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ईरान ने जारी की मिसाइल ज़ख़ीरे की तस्वीर, अटैक ड्रोन के बारे में क्या बताया

ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने अटैक ड्रोन का उत्पादन 'तीन गुना' बढ़ा दिया है.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. कनाडा: गुरुद्वारे में चाकू लगने से दो लोग घायल, क्या बोले प्रधानमंत्री मार्क कार्नी?

    कनाडा के एडमंटन में एक गुरुद्वारे में शुक्रवार सुबह चाकूबाजी की घटना में दो लोग घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.

    पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे एडमंटन के बड़े नानकसर गुरुद्वारे में हुई.

    पुलिस ने आरोपी की पहचान या हमले की वजह के बारे में जानकारी नहीं दी है.

    कनाडा स्थित वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने इस घटना को चिंताजनक बताया है. संगठन का कहना है कि यह हमला देश में बढ़ती "सिख विरोधी नफ़रत" के बीच हुआ है.

    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक्स पर पोस्ट कर इस हमले को दुखद और चौंकाने वाला बताया.

    उन्होंने लिखा, "एडमंटन के नानकसर गुरुद्वारे में आज सुबह हुआ हमला चिंताजनक है. मेरी संवेदनाएं इस घटना में घायल उन दो लोगों के साथ हैं. साथ ही मेरी संवेदनाएं उस पूरी समुदाय के साथ भी हैं, जो इस घटना से सदमे में है."

    "किसी भी व्यक्ति को अपने धार्मिक स्थल पर कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए. मैं एडमंटन पुलिस सर्विस का तेजी से कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद करता हूं."

    पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और वो प्रार्थना वाले हिस्से में जाने की कोशिश कर रहा था. कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मामला बढ़ गया और उसने गुरुद्वारे में मौजूद दो पुरुष श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला कर दिया.

    कार्यवाहक इंस्पेक्टर एरिक स्टीवर्ट ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वहां मौजूद लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया.

    पुलिस के मुताबिक, घायल दोनों लोगों की उम्र 75 और 51 साल है. दोनों को गंभीर चोटें नहीं आई हैं और उनकी हालत स्थिर है.

  2. इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन को लेकर कही कई बातें

    इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन को "यहूदी-विरोधी और तानाशाह" बताया है.

    एक्स पर जारी बयान में इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है, "अर्दोआन एक यहूदी-विरोधी तानाशाह हैं, जिन्होंने कुर्दों का जनसंहार किया है. हमास के आतंकवादियों को पनाह दी है, साइप्रस के आधे हिस्से पर क़ब्ज़ा कर रखा है, और उसका विरोध करने वाले रिकॉर्ड संख्या में पत्रकारों और राजनेताओं को जेल में डाल दिया है."

    इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने आरोप लगाया कि "अर्दोआन अब इसराइल के ख़िलाफ़ अपनी आक्रामकता को सीरिया तक बढ़ाना चाहते हैं, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे."

    बयान में कहा, “इसराइल के नेताओं और सैनिकों को डराने-धमकाने की अर्दोआन की यह कोशिश किसी काम नहीं आएगी.”

  3. स्मृति इरानी ने राहुल गांधी के थाने पहुँचने पर क्या कहा?

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन को लेकर बीजेपी नेता स्मृति इरानी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राहुल गांधी से कुछ सवाल पूछे.

    स्मृति ईरानी ने कहा, "राहुल गांधी ने कब खुद को अदालतों के अधिकार के अधीन माना है? गांधी परिवार खुद को संसद, सुप्रीम कोर्ट और देश के कानून से भी ऊपर समझता है. ऐसे में उनकी नज़र में एक पुलिस थाने की क्या हैसियत है?"

    उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने राहुल गांधी से बार-बार इस मुद्दे पर चर्चा करने और सवाल पूछने के लिए आने को कहा था.

    स्मृति ईरानी के मुताबिक, गृह मंत्री ने राहुल गांधी के हर सवाल का जवाब देने की बात कही थी.

    बीजेपी नेता ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अर्धसैनिक बलों और पुलिस पर हमला करने वालों के ख़िलाफ़ जांच की मांग की. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी ने सेना का अपमान करने वालों के ख़िलाफ़ जांच की मांग की थी.

    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए किया, जबकि मामले की जांच पहले से ही चल रही थी.

    दरअसल, राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब को 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान लगी चोट को लेकर एफ़आईआर दर्ज कराने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे. आरोप है कि साहिल 20 जुलाई को पैलेट गन से घायल हुए थे.

    एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे. उनकी मांग थी कि साहिल लोचब की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए. हालांकि, बाद में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई.

  4. डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को मैं अब अमेरिकी क्षेत्र के तौर पर देखता हूं'

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कैरोलाइना में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को अब 'अमेरिकी क्षेत्र' के तौर पर देखते हैं.

    उन्होंने यह भी कहा, "ईरान “समझौता करना चाहता है, लेकिन मेरी राय में वह सही समझौते के लिए अभी तैयार नहीं है."

    ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो “बहुत बुरा” होगा.

    उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने इलाके में अपनी बड़ी सैन्य मौजूदगी बरकरार रखने के साथ-साथ ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है.

    अमेरिका सोमवार को ईरान के ख़िलाफ़ नई पाबंदियों की जानकारी देने वाला है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक़, इन प्रतिबंधों का असर चीन समेत ईरान के कुछ बड़े कारोबारी साझेदारों पर भी पड़ सकता है.

    ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ अब भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इस जलमार्ग से तेल टैंकरों और दूसरे कारोबारी जहाजों की आवाजाही भी काफ़ी कम हो गई है.

    वहीं शुक्रवार को जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के ख़िलाफ़ "आर्थिक युद्ध" का रुख़ यह दिखाता है कि अमेरिका के सैन्य विकल्प सीमित हो गए हैं, तो ट्रंप ने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं."

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर नज़र रख रहा है और “देख रहा है कि क्या होता है.”

  5. यूक्रेन में रूस का डबल-टैप ड्रोन हमला, 15 की मौत, क्या बोले ज़ेलेंस्की

    रूस के ड्रोन हमले में यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर के एक शॉपिंग सेंटर में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है.

    स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 130 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 23 बच्चे भी शामिल हैं. कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि उनके होम टाउन में हुआ यह हमला दिन के वक्त दो चरणों में किया गया. उन्होंने इसे “बेहद निंदनीय और घिनौना” हमला बताया.

    ज़ेलेंस्की के मुताबिक, दूसरे ड्रोन हमले में उन बचावकर्मियों को निशाना बनाया गया, जो पहले हमले के बाद मौक़े पर राहत और बचाव का काम कर रहे थे.

    बीबीसी ने एक वीडियो को वेरीफाई किया है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि दूसरा ड्रोन पहले से जल रहे शॉपिंग सेंटर से टकराता है. यह हमला यूक्रेन के द्निप्रोपेत्रोव्स्क इलाक़े में हुआ. रूस की सेना की ओर से इस हमले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

    द्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के प्रमुख ओलेक्ज़ांद्र हांझा ने शुक्रवार शाम बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. इनमें दो लोग ऐसे थे, जिनकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

    अधिकारियों के मुताबिक, 130 लोग घायल हुए हैं और इनमें 29 की हालत गंभीर बनी हुई है. ऐसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

    मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए यूक्रेन के चार अन्य इलाक़ों से भी बचाव दलों को तत्काल क्रिवी रिह भेजा जा रहा है.

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