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ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने अटैक ड्रोन का उत्पादन 'तीन गुना' बढ़ा दिया है.
अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े
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ईरान की सरकारी टेलीविज़न ने ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ स्टाफ़ अली अब्दुल्लाही के एक भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन फ़ैसिलिटीज़ का दौरा करने का फुटेज जारी किया.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में ईरान के मिसाइल ज़ख़ीरे में 'काफ़ी' बढ़ोतरी हुई है.
ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने अटैक ड्रोन का उत्पादन 'तीन गुना' बढ़ा दिया है.
अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध शुरू होने के महीनों बाद भी ईरान की बची हुई सैन्य क्षमताओं की साफ़ तस्वीर सामने नहीं आई है.
इस युद्ध में रक्षा उद्योग और मिसाइल उत्पादन केंद्रों के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया गया था, लेकिन ईरान के शस्त्रागार में मौजूद हथियारों के भंडार या उन्हें हुए नुक़सान की सीमा के बारे में कोई स्वतंत्र आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.
कम से कम युद्ध के शुरुआती महीनों में, कुछ अमेरिकी ख़ुफ़िया आकलन बताते हैं कि इस क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी सुरक्षित है.
सीएनएन ने अप्रैल की शुरुआत में अमेरिकी ख़ुफ़िया आकलन से परिचित सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी चालू थे और तेहरान के पास हज़ारों अटैक ड्रोन थे.
कम से कम युद्ध के शुरुआती महीनों में, कुछ अमेरिकी ख़ुफ़िया आकलन बताते हैं कि इस क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी बरकरार है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में हुए पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक प्रोफ़ेसर समेत 6 लोगों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है.
आरोप है कि प्रोफ़ेसर ने एंडोस्कोपी करने वाले कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया और फिर उसे छात्रों को बेच दिया.
इस यूनिवर्सिटी में 7 और 20 अगस्त के लिए निर्धारित स्नातक की परीक्षा के प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गए थे. इसके बाद यूनिवर्सिटी से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों की परीक्षा रद्द कर दी गई थी.
इस मामले में अपराध दर्ज़ करने के बाद पुलिस ने शनिवार को दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफ़ेसर योगेश सोनकेसरिया समेत 6 लोगों को गिरफ़्तार किया.
रायपुर की तेलीबांधा पुलिस ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि गिरफ़्तार प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में पहले सुई और नुकीले उपकरण से छेद किया, इसके बाद एंडोस्कोपी करने वाला कैमरा भीतर डाल कर, पूरे प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया.
पुलिस ने दावा किया कि इसी वीडियो के आधार पर प्रश्नपत्र की नकल तैयार की गई और उसे 11 हज़ार रुपये में अपने ही कॉलेज के तीन छात्रों को बेच दिया.
पुलिस का कहना है कि राज्य के कई ज़िलों में पुलिस की टीम भेजी गई थी और लगाचार जांच के बाद यह गिरफ़्तारी की गई.
हॉकी पुरुष वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स ने शनिवार को भारत को 3-1 से हरा दिया है. इसके साथ ही सेमीफ़ाइनल में पहुंचने का भारत का रास्ता मुश्किल हो गया है.
नीदरलैंड्स की टीम मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भी है.
मैच ख़त्म होने के क़रीब 9 मिनट पहले 2-0 से पिछड़ रही भारतीय टीम ने एक गोल दागकर उम्मीदें ज़रूर जगाई थीं, लेकिन जब आख़िरी पांच मिनट के खेल बचे थे, तभी नीदरलैंड्स ने एक और गोल दागकर भारत की हार तय कर दी.
पहले राउंड के तीन मैचों में भारतीय टीम ने 2 मैंचों में जीत दर्ज की थी, जबकि उसे एक मैच में हार का सामना करना पड़ा था.
पहले राउंड में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने वेल्स और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टीम को हार का सामना करना पड़ा था.
दूसरे राउंड में पहुंचने के बाद भारत, नीदरलैंड्स, इंग्लैंड और अर्जेंटीन की टीम पूल ई में है. इस पूल में पहले राउंड की पूल ‘ए’ और पूल ‘डी’ से दो-दो टीमों को जगह दी गई है.
यहां से टॉप दो टीमों को सीधे सेमीफ़ाइलन में पहुंचेंगी. पूल ‘ई’ में शनिवार को इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच भी मुक़ाबला है.
पूल ई का भारत का अगला मैच अर्जेंटीना से 24 अगस्त को होगा.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर 'आरक्षण समाप्ति' का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है.
उन्होंने कहा, "आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं."
अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि बीजेपी और उसके सहयोगी समय-समय पर कभी 'समीक्षा' तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं.
उनका कहना है, "वे कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं. यह सदियों से शोषित-वंचित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं."
अखिलेश यादव ने कहा, "आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा."
दरअसल, बीते दो दिनों से जंतर मंतर पर अरक्षण को हटाने को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि आरक्षण नीति की समीक्षा की जाए. साथ ही ये भी मांग हो रही है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाए.
महाराष्ट्र के पुणे में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शुरू हो गया है. वह छात्राओं और युवाओं से संवाद कर रहे हैं.
राहुल गांधी पहले ही बता चुके हैं कि शनिवार का उनका कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित है.
इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "दहेज़ नहीं, सपने. इच्छाएं न कि जंज़ीर. शिक्षा न कि जल्दी शादी. भेदभाव नहीं, सम्मान. भय नहीं, आज़ादी. आएं और हमारे साथ शामिल हों."
पुणे के एआईएसएसएमएस कॉलेज ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम से ठीक पहले ज़िले के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (सीओईपी) में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच विवाद देखने को मिला. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धमकी देने और हिंसा करने के आरोप लगाए हैं.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी बीजेपी का छात्र संगठन है और एनएसयूआई कांग्रेस की स्टूडेंट यूनिट है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात आरएसएस और बीजेपी ने अपना असली चेहरा दिखा दिया, जब एबीवीपी के लोगों ने पुणे की सीओईपी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर छात्राओं पर हमला किया.
पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ये छात्राएं प्रशासन की फीस बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रही थीं और पुणे में 'छात्राओं की गूंज' का समर्थन कर रही थीं."
झारखंड के रामगढ़ ज़िले में 'मां छिन्नमस्तिका सीमेंट और इस्पात प्राइवेट लिमिटेड' नाम की स्पंज-आयरन फ़ैक्ट्री में शुक्रवार देर रात टरबाइन ब्लास्ट की घटना हुई.
घटना की पुष्टि करते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "घटना शुक्रवार देर रात की है, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. उनका इलाज चल रहा है."
विस्फ़ोट किस वजह से हुआ, इस सवाल पर पुलिस अधीक्षक ने कहा, "फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वजह का पता चलेगा."
लेकिन इस घटना के बाद शनिवार को मृतकों के आश्रितों और स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री जाने वाले मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है. जिससे यहां आवागमन पूरी तरह प्रभावित है.
मारे गए लोगों के परिवार की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.
दिल्ली में चल रहे बीडब्लूएफ़ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में शनिवार को महिला डबल्स के सेमीफ़ाइलन मुक़ाबले में चीन ने भारत को हरा दिया है. अब भारत को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना होगा.
इस मैच में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी का मुक़ाबला चीन की लियु शेंग शू और टैन निंग की जोड़ी से था.
चीन ने यह मुक़ाबला 18-21, 21-13, 21-8 से जीता.
मैच में पहले सेट में भारत ने रोमांचक जीत दर्ज की लेकिन चीन की जोड़ी ने दूसरा सेट जीतकर बराबरी कर ली. इसके बाद तीसरे सेट में भी चीन ने भारतीय जोड़ी को पीछे छोड़ दिया.
शुक्रवार को महिला डबल्ड में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने चीन की ही जिया यी फ़ैन और झांग शू की जोड़ी को हराकर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई थी.
सेमीफ़ालन में पहुंचते ही भारतीय महिला जोड़ी ने देश के लिए एक मेडल पक्का कर दिया था. इससे पहले भारत की ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने साल 2011 में लंदन में इस प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था.
मेघालय की राजधानी शिलांग में 19 अगस्त को हुई हिंसा के विरोध में, असम के वाहन चालकों ने दोनों राज्यों के बीच चलने वाली सभी गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है.
19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ताओं ने अपनी कुछ मांगों को लेकर शहर में एक बाइक रैली निकाली थी.
इस दौरान इस छात्र संगठन के साथ रैली में शामिल कुछ लोगों ने असम में रजिस्टर्ड गाड़ियों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की. इस घटना में कई गाड़ियों को भारी नुक़सान पहुंचा.
मेघालय पुलिस के मुताबिक़, इसमें कम 31 गाड़ियों को नुक़सान पहुंचा और दो गाड़ियों में आग लगा दी गई थी जिनमें असम की गाड़ियाँ भी शामिल थीं. इस घटना में कम से कम 16 लोग घायल हुए.
इसके विरोध में असम स्टेट ड्राइवर्स यूनियन ने गुवाहाटी से शिलांग जाने वाले रास्ते के जोराबाट स्थित एंट्री पॉइंट में सभी गाड़ियों को रोक दिया है.
पिछले तीन दिनों से गाड़ी चालकों के लगातार विरोध-प्रदर्शन की वजह से कारण दोनों ही राज्यों में पर्यटक और आने-जाने वाले लोग फँस गए हैं.
मेघालय नंबर की किसी भी गाड़ी को असम में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है और न ही असम की कोई गाड़ी अब मेघालय जा रही है.
इस गतिरोध के बीच असम सरकार ने मेघालय में फंसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के साथ चल रहे विवाद के बीच राजस्थान सरकार ने माना है कि राज्य में 611 सरकारी स्कूलों के पास भवन ही नहीं हैं.
यानी राजस्थान के 611 स्कूल बिना इमारत के संचालित हो रहे हैं. जबकि कई स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं.
विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने विधानसभा में एक सवाल के ज़रिए सरकार से पूछा था कि राज्य में कितने स्कूल बिना इमारत के हैं और इनमें गर्ल्स स्कूल की संख्या कितनी है?
इस सवाल पर सरकार की ओर से बताया गया कि, राजस्थान में 611 स्कूल बिना इमारत के हैं, इनमें दस बालिका विद्यालय भी शामिल हैं.
सरकार ने बताया है कि प्रदेश में ख़ुद के भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है. जबकि 1,049 स्कूलों में पीने के पानी सुविधा उपलब्ध नहीं है.
राज्य के शिक्षा विभाग ने बीते दिनों एक आदेश जारी कर बाहरी लोगों के स्कूल में प्रवेश और कैमरा पर बिना अनुमति के पाबंदी लगाई थी. इसका विरोध भी हो रहा है.
यह जानकारी ऐसे समय आई है जब शुक्रवार को जयपुर के पास रामपुरा-कंवरपुरा गांव के एक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई.
सीजेपी से संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि अगर हमलावरों को गिरफ़्तार नहीं किया गया और बाहरी लोगों के स्कूल में प्रवेश और कैमरा पर बिना अनुमति के पाबंदी को नहीं हटाया गया तो वो खुद धरने पर बैठ जाएंगे.
आशुतोष रांका ने कहा है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफ़े तक मांग पहुंचेगी.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की एक और परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को परेशानी से गुज़रना पड़ा है. इन स्टूडेंट्स के लिए अब दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी.
दरअसल शनिवार, 22 अगस्त को एनटीए ने एआईएपीजीटी परीक्षा आयोजित की.
एनटीए के मुताबिक़, इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रैंस टेस्ट शनिवार को देशभर के 200 केंद्रों में आयोजित की गई.
एनटीए ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, “इस दौरान जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 192 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 49 उम्मीदवार केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके.”
एनटीए ने बताया है कि इन उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जयपुर के राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फ़ॉर वीमेन में आयोजित की जाएगी.
इन उम्मीदवारों को जारी किए जाने वाले नए एडमिट कार्ड के जरिए आगे की जानकारी दी जाएगी.
इससे पहले 16 मई को एनटीए ने जून 2026 की यूजीसी-नेट की तीन विषयों की परीक्षा रद्द कर दी. यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी.
एनटीए ने बताया था कि अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी, के संबंध में एनटीए को इनके प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों को लेकर शिकायतें मिली थीं.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 22 अगस्त 2026 को 'वंदे मातरम' को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है.
बीजेपी ने कांग्रेस कार्यसमिति के 19 अगस्त के उस फैसले की कड़ी निंदा की, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरों के गायन को लेकर 1937 के प्रस्ताव को दोहराया गया था.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.
बीजेपी के प्रस्ताव के मुताबिक, "‘वंदे मातरम’ भारत का राष्ट्रीय गीत है और यह स्वतंत्रता आंदोलन की भावना और देश की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है. पार्टी ने पूरे ‘वंदे मातरम’ के सम्मान, गरिमा और राष्ट्रीय दर्जे को बनाए रखने का संकल्प लिया."
प्रस्ताव में बीजेपी ने कहा, "वंदे मातरम की संवैधानिक और वैधानिक स्थिति को बनाए रखा जाना चाहिए. पार्टी ने दावा किया कि संविधान सभा की 1950 की घोषणा और 2026 में संसद द्वारा किए गए संशोधन ने राष्ट्रीय गीत को क़ानूनी संरक्षण दिया है."
बीजेपी ने कांग्रेस पर ''सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीत'' के आगे झुकने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव देश की संवैधानिक संस्थाओं या संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर नहीं हो सकता.
प्रस्ताव में बीजेपी ने 'वंदे मातरम' को लेकर 1937 में हुए विवाद के ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ को भी लोगों के सामने रखने की बात कही. पार्टी ने मुस्लिम लीग की आपत्तियों और उसके बाद की सांप्रदायिक और अलगाववादी राजनीति का भी ज़िक्र किया.
बीजेपी ने दावा किया कि महात्मा गांधी ने 'वंदे मातरम' को 'साम्राज्यवाद विरोधी नारा' और 'शुद्धतम राष्ट्रीय भावना' से जुड़ा बताया था.
जयपुर के शिवदासपुरा पुलिस थाने में शनिवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और रामपुरा-कंवरपुरा के ग्रामीणों ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है. दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं.
शिवदासपुरा पुलिस थाना प्रभारी राजेश गौतम ने बीबीसी हिन्दी को फ़ोन पर बताया, "ग्रामीणों और सीजेपी की शिकायत पर आज क्रॉस एफ़आईआर दर्ज की गई है."
पुलिस थाना प्रभारी ने बताया है कि पहली एफ़आईआर ग्रामीणों ने सीजेपी के ख़िलाफ़ दर्ज करवाई है. इसके बाद सीजेपी की शिकायत पर ग्रामीणों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
राजेश गौतम ने बताया, "दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं. हमने मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रहे हैं."
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका अपने कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार सुबह बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव के स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. सीजेपी ने इस दौरान एकजुट हुए ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं पर पथराव कर पीटने के आरोप लगाए हैं."
घटना के बाद देर रात आशुतोष रांका कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी साउथ कार्यालय भी पहुंचे थे.
गांव में संचालित सरकारी स्कूल की हालत को लेकर हुए विवाद के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौक़े पर पहुंचे थे. जिसके बाद नज़दीक ही एक अन्य घर में फिलहाल स्कूल को शिफ्ट किया गया है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूस के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे.
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर प्रेस रिलीज़ जारी कर इसकी जानकारी दी.
रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान जयशंकर इंडिया-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन की 27वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे.
यह आयोग दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर काम करता है.
दौरे के दौरान जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाक़ात करेंगे. दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जयशंकर का यह दौरा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ अहम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने इसराइल की बस्तियां बसाने की नीतियों और कब्जे वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों में जारी गतिविधियों की निंदा की है.
दरअसल, इसराइल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में करीब 12 सौ नए सेटलमेंट घर बनाने के लिए टेंडर जारी करने की योजना बनाई है.
यूएई के इस रुख़ को इसराइल के साथ उसके रिश्तों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है.
यूएई, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में ‘ई1’ सेटलमेंट प्लान को साफ तौर पर ख़ारिज किया.
इन देशों ने बयान में कहा कि इससे वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम के बीच फ़लस्तीनी इलाक़े की भौगोलिक निरंतरता प्रभावित होगी और भविष्य में एक स्वतंत्र फ़लस्तीन देश के गठन की संभावना कमज़ोर होगी.
बयान में इसराइली बस्तियों के विस्तार और उन्हें कब्जे वाले इलाक़ों में बढ़ाने की कोशिशों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया गया.
मंत्रियों ने इसराइली बस्तियों में रहने वाले लोगों की ओर से फ़लस्तीनियों और उनकी संपत्ति के ख़िलाफ़ हिंसा की भी निंदा की.
क्या यूएई इसराइल से दूरी बना रहा है?
यूएई और इसराइल ने 2020 में अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत राजनयिक संबंध स्थापित किए थे.
इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और दूसरे क्षेत्रों में रिश्ते तेजी से आगे बढ़े. लेकिन ग़ज़ा युद्ध के बाद यूएई का इसराइल की नीतियों पर सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक रुख ज़्यादा स्पष्ट हुआ है.
हालिया संयुक्त बयान में यूएई ने सिर्फ फ़लस्तीनी मुद्दे पर चिंता नहीं जताई, बल्कि इसराइल की सेटलमेंट नीति को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही और प्रतिबंधों का भी समर्थन किया है.
बयान में उन संस्थाओं और व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की गई है, जो अवैध बस्तियों के विस्तार या उन्हें मज़बूत करने में मदद कर रहे हैं.
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का रुख़ कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर नरम होता दिख रहा है.
सीजेपी के लोग राजस्थान में सरकारी स्कूलों की कमियां पहले उजागर कर रहे थे तो दिलावर आक्रामक थे लेकिन अब वह इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बता रहे हैं.
मदन दिलावर ने कहा, "राजस्थान में सरकारी स्कूलों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, भवन निर्माण और मरम्मत, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और कक्षा-कक्ष समेत छात्रों की ज़रूरी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है."
उन्होंने कहा, “विद्यालयों की कमियों को सामने लाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन समाधान का रास्ता संवाद, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता से ही निकलता है.”
शिक्षा मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “सरकारी विद्यालय मजबूत होंगे, तो राजस्थान का भविष्य मज़बूत होगा.”
लेकिन शुक्रवार को शिक्षा मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर सीजेपी से विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा न बनाने की बात कही थी.
शनिवार को उन्होंने कहा कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग विद्यालयों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.
सोमालिया के विदेश मंत्रालय ने साइप्रस के मुद्दे पर अपने रुख़ को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है.
मंत्रालय ने कहा कि साइप्रस को लेकर सोमालिया की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों पर आधारित है.
सोमालिया ने साइप्रस की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना पूरा सम्मान दोहराया.
दरअसल, सोमालियाई संसद के हाउस ऑफ़ पीपल्स के स्पीकर अब्दुल कादिर मोहम्मद नूर ने स्पीकर बनने पर बधाई देने के लिए टर्किश रिपब्लिक ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस की संसद के स्पीकर को धन्यवाद दिया था.
हालांकि, उनका यह पोस्ट अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौजूद नहीं है.
अब्दुल कादिर मोहम्मद नूर 10 अगस्त को हाउस ऑफ़ पीपल्स के स्पीकर चुने गए थे.
विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि सोमालिया संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में साइप्रस विवाद के शांतिपूर्ण, बातचीत के जरिए और स्थायी समाधान का समर्थन करता है.
दरअसल साइप्रस 1974 से बंटा हुआ है. दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त साइप्रस गणराज्य है, जबकि उत्तर में टर्किश रिपब्लिक ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस है, जिसे सिर्फ़ तुर्की मान्यता देता है.
संयुक्त राष्ट्र साइप्रस के एकीकरण के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का समर्थन करता है.
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत साइप्रस की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.
साइप्रस के मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 541 (1983) और प्रस्ताव 550 (1984) के जरिए उत्तरी साइप्रस में घोषित अलग राज्य को मान्यता न देने और साइप्रस की एकता बनाए रखने की स्थिति दोहराई है.
अमेरिका ने शनिवार को कनाडा से आने वाले 20 अरब डॉलर की क़ीमत के उत्पादों पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा दिया. इसके तुरंत बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई की घोषणा की.
दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को सामान्य करने के लिए आख़िरी दौर की बातचीत नाकाम होने के बाद यह क़दम उठाया गया है.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए आयात शुल्क से हर साल कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान के क़रीब पाँच फ़ीसदी हिस्से पर असर पड़ेगा.
इसमें हॉकी स्टिक से लेकर मेडिकल इस्तेमाल में आने वाले टंग डिप्रेसर तक कई तरह के उत्पाद शामिल हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक बयान में कहा, “हम अपने कर्मचारियों और कारोबारों की रक्षा के लिए इन टैरिफ का डॉलर-के-बदले-डॉलर जवाब देंगे.”
कनाडा की जवाबी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद और बढ़ गया है. इससे अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच उत्तर अमेरिकी व्यापार समझौते के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
यह समझौता तीनों देशों के उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि कनाडा ने स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल और लकड़ी पर लगाए गए ट्रंप के टैरिफ़ में रियायत की मांग की थी, लेकिन अमेरिका इन मुद्दों पर कोई रियायत देने को तैयार नहीं था.
पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (सीओईपी) में छात्र संगठनों एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच विवाद सामने आया है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धमकी देने और हिंसा करने के आरोप लगाए हैं.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी बीजेपी का छात्र संगठन है और एनएसयूआई कांग्रेस की स्टूडेंट यूनिट है.
ऐसा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले हुआ है.
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच एक छात्रा की स्कॉलरशिप और फीस रीइंबर्समेंट को लेकर दिए गए इंटरव्यू ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
एबीवीपी और एनएसयूआई ने एक-दूसरे पर डराने-धमकाने, ग़लत जानकारी फैलाने और हिंसा के आरोप लगाए हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुणे पुलिस ने शनिवार को कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
विवाद की शुरुआत गुरुवार को हुई, जब एक छात्रा ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि छात्रों को सरकारी स्कॉलरशिप और फीस रीइंबर्समेंट का पैसा नहीं मिल रहा है.
कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि बाद में छात्रा को कथित तौर पर रोककर रखा गया और उस पर दबाव बनाकर एक और वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उसने अपने पहले बयान को वापस लिया या उसमें बदलाव किया.
हालांकि, एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार किया है. संगठन ने उल्टा एनएसयूआई पर छात्रा पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
शुक्रवार रात मामला तब और बढ़ गया, जब दोनों संगठनों के सदस्य सीओईपी कैंपस में जुट गए. कांग्रेस और एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और दो कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए. बताया गया है कि घायलों को संचेती अस्पताल ले जाया गया, जहां महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उनसे मुलाकात की.
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीओईपी कैंपस में प्रदर्शन किया. उन्होंने एबीवीपी पर डराने-धमकाने और हिंसा का आरोप लगाया. सपकाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि एबीवीपी सदस्यों ने छात्रों के साथ मारपीट की और छात्राओं को हॉस्टल के कमरों में कथित तौर पर बंद रखा.
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर छात्रों को धमकाने का भी आरोप लगाया और इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया.
एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज किया है. संगठन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्रों पर ग़लत जानकारी फैलाने का दबाव बना रहे थे. एबीवीपी का दावा है कि छात्रों ने खुद स्थिति स्पष्ट की और एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्राओं के हॉस्टल परिसर में घुसकर डराने-धमकाने में शामिल थे. संगठन ने कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की कथित “गुंडागर्दी” की कड़ी निंदा की.
फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर डराने-धमकाने, मारपीट और छात्रों पर दबाव बनाने के आरोप लगा रहे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है.