शेख़ हसीना के सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बांग्लादेश ने भारत से क्या कहा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने पिछले छह महीने से भारत में शरण ली हुई हैं. बांग्लादेश ने शेख़ हसीना के सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भारत सरकार से कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, इफ़्तेख़ार अली

  1. अमेरिका से वापस भेजे गए 'अवैध प्रवासियों' के मुद्दे पर कांग्रेस ने दिया लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

    प्रदर्शनकारी

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप की आप्रवास नीति के ख़िलाफ़ अमेरिका में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं

    लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के चीफ़ व्हीप मनिकम टैगोर ने अमेरिका में कथित तौर पर अवैध दस्तावेज़ के बगैर रह रहे भारतीयों को वापस भेजने के मुद्दे पर लोकसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.

    अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू के मुताबिक़ मनिकम टैगोर ने इसे 'अमानवीय' बताया है.

    इस मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने भी कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ गौरव गोगोई ने भारतीयों को वापस भेजने के तरीके को दु:खद और अपमानजनक बताया है.

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, "पिछले साल मैंने अवैध प्रवास और बड़ी संख्या में लोगों के बाहर जाने के मुद्दे को उठाया था. ये हालात देश में पर्याप्त अवसर और समर्थन की कमी की वजह से पैदा हुए हैं."

    "इसकी वजह से कई लोग हताशा और ख़तरों से भरे कदम उठाते हैं ताकि उन्हें और उनके परिवार को अच्छा भविष्य मिल सके."

    अमेरिकी सेना का एक विमान कथित तौर पर अमेरिका में बिना दस्तावेज़ों के रह रहे भारतीयों को लेकर अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया है.

    डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद से ये अमेरिका में इस तरह से रह रहे भारतीयों का पहला निर्वासन है.

    इस समय संसद का बजट सत्र चल रहा है और माना जा रहा है कि विपक्ष दोनों ही सदनों में इस मुद्दे को उठा सकता है.

  2. दिल्ली विधानसभा चुनाव: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कही आप के बारे में ये बात

    संदीप दीक्षित

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    इमेज कैप्शन, संदीप दीक्षित ने कहा है कि एग्ज़िट पोल आम आदमी पार्टी को कम करके आंक रहे हैं

    दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद ज़्यादातर एग्ज़िट पोल राज्य में बीजेपी की जीत की तरफ इशारा कर रहे हैं.

    एग्ज़िट पोल के मुद्दे पर कांग्रेस नेता और नई दिल्ली सीट से केजरीवाल के ख़िलाफ़ लड़ने वाले संदीप दीक्षित ने कहा है एग्ज़िट पोल आम आदमी पार्टी को कम आंक रहे हैं.

    संदीप दीक्षित ने कहा, "ठीक है उनकी (बीजेपी) की सरकार बन रही है लेकिन एग्ज़िट पोल आम आदमी पार्टी को कम आंक रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि अगर रुझान वैसा ही रहा जैसा दिखाया जा रहा है तो उनकी स्थिति इतनी खराब होगी."

    संदीप दीक्षित के मुताबिक़, "मुझे लगता है कि कांग्रेस को 17-18% वोट शेयर आराम से मिल रहा था, हमें देखना चाहिए कि क्या हम वह वोट हासिल नहीं कर पाए या फिर हम उन्हें हासिल करने में कमजोर पड़ गए. एग्जिट पोल कभी सही होते हैं तो कभी गलत."

  3. अमेरिका ने कहा- अब पनामा नहर से मुफ़्त में गुज़र पाएंगे अमेरिकी जहाज

    पनामा नहर

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने दावा किया था कि पनामा नहर का संचालन चीन कर रहा है (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पनामा नहर से गुज़रने वाले अमेरिकी जहाजों को कोई शुल्क नहीं देना होगा और इससे अमेरिका को हर साल लाखों डॉलर की बचत होगी.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ अमेरिका ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव के बाद अमेरिकी जहाजों को पनामा नहर से बिना किसी शुल्क के गुज़रने की अनुमति मिली है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने जब अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद पहला भाषण दिया तो उन्होंने फिर से ये दावा किया पनामा नहर का संचालन चीन कर रहा है.

    ट्रंप ने पनामा नहर से गुज़रने वाले अमेरिकी जहाज़ों से ली जाने वाली कथित 'मोटी' फ़ीस का हवाला देते हुए बल प्रयोग से नहर को वापस लेने की धमकी भी दी थी.

    उन्होंने कहा था, "चीन पनामा नहर का संचालन कर रहा है और हमने इसे चीन को नहीं दिया था. हमने इसे पनामा को दिया और हम इसे वापस ले रहे हैं."

    82 किलोमीटर लंबी पनामा नहर मध्य अमेरिका के बीचों-बीच बहती है और यह प्रशांत और अटलांटिक महासागर को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है.

    हर साल लगभग 14,000 जहाज़ इस नहर को एक शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. इस नहर के बनने से पहले उन जहाज़ों को दक्षिण अमेरिका से होते हुए लंबा और महंगा सफ़र तय करना पड़ता था.

  4. डोनाल्ड ट्रंप की 'ग़ज़ा योजना' पर व्हाइट हाउस ने दी ये सफाई

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से निकालकर मिस्र और जॉर्डन में बसाया जाना चाहिए.

    अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा को लेकर दी गई योजना पर स्पष्टीकरण दिया है.

    व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ट्रंप ग़ज़ा के पुनर्निर्माण और उसके लोगों को अस्थाई तौर पर स्थानांतरित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, भले ही ट्रंप ने कहा हो कि यह स्थानांतरण स्थाई भी हो सकता है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि यह ग़ज़ा के पुनर्निर्माण के लिए एक उदार प्रस्ताव है.

    ग़ज़ा से फ़लस्तीनियों को बाहर निकालने और दूसरी जगह ले जाने के मुद्दे का पांच प्रमुख अरब देशों ने विरोध किया है.

    इस मुद्दे पर मिस्र की राजधानी काहिरा में मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और अरब लीग के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात हुई थी.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से निकालकर मिस्र और जॉर्डन में बसाया जाना चाहिए.

    ग़ज़ा को "विध्वंस की जगह" बताते हुए ट्रंप ने कहा था, "आप शायद डेढ़ लाख लोगों की बात कर रहे हैं, और हम बस उस पूरी जगह को साफ़ कर देंगे." उन्होंने कहा कि यह क़दम "अस्थायी या "दीर्घकालिक" कुछ भी हो सकता है.

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