अमेरिका ने वीज़ा के बारे में दिया नया अपडेट, भारतीयों पर पड़ेगा यह असर
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इमेज कैप्शन, भारत में अमेरिकी दूतावास ने बताया है कि वह सभी भारतीय वीज़ा आवेदकों की नई अपॉइंटमेंट तारीख़ पर मदद करेगा
अमेरिका के विदेश विभाग ने सभी वीज़ा आवेदकों की पूरी जांच की बात कही है. इस जांच में वीज़ा आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की समीक्षा भी शामिल है.
विभाग ने यह भी कहा है कि 15 दिसंबर से सभी एच-1बी वीज़ा आवेदकों और ए-4 वीज़ा कैटेगरी में आने वाले उनके आश्रितों की भी ऑनलाइन मौजूदगी की समीक्षा होगी.
यूएस सिटीज़नशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज़ (यूएससीआईसी) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में मंज़ूर किए गए कुल एच-1बी वीज़ा में 71 प्रतिशत लाभार्थी भारत से थे.
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, "सभी वीज़ा आवेदकों की जांच की जाएगी. इसमें 'एफ़', 'एम' और 'जे' नॉन-इमिग्रेंट कैटेगरी के सभी स्टूडेंट और एक्सचेंज विज़िटर आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की समीक्षा शामिल है."
इसके लिए अमेरिकी विदेश विभाग ज़रूरत पड़ने पर अपॉइंटमेंट में बदलाव करेगा.
भारत में अमेरिकी दूतावास ने इस पर कहा है कि वह सभी भारतीय वीज़ा आवेदकों की नई अपॉइंटमेंट तारीख़ में मदद करेगा.
अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर लिखा, "अगर आपको ऐसा ईमेल मिला है जिसमें बताया गया है कि आपका वीज़ा अपॉइंटमेंट दोबारा तय किया गया है, तो मिशन इंडिया आपकी नई अपॉइंटमेंट तारीख़ पर आपकी मदद के लिए तत्पर है."
अमेरिकी दूतावास ने बताया, "पहले वाली अपॉइंटमेंट तारीख़ पर पहुंचने पर आपको एम्बेसी या कंसुलेट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी."
ट्रंप की टिप्पणी पर ज़ेलेंस्की बोले- 'अगर सुरक्षा मिले तो यूक्रेन चुनाव के लिए तैयार'
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति के रूप में ज़ेलेंस्की का पांच साल का कार्यकाल मई 2024 में पूरा होना था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि यूक्रेन चुनाव से बचने के लिए "जंग का इस्तेमाल" कर रहा है. इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनका देश "चुनाव के लिए तैयार है".
पत्रकारों से बात करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि अगर अमेरिका और अन्य सहयोगियों की मदद से मतदान के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तो अगले 60 से 90 दिनों में चुनाव कराए जा सकते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं यह बात खुलकर कह रहा हूं कि चुनाव के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने में अमेरिका और शायद हमारे यूरोपीय सहयोगी मदद करें."
ज़ेलेंस्की ने कहा, "मैंने सुना है कि हम सत्ता से चिपके हुए हैं या मैं व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पद से चिपका हुआ हूं. इसीलिए जंग ख़त्म नहीं हो रही."
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस दावे को "पूरी तरह से ग़ैर-वाजिब नैरेटिव" बताया है.
राष्ट्रपति के रूप में ज़ेलेंस्की का पांच साल का कार्यकाल मई 2024 में पूरा होना था, लेकिन रूस के हमले के बाद देश में मार्शल लॉ लागू हुआ और इस कारण यूक्रेन में चुनाव स्थगित हैं. ज़ेलेंस्की ने 2019 में 73 फ़ीसदी से ज़्यादा वोटों के साथ चुनाव जीता था.
'पॉलिटिको' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यूक्रेन को लेकर कई टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा, "वे (यूक्रेन) लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन अब ऐसा समय आ गया है कि वहां लोकतंत्र नहीं है."
रूस लगातार यह दावा करता रहा है कि ज़ेलेंस्की 'ग़ैर-क़ानूनी' तौर पर राष्ट्रपति हैं. इसके अलावा रूस सीज़फ़ायर समझौते की शर्त के तौर पर भी नए चुनावों की मांग करता रहा है.
अमित शाह के भाषण पर प्रियंका गांधी बोलीं- 'वोट चोरी नहीं की तो इतनी लंबी सफाई क्यों?'
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इमेज कैप्शन, इससे पहले राहुल गांधी ने अमित शाह के भाषण को 'डिफ़ेंसिव' बताया (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में चुनाव सुधार के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 'लंबा' बताया है.
उन्होंने संसद के बाहर पत्रकारों से सवाल किया, "अगर वोट चोरी नहीं की है, तो इतनी लंबी सफाई कौन देता है? जब कोई निर्दोष होता है तो क्या इतनी लंबी सफाई देता है?"
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के भाषण को 'डिफ़ेंसिव' बताया.
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने जो पॉइंट्स रखे थे, अमित शाह ने उनका जवाब नहीं दिया. अमित शाह का भाषण पूरी तरह से डिफ़ेंसिव था.
अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान क़रीब एक घंटे से ज़्यादा समय तक भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने विस्तार से सरकार का पक्ष रखा.
यूपी के बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा, 5 लोगों की मौत, सैय्यद मोज़िज़ इमाम, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, घायलों को ज़िला अस्पताल में भर्ती किया गया है
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में बुधवार को सुबेहा थाना इलाक़े में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा हुआ. इस हादसे 5 लोगों की मौत हो गई है.
जानकारी के मुताबिक़, लखनऊ की ओर जा रही एक कार, सड़क पर खड़ी कार से टकराई और उसमें लग गई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए.
पास में खेत में काम कर रहे प्रत्यक्षदर्शी दीपक ने बताया, "हम खेत में काम में लगे थे कि अचानक पीछे से तेज़ रफ़्तार में एक गाड़ी आई और दूसरी गाड़ी से टकरा गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि तुरंत दोनों गाड़ियों में आग लग उठी. हम दौड़कर मौक़े पर पहुंचे और जैसे-तैसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की."
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर लव गुप्ता ने बताया कि सुबह थाना क्षेत्र के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यह हादसा हुआ है, जिसमें हैदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 'पांच लोगों को मृत घोषित किया गया' है.
उन्होंने बताया, "अन्य पांच लोगों को गंभीर अवस्था में ज़िला अस्पताल लेकर आया गया है, जिसमें से एक व्यक्ति की हालत काफ़ी गंभीर थी. उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया है."
राहुल गांधी ने चुनाव सुधार पर अमित शाह के भाषण को बताया 'डिफ़ेंसिव', लगाए ये आरोप
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लोकसभा में चुनाव सुधार पर राहुल गांधी के सवालों का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया है. राहुल गांधी ने अमित शाह के जवाब को 'डिफ़ेंसिव' बताया है.
अमित शाह के भाषण के दौरान कांग्रेस के सांसदों ने सदन का बायकॉट किया.
राहुल गांधी ने संसद के बाहर कहा, "गृह मंत्री का जवाब पूरी तरह से डिफ़ेंसिव था. हमने जो पॉइंट्स रखे हैं, उनका जवाब नहीं दिया. एक उदाहरण लेकर बोल रहे हैं. यह पूरी तरह से डिफ़ेंसिव रिस्पॉन्स था."
उन्होंने कहा, "मैंने दो-तीन चीज़ें कहीं थीं. मैंने कहा था कि एक पारदर्शी वोटर लिस्ट सबको दीजिए, उसके बारे में एक शब्द नहीं बोला. मैंने कहा कि ईवीएम का आर्किटेक्चर सबको दे दीजिए. उसके बारे में एक शब्द नहीं कहा."
"मैंने कहा था बीजेपी के नेता हरियाणा और बिहार में वोट दे रहे हैं, उसके बारे में नहीं कहा. मेरे प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पक्के सबूत हैं, उसके बारे में कुछ नहीं बोला."
इसके थोड़ी देर बाद राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि अमित शाह ने उनके सवालों के जवाब नहीं दिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने सीजेआई को चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से निकालने पर कोई जवाब नहीं दिया. इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयुक्त को इम्युनिटी देने पर गृह मंत्री का जवाब 'ऊटपटांग' था.
राहुल गांधी ने कहा कि सीसीटीवी फ़ुटेज न देने का बहाना भी 'बहुत हास्यास्पद' था.
अमित शाह ने चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के तीन सवालों का दिया ये जवाब
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चुनाव सुधार पर संसद में चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार से तीन सवाल पूछे थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में इन सवालों का जवाब दिया.
राहुल गांधी का पहला सवाल था कि 'चुनाव आयुक्त के चयन प्रक्रिया से सीजेआई को क्यों हटाया गया?'
इस पर अमित शाह ने कहा, "73 सालों तक इस देश में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का कोई क़ानून नहीं था, नियुक्ति प्रधानमंत्री सीधे तौर पर करते थे. 1950 से 1989 तक चुनाव आयोग एक सदस्यीय था. पूरे 55 साल प्रधानमंत्री जी ने ही चुनाव आयुक्त नियुक्त किया, तब तक कोई सवाल नहीं उठाया गया."
उन्होंने कहा, "जब 1989 में चुनाव आयुक्त उनकी सुनते नहीं थे, तब पहली बार उन पर ब्रेक लगाने के लिए आयोग को बहुसदस्यीय किया गया. मगर वो भी प्रधानमंत्री की फाइल से चुने गए."
गृह मंत्री ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने ही ये परंपरा बनाई, क़ानून भी कांग्रेस ने ही बनाया था. मगर आज आरोप लगाना है इसलिए 'चुनाव चोरी कर लिया' कह रहे हैं."
उन्होंने कहा, "2023 में क़ानून बना कि विपक्ष के नेता, प्रधानमंत्री और एक अन्य मंत्री मिलकर चुनाव आयुक्त चुनेंगे. ये लोग (विपक्ष) कह रहे हैं कि हमारा 33 प्रतिशत हिस्सा है. कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा तो है न? हमारा तो हिस्सा ही नहीं था."
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने सरकार से तीन सवाल पूछे थे
राहुल गांधी ने दूसरा सवाल किया कि '2024 चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त को लगभग पूरी क़ानूनी इम्युनिटी क्यों दी गई?'
इस पर अमित शाह ने कहा, "जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 में ही ईसीआई के अधिकारियों को जो इम्युनिटी प्राप्त है, उसमें ज़रा भी बढ़ोतरी नहीं की है. हमने सिर्फ़ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में पुनरावृत्ति की है."
राहुल गांधी ने तीसरा सवाल किया कि 'सीसीटीवी फुटेज 45 दिनों में नष्ट करने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों?'
इस पर अमित शाह ने कहा, "जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 81 में एक प्रावधान है. उम्मीदवार चुने जाने के बाद 45 दिन में चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं. 45 दिन के बाद इसको कोई चुनौती नहीं दे सकता. जब यह नियम बना उस वक्त सीसीटीवी फुटेज नहीं था. बाद में चुनाव आयोग ने एक सर्कुलर जारी कर नियमों में इसे जोड़ा."
"चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज के रिकॉर्ड को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 81 के साथ संरक्षित किया है. जब 45 दिन के बाद चुनौती का प्रावधान ही नहीं है तो सीसीटीवी फुटेज क्यों रखना?"
अमित शाह ने कहा, "जब इसे प्रक्रिया में जोड़ा गया तब स्पष्ट तौर पर चुनाव आयोग ने कहा कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग संवैधानिक दस्तावेज नहीं है, यह आंतरिक प्रबंधन है."
अमित शाह ने एसआईआर और 'विदेशी वोटर्स' पर क्या कुछ कहा?
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इमेज कैप्शन, अमित शाह ने कहा कि 2004 से पहले तक किसी भी दल ने एसआईआर का विरोध नहीं किया
चुनाव सुधार पर संसद में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 'एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धिकरण है'.
उन्होंने सवाल किया, "क्या कोई भी देश का लोकतंत्र सुरक्षित रह सकता है, जब देश का प्रधानमंत्री और राज्य का मुख्यमंत्री कौन हो, ये घुसपैठिए तय करेंगे?"
विपक्ष पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा, "एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धिकरण है. इससे कुछ दलों के राजनीतिक स्वार्थ आहत होते हैं. मुझे उन दलों के प्रति एक प्रकार से अनुकंपा भी है, क्योंकि देश के लोग तो उन्हें वोट देते नहीं हैं. थोड़े वोट विदेशी दे देते थे, अब वो भी चले जाएंगे."
उन्होंने कहा, "हमें यह निर्णय करना पड़ेगा कि इस देश की संसद को चुनने के लिए और राज्य की विधानसभा को चुनने के लिए विदेशी को वोट देने का अधिकार देना है कि नहीं? मेरा मत है कि ये नहीं देना है."
अमित शाह ने यह भी कहा कि 2004 से पहले तक किसी भी दल ने एसआईआर का विरोध नहीं किया.
चर्चा के दौरान विपक्ष ने मतदाता सूची ने गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाया है.
इमेज कैप्शन, नेहरू को लेकर जारी बहस पर आज का कार्टून
'एसआईआर पर झूठ फैलाया गया', चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने और क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, अमित शाह ने कहा कि बीजेपी और एनडीए कभी भी किसी भी मुद्दे पर चर्चा से नहीं भागती
संसद में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के 'एसआईआर को लेकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया'.
उन्होंने कहा, "एसआईआर पर एक तरफ़ा चार महीने से झूठ फैलाया गया और देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया."
अमित शाह ने कहा कि सदन में चुनाव सुधारों पर चर्चा तय हुई थी, लेकिन ज़्यादातर विपक्ष के सदस्यों ने एसआईआर पर ही चर्चा की.
उन्होंने कहा, "विपक्ष ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन मेरा स्पष्ट मानना है कि एसआईआर पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती है. क्योंकि एसआईआर का काम चुनाव आयोग का है. भारत का चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त सरकार के तहत काम नहीं करते. जब उन्होंने कहा कि हम चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए तैयार हैं, हम तुरंत मान गए."
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी और एनडीए कभी भी किसी भी मुद्दे पर चर्चा से नहीं भागती.
चुनाव सुधार पर मंगलवार से शुरू हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के कई नेताओं ने एसआईआर पर सवाल उठाए.
इमेज कैप्शन, देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार 'एसआईआर के बहाने एनआरसी' कर रही है.
ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, "ये एसआईआर नहीं, एनआरसी है. एसआईआर के बहाने एनआरसी कर रहे हैं. अभी उनको निकाल रहे हैं, बाद में हमें पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वालों को निकाल देंगे."
उन्होंने कहा, "पीडीए वाले भी याद रखें, जब वोट नहीं बनेगा तो आपका राशन कार्ड गया. फिर आरक्षण छीन लेंगे."
बिहार में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न (एसआईआर) के बाद निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का एलान किया था, जहां एसआईआर की प्रक्रिया जारी है.
कांग्रेस से निकाले जाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू बोलीं- 'मैं हमेशा कांग्रेस के साथ रहूंगी'
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इमेज कैप्शन, नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह कांग्रेस के '70 फ़ीसदी वफ़ादार नेताओं' के संपर्क में हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
हाल ही में कांग्रेस से निकाली गईं नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि वह अब भी 'कांग्रेस के साथ हैं और आगे भी रहेंगी'. उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पंजाब का विधानसभा चुनाव जीतेगी.
नवजोत कौर सिद्धू ने एक्स पर पोस्ट किया, "हम कांग्रेस के साथ हैं और हमेशा रहेंगे. हम पंजाब (विधानसभा चुनाव) जीतेंगे और उसे गांधी परिवार को समर्पित करेंगे."
उन्होंने कहा, "हमारे 70 फ़ीसदी असरदार, ईमानदार और वफ़ादार नेता मेरे संपर्क में हैं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी से अलग कर दिया गया है और जो कांग्रेस के टिकटों पर योग्य और जीतने वाले उम्मीदवार हैं."
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा, "कांग्रेस पंजाब ज़रूर जीतेगी, भले ही हमारी 70 फ़ीसदी सीटों पर नुक़सान पहुंचाया जा रहा है. यहां पहले ही ग़ैर-असरदार लोगों को डमी टिकट दे दिए हैं."
हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं. इस वीडियो में वह कहती हैं, 'सीएम वही बनता है, जो 500 करोड़ की अटैची दे'.
इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था.
चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से सीजेआई को हटाने के सवाल पर बीजेपी नेता ने दिया यह जवाब
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने सोमवार को सवाल किया कि 'चीफ़ जस्टिस को चुनाव आयुक्त के सेलेक्शन पैनल से क्यों हटा दिया गया'
संसद में चुनाव सुधार के मुद्दे पर चर्चा चल रही है. लोकसभा में मंगलवार से शुरू हुई इस चर्चा में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया से चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) को हटाने का मुद्दा उठाया.
इस पर बुधवार को बीजेपी सांसद और पूर्व क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "चुनाव आयुक्त के चयन के लिए क़ानून बना, उसमें प्रधानमंत्री हैं, विपक्ष के नेता हैं. विपक्ष के नेता से आप चाहते क्या हैं? बिना चीफ़ जस्टिस के सपोर्ट के आप वहां (चयन प्रक्रिया में) जाएंगे नहीं?"
रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हम सभी न्यायपालिका का सम्मान करते हैं. लेकिन न्यायपालिका को हर चीज़ में शामिल करना क्या सही है? क्या ये 'सेपरेशन ऑफ़ पावर' के ख़िलाफ़ तो नहीं है? और क्या हम अपनी कमज़ोरी को तो नहीं दिखा रहे हैं? हम अपने से कुछ नहीं कर पाएंगे, जब तक सीजेआई नहीं आएंगे. ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है."
उन्होंने सवाल किया, "भारत की राजनीतिक व्यवस्था देश का राष्ट्रपति चुनती है कि नहीं? उप-राष्ट्रपति को चुनती है कि नहीं? आर्मी चीफ़ और नेवल चीफ़ को चुनती है कि नहीं? भारत के प्रधानमंत्री के पास न्यूक्लियर बटन होता है कि नहीं?"
"देश की जनता प्रधानमंत्री और पॉलिटी, देश की सुरक्षा, इकोनॉमिक और पॉलिटिकल स्ट्रैटिजी में विश्वास करती है. भारत की चुनी हुई सरकार इतना कर सकती है लेकिन एक अच्छा चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर नहीं चुन सकती. ये कौन-सी बात कही जा रही है?"
चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्तों के चयन प्रक्रिया से सीजेआई को बाहर करने को लेकर सवाल किया है.
विराट कोहली ताज़ा वनडे रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंचे, टॉप में है ये भारतीय बल्लेबाज़
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इमेज कैप्शन, विराट कोहली ने आख़िरी तीन मैचों में दो शतक और एक अर्ध-शतक जड़ा है
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ताज़ा वनडे रैंकिंग में भारतीय स्टार क्रिकेटर विराट कोहली दूसरे नंबर पर आ गए हैं. इससे पहले वह चौथे पायदान पर थे.
आईसीसी ने बुधवार को सभी फ़ॉर्मेट की ताज़ा रैंकिंग जारी की है. वनडे में रोहित शर्मा 781 अंकों के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं, जबकि विराट कोहली के अब 773 अंक हो गए हैं और वह दूसरे नंबर पर हैं.
इन दोनों के अलावा कप्तान शुभमन गिल 723 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बरकरार हैं.
हाल ही में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ हुई तीन मैचों की सिरीज़ में विराट कोहली ने दो शतक और एक अर्ध-शतक जड़ा था. उन्होंने सिरीज़ में कुल 302 रन बनाए. उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़' का अवॉर्ड भी दिया गया.
भारत ने यह सिरीज़ 2-1 से अपने नाम की. वर्तमान में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सिरीज़ खेली जा रही है, जिसमें भारत 1-0 से आगे है.
नमस्कार!
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मानवाधिकार दिवस पर जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या बोला पाकिस्तान
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मानवाधिकार दिवस के मौके पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया जिसमें जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा के स्वीकार करने की 77वें वर्षगांठ पर पाकिस्तान मानवाधिकारों के
प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताता है."
बयान के अनुसार, “भारत के ग़ैरक़ानूनी रूप से कब्ज़े वाले जम्मू
एवं कश्मीर और कब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र में लोग अत्याचार और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का सबसे अधिक सामना करने को मजबूर हैं.”
पाकिस्तान पहले भी जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है, हालांकि अतीत में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को भारत सरकार ख़ारिज करती रही है.
दीपावली को यूनेस्को ने धरोहरों की इस सूची में किया शामिल
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दीपावली को यूनेस्को की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' सूची में शामिल किया गया है.
यूनेस्को ने अपने एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी देते हुए, बधाई दी है.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, "बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान राम के अयोध्या लौटने के प्रतीक और दुनिया भर में मनाये जाने वाले दीपावली के त्योहार को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है."
पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "भारत और दुनिया भर के लोग उत्साहित हैं. यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किए जाने से इस त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता और बढ़ेगी."
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "‘दीपावली’ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने की खुशी है. इस सूची में शामिल किया जाना, इस त्योहार के व्यापक सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और लोगों को एक साथ लाने में इसकी भूमिका को मान्यता देना है."
क्या होती है अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची
यूनेस्को वेबसाइट के अनुसार, "इस सूची में वे परंपराएं और जीवित अभिव्यक्तियां भी शामिल हैं जो हमारे पूर्वजों से मिली हैं और आगे हमारी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में मिलती हैं."
इस बार यूनेस्को ने 'कंपास ऑफ़ हैती', आईसलैंड के 'स्वीमिंग पूल कल्चर', इराक़ की सामाजिक परंपरा 'अल मुहैबिस', जॉर्डन के 'अल-मिहरास ट्री', कुवैत के 'दिवानिया', घाना के 'हाईलाइफ़' समेत कई देशों की परंपराओं को इस सूची में शामिल किया है.
संसद सत्र के बीच राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर हुआ विवाद, बीजेपी के सवाल पर कांग्रेस ने ये कहा
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी अगले हफ़्ते जर्मनी की यात्रा पर जा रहे हैं, जिसको लेकर बीजेपी ने सवाल
खड़ा किया है.
इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस ने एक्स पर जानकारी दी है कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को बर्लिन में जर्मन जनप्रतिनिधियों और
भारतीय समुदाय से मिलेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी की यात्रा पर जा रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि संसद का मौजूदा शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा.
बीजेपी ने कहा है कि जब भी संसद चल रही होती है राहुल गांधी विदेश चले जाते
हैं और फिर कहते हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता.
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “यह
पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी संसद सत्र के दौरान विदेश यात्रा पर जा रहे हैं.
विपक्ष के नेता होने के नाते उनकी कुछ ज़िम्मेदारियां हैं. लेकिन लगता है कि जब से
जनता उन्हें नकार रही है, उनकी लोकतंत्र या भारत के राजनीतिक सिस्टम में बहुत दिलचस्पी
बची नहीं है.”
कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने सत्तारूढ़ दल पर विपक्ष को निशाना
बनाने और संसद में 'बेकार के मुद्दों पर बहस' कराने का आरोप लगाया.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, "मोदी जी अपने वर्किंग टाइम का आधा विदेशों में बिताते हैं, नेता प्रतिपक्ष की यात्रा पर क्यों सवाल खड़े किए जा रहे हैं."
अमेज़न अगले पांच सालों में भारत में करेगी 35 अरब डॉलर का निवेश
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इमेज कैप्शन, अमेज़न ने कहा है कि 2030 तक 80 अरब डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को कंपनी हासिल करेगी.
दुनिया की अग्रणी ई कॉमर्स कंपनी अमेज़न ने कहा है कि वो अगले पांच सालों में भारत में 35 अरब डॉलर का निवेश करेगी.
बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (इमर्जिंग मार्केट) अमित अग्रवाल ने कहा कि 35 अरब डॉलर से ज़्यादा निवेश के मार्फ़त कंपनी ऑपरेशन विस्तार और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत करने की योजना बना रही है.
इस साल बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों ने भारत में अरबों डॉलर का निवेश करने का एलान किया है.
एक दिन पहले ही माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 17.5 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है, जो एशिया में उसका सबसे बड़ा निवेश होगा.
गूगल ने अगले पांच साल में एआई डेटा सेंटर बनाने के लिए 15 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है.
अमेज़न ने कहा कि उसका निवेश एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए है.
अमेज़न का कहना है कि पिछले दस साल में उसने भारत के विक्रेताओं के लिए 20 अरब डॉलर से ज्यादा निर्यात तैयार करने में मदद की है. साल 2030 तक इसे बढ़ाकर 80 अरब डॉलर पहुंचाने की योजना है. कंपनी का 2030 तक देश में 10 लाख अतिरिक्त रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य भी है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी 2010 से अब तक भारत में 40 अरब डॉलर निवेश कर चुकी है. 2023 में उसने देश में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए 26 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी.