ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ शांति वार्ता पर क्या कहा?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की गुरुवार को तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे. उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से मुलाकात की.
सारांश
ज़ेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया
ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ शांति वार्ता पर क्या कहा?
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की गुरुवार को तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे. उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से मुलाकात की.
इस मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
ज़ेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया.
जेलेंस्की ने कहा, "हम सभी के पास यूक्रेनी जनता और हमारे सांसदों का यह जनादेश है कि हम कुछ ऐसे क़दमों पर सहमति दें जो युद्ध के अंत की ओर ले जाएं"
"अगर हमें वे कदम उठाते नहीं दिखते, तो इसका मतलब है कि वे (रूस) बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं."
ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की कि वह अपने रक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को इस्तांबुल भेजेंगे, जो रूस और अमेरिका के साथ बातचीत करेगा.
उन्होंने इसका भी ज़िक्र किया कि हालांकि पुतिन ने सीधी वार्ता का प्रस्ताव रखा है, लेकिन वह व्यक्तिगत तौर पर इसमें शामिल होना नहीं चाहते.
ज़ेलेंस्की ने आगे कहा, "वह (पुतिन) युद्धविराम नहीं चाहते."
इसी के साथ तुर्की में ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेटो की बैठक के दौरान यूरोप के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की.
इस मुलाकात में तय हुए फ़ैसलों पर अमेरिकी सरकार की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि इटली, फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि नेटो में सभी देशों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और यूरोप को अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करना चाहिए.
बयान में यह भी कहा गया कि रुबियो ने इन मंत्रियों को बताया कि ट्रंप युद्ध ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शांति वार्ता के लिए यूरोप की भूमिका बहुत ज़रूरी है.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की से जुड़े संस्थानों से तोड़ा नाता
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जमिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने तुर्की सरकार से मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते को निलंबित कर दिया है.
इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट के ज़रिए साझा की.
पोस्ट में लिखा गया, "राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए,जमिया मिल्लिया इस्लामिया और तुर्की की सरकार से जुड़े किसी भी संस्थान के बीच हुआ मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) अगले आदेश तक तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जमिया मिल्लिया इस्लामिया देश के साथ मजबूती से खड़ा है."
भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हवाई हमले किए थे.
इस सैन्य कार्रवाई को भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई बताया था.
भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया था.
भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम की घोषणा के बाद तुर्की ने इस फ़ैसले का स्वागत किया और कहा था कि दोनों देश इस मौक़े का इस्तेमाल सीधे और स्वस्थ बातचीत के लिए करें.
भारत ने देश के नौ हवाईअड्डों पर काम कर रही तुर्की की कंपनी पर की ये कार्रवाई
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भारत में सिविल एविएशन ब्यूरो ने तुर्की की कंपनी सेलेबी की सिक्योरिटी क्लियरेंस को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है.
तुर्की की कंपनी सेलेबी एविएशन भारत के कई हवाईअड्डों पर सिक्योरिटी से जुड़ा काम संभाल रही थी.
सेलेबी पर हुई इस कार्रवाई की जानकारी सिविल एविएशन ने सोशल मीडिया के ज़रिए दी है.
सिविल एविएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, "बीसीएएस के महानिदेशक को मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है."
ये फ़ैसला ऐसे समय लिया गया है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर हमला किया था, जिसकी तुर्की ने खुलकर आलोचना की और पाकिस्तान को समर्थन ज़ाहिर किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया मुंबई, दिल्ली, कोच्चि, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा, अहमदाबाद और चेन्नई यानी नौ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं दे रही थीं.
बिहार में राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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बिहार के दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर हुई है.
बिहार कांग्रेस ने 15 मई को राज्य की अलग-अलग जगहों पर शिक्षा संवाद किया. इसके तहत कांग्रेस नेताओं ने राज्य के एससी, एसटी, ओबीसी छात्रावासों में छात्रों से बातचीत की.
राहुल गांधी इसी कार्यक्रम के तहत दरभंगा के आंबेडकर छात्रावास में संवाद करना चाहते थे. लेकिन दरभंगा प्रशासन ने उन्हें आंबेडकर छात्रावास की जगह टाउन हॉल में छात्रों से संवाद करने की अनुमति दी थी.
हालांकि बिना अनुमति के राहुल गांधी छात्रावास में गए और छात्रों को संबोधित किया.
बिना अनुमति के छात्रावास में घुसने को लेकर जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार ने राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज कराई है.
दरभंगा डीएम राजीव रौशन ने बीबीसी से कहा, "किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ये नीतिगत फै़सला है कि पॉलिटिकल कार्यक्रम नहीं हो सकता. इसलिए हमने उन्हें टाउन हॉल में परमिशन दी थी. लेकिन वो जबरन छात्रावास में घुसे. उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का उल्लंघन किया है जिसके बाद उन पर एफ़आईआर दर्ज हुई है."
बता दें राहुल गांधी गुरुवार को एक दिवसीय बिहार दौरे पर थे. दरभंगा के बाद वो पटना आए, जहां उन्होंने सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ फ़िल्म 'फुले' देखी.
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर मानसी दाश और सुमिरन प्रीत कौर से..
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दोहा में बोले ट्रंप: मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय क़तर के दौरे पर हैं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़तर की राजधानी दोहा में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच समस्या को सुलझाने में उन्होंने मदद की.
ट्रंप ने कहा, "मैं ये नहीं कहूंगा कि मैंने किया, लेकिन मैंने निश्चित रूप से भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले सप्ताह बढ़ते तनाव को सुलझाने में मदद की."
ट्रंप ने कहा, "हालात और अधिक तनावपूर्ण होते जा रहे थे और अचानक, आप वहां अलग तरह की मिसाइलें देखने लगते, लेकिन हमने इसे सुलझा लिया."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे लगता है कि यह सुलझ गया है. हमने उनसे (भारत और पाकिस्तान से) व्यापार पर भी बात की. कहा- चलो व्यापार करें, युद्ध नहीं. पाकिस्तान इससे बहुत खुश था, भारत भी इससे बहुत खुश था और मुझे लगता है कि वे अब सही दिशा में बढ़ रहे हैं."
भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद शनिवार यानी 10 मई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम के लिए तैयार हुए थे.
कुछ देर बाद पाकिस्तान ने भी सीज़फ़ायर की बात कही थी और अमेरिका का शुक्रिया अदा किया था.
भारत ने भी उसी दिन सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही, हालांकि भारत ने ये घोषणा करते हुए अमेरिका का ज़िक्र नहीं किया.
पाकिस्तानी परमाणु हथियारों पर राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर पाकिस्तान ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार (बाएं) और भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (दाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उनके परमाणु हथियारों को लेकर की गई टिप्पणियों के लिए निंदा की है.
राजनाथ सिंह गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे.
राजनाथ सिंह ने कहा, "पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं. आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार देश के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं?"
"मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में लिया जाना चाहिए."
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि ये गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि पाकिस्तान की प्रभावी रक्षा और भारत की पारंपरिक आक्रामकता के ख़िलाफ़ उसके निवारण तंत्र को लेकर उनमें कितनी गहरी असुरक्षा और हताशा है. पाकिस्तान की पारंपरिक सैन्य क्षमताएँ भारत को रोकने के लिए पर्याप्त हैं, और इसके लिए भारत को 'परमाणु ब्लैकमेल' करने की ज़रूरत नहीं है.
बयान में कहा गया है कि भारत के रक्षा मंत्री की टिप्पणियाँ इस बात को भी दर्शाती हैं कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र की आईएईए जैसी विशेष एजेंसी के दायित्वों और जिम्मेदारियों की कोई समझ नहीं है.
बयान में कहा गया है, "आईएईए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यदि किसी चीज़ को लेकर चिंता करनी चाहिए, तो वह भारत में बार-बार होने वाली परमाणु और रेडियोधर्मी सामग्री की चोरी और अवैध तस्करी की घटनाएं हैं."
भारत-अमेरिका ट्रेड पर क्या बोले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर
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इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर चल रही बातचीत के बारे में बयान दिया.
उन्होंने कहा,"भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है. ये बातचीत थोड़ी जटिल है. जब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक कुछ भी तय नहीं माना जा सकता."
"किसी भी व्यापार समझौते को पारस्परिक रूप से लाभकारी होना चाहिए; यह दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद होना चाहिए. व्यापार समझौते को लेकर हमारी यही अपेक्षा होगी. जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, उस पर कोई भी जजमेंट देना समय से पहले होगा."
पिछले दिनों मीडिया में चल रही ख़बरों में कहा गया था कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर बातचीत हो रही है.
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को क़तर की राजधानी दोहा में आईफ़ोन निर्माता कंपनी एपल के सीईओ टिम कुक से कहा कि वह भारत में आईफ़ोन बनाना बंद करें.
उन्होंने कहा कि भारत को अपने हितों का ध्यान ख़ुद रखने दें.
ग़ज़ा में इसराइल के हवाई हमलों में 94 फ़लस्तीनियों की मौत
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ग़ज़ा में गुरुवार आधी रात से अब तक इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 94 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. इनमें सबसे ज़्यादा लोगों की मौत ग़ज़ा के दक्षिण शहर ख़ान यूनिस में हुई है.
हमास-संचालित सिविल डिफ़ेंस एजेंसी के प्रवक्ता महमूद बस्साल ने बीबीसी को बताया कि रात 2 बजे से (ग़ज़ा के स्थानीय समय के मुताबिक) बचाव दल ने ख़ान यूनिस से 56 शव निकाले, उत्तरी ग़ज़ा के बैत लाहिया से चार और सेंट्रल ग़ज़ा के दीर अल-बलाह से दो शव निकाले.
इन हवाई हमलों में मरने वालों में महिलाएं, बच्चे और एक नवजात भी शामिल हैं.
प्रवक्ता महमूद बस्साल ने बताया कि ख़ान यूनिस में से एक परिवार के 13 सदस्य भी इस हमले में मारे गए है.
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इमेज कैप्शन, इसराइल और हमास के बीच युद्ध सात अक्तूबर 2023 को शुरू हुआ था
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इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में युद्ध विराम का समझौता टूटने के बाद से इसराइल वहां कई हवाई हमले कर चुका है.
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इमेज कैप्शन, 6 मई को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था वो ग़ज़ा की 21 लाख आबादी को बचाने के लिए उन्हें स्थानांतरित करेंगे.
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इमेज कैप्शन, इसराइली नाकाबंदी की वजह से ग़ज़ा में भुखमरी के हालात बन चुके हैं.
जम्मू-कश्मीर: अवंतीपुरा के त्राल में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़
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इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल (फ़ाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर के अवंतीपुरा में त्राल इलाक़े के नादेर में संदिग्ध चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ चल रही है.
कश्मीरी जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पुलिस और सुरक्षाबल मौक़े पर तैनात हैं.
पुलिस ने कहा कि आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी.
अवंतीपुरा श्रीनगर से दक्षिण में 35 किलोमीटर दूर है.
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इमेज कैप्शन, पुलिस का बयान
इस मुठभेड़ पर कश्मीर पुलिस के महानिरीक्षक वीके बिरदी ने मीडिया से बात की.
उन्होंने कहा, "सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में इनपुट मिला था. इस सूचना के आधार पर, हमने उस इलाके की घेराबंदी कर दी थी. जिसके बाद आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. मारे गए कुछ आतंकवादियों के शव भी वहां देखे गए हैं."
"हालांकि उनकी पहचान और उनका संबंध किस संगठन से है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है. क्योंकि क्षेत्र को सुरक्षित करने और अभियान को समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है. इस प्रक्रिया को पूरा करने में थोड़ा समय लगेगा."
ट्रंप ने एपल के सीईओ से कहा: मैं नहीं चाहता कि आप भारत में प्लांट लगाओ
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़तर की राजधानी दोहा में बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने आईफ़ोन निर्माता कंपनी एपल के सीईओ टिम कुक से कहा कि वह भारत में आईफ़ोन बनाना बंद करें. उन्होंने कहा कि भारत को अपने हितों का ध्यान ख़ुद रखने दें.
ट्रंप का ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत और अमेरिका टैरिफ़ को लेकर बात कर रहे हैं. इसके अलावा पिछले दिनों ये भी ख़बरें आई थी जिनमें कहा गया था कि एपल भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहा है.
ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैंने कल टिम कुक से बात की. मैंने कहा, टिम, हम आपसे बहुत अच्छा व्यवहार कर रहे हैं. आप 500 अरब डॉलर की कंपनी बना रहे हो, लेकिन अब मैं सुन रहा हूं कि आप भारत में कारखाने लगा रहे हैं. मैं नहीं चाहता कि आप भारत में (आईफ़ोन) बनाओ."
"अगर आप भारत की मदद करना चाहते हो, तो ठीक है, लेकिन भारत दुनिया के सबसे ज्यादा टैरिफ़ वाले देशों में से एक है. वहां बेचना मुश्किल है. भारत ने हमें एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें उन्होंने हमारे सामानों पर कोई टैरिफ़ नहीं लगाने का वादा किया है."
ट्रंप ने आगे कहा, "हमने तुम्हारे चीन में बनाए कारखानों को बरसों तक सहन किया. अब हम नहीं चाहते कि आप भारत में बनाओ. भारत ख़ुद का ख्याल रख सकता है. वे बहुत अच्छा कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि आप अमेरिका में बनाओ."
मंत्री विजय शाह की कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी पर टिप्पणी को लेकर मायावती क्या बोलीं?
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मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह की कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी के ख़िलाफ़ की गई टिप्पणी पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान में आतंकियों के विरुद्ध सेना के आपरेशन सिंदूर की नायिका मुस्लिम महिला कर्नल को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट की सख्ती के बाद कल देर रात दर्ज एफ़आईआर उचित है, लेकिन बीजेपी ने कोई कदम नहीं उठाया है."
हालांकि, विजय शाह ने इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी है.
विजय शाह ने कहा, "आज मैं खुद शर्मिंदा हूं. पूरे समाज से और समुदाय से माफ़ी मांगता हूं. बहन सोफिया और देश की सम्माननीय सेना का हमेशा सम्मान करता हूं और आज हाथ जोड़ कर सबसे मैं दिल से माफ़ी चाहता हूं."
अभी तक बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थें.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत आप तक बड़ी ख़बरें पहुंचाएंगी.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार पर क्या कहा?
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में कहा, "भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल की परवाह नहीं करेगा."
राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बादामी बाग़ छावनी में कहा, "आज आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की प्रतिज्ञा कितनी कठोर है, इसका पता इसी बात से चलता है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की है."
"पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं. आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार और 'रोग नेशन' (असभ्य राष्ट्र) के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों कोअंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में लिया जाना चाहिए."
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू- कश्मीर में सुरक्षा हालात की समीक्षा को लेकर पहुंचे हैं.
सोमवार रात आठ बजे राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा था, "भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा."
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ा तनाव सैन्य संघर्ष में बदल गया था.
यह सैन्य संघर्ष दस मई को संघर्षविराम की सहमति के साथ थमा.
पाकिस्तान को आईएमएफ़ से पैकेज मिलने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, आईएमएफ़ ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज की एक अरब डॉलर की किश्त को मंज़ूरी दी थी
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आईएमएफ़ बेलआउट पैकेज मिलने पर प्रतिक्रिया दी है.
रक्षा मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान की मैं बात ही क्या करूं आपसे. वह देश तो, मांगते-मांगते अपनी जहालत से एक ऐसी हालत में आ गया है, कि उसके बारे में यह भी कहा जा सकता है कि पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहीं से मांगने वालों की लाइन शुरू होती है. अभी आपने सुना ही होगा, कि कैसे वह फिर एक बार आईएमएफ के पास कर्ज मांगने गया."
उन्होंने कहा, "दूसरी तरफ हमारा देश है कि हम आज उन देशों की श्रेणी में आते हैं, जो आईएमएफ को कर्ज देते हैं, ताकि आईएमएफ गरीब देशों को कर्ज़ दे सकें."
राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बादामी बाग़ छावनी में कहा है, "आतंकवाद के ख़िलाफ़ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं."
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू- कश्मीर में सुरक्षा हालात की समीक्षा को लेकर पहुंचे हैं.
भारत पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान ही आईएमएफ़ ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज की एक अरब डॉलर की किश्त को मंज़ूरी दी थी, जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था.
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई फटकार, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, विजय शाह ने एफ़आईआर दर्ज किए जाने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था
कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी पर विवादित टिप्पणी को लेकर एफ़आईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सर्वोच्च अदालत ने कड़ी फटकार लगाई है.
एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभालने वाले जस्टिस बीआर गवई की पीठ के सामने शुक्रवार को यह मामला पेश हुआ था, जिसमें एफ़आईआर पर रोक लगाने की मांग की गई थी.
सीजेआई बीआर गवई ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, "आप किस तरह का बयान दे रहे हैं? संवैधानिक पद संभालने वाले व्यक्ति से एक निश्चित स्तर की मर्यादा की अपेक्षा की जाती है. जब देश इतनी गंभीर स्थिति से गुजर रहा है तब हर शब्द ज़िम्मेदारी के साथ बोला जाना चाहिए."
विजय शाह के वकील ने दलील देते हुए कहा, "एफ़आईआर पर रोक लगाई जानी चाहिए. हाई कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर काम किया है. जब तक मुझे सुना नहीं जाता, तब तक कोई भी अगली कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए."
इस पर सीजेआई ने उन्हें हाई कोर्ट में जाने को कहा, हालांकि बाद में शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमत हो गए.
विजय शाह मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री हैं.
कर्नल सोफ़िया पर उनकी टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 मई को स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के निर्देश दिया था.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के ऑफ़िस ने बुधवार की देर रात जानकारी दी थी कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीएम ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
हालांकि, विवाद बढ़ने पर विजय शाह माफ़ी मांग चुके हैं.
मंत्री विजय शाह हाई कोर्ट के निर्देश के ख़िलाफ़ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी पर की थी टिप्पणी
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इमेज कैप्शन, विजय शाह ने कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी के ख़िलाफ़ की गई टिप्पणी पर माफ़ी मांग चुके हैं
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह ने अपने ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफ़िया कुरैशी के ख़िलाफ़ टिप्पणी की थी, जिसपर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 मई को स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के निर्देश दिया था.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के ऑफ़िस ने बुधवार की देर रात जानकारी दी थी कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीएम ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
हालांकि, विवाद बढ़ने पर विजय शाह माफ़ी मांग चुके हैं.
विजय शाह ने कहा, "हाल में मेरे दिए गए बयान से हर समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. उसके लिए मैं दिल से न केवल शर्मिंदा हूं, दुखी हूं, बल्कि माफ़ी चाहता हूं.’’
लखनऊः बिहार से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में आग लगने से दो बच्चों समेत 5 लोगों की मौत, सैयद मोज़िज इमाम, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, लखनऊ (दक्षिण) डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि बस में 70 लोग सवार थे
बिहार से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में लखनऊ के मोहनलालगंज इलाक़े में स्थित किसान पथ पर भीषण आग लग गई.
इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई.
लखनऊ (दक्षिण) डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि बस में 70 लोग सवार थे.
उन्होंने कहा, "आग लगने से बस में सवार दो बच्चों और दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई. अन्य यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है."
हालांकि, आग कैसे लगी इसके बारे में अधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है.
पुलिस के अनुसार, बस का इमरजेंसी गेट न खुलने के कारण पीछे बैठे यात्री समय रहते निकल नहीं पाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से जारी एक वीडियो में दिखता है कि बस पूरी तरह जल चुकी है और सिर्फ़ उसका ढांचा बचा है.
मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं.
भारतीय सेना ने कहा, 'म्यांमार बॉर्डर के क़रीब 10 उग्रवादी मारे गए'
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इमेज कैप्शन, भारतीय सेना ने कहा है कि ऑपरेशन अभी भी जारी है (फ़ाइल फोटो)
भारतीय सेना ने बुधवार की रात कहा, "मणिपुर के चंदेल ज़िले में असम राइफ़ल्स की एक यूनिट के साथ मुठभेड़ में कम से कम दस उग्रवादी मारे गए."
भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-म्यांमार बॉर्डर के क़रीब चंदेल ज़िले में न्यू समताल गांव के पास सशस्त्र उग्रवादियों की आवाजाही को लेकर मिली खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, असम राइफल्स यूनिट ने 14 मई को एक अभियान शुरू किया."
सेना की पूर्वी कमान ने बताया, "अभियान के दौरान, संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा सैनिकों पर गोलीबारी की गई, जिस पर जवाबी कार्रवाई में 10 उग्रवादी मारे गए. इस अभियान में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं."