दिल्ली में सोमवार को भी ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में हवा, देखें तस्वीरें
दिल्ली में सोमवार को एक बार फिर से हवा की गुणवत्ता का स्तर ‘बहुत ख़राब’ की श्रेणी में दर्ज हुआ है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों पर नज़र डालें तो दिल्ली में सोमवार को भी अधिकतर जगहों पर हवा की गुणवत्ता का स्तर 350 से ऊपर है.
यह हवा की गुणवत्ता का ‘बहुत ख़राब’ स्तर भी है.
दिल्ली में यमुना में लगातार बढ़ रही झाग की परत भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है.
सोमवार को दिल्ली के आनंद विहार इलाक़े की हवा सबसे ज़्यादा प्रदूषित देखी गई है. आनंद विहार में सुबह के समय एक्यूआई 357 पर दर्ज किया गया.
साथ ही दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाक़े में यमुना नदी में झाग की मोटी परत भी दिख रही है.
दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है. इसी मुद्दे पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है.
अखिलेश ने लिखा, "दिल्ली में प्रदूषण का कहर ‘वार्षिक’ विषय बन गया है. देश की केंद्र सरकार जहाँ बैठती है जब वहीं पर्यावरण को साफ़ और सेहतमंद रखने के लिए केंद्र सरकार कुछ नहीं कर पा रही है तो बाक़ी देश का क्या. इसे कहते हैं चिराग़ तले अंधेरा."
अखिलेश यादव ने यूपी और केंद्र सरकार में सत्ताधारी दल बीजेपी को निशाने पर लेते हुए लिखा, “दुनियाभर में देश का डंका पीटने का दावा करनेवाली भाजपा सरकार राजधानी में ही देश की तस्वीर को धुंध से धुंधला होने से बचा नहीं पा रही है. यहीं पर दुनिया भर के देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों के आफ़िस भी हैं, उनके बीच इससे क्या संदेश जाता होगा. ये भाजपा सरकार के शासन और नीतियों की नाकामी है.”
यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने लिखा, "अब तो इस कहर का असर यूपी तक आने लगा है. चाहे यमुना नदी का जल प्रदूषण हो या वायु प्रदूषण ये जनता के स्वास्थ्य को और ताजमहल को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. उप्र की भाजपा सरकार को वैसे भी कुछ नहीं दिखाई देता है अब तो उन्हें धुंध का बहाना भी मिल जाएगा. ऐसे में जनता से आग्रह है कि अपने जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा स्वयं करें."
वहीं दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने रविवार को आरोप लगाते हुए कहा कि यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण दिल्ली गंभीर जल संकट से जूझ रही है.
आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस समस्या के लिए यमुना में हरियाणा से आने वाले औद्यौगिक कचरे को ज़िम्मेदार ठहराया.
पार्टी ने कहा कि सोनिया विहार और भागीरथी स्थित जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) यमुना के कच्चे पानी में अमोनिया की मात्रा से निपटने में संघर्ष कर रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में आपूर्ति बाधित हो रही है.
दिल्ली जल बोर्ड ने रविवार को घोषणा की कि यमुना में अमोनिया की मात्रा अधिक होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में एक नवंबर तक पानी की कमी रहेगी.