कर्नाटक: विकलांग बच्चों को स्कूल में बेल्ट से पीटने के मामले में चार गिरफ़्तार
कर्नाटक के बागलकोट में विकलांग बच्चों के एक बोर्डिंग स्कूल के चार लोगों को स्कूल के विद्यार्थियों को बेल्ट से पीटने के आरोप में पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.
कर्नाटक: विकलांग बच्चों को स्कूल में बेल्ट से पीटने के मामले में चार गिरफ़्तार, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक के बागलकोट के बोर्डिंग स्कूल में विकलांग बच्चों को पीटने का मामला सामने आया है
कर्नाटक के बागलकोट में विकलांग बच्चों के एक बोर्डिंग स्कूल के चार लोगों को स्कूल के विद्यार्थियों को बेल्ट से पीटने के आरोप में पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.
गिरफ़्तार किए चार लोगों में35 साल के अक्षय, 31 साल की आनंदी और स्कूल के दो शिक्षक शामिल हैं. अक्षय और आनंदी के नाम पर रिजस्टर्ड एनजीओं के द्वारा स्कूल का संचालन किया जा रहा था.
पुलिस को अभिभावकों की ओर से दिए गए वीडियो में बच्चों को बेल्ट से पीटते देखा जा सकता है, जिसमें बच्चे दर्द से चिल्ला रहे हैं. बताया जा रहा है कि बच्चों के परिवार वालों को यह वीडियो स्कूल के पूर्व कर्मचारियों ने दिया. इन कर्मचारियों को हाल ही में स्कूल से निकाल दिया गया था.
बागलकोट के एसपी सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि बच्चों का यह वीडियो कर्मचारियों की ओर से तीन महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था.
एसपी गोयल ने पत्रकारों को बताया, "बोर्डिंग एनजीओ के मालिक दंपति की ओर से काम से निकाले जाने के बाद कर्मचारियों ने यह वीडियो बच्चों के माता-पिता को दिए."
एसपी ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "इस स्कूल में सामान्य रूप से 30-35 बच्चे रहते हैं. जब हम वहां गए तो वहां करीब 30 बच्चे थे. हमने एनजीओ के मालिक दंपति और दो अन्य शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है."
पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मारपीट का मामला दर्ज किया है. जिसके अंतर्गत छह महीने से लेकर पांच साल तक की सज़ा का प्रावधान है.
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 40, धारा 75 और धारा 82 के तहत भी केस दर्ज किया गया है.
धारा 40 के तहत स्कूल में रहने के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए नियम बताए गए हैं.
धारा 75 में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार के लिए प्रावधान हैं, जिसमें दोषियों के लिए तीन साल की सज़ा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों शामिल हैं.
धारा 82 में किसी भी बाल देखभाल संस्था के प्रभारी या कर्मचारी द्वारा अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड देने पर तीन वर्ष की कारावास और/या 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है.
पाकिस्तान से रिश्तों और नकली दवाओं पर क्या बोले भारत आए अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के स्वास्थ्य मंत्री
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते अभी बहुत ख़राब हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबानी शासन के तहत स्वास्थ्य मंत्री मौलवीनूर जलाल जलाली ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए अफ़ग़ानिस्तान में नकली दवाओं, पाकिस्तान और भारत से रिश्तों पर बात की है.
नूर जलाल ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में नकली दवाओं का लोगों पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों ने डॉक्टर पर भरोसा करना बंद कर दिया था. क्योंकि आपको भी पता है कि अगर दवाएं नकली होंगी या कम गुणवत्ता की होंगी तो इसका कुछ असर नहीं होगा."
उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में 60-70 प्रतिशत दवाओं की सप्लाई पाकिस्तान से होती थी. अब पिछले हालातों को देखते हुए हमने दूसरे बाजारों की ओर रुख़ किया है उनमें से भारत भी एक है."
अफ़ग़ान तालिबान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "भारत के साथ हमारे मज़बूत संबंध हैं. हम यहां पर सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने के लिए हैं. जहां तक बात पाकिस्तान की है तो हमारे रिश्ते अभी बहुत ख़राब हैं."
उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मेरा सिर्फ एक दुश्मन है और वह बीमारियां हैं. अगर मैं अपने दुश्मन को किसी भी देश की मदद से हरा सकता हूं, तो मैं मदद के लिए हाथ बढ़ाऊंगा."
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद मामले में अभियुक्त क्रिश्चियन मिशेल ने रिहाई के आदेश पर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़े मामले में कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल को रिहा करने के आदेश दिए है
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद मामले में कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने रिहा करने के आदेश दिए हैं.
क्रिश्चियन मिशेल जेम्स ने मीडिया से कहा, "मुझे लगता है कि भारत में कुछ अच्छे जज हैं. मैं बुहत भाग्यशाली हूं कि ऐसे जज हैं."
उन्होंने कहा," कोर्ट के आदेश से मैं संतुष्ट हूं. मुझे लगता है कि भारत का संविधान बहुत अच्छा है. मुझे उम्मीद है कि संविधान का पालन किया जाएगा."
हालांकि, वह सीबीआई के एक केस में हिरासत में ही बने रहेंगे.क्रिश्चियन मिशेल ने इस आधार पर बेल मांगी थी कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिलने वाली अधिकतम सज़ा (सात साल) काट ली है.
टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम शामिल हुए ईशान किशन, उनके पिता ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम में शामिल हुए ईशान किशन
आगामी टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में ईशान किशन को शामिल किए जाने पर उनके पिता प्रनव पांडे ने प्रतिक्रिया दी है.
मीडिया से बात करते हुए ईशान किशन के पिता ने कहा, "मेरी हमेशा इच्छा रहती है कि वो टीम की जीत में योगदान दें. अब वो वर्ल्ड कप की टीम में हैं. उनका प्रदर्शन ऐसा रहे कि हम लोग जीते."
उन्होंने कहा, "सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में सारे लड़कों ने बहुत अच्छा खेला. पूरी टीम ने दमदार प्रदर्शन किया है. उनको झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन का बहुत समर्थन मिला है."
ईशान किशन के पिता ने कहा, "ईशान जब भी खेले बढ़िया प्रदर्शन करें. जब भी मौका मिले तब अच्छे रन बनाएं, अच्छी विकेट कीपिंग करें, अगर फ़िल्डिंग करें तो वो भी अच्छी करें."
पीएम मोदी ने कहा- पश्चिम बंगाल में 'महाजंगलराज' चल रहा है, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के लोगों से बीजेपी को मौका देने की अपील की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक जनसभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में 'महाजंगलराज' चल रहा है. उन्होंने इसे खत्म करने के लिए लोगों से भाजपा को एक मौका देने की अपील की है.
प्रधानमंत्री मोदी को शनिवार को नदिया जिले में कुछ परियोजनाओं के शिलान्यास के साथ ही ताहिरपुर में एक जनसभा को संबोधित करना था. लेकिन घने कोहरे के कारण उनका हेलीकाप्टर सभास्थल के पास नहीं उतर सका.
उसके बाद उन्होंने कोलकाता एयरपोर्ट के लाउंज से ही वर्चुअल तरीके से सभा को संबोधित किया. पीएम मोदी की इस सभा को परिवर्तन संकल्प सभा का नाम दिया गया था.
पीएम मोदी ने आरोप लगाया, "भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सत्ताधारी दल को खुश करने की नीति ने राज्य में विकास को प्रभावित किया है. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में डबल इंजन की सरकार बनाने के लिए लोगों से भाजपा को एक मौका देने की अपील की."
उन्होंने कहा, “हम तृणमूल कांग्रेस के जंगलराज को खत्म करेंगे. बंगाल में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति का बोलबाला है.”
पीएम मोदी ने कहा, “घुसपैठियों को बचाने के लिए ही ममता बनर्जी की पार्टी यहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का विरोध कर रही है. राज्य के लोग अब तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं.”
सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्य में करीब 32 सौ करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
प्रधानमंत्री ने कहा, "देश अब तेजी से विकास के पक्ष में है. बिहार ने विकास के लिए ही एक बार फिर एनडीए सरकार पर भरोसा जताया है. बिहार ने बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता भी साफ कर दिया है."
उन्होंने कहा कि बंगाल के कोने-कोने से अब 'बांचते ताई, बीजेपी ताई' यानी जीना चाहते हैं इसलिए भाजपा को चाहते हैं, का नारा उठ रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "मोदी सरकार आपको लिए बहुत कुछ करना चाहती है. पैसे, योजनाओं और इच्छा की कोई कमी नहीं है. लेकिन राज्य सरकार हमेशा कमीशन लेना चाहती है. अब भी बंगाल के विकास की हजारों करोड़ की परियोजनाएं अटकी हुई हैं."
एसआईआर के विरोध में मताधिकार रक्षा सम्मेलन, ज्यां द्रेज़-योगेंद्र यादव समेत इन प्रमुख नामों ने रखी बात
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इमेज कैप्शन, एसआईआर के विरोध में दिल्ली में मताधिकार रक्षा सम्मेलन का हुआ आयोजन
दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अखिल भारतीय मताधिकार रक्षा सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, मशहूर अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ और लेखिका निवेदिता मेनन शामिल हुईं.
निवेदिता मेनन ने कहा, "बहुत सारी गलतियां हो रही हैं. लोगों के नाम नहीं हैं, जो जिंदा हैं उन्हें मृत घोषित किया जा रहा है. ये सारी गलतियां जल्दबाजी की वजह से नहीं हो रही हैं, जल्दबाजी से एसआईआर कराया जा रहा है ताकि ये गलतियां हों."
उन्होंने कहा, “एसआईआर के पीछे एक मकसद है और वो मकसद है कि इस सरकार को अगले 100 साल बैठे रहना है.”
वहीं ज्यां द्रेज़ ने कहा, "अगर यह लगता है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी है, तो सबसे पहले जनगणना की जानी चाहिए. जनगणना होने से यह पता चलेगा कि किस गाँव में किस आयु-वर्ग के कितने लोग रहते हैं. इस जानकारी को मतदाता सूची से जोड़कर उसकी जाँच की जा सकती है. फिर SIR की इतनी जल्दबाज़ी क्यों?"
योगेंद्र यादव सम्मेलन के दौरान बोले, "SIR कोई मतदाता सूची की सुधार प्रक्रिया नहीं है. खाली कागज़ पर नई मतदाता सूची तैयार की जा रही है. यह पुराने SIR की पुनरावृत्ति नहीं है. ऐसी SIR पहले कभी नहीं हुई. 2002–03 में मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति से कभी भी फॉर्म भरने को नहीं कहा गया था. केवल नए मतदाता को फॉर्म भरना पड़ता था. मतदाता सूची में बने रहने के लिए फॉर्म भरना आवश्यक नहीं था. बल्कि नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना हो, तभी फॉर्म भरना पड़ता था."
बांग्लादेश: उस्मान हादी के भाई ने उठाया ये सवाल
इमेज कैप्शन, बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या के मामले में उनके भाई अबू बक्र सिद्दीकी ने हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए हैं.
बांग्लादेश में इंकलाब मंच के 32 वर्षीय छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मामले में उनके भाई अबू बक्र सिद्दीकी ने हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं.
अबू बक्र सिद्दीकी ने कहा, "राजधानी में दिनदहाड़े उस्मान हादी को गोली मारने के बाद उनके हत्यारे कैसे फरार हो गए."
उन्होंने ये बातें उस्मान हादी के जनाज़े से पहले दिए गए भाषण में कही हैं.
उन्होंने कहा, "सात-आठ दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारों को पकड़ना क्यों संभव नहीं हो पाया है?”
अबू बक्र ने कहा, "शरीफ़ उस्मान हादी मेरे भाइयों में सबसे छोटा था और आज हमें उसका शव ले जाना पड़ रहा है."
बीबीसी हिन्दी का ख़ास शो देखें LIVE: बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद छिड़ी हिंसा, अब कैसे हैं हालात?
इमेज कैप्शन, बांग्लादेश के ताजा हालात पर बीबीसी हिन्दी का ख़ास लाइव
पिछले साल शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ छात्र आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इंक़लाब मंच के उस्मान हादी को पिछले हफ़्ते गोली मार दी गई थी और इस हफ़्ते गुरुवार को उनकी मौत हो गई. जिसके बाद बांग्लादेश में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैल गई.
बांग्लादेश में अब कैसे हालात हैं और इनका भारत पर क्या असर पड़ सकता है? इसी पर देखिए बीबीसी का ये ख़ास शो.
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पश्चिम बंगाल में ट्रेन की टक्कर से चार लोगों की मौत पर पीएम मोदी ने जताया दुख
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल में ट्रेन हादसे में चार लोगों की मौत हुई है.
शनिवार सुबह पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की रैली देखने जा रहे कुछ लोग ट्रेन हादसे का शिकार हो गए थे, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, “मुझे ये जानकारी मिली है कि रैली स्थल पर पहुंचते समय खराब मौसम की वजह से भाजपा परिवार के कुछ कार्यकर्ता रेल हादसा के शिकार हुए हैं. जिन बीजेपी कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.”
उन्होंने कहा है, “जो लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. दुख की इस घड़ी में हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं.”
नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, इसके पीछे क्या है रणनीति?
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इमेज कैप्शन, बीजेपी ने नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है
बीजेपी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में सांसद पंकज चौधरी को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. इसके साथ बिहार के विधायक नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है.
चाहे मुख्यमंत्री का चेहरा चुनने की बात हो या पार्टी का अध्यक्ष बीजेपी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाती रहती है.
द लेंस में इस हफ्ते बीजेपी की इसी रणनीति पर चर्चा की गई है.
इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुए इंडियन एक्सप्रेस के सीनियर असिस्टेंट एडिटर संतोष सिंह और स्वतंत्र पत्रकार रूही तिवारी.
पूरा वीडियो बीबीसी हिन्दी के यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हैं.
सरकार ने मनरेगा पर बुलडोज़र चला दिया: सोनिया गांधी
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए 'वीबी- जी राम जी' विधेयक पास होने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है
'वीबी- जी राम जी' विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित होने के बाद शनिवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. यह नया विधेयक यूपीए दौर में शुरू हुई मनरेगा योजना की जगह लेगा.
सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोज़गार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ.”
उन्होंने कहा, “लेकिन बहुत अफ़सोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोज़र चला दिया. न सिर्फ़ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरूप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशविरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया.”
सोनिया गांधी ने कहा, “अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोज़गार मिलेगा, यह ज़मीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी.”
उन्होंने कहा, "इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं. 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोज़गार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ़ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं."
‘उम्मीदवार को जितवाने’ के दावे वाले वीडियो पर जीतन राम मांझी ने दी सफाई
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इमेज कैप्शन, बीते दिनों केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक बयान वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने एक प्रत्याशी को चुनाव जीताने का दावा करते दिखाई दे रहे थे
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने एक बयान पर सफाई दी है, उन्होंने कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.
जीतन राम मांझी ने कहा है, “मैंने चुनावी प्रक्रिया में अपने उम्मीदवार साथी के मनोबल को लेकर बयान दिया था. मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर गलत तरीके से पेश किया गया. लोकतंत्र में जनता मालिक होती है, इस सच्चाई को सभी जानते हैं. चुनावी प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग ही सबसे अहम होता है.”
उन्होंने कहा, ”जनादेश जब तक अंतिम तौर पर सामने न आ जाए उम्मीदवारों को मनोबल बनाए रखना चाहिए. मैंने इसी संदर्भ की चर्चा करते हुए 2020 के विधानसभा चुनावों का ज़िक्र किया था. हालिया विधानसभा चुनावों में बेहद कम वोटों के अंतर से चुनाव हारने वाले अपने प्रदेश अध्यक्ष के मनोबल को लेकर मैंने जो बयान दिया उसे ग़लत तरीक़े से पेश किया जा रहा है.”
इससे पहले जीतन राम मांझी के वायरल हुए बयान को शेयर करते हुए कांग्रेस की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “2020 बिहार विधानसभा चुनाव में उनका एक कैंडिडेट बुरी तरह हार रहा था, फिर इन्होंने DM से सेटिंग की और हारते हुए कैंडिडेट को 2,700 वोट से जितवा दिया.”
सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, "इस बार कैंडिडेट ने मंत्री जी से संपर्क नहीं किया, सेटिंग नहीं हुई, चुनाव हार गया. DM चुनाव आयोग के अधिकारी होते हैं. इस ‘वोट चोरी’ से चुनाव जीत रहे हैं.”
हालांकि जीतन राम मांझी ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया है कि उनका जो वीडियो शेयर किया जा रहा है वह ग़लत है, और उन्होंने केवल वोटों की फिर से गिनती की मांग की थी.
महुआ मोइत्रा का आरोप- पीएम मोदी की सभा में जा रहे चार बीजेपी समर्थकों की ट्रेन की टक्कर से मौत
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने गए चार बीजेपी समर्थकों की ट्रेन से टक्कर
में मौत हो गई.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स
पर लिखा, “नरेंद्र मोदी के अहंकार के सामने एक
भयानक त्रासदी को दबा दिया गया. आज रानाघाट में पीएम की रैली के लिए बीजेपी के समर्थकों को दूर
मुर्शिदाबाद से लाया गया था."
"रैली रेलवे लाइन के पास थी. शौच के लिए गए चार लोगों
की तहेरपुर के पास 31814 डाउन लोकल ट्रेन से कटकर मौत हो गई. बीजेपी ने इस घटना को नज़रअंदाज किया, पूरी तरह ब्लैकआउट किया
और रैली आगे भी जारी रखी.”
इस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता चंदन जजवाड़े को बताया, "ये लोकल लॉ एंड ऑर्डर का मामला है. क्या हुआ है हमें तब तक जानकारी नहीं होती है जब तक ट्रेन ऑपरेशन पर असर नहीं पड़ता है."
पीएम मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रहने वाले थे. लेकिन खराब मौसम की वजह से वह पश्चिम बंगाल नहीं पहुंच सके और नादिया में रैली को उन्होंने वर्चुअली संबोधित किया.
नमस्कार
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सुबह से लेकर अभी तक देश दुनिया के तमाम बड़ी ख़बरें बीबीसी संवाददाता इफ्तेख़ार अली आप तक पहुंचा रहे थे. अब से लेकर देर रात तक बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव आपको देश दुनिया की बड़ी ख़बरों की अपडेट देंगे.
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शशि थरूर ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, शशि थरूर ने बांग्लादेश में हिन्दू युवक की हत्या पर प्रतिक्रिया दी है
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की है और अंतरिम सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं.
गुरुवार को भड़की हिंसा में ढाका में दो अख़बारों के दफ़्तरों समेत कई इमारतों पर हमले किए गए और भारतीय उच्चायोग को भी निशाना बनाया गया. एक हिन्दू युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी गई.
हिन्दू युवक की हत्या के मामले में शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, "इस ग़रीब हिंदू युवक की अपराधियों के हाथों हुई हत्या पर मैं बांग्लादेश सरकार की ओर से की गई निंदा की सराहना करता हूं. लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता हूं कि सरकार हत्यारों को सज़ा दिलाने के लिए क्या कर रही है."
साथ ही उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से सवाल किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कौन से क़दम उठाए जा रहे हैं?
वहीं उन्होंने मीडिया पर हमले को लेकर लिखा, "प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ़्तरों पर हुए हमलों और आगज़नी की घटनाएं सिर्फ़ दो मीडिया संस्थानों पर हमला नहीं हैं, बल्कि प्रेस की आज़ादी और बहुलवादी समाज की बुनियाद पर सीधा हमला हैं."
शशि थरूर ने कहा, "बढ़ते सुरक्षा ख़तरों के चलते खुलना और राजशाही में भारतीय सहायक उच्चायोगों में वीज़ा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया जाना एक बड़ा झटका है. इसका सीधा असर छात्रों, मरीज़ों और उन परिवारों पर पड़ता है."
बांग्लादेश में अगले साल फ़रवरी में होने वाले चुनाव पर उन्होंने कहा कि हिंसा और असहनशीलता का यह माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक 'बुरा संकेत' है.
शशि थरूर ने कहा कि एक स्थिर और समृद्ध पड़ोस के लिए अंतरिम सरकार को यह सुनिश्चित को लेकर कुछ बातों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा:-
पत्रकारों की सुरक्षा: पत्रकारों को अपनी जान बचाने के लिए घबराए हुए संदेश पोस्ट करने की नौबत नहीं आनी चाहिए, जब उनके दफ़्तर जल रहे हों.
कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा: लोगों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रतिष्ठानों का सुरक्षित रहना ज़रूरी है. निशाने पर रहे दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को अतिरिक्त सुरक्षा दी जानी चाहिए.
शांति की बहाली: अगर देश को लोकतंत्र के रूप में बचाए रखना है, तो भीड़तंत्र की जगह बातचीत और संवाद का रास्ता अपनाना होगा. अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस को खुद आगे बढ़कर इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
नीतीश कुमार के हिजाब खींचने वाले वीडियो पर मायावती ने क्या कहा?
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब खींचने के विवाद पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है.
रविवार को मायावती ने इस पूरे मुद्दे को महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मामला बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार द्वारा डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के
सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब (चेहरे का नक़ाब) हटाने
का मामला सुलझने की बजाय, ख़ासकर
मंत्रियों आदि की बयानबाज़ी के कारण, विवाद का
रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है, जो दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है."
मायावती ने लिखा, "जबकि यह मामला पहली नज़र में ही महिला
सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा होने के कारण माननीय मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से
अब तक सुलझ जाना चाहिए था. ख़ासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने
को मिल रही हैं."
उन्होंने लिखा, "अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री इस घटना को सही नज़रिए से देखते हुए इसके लिए पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर
ख़त्म करने का प्रयास करें."
नीतीश कुमार ने 15 दिसंबर को आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देते हुए एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब खींच दिया था.
उनके इस व्यवहार की काफ़ी आलोचना हुई और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ये ख़बर सुर्खियों में बनी हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, बांग्लादेश में हिन्दू युवक की लिंचिंग के मामले में मोहम्मद यूनुस ने दी ये नई जानकारी
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इमेज कैप्शन, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने लिंचिंग मामले में गिरफ़्तार हुए लोगों की जानकारी दी है
बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को यह जानकारी दी है.
भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मिया ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि युवक को पीट-पीटकर मार डालने के बाद उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई थी. पुलिस ने मृतक युवक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की है.
मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने मैमनसिंह के भालुका इलाके़ में 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है."
बयान के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:-
मोहम्मद लिमोन सरकार (19)
मोहम्मद तारिक हुसैन (19)
मोहम्मद मानिक मिया (20)
इरशाद अली (39)
निजुम उद्दीन (20)
आलमगीर हुसैन (38)
मोहम्मद मिराज हुसैन आकॉन (46)
बांग्लादेश में छात्र आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इंक़लाब मंच के हादी उस्मान को पिछले हफ़्ते गोली मार दी गई थी और इस हफ़्ते गुरुवार को उनकी मौत हो गई.
इसके बाद ढाका में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. गुरुवार को दो अख़बारों प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ़्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई.
बांग्लादेश: उस्मान हादी की मौत पर पाकिस्तान ने क्या कहा?
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बांग्लादेश में पाकिस्तान उच्चायोग ने इंक़लाब मंच के छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की मौत पर एक बयान जारी कर दुख जताया है.
बयान में कहा, "दुख की इस घड़ी में हमारी पूरी सहानुभूति उनके परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के साथ है."
पाकिस्तान उच्चायोग ने कहा, "अल्लाह उनकी रूह को जन्नत-उल-फ़िरदौस में ऊंचा मुक़ाम अता फ़रमाए."
पिछले साल शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ छात्र आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इंक़लाब मंच के हादी उस्मान को पिछले हफ़्ते गोली मार दी गई थी और इस हफ़्ते गुरुवार को उनकी मौत हो गई.
इसके बाद ढाका में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. गुरुवार को दो अख़बारों प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ़्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई.