राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को हुगली ज़िले की रिसड़ा नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद शाक़िर अली को गिरफ़्तार किया है.
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि शाक़िर अली को साल 2023 में रामनवमी के दिन बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.
शाक़िर की पत्नी अपरूपा पोद्दार साल 2014 और 2019 में हुगली ज़िले की आरामबाग सीट से सांसद रही हैं.
पति की गिरफ़्तारी के बाद पूर्व सांसद अपरूपा ने पत्रकारों से कहा, "भगवान और न्याय प्रक्रिया पर मुझे पूरा भरोसा है."
एनआईए की एक छह सदस्यीय टीम केंद्रीय बल के जवानों के साथ मंगलवार को तलाशी के लिए शाक़िर के घर पहुंची थी. चार घंटे से ज़्यादा समय चली तलाशी और पूछताछ के बाद उनको गिरफ़्तार कर लिया गया.
एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान शाक़िर के बयान में विसंगति के कारण उनको गिरफ़्तार किया गया.
शाक़िर के घर तलाशी की खबर फैलते ही पार्टी के समर्थक मौके पर जुट गए और नारेबाज़ी करने लगे. इससे इलाक़े में तनाव फैल गया. बाद में रिसड़ा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची. एनआईए की टीम सुरक्षा घेरे में शाक़िर को लेकर वहां से निकल गई.
दरअसल साल 2023 में अप्रैल के महीने में रामनवमी के दिन रिसड़ा समेत हुगली ज़िले के विभिन्न इलाक़ों और हावड़ा ज़िले के शिवपुर में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. यहां पर रामनवमी के जुलूस पर पथराव हुआ था. कुछ लोगों ने जुलूस पर हमला किया और मारपीट की. रिसड़ा में जुलूस के दौरान दो गुटों में झड़प, आगज़नी, और पत्थरबाज़ी के कारण पूरे इलाक़े में धारा 144 लगानी पड़ी, जिसके बाद इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं.
उस जुलूस में भाजपा नेता और पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल थे. हिंसा के बाद पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों ने उनको और पार्टी के दूसरे नेताओं को वहाँ से सुरक्षित बाहर निकाला था.
तब बीजेपी ने इस हिंसा के लिए शाक़िर अली और उनकी सांसद पत्नी अपरूपा को ज़िम्मेदार ठहराया था. लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया था.
उस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी.
इस बीच, सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में श्रीरामपुर थाने में पूर्व सांसद अपरूपा के ख़िलाफ़ भी एक मामला दायर हुआ है.
पति की गिरफ़्तारी के दौरान अपरूपा की एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस हो गई. अब पुलिस ने खुद ही मामला दायर कर उन्हें बुधवार को थाने में पेश होने के लिए कहा है.