इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक़, अब तक अमरनाथ यात्रा के दौरान 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से ख़राब मौसम की चेतावनी को देखते हुए एहतियातन रविवार से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है.
जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.
विभाग के मुताबिक़ यह फ़ैसला पहलगाम और बालटाल, दोनों रास्तों पर लागू होगा.
जम्मू के डिविज़नल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा, "खराब मौसम की चेतावनी की वजह से 19 जुलाई 2026 को जम्मू से कश्मीर की ओर श्रद्धालुओं के किसी भी नए जत्थे को रवाना होने की इजाज़त नहीं दी जाएगी."
"श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वो जम्मू, उधमपुर और रामबन में अपने निर्धारित ठहरने वाले स्थानों पर रहें और प्रशासन के अगले निर्देशों का इंतजार करें."
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक़, अब तक अमरनाथ यात्रा के दौरान 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं.
किरेन रिजिजू ने मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के लिए टीएमसी के बाग़ी सांसदों को आमंत्रित किया
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इमेज कैप्शन, रविवार को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी में ये सर्वदलीय बैठक होगी (फ़ाइल फ़ोटो)
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाग़ी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को पत्र लिखकर उन्हें नेशनल सिटिज़ंस पार्टी ऑफ़ इंडिया (एनसीपीआई) के प्रतिनिधि के तौर पर सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है.
पत्र में रिजिजू ने लिखा है, "लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक में आपको आमंत्रित करते हुए मुझे खुशी हो रही है. इस बैठक में संसद के आगामी मॉनसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और संभावित विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी."
रिजिजू ने लिखा, "मैं दोनों सदनों के सुचारु संचालन के लिए आपके सहयोग की अपेक्षा करता हूं"
यह बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित होगी.
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ओम बिरला ने शिवसेना (यूबीटी) के 6 बाग़ी सांसदों को शिंदे गुट में विलय की मंज़ूरी दी
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इमेज कैप्शन, शिवसेना (यूबीटी) के छह बाग़ी सांसदों को शिंदे गुट में विलय की मंज़ूरी (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के छह बाग़ी सांसदों को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की मंजूरी दे दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, लोकसभा में शिंदे गुट की शिवसेना की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है.
बीते महीने शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया था.
इन छह सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश आष्टीकर शामिल हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख
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इमेज कैप्शन, चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त की हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवेगौड़ा का शनिवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.
वह 89 वर्ष की थीं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें बुधवार रात शहर के ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी श्रीमती चेन्नम्मा के निधन का समाचार बेहद दुखद है. वह अपनी सादगी और समाजसेवा के प्रति समर्पण के लिए सभी उनका सम्मान करते थे. इस दुख की घड़ी में मैं श्री देवेगौड़ा और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ओम शांति"
वहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त कीं.
खड़गे ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी श्रीमती चेन्नम्मा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. प्रभु परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करे."
कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार को यूएपीए मामले में मिली ज़मानत, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कश्मीर के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ और पत्रकार इरफ़ान मेहराज को ज़मानत दे दी.
इन दोनों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवाद के आरोपों में 2020 में यूएपीए दर्ज किए गए एक मामले में गिरफ़्तार किया था.
परवेज़ और मेहराज को नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल और सेशंस जज पीताम्बर दत्त ने ज़मानत दी. ज़मानत की शर्तों और नियमों के बारे में एक डिटेल्ड ऑर्डर आने की उम्मीद है.
इन दोनों को हिरासत में लेने के बाद भारत को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और अन्य वैश्विक मानवाधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा है.
इन्होंने परवेज़ और मेहराज पर लगे आतंकवाद के आरोपों को "मनमाना" और "राजनीति से प्रेरित" बताया है. ये समूह भारतीय अधिकारियों से उन्हें रिहा करने की मांग भी करते रहे हैं.
एनआईए ने 2020 के मामले में परवेज़ को 2021 में और मेराज को 2023 में श्रीनगर से गिरफ़्तार किया था.
उनको अन्य आरोपों के साथ-साथ 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967' (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत अक्तूबर 2020 में दर्ज हुए एक मामले में गिरफ़्तार किया गया था.
गिरफ़्तारी के वक़्त परवेज़ 'जम्मू-कश्मीर कोएलिशन ऑफ़ सिविल सोसाइटी' के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर थे.
यह एक सिविल सोसाइटी समूह था जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के मानवाधिकार उल्लंघनों पर रिपोर्ट बनाते थे.
गिरफ़्तारी के समय मेहराज एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी रिपोर्टें 'डॉयचे वेले', 'द वायर' और 'द इंडियन एक्सप्रेस' जैसे मीडिया समूहों में छपी हैं. मेहराज ने कश्मीर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की है.
दोनों के जेल से जल्दी बाहर आने की उम्मीद है क्योंकि उनके ख़िलाफ़ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं है जिसके बारे में पता हो.
पिछले महीने, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अलग मामले में परवेज़ को ज़मानत दी थी. लेकिन, अदालत ने उन्हें इस मामले पर कोई भी सार्वजनिक बयान देने से रोक दिया था.
परवेज़ की चार साल से ज़्यादा की क़ैद पर ध्यान देते हुए, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने 10 जून को फ़ैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकार, यूएपीए की धारा 43डी (5) के तहत ज़मानत पर लगी रोक से ज़्यादा अहम हैं.
अहमदाबाद की पटाख़ा फै़क्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, अहमदाबाद के बाहरी इलाक़े में रामोल-गतराड रोड पर स्थित 'महमूदपुरा टैलेंट फ़ैक्ट्री' नाम की पटाख़ा फ़ैक्ट्री में आग लग गई
अहमदाबाद के रामोल-गतराड रोड पर एक पटाख़ा फ़ैक्ट्री में शनिवार को आग लग गई. इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है.
एडिशनल फायर ऑफ़िसर मिथुन मिस्त्री ने बीबीसी के सहयोगी भार्गव पारीख से बातचीत में इस आग की पुष्टि की है.
मिस्त्री ने बताया कि अब तक इस आग में आठ लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 10 लोगों को इलाज के लिए एलजी अस्पताल भेजा गया है.
अधिकारियों के मुताबिक़, फ़िलहाल बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
फ़ायर विभाग ने बताया कि क़रीब साढ़े तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही फ़ायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया.
घटनास्थल पर पहुंचे अहमदाबाद के जॉइंट सीपी शरद सिंघल ने कहा कि बचाव कार्य जारी है. यह इलाक़ा रामोल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है और यहां इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की जा रही है. उन्होंने बताया कि फ़ैक्ट्री के मैनेजर का नाम मेहुल डोडिया है.
पुलिस के मुताबिक़, यूनिट का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, लेकिन लाइसेंस रद्द होने के बावजूद वहां उत्पादन का काम जारी था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अहमदाबाद में लगी आग पर दुख व्यक्त करते हुए सहायता की घोषणा की.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा, "गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फै़क्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत की ख़बर सुनकर बहुत दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं."
"स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है."
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50 हज़ार रुपये देने की बात कही गई है.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ाइनल की रात दिल्ली में सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे रेस्तरां-कैफ़े
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इमेज कैप्शन, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह रात पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी और दिल्ली इस ऐतिहासिक पल के लिए पूरी तरह तैयार है
दिल्ली सरकार ने फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए दिल्ली में सुबह 4 बजे तक रेस्तरां-कैफ़े खोलने की छूट दी गई है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेख गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "शहर में 24x7 बिजनेस-फ्रेंडली ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क पहले से लागू है. इसके तहत इस वीकेंड राजधानी के रेस्तरां, कैफे़ और दूसरे बिज़नेस सुबह 4 बजे तक खुले रह सकेंगे, ताकि फुटबॉल प्रशंसक इस बड़े मुकाबले का रोमांच एक साथ देख सकें."
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह रात पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी और दिल्ली इस ऐतिहासिक पल के लिए पूरी तरह तैयार है.
भारतीय समय के अनुसार रविवार और सोमवार की दरमियानी रात 12:30 बजे अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला खेला जाएगा.
सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने की मांग की, उठाए कई सवाल
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इमेज कैप्शन, गीतांजलि जे अंगमो ने पोटैशियम रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
सफ़दरजंग अस्पताल ने दोपहर 3.30 बजे 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी किया जिसके बाद उनकी पत्नी ने प्रतिक्रिया दी है.
सोनम की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम लेवल 2.9 है, जबकि कल ही यह 4.3 था. वो न तो हमें किसी दूसरी लैब में ले जाकर दूसरी राय लेने की इजाज़त दे रहे हैं, और न ही हमारी मौजूदगी में उनका ब्लड सैंपल दे रहे हैं, जिसे हम कहीं और जांच करवा सकें."
"मैं पिछले तीन घंटे से इंतज़ार कर रही हूं, लेकिन उन्होंने अभी तक हमारी बात नहीं मानी है. पारदर्शिता की इस कमी से हमें शक हो रहा है. हमने तुरंत डिस्चार्ज करने के लिए कहा है, ताकि हम उन्हें ऐसे अस्पताल ले जा सकें जहां हमें बेहतर भरोसा हो."
उन्होंने कहा कि वो पिछले दो घंटे से अस्पताल के जवाब का इंतज़ार कर रही हैं.
यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस में 7 लोगों की मौत, 49 घायल
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इमेज कैप्शन, यूक्रेनी हमले के बाद रूस के एक गोदाम में लगी आग
रूसी अधिकारियों के मुताबिक़, यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के दो गोदामों को निशाना बनाया गया.
इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 49 लोग घायल हुए हैं.
रूस के तांबोव शहर स्थित गोदाम पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं यहां 25 लोग घायल हुए हैं.
यह जगह राजधानी मॉस्को से क़रीब 475 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है. वहीं, बाक़ी 24 लोग मॉस्को के इलेक्ट्रोस्ताल स्थित एक दूसरे वाइल्डबेरीज़ गोदाम में घायल हुए.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा, "इन हमलों में उन बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल ड्रोन निर्माण और नेविगेशन उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित पूर्ज़ों की सप्लाई में किया जा रहा था.
ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन ने आज़ोव सी, ब्लैक सी और रूस के क़ब्जे़ वाले क्रीमिया में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई यूक्रेन के शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर रूस के हमलों के जवाब में की गई है.
रूस के तांबोव क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी परविशोव ने टेलीग्राम पर लिखा कि रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले के दौरान 28 ड्रोन को आसमान में ही मार गिराया गया.
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राहुल गांधी बोले, 'सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना ग़लत'
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार का मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को ग़लत बताया.
राहुल गांधी ने लिखा, "मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं. शांतिपूर्ण तरीके़ से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना ग़लत है. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "किसी भी तरह की ताक़त छात्रों से प्यार करने और उन पर भरोसा करने वाले लोगों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती."
दरअसल, शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल पहुंचाया था.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद की गई.
वहीं, विपक्षी नेता दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक पर बोले अन्ना हज़ारे, 'सरकार को किसी दुखद स्थिति का इंतज़ार नहीं करना चाहिए'
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इमेज कैप्शन, अन्ना हज़ारे (फ़ाइल फ़ोटो)
शनिवार तड़के सुबह दिल्ली पुलिस सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाकर सफ़दरज़ंग अस्पताल ले गई.
इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने एक वीडियो जारी कर सरकार से बातचीत की अपील की है.
उन्होंने कहा, "सरकार को किसी दुखद स्थिति का इंतज़ार नहीं करना चाहिए और बातचीत करने में कोई हर्ज़ नहीं है."
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया गया है.
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं. उनकी मांग है कि देश में पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए.
भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की सफल लॉन्चिंग पर इसरो प्रमुख ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई
भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 के सफल लॉन्च पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने हैदराबाद की स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस की तारीफ़ की.
उन्होंने कहा,
"आज का दिन भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बेहद अहम है. इसके लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का धन्यवाद करते हैं. सिर्फ आठ साल पहले शुरू हुई स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित किया और पहली ही कोशिश में सफल मिशन पूरा किया."
वहीं स्काईरूट एयरोस्पेस के सीओओ और को-फ़ाउंडर नागा भरत डाका ने कहा, "यह एक अहम उपलब्धि है. भारत प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता वाला तीसरा देश बन गया है."
रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई.
इससे पहले इसे सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान से क़रीब 5 मिनट पहले काउंटडाउन रोक दिया गया.
कुछ देर के होल्ड के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई और रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया.
स्याही फेंकने वाले शख़्स की पहचान और उसने ऐसा क्यों किया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एक महिला ने स्याही फ़ेंकी है.
इसके बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, "नीला मेरा रंग है, जय भीम."
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक के बारे में दी ये नई जानकारी
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इमेज कैप्शन, डीसीपी नई दिल्ली ने कहा कि सोनम वांगचुक में शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लंबे समय तक अनशन पर रहने के बाद कमज़ोर हो गए हैं.
डीसीपी नई दिल्ली ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि वांगचुक में शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं.
डीसीपी नई दिल्ली ने एक्स पर लिखा है, ''हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार और रोज़ाना होने वाली जांच के तहत डॉक्टर सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच के लिए पहुंचे थे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने रुकावट पैदा की. इससे कुछ हंगामा भी हुआ."
"वांगचुक की नाज़ुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मेडिकल जांच और आगे की ज़रूरत के अनुसार इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया."
डीसीपी नई दिल्ली ने बताया, "इसके बाद डॉक्टरों ने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और बताया कि लंबे समय तक फास्टिंग रखने के कारण वह कमज़ोर हो गए हैं और उनमें शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं. उन्हें निगरानी में रखा गया है."
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है."
दूसरी ओर, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा कि अभी उनका कोई इलाज नहीं चल रहा है, सिर्फ़ निगरानी और जांच की जा रही है.
सोनम वांगचुक की पत्नी बोलीं- उनका अनशन अब भी जारी है
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इमेज कैप्शन, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा है कि उनके पति का अनशन अभी भी जारी है, उन्होंने किसी भी तरह की शुगर का सेवन नहीं किया है.
गीतांजलि का यह बयान वांगचुक के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद आया है. दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से शनिवार को वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल लेकर गई थी.
गीतांजलि ने बताया कि वांगचुक केवल वही नमक वाला पानी ले रहे हैं, जो वह पहले से पीते आ रहे थे.
मीडिया से बातचीत में गीतांजलि ने कहा, "हाई कोर्ट के आदेश में कहीं भी सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं दिया गया था. आदेश में सिर्फ व्यक्ति की सेहत को प्राथमिकता देने और नियमित निगरानी किए जाने की बात कही गई थी."
उन्होंने आगे कहा, "जो कुछ हुआ, वह हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं है. अभी कोई इलाज नहीं चल रहा है. सिर्फ़ निगरानी और जांच की जा रही है. हम बाहर की लैब से भी जांच करवाने जा रहे हैं, क्योंकि मांगी गई रिपोर्ट हमें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं."
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की दवा देने से पहले वह रिपोर्ट की जांच किसी दूसरी लैब से करवाना चाहते हैं.
भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च हुआ
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इमेज कैप्शन, रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई
हैदराबाद की स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार (18 जुलाई) को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया.
रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई.
इससे पहले इसे सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान से क़रीब 5 मिनट पहले काउंटडाउन रोक दिया गया.
कुछ देर के होल्ड के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई और रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ‘मिशन आगमन’ नाम से किए गए इस परीक्षण उड़ान के तहत विक्रम-1 कई तकनीकी परीक्षणों से जुड़े पेलोड के साथ रवाना हुआ.
रॉकेट अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्टकार्ड और ‘कॉस्मिक ब्लूम’ नामक एक कलाकृति भी लेकर गया है.
स्काईरूट एयरोस्पेस ने इससे पहले साल 2022 में ‘विक्रम-S’ सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था.
सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर अखिलेश यादव और पवन खेड़ा ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
अखिलेश यादव ने कहा है कि जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आए, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है. आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है. सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी. जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए."
उन्होंने लिखा, "हमारी पुरज़ोर मांग है कि सोनम वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में हो क्योंकि उनका जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है."
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे संवैधानिक अधिकार पर हमला बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है. लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है."
"दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर दिया है. अगर आज की बर्बर कार्रवाई कमिश्नर साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ़ पता चलता है कि उनकी वफ़ादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज़्यादा सत्ता के प्रति है."
खेड़ा ने कहा, "आज की घटना ने एक बार फिर इसकी सोच को बेनकाब कर दिया है. इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि एक "कानून एवं व्यवस्था" की समस्या है, जिसे डंडे के ज़ोर पर कुचल देना चाहिए."
वहीं, सफ़दरजंग अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, लंबे उपवास के कारण उन्हें हल्की कमजोरी, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के संकेत मिले हैं.
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ चारु बंबा के मुताबिक़, वांगचुक की हालत स्थिर है, सभी ज़रूरी स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं और वे पूरी तरह होश में हैं. अस्पताल में उनकी निगरानी और उपचार जारी है.
16 साल तक अनशन पर रहने वालीं इरोम शर्मिला ने सोनम वांगचुक को लेकर ये कहा
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इमेज कैप्शन, जब इरोम शर्मिला ने भूख हड़ताल शुरू की थी, तब उनकी उम्र 28 साल थी, अब उनकी उम्र 53 वर्ष हो चुकी है (फ़ाइल फ़ोटो)
मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीयों को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि व्यवस्था को ठीक करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ वांगचुक की नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक की है, जिसके अंदर सही-ग़लत की समझ है और जो बदलाव लाना चाहता है.
इरोम शर्मिला ने न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल डॉट इन से बातचीत में कहा, “यह सिर्फ़ सोनम की ज़िम्मेदारी नहीं है और लोगों को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह अकेले अपनी जान दे दें. यह सबकी साझा लड़ाई और मांग है. सभी लोगों को उनका साथ देना चाहिए. अगर सभी लोग सड़क पर उतरेंगे, तो सुरक्षा बल भी कम पड़ जाएंगे और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा.”
उन्होंने कहा, “सामाजिक बदलाव के लिए किसी साझा मुद्दे पर लगातार कोशिश और एकजुट आवाज़ ज़रूरी है. किसी एक प्रदर्शनकारी को अकेला छोड़कर उसे अपनी जान देने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए.”
इरोम शर्मिला पूर्वोत्तर भारत में सेना को विशेष अधिकार देने वाले क़ानून, एएफ़एसपीए (सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम) को हटाने की मांग को लेकर 16 साल (नवंबर 2000 से अगस्त 2016 तक) तक भूख हड़ताल पर रहने के लिए पूरी दुनिया में चर्चित रहीं.
जब इरोम शर्मिला ने भूख हड़ताल शुरू की थी, तब उनकी उम्र 28 साल थी, अब उनकी उम्र 53 वर्ष हो चुकी है.
गौरतलब है कि शनिवार को ही सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल ले जाया गया है.