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राहुल गांधी ने 'लीडर ऑफ अपोज़िशन' का क्या मतलब समझाया

राहुल ने कहा- हिंदुस्तान के ग़रीब लोग, दलित,आदिवासी, पिछड़े ,अल्पसंख्यक, किसान और मज़दूर मैं आप का हूं.

सारांश

  • ओम बिरला चुने गए लोकसभा स्पीकर, पीएम मोदी समेत कई सांसदों ने दी बधाई
  • पीएम मोदी बोले- सदन का सौभाग्य है कि आप दूसरी बार इस आसन पर विराजमान हो रहे हैं
  • राहुल गांधी बोले- विपक्ष की आवाज़ दबाकर संसद चलाने का विचार अलोकतांत्रिक
  • दिल्ली सीएम केजरीवाल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर करेंगे याचिका
  • अमेरिकी अदालत से रिहा हुए जूलियन असांज, ऑस्ट्रेलिया पहुंचे

लाइव कवरेज

मुकुन्द झा, अरशद मिसाल

  1. ओम बिरला के फिर से स्पीकर चुने जाने पर क्या बोले पीएम मोदी?

    ओम बिरला एक बार फिर से लोकसभा के स्पीकर चुन लिए गए हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ओम बिरला की तारीफ़ की.

    पीएम ने कहा, ''ये सदन का सौभाग्य है कि आप दूसरी बार इस आसन पर विराजमान हो रहे हैं. आपको और इस पूरे सदन की तरफ़ से बहुत-बहुत बधाई देता हूं. अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण कालखंड में दूसरी बार इस पद पर विराजमान होना, आपको बहुत बड़ा दायित्व मिला है.''

    पीएम मोदी ने क्या कुछ और कहा?

    ''आप आने वाले पांच साल हम सबका मार्गदर्शन करेंगे. हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि विनम्र और व्यवहार कुशल व्यक्ति सदृश होता है और आपको मीठी मुस्कान भी मिली हुई है.''

    ''18वीं लोकसभा में स्पीकर का कार्यभार दूसरी बार संभालना...ये अपने आप में एक नया रिकॉर्ड बनते हम देख रहे हैं. श्री बलराम जाखड़ पहले ऐसे अध्यक्ष थे जिन्हें पांच साल कार्यकाल पूरा कर के फिर दोबारा स्पीकर बनने का अवसर मिला था. उसके बाद आप हैं जिन्हें पांच साल पूरा करने के बाद दोबारा इस पद पर आसीन होने का अवसर मिला है.''

    ''गत 20 साल का एक ऐसा कालखंड रहा है कि ज्यादातर स्पीकर या तो दोबारा चुनाव नहीं लड़े या फिर जीतकर नहीं आए हैं. आप समझ सकते हैं कि स्पीकर का काम कितना है लेकिन आप जीतकर आए हैं, आपने नया इतिहास गढ़ा.''

    ''इस सदन के ज्यादातर सांसद आपको जानते हैं. लेकिन आप एक सांसद के नाते काम करते हैं, ये भी जानने योग्य है और बहुत कुछ सीखने योग्य है. मुझे विश्वास है कि आपकी कार्यशैली हमारे युवा सांसद और पहली बार चुनकर आए सांसदों को ज़रूर प्रेरणा देगी.''

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, ओम बिरला चुने गए लोकसभा के स्पीकर

    ओम बिरला लोकसभा के स्पीकर पद के लिए चुन लिए गए हैं.

    ओम बिरला को पीएम नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने बधाई दी. ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के स्पीकर बने हैं. बिरला राजस्थान के कोटा से लोकसभा सांसद हैं.

    ओम बिरला ध्वनिमत से विजयी हुए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया था जिसके बाद अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह ने प्रस्ताव का समर्थन किया.

    एनडीए के घटल दलों के नेताओं ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया.

    पीएम मोदी ने कहा कि अगले पांच साल उनका मार्गदर्शन मिलेगा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के स्टाफ, प्रोटेम स्पीकर और सदस्यों का धन्यवाद भी किया.

    ओम बिरला से पहले बलराम जाखड़ को पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से स्पीकर का पद मिला था.

  3. लोकसभा स्पीकर चुनाव से पहले क्या बोले NDA के सांसद

    लोकसभा में स्पीकर पद के चुनाव से पहले तमाम सांसद संसद भवन पहुंच रहे हैं. वोटिंग से पहले NDA के सांसदों ने मीडिया से बातचीत की.

    हिमाचल के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, ''मेरा वही स्टैंड है जो पार्टी का है. हम बहुत उत्साहित हैं. मेरे लिए ये पहली बार है, इसलिए मैं उत्साहित हूं. हम जीतेंगे क्योंकि हमारी पार्टी सत्ता में है.''

    हाजीपुर से एलजेपी (रामविलास) के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ''लोकसभा का स्पीकर किसी एक पार्टी का नहीं होता है. वो पूरे सदन का होता है. ये एक परंपरा रही है कि स्पीकर सर्वसम्मति से चुना जाए...लेकिन विपक्ष की ज़िद के कारण ये स्थिति पैदा हुई है...उनके पास संख्याबल भी नहीं है.''

    अपना दल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल ने कहा, ''विपक्ष ने अपना उम्मीदवार उतारा है लेकिन एनडीए के कैंडिडेट ओम बिड़ला जी हैं और आश्वस्त हैं कि वो जीतेंगे. हमारे पास संख्या है, ये चुनाव तो बस दिखाने के लिए है.''

    बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ''ये अच्छा होता कि अगर चुनाव सर्वसम्मति से होते क्योंकि स्पीकर सबके होते हैं...लेकिन ये दुखद है कि विपक्ष ने इसे ऐसा बना दिया है...के. सुरेश अनुभवी नेता है, विपक्ष ने उन्हें क्यों नहीं विपक्ष का नेता बनाया?''

  4. लोकसभा स्पीकर आज़ादी के बाद से अब तक कौन और कैसे चुने गए

  5. सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर कोर्ट पहुंची सीबीआई

    बुधवार सुबह सीबीआई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर राउज़ एवेन्यु कोर्ट पहुंची.

    सीबीआई ने मंगलवार रात तिहाड़ जेल से अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिया था. सीबीआई की याचिका पर राउज़ एवेन्यु कोर्ट ने वॉरंट जारी किया था.

    बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की ज़मानत याचिका पर सुनवाई भी होने वाली है. इससे पहले ही सीबीआई ने तिहाड़ जाकर केजरीवाल से पहले आबकारी नीति केस में उनसे पूछताछ की और फिर हिरासत में ले लिया. कोर्ट में पेशी के बाद सीबीआई की कोशिश केजरीवाल को रिमांड पर लेने की होगी.

    राउज़ एवेन्यु कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मौजूद हैं. वैकेशन जज अमिताभ रावत मामले की सुनवाई करेंगे. केजरीवाल की तरफ से सीनियर वकील विक्रम चौधरी केस लड़ रहे हैं.

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सीबीआई पर बड़ी साज़िश रचने का आरोप लगाया है. सीबीआई ने गिरफ़्तारी की अटकलों को खारिज किया है और कहा है कि तिहाड़ जेल में सीबीआई की टीम केजरीवाल से पूछताछ के लिए गई थी और उनका बयान दर्ज किया है.

    इससे पहले कथित शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को 1 लाख के निजी मुचलके पर निचली अदालत से ज़मानत मिल गई थी लेकिन ईडी ने हाई कोर्ट में जाकर इसपर रोक लगवाई. अब सुप्रीम कोर्ट में ज़मानत पर सुनवाई से पहले सीबीआई ने उन्हें अपनी गिरफ़्त में ले लिया है.

  6. कीनिया में भारतीय उच्चायोग ने अपने लोगों के लिए जारी की एडवाइज़री

    कीनिया में सरकार के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन हो रहा है. सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में पांच लोगों के मरने और संसद में आगज़नी जैसी ख़बरें भी सामने आई हैं.

    ऐसे में कीनिया में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

    भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,''कीनिया में भारतीय नागरिकों के लिए सलाह. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, कीनिया में मौजूद हर भारतीय नागरिक को सलाह दी जाती है कि वो सतर्कता बरतें, ग़ैर ज़रूरी काम से बाहर न निकलें,

    विरोध प्रदर्शन और जब तक कि स्थिति ठीक नहीं हो जाती है तब तक हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने से बचें. कृपया स्थानीय खबरों और दूतावास की वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें और अपडेट्स के लिए सोशल मीडिया देखते रहें.''

    दरअसल कीनिया की सरकार ने हाल ही में नया वित्त बिल पेश किया था, जिसमें कई सारे टैक्स में बढ़ोतरी की गई. इन बढ़ोतरियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है और पुलिस कार्रवाई में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है.

    विरोध कर रहे लोगों ने कीनिया की संसद में भी घुसने की कोशिश की और एक हिस्से में आग भी लगा दी. नैरोबी में प्रदर्शनकारियों का समूह पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर संसद में घुस गया था.

    कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रुतो ने बीते मंगलवार को एक संबोधन में कहा, ''देश की सुरक्षा और स्थिरता से खिलवाड़ करने वाले ख़तरनाक अपराधियों से निपटने के लिए हर रास्ता अपनाएंगे.''

    कीनिया में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण में करने के लिए सेना को उतारा जा चुका है. नए वित्त बिल को लेकर कीनिया में कई दिनों से ये प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन मंगलवार को संसद में बिल पास हो जाने के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया.

    रबर बुलेट और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. मौक़े पर मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता ने भी कई शवों को सड़क पर पड़े हुए देखा.

    ''अराजकता और हिंसा'' से निपटने के लिए राष्ट्रपति रुतो ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है.

  7. रूस के दौरे पर जुलाई महीने में जा सकते हैं पीएम मोदी

    जुलाई महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस का दौरा कर सकते हैं. इस मामले की जानकारी रखने वालों ने कहा, मॉस्को दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वार्ता होगी.

    रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी आरआईए के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने रिपोर्टर्स को बताया कि मोदी के दौरे की तैयारियां चल रही हैं और दोनों पक्ष तारीख़ का एलान करेंगे.

    उशाकोव ने कहा, ''मैं ये पक्के तौर पर कह सकता हूं कि हम प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं. हम अभी कोई भी तारीख़ नहीं बता सकते हैं क्योंकि तारीख़ों का एलान दोनों पक्षों की सहमति के बाद ही होगा. लेकिन हम सक्रियता के साथ तैयारी कर रहे हैं. मैं एक बार फ़िर से कह रहा हूं कि ये दौरा होगा.''

    अगर ये दौरा होता है तो साल 2019 के बाद पीएम मोदी पहली बार रूस जाएंगे. ये दौरा इसलिए भी ख़ास होगा क्योंकि फ़रवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद पहली बार पीएम मोदी रूस की धरती पर क़दम रखेंगे. साथ ही पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में ये उनका पहला द्विपक्षीय दौरा होगा.

    आख़िरी बार पुतिन साल 2021 में इंडिया-रूस समिट के लिए भारत आए थे जो कि बीते दो सालों से नहीं हुआ है.

    हालांकि अभी इस मामले में भारत और रूस की तरफ़ से कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, नई दिल्ली और मॉस्को में इस दौरे की तैयारियों में जुटे हुए लोगों ने पहचान सार्वजनिक न करने की शर्त पर अंग्रेज़ी अख़बार हिन्दुस्तान टाइम्स से बताया कि पीएम मोदी के जुलाई की शुरुआत में एक दिन के लिए रूस आने की उम्मीद है. कई रिपोर्ट्स आठ जुलाई की तारीख़ का ज़िक्र कर रहे हैं लेकिन कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है.

    एक और शख्स ने कहा कि ये एक आधिकारिक दौरा होने वाला है न कि राजकीय दौरा, जिसके लिए ज़्यादा तैयारियां होती हैं. इस दौरे पर बैठकों और चर्चाओं पर ज़ोर रहेगा. इन लोगों ने बताया कि अभी तक भारत की तरफ़ से सुरक्षा को लेकर कोई भी टीम नहीं भेजी गई है - जो कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरों से पहले भेजी जाती है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आख़िरी मुलाकात सितंबर 2022 में उज़बेकिस्तान के समरकंद में हुए शांघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन यानी एससीओ समिट में हुई थी. यहां पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन विवाद में बातचीत और कूटनीतिक रास्ता अपनाने के लिए कहा था.

  8. कीनिया में बढ़े हुए टैक्स के ख़िलाफ़ उग्र प्रदर्शन, पांच की मौत, संसद में आगजनी

    कीनिया में लोगों का उग्र प्रदर्शन जारी है और पुलिस कार्रवाई में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है. विरोध कर रहे लोगों ने कीनिया की संसद में भी घुसने की कोशिश की और एक हिस्से में आग भी लगा दी.

    कीनिया की राजधानी नैरोबी में प्रदर्शनकारियों का समूह पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर संसद में घुस गया था.

    दरअसल कीनिया की सरकार ने हाल ही में नया वित्त बिल पेश किया था, जिसमें कई सारे टैक्स में बढ़ोतरी की गई. इन बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ कीनिया के लोग सड़कों पर उतर गए हैं और उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

    कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रुतो ने बीते मंगलवार को एक संबोधन में कहा, ''देश की सुरक्षा और स्थिरता से खिलवाड़ करने वाले ख़तरनाक अपराधियों से निपटने के लिए हर रास्ता अपनाएंगे.''

    कीनिया में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण में करने के लिए सेना को उतारा जा चुका है.

    नए वित्त बिल को लेकर कीनिया में कई दिनों से ये प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन मंगलवार को संसद में बिल पास हो जाने के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी संसद के अंदर जा घुसे, अंदर तोड़फोड़ की और कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी.

    कीनिया मेडिकल असोसिएशन के मुताबिक़ पुलिस ने कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें कम से कम पांच लोगों के मारे गए.

    रबर बुलेट और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. मौक़े पर मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता ने भी कई शवों को सड़क पर पड़े हुए देखा.

    24 वर्ष के डैरिक म्वाथु ने बीबीसी से कहा, ''कुछ चीज़ें समझ से परे हैं जैसे कि आप ब्रेड पर कैसे 16 फ़ीसदी का टैक्स लगा सकते हो? आप सैनिटरी पैड पर कैसे टैक्स लगा सकते हो?''

    ''अराजकता और हिंसा'' से निपटने के लिए राष्ट्रपति रुतो ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है.

  9. नमस्कार,

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है.

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