लाइव, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं.

सारांश

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  • सोनम वांगचुक को पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया
  • भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके
  • सर गारफ़ील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन
  • नारंगी होंठ वाले बंदर की नई प्रजाति
  • एक कबूतर को ऑक्सीजन देकर बचाया गया
  • सोनम वांगचुक के अनशन का 20वां दिन
  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

    चेन्नम्मा देवेगौड़ा

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    इमेज कैप्शन, चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त की हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवेगौड़ा का शनिवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.

    वह 89 वर्ष की थीं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें बुधवार रात शहर के ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

    चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी श्रीमती चेन्नम्मा के निधन का समाचार बेहद दुखद है. वह अपनी सादगी और समाजसेवा के प्रति समर्पण के लिए सभी उनका सम्मान करते थे. इस दुख की घड़ी में मैं श्री देवेगौड़ा और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ओम शांति"

    वहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त कीं.

    खड़गे ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी श्रीमती चेन्नम्मा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. प्रभु परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करे."

  2. कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार को यूएपीए मामले में मिली ज़मानत, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता

    ख़ुर्रम परवेज़ और इरफ़ान मेहराज

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    इमेज कैप्शन, ख़ुर्रम परवेज़ (बाएं) और इरफ़ान मेहराज (दाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कश्मीर के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ और पत्रकार इरफ़ान मेहराज को ज़मानत दे दी.

    इन दोनों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवाद के आरोपों में 2020 में यूएपीए दर्ज किए गए एक मामले में गिरफ़्तार किया था.

    परवेज़ और मेहराज को नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल और सेशंस जज पीताम्बर दत्त ने ज़मानत दी. ज़मानत की शर्तों और नियमों के बारे में एक डिटेल्ड ऑर्डर आने की उम्मीद है.

    इन दोनों को हिरासत में लेने के बाद भारत को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और अन्य वैश्विक मानवाधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा है.

    इन्होंने परवेज़ और मेहराज पर लगे आतंकवाद के आरोपों को "मनमाना" और "राजनीति से प्रेरित" बताया है. ये समूह भारतीय अधिकारियों से उन्हें रिहा करने की मांग भी करते रहे हैं.

    एनआईए ने 2020 के मामले में परवेज़ को 2021 में और मेराज को 2023 में श्रीनगर से गिरफ़्तार किया था.

    उनको अन्य आरोपों के साथ-साथ 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967' (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत अक्तूबर 2020 में दर्ज हुए एक मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

    गिरफ़्तारी के वक़्त परवेज़ 'जम्मू-कश्मीर कोएलिशन ऑफ़ सिविल सोसाइटी' के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर थे.

    यह एक सिविल सोसाइटी समूह था जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के मानवाधिकार उल्लंघनों पर रिपोर्ट बनाते थे.

    गिरफ़्तारी के समय मेहराज एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी रिपोर्टें 'डॉयचे वेले', 'द वायर' और 'द इंडियन एक्सप्रेस' जैसे मीडिया समूहों में छपी हैं. मेहराज ने कश्मीर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की है.

    दोनों के जेल से जल्दी बाहर आने की उम्मीद है क्योंकि उनके ख़िलाफ़ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं है जिसके बारे में पता हो.

    पिछले महीने, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अलग मामले में परवेज़ को ज़मानत दी थी. लेकिन, अदालत ने उन्हें इस मामले पर कोई भी सार्वजनिक बयान देने से रोक दिया था.

    परवेज़ की चार साल से ज़्यादा की क़ैद पर ध्यान देते हुए, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने 10 जून को फ़ैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकार, यूएपीए की धारा 43डी (5) के तहत ज़मानत पर लगी रोक से ज़्यादा अहम हैं.

  3. अहमदाबाद की पटाख़ा फै़क्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत

    अहमदाबाद

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    इमेज कैप्शन, अहमदाबाद के बाहरी इलाक़े में रामोल-गतराड रोड पर स्थित 'महमूदपुरा टैलेंट फ़ैक्ट्री' नाम की पटाख़ा फ़ैक्ट्री में आग लग गई

    अहमदाबाद के रामोल-गतराड रोड पर एक पटाख़ा फ़ैक्ट्री में शनिवार को आग लग गई. इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है.

    एडिशनल फायर ऑफ़िसर मिथुन मिस्त्री ने बीबीसी के सहयोगी भार्गव पारीख से बातचीत में इस आग की पुष्टि की है.

    मिस्त्री ने बताया कि अब तक इस आग में आठ लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 10 लोगों को इलाज के लिए एलजी अस्पताल भेजा गया है.

    अधिकारियों के मुताबिक़, फ़िलहाल बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

    फ़ायर विभाग ने बताया कि क़रीब साढ़े तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही फ़ायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया.

    घटनास्थल पर पहुंचे अहमदाबाद के जॉइंट सीपी शरद सिंघल ने कहा कि बचाव कार्य जारी है. यह इलाक़ा रामोल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है और यहां इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की जा रही है. उन्होंने बताया कि फ़ैक्ट्री के मैनेजर का नाम मेहुल डोडिया है.

    पुलिस के मुताबिक़, यूनिट का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, लेकिन लाइसेंस रद्द होने के बावजूद वहां उत्पादन का काम जारी था.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अहमदाबाद में लगी आग पर दुख व्यक्त करते हुए सहायता की घोषणा की.

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा, "गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फै़क्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत की ख़बर सुनकर बहुत दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं."

    "स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है."

    प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50 हज़ार रुपये देने की बात कही गई है.

  4. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ाइनल की रात दिल्ली में सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे रेस्तरां-कैफ़े

    रेखा गुप्ता

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    इमेज कैप्शन, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह रात पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी और दिल्ली इस ऐतिहासिक पल के लिए पूरी तरह तैयार है

    दिल्ली सरकार ने फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए दिल्ली में सुबह 4 बजे तक रेस्तरां-कैफ़े खोलने की छूट दी गई है.

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेख गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "शहर में 24x7 बिजनेस-फ्रेंडली ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क पहले से लागू है. इसके तहत इस वीकेंड राजधानी के रेस्तरां, कैफे़ और दूसरे बिज़नेस सुबह 4 बजे तक खुले रह सकेंगे, ताकि फुटबॉल प्रशंसक इस बड़े मुकाबले का रोमांच एक साथ देख सकें."

    रेखा गुप्ता ने कहा कि यह रात पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी और दिल्ली इस ऐतिहासिक पल के लिए पूरी तरह तैयार है.

    भारतीय समय के अनुसार रविवार और सोमवार की दरमियानी रात 12:30 बजे अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला खेला जाएगा.

  5. सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने की मांग की, उठाए कई सवाल

    गीतांजलि जे अंगमो

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    इमेज कैप्शन, गीतांजलि जे अंगमो ने पोटैशियम रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    सफ़दरजंग अस्पताल ने दोपहर 3.30 बजे 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी किया जिसके बाद उनकी पत्नी ने प्रतिक्रिया दी है.

    सोनम की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम लेवल 2.9 है, जबकि कल ही यह 4.3 था. वो न तो हमें किसी दूसरी लैब में ले जाकर दूसरी राय लेने की इजाज़त दे रहे हैं, और न ही हमारी मौजूदगी में उनका ब्लड सैंपल दे रहे हैं, जिसे हम कहीं और जांच करवा सकें."

    "मैं पिछले तीन घंटे से इंतज़ार कर रही हूं, लेकिन उन्होंने अभी तक हमारी बात नहीं मानी है. पारदर्शिता की इस कमी से हमें शक हो रहा है. हमने तुरंत डिस्चार्ज करने के लिए कहा है, ताकि हम उन्हें ऐसे अस्पताल ले जा सकें जहां हमें बेहतर भरोसा हो."

    उन्होंने कहा कि वो पिछले दो घंटे से अस्पताल के जवाब का इंतज़ार कर रही हैं.

  6. यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस में 7 लोगों की मौत, 49 घायल

    रूस का हमले वाला गोदाम

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    इमेज कैप्शन, यूक्रेनी हमले के बाद रूस के एक गोदाम में लगी आग

    रूसी अधिकारियों के मुताबिक़, यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के दो गोदामों को निशाना बनाया गया.

    इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 49 लोग घायल हुए हैं.

    रूस के तांबोव शहर स्थित गोदाम पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं यहां 25 लोग घायल हुए हैं.

    यह जगह राजधानी मॉस्को से क़रीब 475 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है. वहीं, बाक़ी 24 लोग मॉस्को के इलेक्ट्रोस्ताल स्थित एक दूसरे वाइल्डबेरीज़ गोदाम में घायल हुए.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा, "इन हमलों में उन बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल ड्रोन निर्माण और नेविगेशन उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित पूर्ज़ों की सप्लाई में किया जा रहा था.

    ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन ने आज़ोव सी, ब्लैक सी और रूस के क़ब्जे़ वाले क्रीमिया में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई यूक्रेन के शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर रूस के हमलों के जवाब में की गई है.

    रूस के तांबोव क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी परविशोव ने टेलीग्राम पर लिखा कि रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले के दौरान 28 ड्रोन को आसमान में ही मार गिराया गया.

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  7. राहुल गांधी बोले, 'सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना ग़लत'

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार का मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को ग़लत बताया.

    राहुल गांधी ने लिखा, "मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं. शांतिपूर्ण तरीके़ से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना ग़लत है. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दे हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "किसी भी तरह की ताक़त छात्रों से प्यार करने और उन पर भरोसा करने वाले लोगों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती."

    दरअसल, शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल पहुंचाया था.

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद की गई.

    वहीं, विपक्षी नेता दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं.

  8. सोनम वांगचुक पर बोले अन्ना हज़ारे, 'सरकार को किसी दुखद स्थिति का इंतज़ार नहीं करना चाहिए'

    अन्ना हजारे

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    इमेज कैप्शन, अन्ना हज़ारे (फ़ाइल फ़ोटो)

    शनिवार तड़के सुबह दिल्ली पुलिस सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाकर सफ़दरज़ंग अस्पताल ले गई.

    इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने एक वीडियो जारी कर सरकार से बातचीत की अपील की है.

    उन्होंने कहा, "सरकार को किसी दुखद स्थिति का इंतज़ार नहीं करना चाहिए और बातचीत करने में कोई हर्ज़ नहीं है."

    वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया गया है.

    पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं. उनकी मांग है कि देश में पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए.

  9. भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की सफल लॉन्चिंग पर इसरो प्रमुख ने क्या कहा?

    वी. नारायणन

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    इमेज कैप्शन, रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई

    भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 के सफल लॉन्च पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने हैदराबाद की स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस की तारीफ़ की.

    उन्होंने कहा, "आज का दिन भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बेहद अहम है. इसके लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का धन्यवाद करते हैं. सिर्फ आठ साल पहले शुरू हुई स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित किया और पहली ही कोशिश में सफल मिशन पूरा किया."

    वहीं स्काईरूट एयरोस्पेस के सीओओ और को-फ़ाउंडर नागा भरत डाका ने कहा, "यह एक अहम उपलब्धि है. भारत प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता वाला तीसरा देश बन गया है."

    रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई.

    इससे पहले इसे सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान से क़रीब 5 मिनट पहले काउंटडाउन रोक दिया गया.

    कुछ देर के होल्ड के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई और रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया.

  10. भूख हड़ताल कर रहे अभिजीत दीपके पर फेंकी गई स्याही, बोले- 'नीला मेरा रंग है, जय भीम'

    अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे तभी उन पर स्याही फ़ेकी गई

    जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई.

    सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से उठाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की है.

    स्याही फेंके जाने के बाद दीपके के समर्थक तुरंत मंच की ओर दौड़ पड़े, जिससे मौक़े पर अफ़रा-तफ़री और हंगामे का माहौल बन गया.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इसके घटना के बाद जंतर-मंतर पर कुछ देर के लिए कार्यक्रम रुक गया.

    स्याही फेंकने वाले शख़्स की पहचान और उसने ऐसा क्यों किया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एक महिला ने स्याही फ़ेंकी है.

    इसके बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, "नीला मेरा रंग है, जय भीम."

    दरअसल जो स्याही फेंकी गई थी वो नीले रंग की थी.

  11. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  12. दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक के बारे में दी ये नई जानकारी

    सोनम वांगचुक

    इमेज स्रोत, Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, डीसीपी नई दिल्ली ने कहा कि सोनम वांगचुक में शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लंबे समय तक अनशन पर रहने के बाद कमज़ोर हो गए हैं.

    डीसीपी नई दिल्ली ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि वांगचुक में शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं.

    डीसीपी नई दिल्ली ने एक्स पर लिखा है, ''हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार और रोज़ाना होने वाली जांच के तहत डॉक्टर सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच के लिए पहुंचे थे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने रुकावट पैदा की. इससे कुछ हंगामा भी हुआ."

    "वांगचुक की नाज़ुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मेडिकल जांच और आगे की ज़रूरत के अनुसार इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया."

    डीसीपी नई दिल्ली ने बताया, "इसके बाद डॉक्टरों ने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और बताया कि लंबे समय तक फास्टिंग रखने के कारण वह कमज़ोर हो गए हैं और उनमें शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले हैं. उन्हें निगरानी में रखा गया है."

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है."

    दूसरी ओर, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा कि अभी उनका कोई इलाज नहीं चल रहा है, सिर्फ़ निगरानी और जांच की जा रही है.

  13. सोनम वांगचुक की पत्नी बोलीं- उनका अनशन अब भी जारी है

    गीतांजलि जे अंगमो

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा है कि उनके पति का अनशन अभी भी जारी है, उन्होंने किसी भी तरह की शुगर का सेवन नहीं किया है.

    गीतांजलि का यह बयान वांगचुक के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद आया है. दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से शनिवार को वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल लेकर गई थी.

    गीतांजलि ने बताया कि वांगचुक केवल वही नमक वाला पानी ले रहे हैं, जो वह पहले से पीते आ रहे थे.

    मीडिया से बातचीत में गीतांजलि ने कहा, "हाई कोर्ट के आदेश में कहीं भी सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं दिया गया था. आदेश में सिर्फ व्यक्ति की सेहत को प्राथमिकता देने और नियमित निगरानी किए जाने की बात कही गई थी."

    उन्होंने आगे कहा, "जो कुछ हुआ, वह हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं है. अभी कोई इलाज नहीं चल रहा है. सिर्फ़ निगरानी और जांच की जा रही है. हम बाहर की लैब से भी जांच करवाने जा रहे हैं, क्योंकि मांगी गई रिपोर्ट हमें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं."

    उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की दवा देने से पहले वह रिपोर्ट की जांच किसी दूसरी लैब से करवाना चाहते हैं.

  14. भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च हुआ

    रॉकेट

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    इमेज कैप्शन, रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई

    हैदराबाद की स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार (18 जुलाई) को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया.

    रॉकेट की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से दोपहर 12:05 बजे की गई.

    इससे पहले इसे सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान से क़रीब 5 मिनट पहले काउंटडाउन रोक दिया गया.

    कुछ देर के होल्ड के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई और रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ‘मिशन आगमन’ नाम से किए गए इस परीक्षण उड़ान के तहत विक्रम-1 कई तकनीकी परीक्षणों से जुड़े पेलोड के साथ रवाना हुआ.

    रॉकेट अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्टकार्ड और ‘कॉस्मिक ब्लूम’ नामक एक कलाकृति भी लेकर गया है.

    स्काईरूट एयरोस्पेस ने इससे पहले साल 2022 में ‘विक्रम-S’ सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था.

  15. सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर अखिलेश यादव और पवन खेड़ा ने क्या कहा

    अखिलेश यादव और पवन खेड़ा

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    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (फ़ाइल फ़ोटो)

    समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

    अखिलेश यादव ने कहा है कि जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आए, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए.

    अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है. आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है. सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी. जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए."

    उन्होंने लिखा, "हमारी पुरज़ोर मांग है कि सोनम वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में हो क्योंकि उनका जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है."

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे संवैधानिक अधिकार पर हमला बताया.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है. लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है."

    "दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर दिया है. अगर आज की बर्बर कार्रवाई कमिश्नर साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ़ पता चलता है कि उनकी वफ़ादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज़्यादा सत्ता के प्रति है."

    खेड़ा ने कहा, "आज की घटना ने एक बार फिर इसकी सोच को बेनकाब कर दिया है. इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि एक "कानून एवं व्यवस्था" की समस्या है, जिसे डंडे के ज़ोर पर कुचल देना चाहिए."

    वहीं, सफ़दरजंग अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, लंबे उपवास के कारण उन्हें हल्की कमजोरी, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के संकेत मिले हैं.

    मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ चारु बंबा के मुताबिक़, वांगचुक की हालत स्थिर है, सभी ज़रूरी स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं और वे पूरी तरह होश में हैं. अस्पताल में उनकी निगरानी और उपचार जारी है.

  16. 16 साल तक अनशन पर रहने वालीं इरोम शर्मिला ने सोनम वांगचुक को लेकर ये कहा

    इरोम शर्मिला

    इमेज स्रोत, Karun Sharma/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, जब इरोम शर्मिला ने भूख हड़ताल शुरू की थी, तब उनकी उम्र 28 साल थी, अब उनकी उम्र 53 वर्ष हो चुकी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीयों को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ देना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि व्यवस्था को ठीक करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ वांगचुक की नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक की है, जिसके अंदर सही-ग़लत की समझ है और जो बदलाव लाना चाहता है.

    इरोम शर्मिला ने न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल डॉट इन से बातचीत में कहा, “यह सिर्फ़ सोनम की ज़िम्मेदारी नहीं है और लोगों को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह अकेले अपनी जान दे दें. यह सबकी साझा लड़ाई और मांग है. सभी लोगों को उनका साथ देना चाहिए. अगर सभी लोग सड़क पर उतरेंगे, तो सुरक्षा बल भी कम पड़ जाएंगे और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा.”

    उन्होंने कहा, “सामाजिक बदलाव के लिए किसी साझा मुद्दे पर लगातार कोशिश और एकजुट आवाज़ ज़रूरी है. किसी एक प्रदर्शनकारी को अकेला छोड़कर उसे अपनी जान देने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए.”

    इरोम शर्मिला पूर्वोत्तर भारत में सेना को विशेष अधिकार देने वाले क़ानून, एएफ़एसपीए (सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम) को हटाने की मांग को लेकर 16 साल (नवंबर 2000 से अगस्त 2016 तक) तक भूख हड़ताल पर रहने के लिए पूरी दुनिया में चर्चित रहीं.

    जब इरोम शर्मिला ने भूख हड़ताल शुरू की थी, तब उनकी उम्र 28 साल थी, अब उनकी उम्र 53 वर्ष हो चुकी है.

    गौरतलब है कि शनिवार को ही सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल ले जाया गया है.

  17. सोनम वांगचुक की हेल्थ पर सफ़दरजंग अस्पताल ने क्या बताया

    सोनम वांगचुक

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    इमेज कैप्शन, सफ़दरजंग अस्पताल ने बताया कि वांगचुक को हल्की कमज़ोरी और शरीर में पानी की कमी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के पुलिस सफ़दरजंग अस्पताल ले गई.

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लंबे समय तक उपवास करने के कारण उन्हें हल्की कमज़ोरी और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की शिकायत है. फ़िलहाल उनकी हालत स्थिर है और सभी अन्य स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं.

    मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ चारु बंबा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "सोनम वांगचुक आज सुबह क़रीब 7:40 बजे हमारे अस्पताल पहुंचे. लंबे समय से उपवास करने की वजह से उन्हें थोड़ी कमज़ोरी है और शरीर में पानी की हल्की कमी है."

    डॉ चारु के मुताबिक़, "वांगचुक के सभी वाइटल पैरामीटर सामान्य हैं. उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और उनका इलाज जारी है. वह पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है. अस्पताल पहुंचने पर सबसे पहले इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ने उनका इलाज किया. इसके बाद उन्हें मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया."

    अस्पताल प्रशासन ने बताया, "वांगचुक के शरीर में पानी की कमी के कारण उनके इलेक्ट्रोलाइट स्तर पर असर के संकेत मिले हैं. इसी वजह से उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा. पहले इसे ठीक किया जाएगा और फिर उनकी हालत की दोबारा जांच की जाएगी."

    डीसीपी नई दिल्ली ने इस मामले पर जानकारी देते हुए एक्स पर बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

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  18. सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर बोले अरविंद केजरीवाल- इतना अहंकार ठीक नहीं

    वांगचुक और अरविंद केजरीवाल

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    इमेज कैप्शन, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाक़ात की थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के मामले पर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

    केजरीवाल ने मोदी सरकार को 'अहंकारी' बताते हुए कहा कि वांगचुक से बातचीत करने के बजाय उन्हें जबरन उठाया गया.

    केजरीवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "इतना अहंकार ठीक नहीं है. उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी."

    उन्होंने आगे कहा, "कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो. सोनम वांगचुक के साथ की गई ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है."

    इससे पहले कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) ने भी सोनम वांगचुक को कथित तौर पर जबरन अस्पताल ले जाने की आलोचना की थी.

    वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनशन शुरू कर दिया है.

  19. सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर कांग्रेस ने क्या कहा?

    सचिन पायलट

    इमेज स्रोत, Vishal Bhatnagar/NurPhoto via Getty Images

    इमेज कैप्शन, सचिन पायलट ने कहा कि वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाना साफ़ दिखाता है कि सरकार भारी दबाव में है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के पुलिस ने उठाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया. इस दौरान जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

    इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाना साफ़ दिखाता है कि सरकार भारी दबाव में है.

    पायलट ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “यह सरकार की पूरी तरह गलत नीति है. सोनम वांगचुक जी लगभग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने युवाओं के भविष्य और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े जैसे गंभीर मुद्दे पर खाना छोड़ दिया है. इसके बावजूद सरकार ने उनसे कोई बातचीत नहीं की.”

    सचिन पायलट ने कहा, "अब जब आंदोलन का असर पूरे देश में बढ़ रहा है और जनता का दबाव बढ़ रहा है, तो सरकार उन्हें जबरन अस्पताल ले जा रही है, सिर्फ़ जिम्मेदारी से बचने के लिए. अगर सरकार ने पहले ही बातचीत शुरू की होती और उनकी मांगें मान ली होतीं तो बेहतर होता."

    उन्होंने आगे कहा, "जबरन हटाकर अस्पताल ले जाना साफ़ दिखाता है कि सरकार भारी दबाव में है. नाराज़गी चरम पर है और उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना जनता के गुस्से को और बढ़ाएगा, दबाएगा नहीं.”

    गौरतलब है कि वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने हाल ही में दावा किया था कि अनशन के दौरान उनके शरीर का लगभग 20 फ़ीसदी हिस्सा खत्म हो चुका है.

  20. अभिजीत दीपके ने ख़ुद भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की

    अभिजीत दीपके

    इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock

    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने भी एक्स पोस्ट में बताया कि वो भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. पार्टी के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के जरिए शनिवार सुबह इसकी जानकारी दी गई.

    सीजेपी की ओर से यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब दिल्ली पुलिस पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरनास्थल से उठाकर अस्पताल ले गई.

    सीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया, “अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं. 20 जुलाई को होने वाला ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा.”

    अभिजीत दीपके ने भी एक्स पोस्ट के ज़रिए इसकी पुष्टि की है.

    दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा है कि बिना सहमति के उनके (वांगचुक) मुंह या नसों के ज़रिए कुछ भी नहीं दिया जाए.

    डीसीपी नई दिल्ली ने इस मामले पर जानकारी देते हुए एक्स पर बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

    सोनम वांगचुक 28 जून से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं. शनिवार को उनकी भूख हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी है.