुर थाने में पूर्व सांसद अपरूपा के ख़िलाफ़ भी एक मामला दायर हुआ है.

    पति की गिरफ़्तारी के दौरान अपरूपा की एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस हो गई. अब पुलिस ने खुद ही मामला दायर कर उन्हें बुधवार को थाने में पेश होने के लिए कहा है.

  2. डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ये अहम आदेश रद्द हुआ

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को सीमित करने वाला आदेश रद्द कर दिया है.

    दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन एक अहम आदेश जारी किया था.

    इसमें कहा गया था कि अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी रूप से रह रहे माता-पिता से पैदा हुए बच्चे अमेरिका के जन्मजात नागरिक नहीं होंगे.

    ट्रंप के इस आदेश पर पहले निचली अदालतों ने रोक लगाई और अब शीर्ष अदालत ने भी 6-3 के फ़ैसले में जन्मसिद्ध नागरिकता को बरकरार रखा है.

    यह फ़ैसला मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा है. उन्होंने कहा, "जिन बच्चों के माता-पिता अमेरिका में ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से या अस्थायी रूप से हैं, वे भी अमेरिकी संविधान के तहत जन्म से नागरिक हैं."

    उल्लेखनीय है कि अमेरिका उन 30 देशों में शामिल जो अपने यहां जन्मे हर व्यक्ति को स्वतः नागरिकता देते हैं.

  3. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में उनके ससुर ने ये कहा

    ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के ससुर ग़ुलामअली हद्दाद आदिल ने कहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से उनका अपने दामाद से कोई संपर्क नहीं हुआ है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, हद्दाद आदिल नेशनल असेंबली की डायग्नॉस्टिक काउंसिल के सदस्य भी हैं.

    उन्होंने मोजतबा के उस बयान का भी ज़िक्र किया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका से हुए समझौते पर भले सहमति दी, लेकिन असल में उनकी (मोजतबा ख़ामेनेई) राय अलग थी.

    ग़ुलामअली हद्दाद आदिल ने कहा कि यह मोजतबा ख़ामेनेई की निजी राय है.

    उन्होंने कहा, "पहले दिन से जब वे नेता बने, उन्होंने हमेशा लोगों को एकता बनाए रखने की सलाह दी. अब वे ऐसा बयान नहीं दे सकते जिससे बंटवारा हो."

    उन्होंने कहा, "उस बयान को पूरा पढ़ना और समझना चाहिए. अगर हम सिर्फ़ एक लाइन ही देखें और बाकी हिस्सों को न देखें, तो यह ग़लत व्याख्या होगी."

    गौरतलब है कि मोजतबा ख़ामेनेई के बयान से ईरानी शासन के अलग-अलग धड़ों में बड़ी राजनीतिक बहस पैदा कर दी है.

  4. आईसीसी विमेन टी-20 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्ट इंडीज़ के सेमीफ़ाइनल मैच की हिंदी लाइव कमेंट्री

  5. युद्धविराम को लेकर ईरान ने कहा- 'हमारी उंगली ट्रिगर पर है'

    ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न-ए-रज़ा ने अमेरिका को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि युद्धविराम तोड़ने पर कार्रवाई होगी.

    कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी से कहा कि "हम दुश्मन पर भरोसा नहीं करते."

    उन्होंने कहा, "हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं. कोई ऐसा न सोचे कि युद्धविराम तोड़े जाने पर हम कार्रवाई नहीं करेंगे."

    ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी प्रतिनिधि ईरान मुद्दे पर बातचीत के लिए क़तर की राजधानी दोहा पहुंचे हैं.

    हालांकि, क़तर की ओर से कहा गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं होगी.

  6. क़तर के विदेश मंत्रालय ने बताया- ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बैठक नहीं हो रही है

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और दामाद जैरेड कुश्नर क़तर की राजधानी दोहा पहुंच चुके हैं. क़तर के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस समय ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बैठक नहीं हो रही है.

    विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधियों की ईरानी अधिकारियों से सीधी मुलाक़ात तय नहीं है, लेकिन ट्रंप के प्रतिनिधि मध्यस्थों से मिलेंगे और वार्ता की प्रगति की समीक्षा करेंगे.

    प्रवक्ता ने यह भी बताया कि ईरान के फ्रीज़ हुए छह अरब डॉलर अब तक उसे ट्रांसफ़र नहीं किए गए हैं.

    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान की मांग पर दोहा में अमेरिकी पक्ष के साथ बैठक होगी.

    हालांकि, ईरान ने इन दावों को ख़ारिज किया.

  7. राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले ओवैसी- अगर ट्रस्ट में मुसलमान होता तो उसका एनकाउंटर कर देते

    अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है.

    सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार देर शाम को उत्तर प्रदेश में बिजनौर के नजीबाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया.

    इस दौरान उन्होंने कहा, "अगर राम मंदिर ट्रस्ट में मुसलमान होता और चंदा चोरी की घटना हो जाती तो उसका एनकाउंटर कर देते. बुलडोज़र से उसका घर तोड़ देते...केस क्लोज़."

    उन्होंने कहा, "चंपत तो मज़े में है. अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी की मांग भी नहीं की जाती है."

    गौरतलब है कि सोमवार को ही कथित चोरी और गड़बड़ी मामले में सभी आठ अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

  8. कार्टून: सबकी सुनता है?

  9. अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में कांग्रेस ने रखी ये 6 मांगें

    अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले में कांग्रेस ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है.

    कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का महापाप सामने आते ही एक एसआईटी गठित की गई, जिसकी रिपोर्ट सबमिट कर दी गई, लेकिन सार्वजनिक नहीं हुई."

    उन्होंने कहा, "इस एसआईटी का काम था प्यादों को पकड़ो और बड़े लोगों को छोड़ दो, ताकि माल ठिकाने लग जाए. देश के लोगों ने पूरी आस्था से दान किया था, लेकिन जब उनकी आस्था से खिलवाड़ हुआ तो एक गोपनीय एसआईटी बना दी गई, जिसकी रिपोर्ट का ही पता नहीं है."

    सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हुई, ये महापाप हुआ है. लेकिन राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर शिलान्यास करने वाले नरेंद्र मोदी चढ़ावा चोरी पर एक शब्द नहीं बोल रहे हैं."

    कांग्रेस ने सरकार से इस कथित चढ़ावा चोरी मामले पर ये मांगें की हैं-

    - योगी सरकार एसआईटी की जांच सार्वजनिक करे

    - श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए

    - चंपत राय और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर और जांच हो

    - शुरू से सारे चढ़ावों का निष्पक्ष ऑडिट किया जाए

    - इस कथित घोटाले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की ओर से जांच हो

    - पीएम मोदी चुप्पी तोड़ें और श्रद्धालुओं से माफ़ी मांगें

  10. ईरान: गोलीबारी की घटना में आईआरजीसी के दो सदस्य मारे गए

    ईरान के केरमानशाह प्रांतीय रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बताया है कि उसके दो सदस्य सोमवार शाम पावेह शहर में अपने घर के सामने हुई गोलीबारी में मारे गए.

    केरमानशाह प्रांत के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के जनसंपर्क कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने इस हमले को एक "आतंकी कृत्य" बताया है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं.

    घटना के बारे में अधिक जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है.

    यह ख़बर ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले बनेह शहर के आसपास लगातार सैन्य झड़पों की रिपोर्ट आई थी.

    तब रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी मीडिया ने कम से कम तीन सैनिकों के मारे जाने और पाँच अन्य के घायल होने की जानकारी दी थी.

  11. सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके का दावा- पुलिस लोगों को धरना स्थल पर आने से रोक रही है

    दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना जारी है. इस बीच मंगलवार को सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि पुलिस लोगों को धरना स्थल पर आने से रोक रही है.

    दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "जंतर मंतर पर भारी पुलिस तैनाती है. पुलिस लोगों को अंदर जाने नहीं दे रही है और हमारी टीम के कई अहम सदस्यों को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है."

    दीपके ने पूछा, "वे क्या करने की योजना बना रहे हैं?"

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर चल रहे धरने का मंगलवार को 11वां दिन है.

    इसी प्रदर्शन के तहत पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का मंगलवार को तीसरा दिन है.

  12. राजस्थान में कौन सी परीक्षा से पहले सामने आया नकल का मामला?, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए

    राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की पैरामेडिकल परीक्षा से पहले जयपुर के प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में कथित नकल का मामला सामने आया है.

    इस मामले में पुलिस ने प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संस्थापक देवकृष्ण मंडीवाल और रामकृष्ण मंडीवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

    दरअसल, जयपुर के प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज को पैरामेडिकल परीक्षाओं का सेंटर बनाया गया था. यहां 29 जून से 3 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित होनी थीं.

    जयपुर वेस्ट के डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया, "27 जून को पुलिस को सूचना मिली कि प्रभादेवी मेमोरियल कॉलेज में पैरामेडिकल का पेपर लीक हुआ है. इसके बाद एक टीम गठित की गई. टीम ने दो लोगों के पास से डायरी बरामद की, जिसमें छात्रों के नाम और पैसों का हिसाब लिखा था. फ़ोन पर चैट और परीक्षा सेंटर की लोकेशन भी भेजी गई थी."

    पुलिस ने देवकृष्ण मंडीवाल और रामकृष्ण मंडीवाल से डायरी बरामद कर फ़ोन जब्त किए और खोरा बीसल थाने में एफ़आईआर दर्ज की.

    खोरा बीसल थाने के थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बीबीसी को बताया, "इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें झुंझुनूं ज़िले के मुकुंदगढ़ स्थित एस करण कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग के लेक्चरर शंकर लाल जाट और एचओडी कृष्ण कुमार सैनी भी शामिल हैं."

    डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक़, "एस करण कॉलेज के करीब 45 छात्रों का सेंटर प्रभादेवी मेमोरियल कॉलेज में था. ये छात्र पहले की परीक्षाओं में उत्तीर्ण नहीं हो पा रहे थे और इन्हें नकल से पास कराने के लिए कॉलेज संचालकों ने मोटी रकम ली."

    हालांकि, पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया. चारों को रिमांड पर लिया गया है.

    मामले की जानकारी सामने आने पर हंगामा हुआ. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसके बाद राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने प्रभादेवी कॉलेज से परीक्षा सेंटर को निरस्त कर दिया है.

  13. भारत के नए आर्मी चीफ़ बने जनरल धीरज सेठ

    जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार (30 जून, 2026) को भारत के नए सेना प्रमुख की ज़िम्मेदारी संभाली हैं. वो भारत के 31वें आर्मी चीफ़ हैं.

    जनरल सेठ ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है. जनरल द्विवेदी सेना में 40 साल से ज़्यादा की सर्विस देने के बाद रिटायर हुए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जनरल सेठ नेशनल डिफ़ेंस एकेडमी (एनडीए), खड़कवासला के छात्र रहे हैं. उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था.

    सेना प्रमुख के पद का कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने थलसेना उप प्रमुख के रूप में भी काम किया है.

  14. डोनाल्ड ट्रंप ने पेट्रोल की क़ीमतों और इस पर लगने वाले टैक्स पर क्या कहा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश के रिटेलर्स से पेट्रोल की क़ीमतें तुरंत कम करने को कहा है.

    उनका कहना है कि कच्चे तेल की क़ीमत अब 68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है और इसमें गिरावट जारी है. ऐसे में पेट्रोल की क़ीमतें बहुत ज़्यादा हैं.

    उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अमेरिका के महान लोगों के लिए क़ीमतें कम करें. किसी तरह की मुनाफ़ाख़ोरी नहीं चलेगी, क्योंकि यह पूरी तरह ग़ैरक़ानूनी है. अगर रिटेलर्स ऐसा नहीं करते हैं, तो आगे बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं."

    उन्होंने कहा कि रिटेलर्स पेट्रोल की क़ीमतों को लगभग 2.50 डॉलर प्रति गैलन तक लाने की दिशा में काम शुरू कर दें.

    इसके अलावा, ट्रंप ने कैलिफ़ोर्निया राज्य पर पेट्रोल पर भारी टैक्स लगाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कैलिफ़ोर्निया को इतने भारी टैक्स लगाना बंद करना चाहिए.

    ट्रंप ने लिखा, "जल्द ही टैक्स ख़ुद प्रोडक्ट की क़ीमत से भी ज़्यादा हो जाएंगे. अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और न ही कैलिफ़ोर्निया के लोग करेंगे, जो इन बेहूदा टैक्स और अपनी ही सरकार की नीतियों से परेशान हैं."

    ईरान युद्ध की वजह से दुनियाभर में ईंधन की क़ीमतें बढ़ी हैं. कच्चे तेल की क़ीमतों में आए उछाल की वजह से ऐसा हुआ.

    ईरान ने युद्ध के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद रखा था. इस समुद्री मार्ग से दुनियाभर का 20 फ़ीसदी ऊर्जा व्यापार होता है.

  15. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  16. अमेरिकी सांसद रो खन्ना बोले, 'भारत-अमेरिका संबंध पिछले 30 सालों में सबसे निचले स्तर पर'

    अमेरिका में डेमोक्रेट पार्टी के सांसद रो खन्ना ने कहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले 30 सालों में सबसे निचले स्तर पर हैं.

    उन्होंने यह बयान वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फ़ोरम लीडरशिप समिट में दिया.

    कांग्रेसमैन रो खन्ना ने कहा, "भारत-अमेरिका संबंध पिछले 30 सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. ईरान के साथ जंग में जाने की ट्रंप की नीतियां पूरी तरह से विनाशकारी हैं. इसका भारत में गैस की क़ीमतों पर बहुत बुरा असर पड़ा है."

    उन्होंने कहा, "हमने अपने सहयोगी देशों से बिना चर्चा किए, यहां तक कि यूरोप, कनाडा या भारत से बात किए बिना ही एकतरफ़ा युद्ध में हिस्सा लिया और दुनियाभर में हालात बिगाड़ दिए. इससे हमारी विश्वसनीयता को नुक़सान पहुंचा है."

    रो खन्ना ने टैरिफ़ का मुद्दा भी उठाया.

    उन्होंने कहा, "इसके साथ ही टैरिफ़ वॉर की ग़ैर-व्यवहारिक नीतियों ने भी स्थिति को और ख़राब किया है."

  17. पुतिन ने यूक्रेनी हमलों से फ़्यूल की कमी की बात पहली बार मानी, जेम्स लैंडेल, कूटनीति मामलों के संवाददाता, मॉस्को से

    रूस में मॉस्को से लेकर काला सागर और उससे आगे तक एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर यूक्रेन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का असर लंबे समय से साफ़ दिखाई दे रहा है.

    पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें हैं और बड़े पैमाने पर ईंधन की राशनिंग हो रही है.

    रूस के नियंत्रण वाले यूक्रेन के क्राइमिया में ड्राइवरों को अपने वाहनों में ईंधन भरवाने से रोका गया, जिससे कि सैन्य वाहनों को प्राथमिकता दी जा सके.

    लेकिन स्थिति की गंभीरता ऐसी है कि अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार इसे खुलकर स्वीकार किया है.

    वीकेंड में रूस के राष्ट्रपति ने इस संकट पर वरिष्ठ अधिकारियों और तेल उद्योग के अधिकारियों के साथ चर्चा की. सार्वजनिक टिप्पणियों में भी वह असामान्य रूप से स्पष्ट नज़र आए.

    उन्होंने बैठक में कहा, "आप अच्छी तरह जानते हैं कि वाहन चालकों और कारोबारों, दोनों के लिए समस्याएं अब भी बनी हुई हैं. दुर्भाग्य से, पेट्रोल पंपों पर अब भी कतारें लग रही हैं और सही ग्रेड का पेट्रोल मिलना हमेशा आसान नहीं होता."

    उन्होंने कृषि क्षेत्र के सामने मौजूद मुश्किलों का भी ज़िक्र किया और कहा कि फ़सल की कटाई ईंधन आपूर्ति पर "निर्भर करती है".

    रूस के इंडिपेंडेट न्यूज़ आउटलेट मीडियाज़ोना के अनुसार, इस समय रूस के 56 क्षेत्रों में ईंधन संबंधी पाबंदियां लागू हैं.

  18. मायावती ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में क्या आरोप लगाए

    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है.

    मायावती ने एक्स पर लिखा, "अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी, ग़बन और हेराफेरी आदि की आ रहीं ख़बरें बहुत गंभीर और चिंतनीय हैं. ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं है."

    उन्होंने कहा कि अब आगे ऐसे मामले सामने न आएं, इसके लिए देश के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे के हिसाब-किताब के लिए जो व्यवस्था है उसे अयोध्या में भी लागू करना चाहिए.

    मायावती ने बीएसपी की ओर से राजनीतिक दलों और देशवासियों से एक अपील भी की.

    उन्होंने कहा, "देश में राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंध-धर्मीकरण न किया जाए तो यह सही और संवैधानिक होगा."

    बीते कई दिनों से राम मंदिर चढ़ावे में हुई कथित चोरी को लेकर बीजेपी और विपक्षी दल आमने-सामने हैं. विपक्षी दलों ने इस मामले में दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.

    उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर 8 अभियुक्तों पर एफ़आईआर और उनकी गिरफ़्तारी हो चुकी है.

  19. 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने सीजेआई को लिखा संयुक्त पत्र, इन मुद्दों को उठाया गया

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को एक संयुक्त पत्र लिखा है.

    इस पत्र के ज़रिए विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाया है. जयराम रमेश ने इसकी जानकारी एक्स पर दी.

    उन्होंने कहा, "विपक्षी दल एकजुटता, एकता और प्रतिरोध के सिद्धांतों पर मज़बूती से कायम हैं."

    जयराम रमेश ने कहा, "8 जून 2026 को हुई इंडिया जनबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने हिस्सा लिया था, जिसमें निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेजने का फ़ैसला लिया गया था."

    उन्होंने कहा, "इसके तहत 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर वाला संयुक्त पत्र आज (मंगलवार) भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया गया है."

    जयराम रमेश की इस पोस्ट पर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने दावा किया कि इस पत्र में आम आदमी पार्टी और डीएमके की ओर से भी हस्ताक्षर हुए हैं. हालांकि, इस दलों ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    ये दोनों पार्टियां आठ जून को इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई थीं.

  20. अमेरिकी राजदूत बोले, भारत के साथ ट्रेड डील 'अंतिम चरण में', पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा पर ये कहा

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपने "अंतिम चरण" में है और बातचीत का केवल आख़िरी 'एक-दो फ़ीसदी हिस्सा' पूरा होना बाकी है.

    उन्होंने भरोसा जताया कि लगभग 18 महीने की बातचीत के बाद यह समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले लेगा.

    वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फ़ोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि वह इस समझौते को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, क्योंकि इससे दोनों देशों को फ़ायदा होगा.

    उन्होंने कहा, "हम इस समझौते के अंतिम चरण में हैं. समझौते का ज़्यादातर हिस्सा पूरा हो चुका है. दोनों पक्षों की ओर से कुछ चीज़ें हैं जो अभी बाकी हैं. लेकिन वे समझौते के आख़िरी एक-दो फ़ीसदी के बराबर हैं."

    इसके अलावा सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित अमेरिका यात्रा के बारे में भी बात की.

    उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात के दौरान उन्हें आमंत्रित किया था. हम उन्हें यहां फिर से आते हुए देखकर ख़ुश होंगे. और मुझे पता है कि वह दिसंबर में जी20 के लिए यहां आने वाले हैं."