चीन के लिए रवाना हुए उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन

बुधवार को होने वाली 'विक्ट्री डे' परेड में किम के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दुनिया के अन्य नेता नज़र आएंगे.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, अंशुल सिंह

  1. अफ़ग़ानिस्तानः भूकंप में 'सैकड़ों लोगों' के मारे जाने की आशंका, राहत और बचाव कार्य में आ रहीं मुश्किलें

    हेलिकॉप्टर

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    इमेज कैप्शन, मेडिकल स्टाफ़ को लेकर कम से कम चार हेलीकॉप्टर सोमवार सुबह कुनार प्रांत की मज़ार घाटी पहुंचे हैं

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी इलाक़े में आए भूकंप से 20 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. भूकंप से नंगरहार और कुनार सूबे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.

    अधिकारियों के मुताबिक़ 115 से ज़्यादा ज़ख़्मी लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    बीबीसी की पश्तो सेवा के अनुसार, तालिबान सरकार ने इस भूकंप में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है.

    भूकंप से ज़्यादातर नुक़सान कुनार सूबे में बताया जा रहा है, जिसकी तक़रीबन 90 फ़ीसदी ज़मीन पहाड़ी है.

    भूकंप से प्रभावित इलाक़ों की तरफ़ जाने वाली सड़कें बहुत संकरी हैं और उनमें से कई भूस्खलन की वजह से बंद हो चुकी हैं.

    जबकि कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा है.

    कुनार सूबे के पुलिस प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि बाढ़ और भूकंप के झटकों से हुए भूस्खलन की वजह से इलाक़े की सड़कें बंद हो गई हैं.

    तालिबान अधिकारियों का कहना है कि उनके पास सीमित संसाधन हैं और वे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की गुज़ारिश कर रहे हैं ताकि हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जा सकें और प्रभावित इलाक़ों तक पहुंचा जा सके.

    2022 के भूकंप के दौरान भी इसी तरह की मुश्किलें देखी गई थीं, जिसमें तक़रीबन 1,000 लोगों की मौत हुई थी.

    उस वक़्त भी दूर-दराज़ के गांवों में राहत और बचाव कार्य भूस्खलन की वजह से बाधित हुआ था. उस वक़्त भी राहत एवं बचाव कार्य हवा के रास्ते से ही किए गए थे.

  2. एससीओ समिट: प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाक़ात पर क्या कहा?

    मोदी, पुतिन और शी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (एससीओ) सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन गए हुए हैं, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की है.

    पीएम मोदी ने एक्स पर मुलाक़ात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "तियानजिन में मुलाक़ात जारी! एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है."

    मोदी, पुतिन और शी

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    इससे पहले रविवार को पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली, मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा मैडबौली, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति तोकायेव, म्यांमार के सीनियर जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग से भी मुलाक़ात की.

    उन्होंने मुलाक़ातों की तस्वीरें और अपने अनुभव एक्स पोस्ट पर साझा किए. प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और आपसी सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर बात हुई.

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  3. ट्रंप के व्यापार सलाहकार ने भारत पर फिर की टिप्पणी, पीएम मोदी के लिए कही यह बात

    पीटर नवारो

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    इमेज कैप्शन, पीटर नवारो इससे पहले भी भारत और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बयान दे चुके हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर नया बयान दिया है.

    फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा है, "मोदी एक बेहतरीन लीडर हैं, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि वो पुतिन और शी जिनपिंग से हाथ क्यों मिला रहे हैं, जबकि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं."

    नवारो ने कहा, "मैं भारत के लोगों से सिर्फ़ यह कहना चाहूंगा कि जो कुछ भी हो रहा है उसे समझें. भारतीय लोगों की क़ीमत पर ब्राह्मण मुनाफ़ा कमा रहे हैं. हम चाहते हैं कि यह रुके."

    पीटर नवारो इससे पहले भी रूसी तेल ख़रीदने पर भारत पर हमलावर रहे हैं.

    राष्ट्रपति ट्रंप के क़रीबी माने जाने वाले नवारो ने बीते हफ़्ते ब्लूमबर्ग टीवी पर बातचीत में कहा था कि रूस-यूक्रेन का युद्ध दरअसल "मोदी का युद्ध" है.

    भारत इस वक़्त 50 फ़ीसदी अमेरिकी टैरिफ़ का सामना कर रहा है. अमेरिका ने रूसी तेल ख़रीदने का हवाला देकर भारत पर यह टैरिफ़ लगाया है.

    अमेरिका की दलील है कि भारत रूसी तेल ख़रीदकर यूक्रेन युद्ध के लिए रूस की वित्तीय मदद कर रहा है.

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  4. अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप से 20 से ज़्यादा लोगों की मौत, तालिबान सरकार क्या बोली

    अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप

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    इमेज कैप्शन, नांगरहार में दर्जनों लोग भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं और रक्तदान कर रहे हैं

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी इलाक़े में पाकिस्तान की सरहद के क़रीब 6.0 तीव्रता का भूकंप आया है. इसमें 20 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. स्थानीय अधिकारियों ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.

    अधिकारियों के मुताबिक़, नांगरहार और कुनार सूबों में 115 से ज़्यादा ज़ख़्मी लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार यह भूकंप रविवार को स्थानीय समय के मुताबिक़ रात 11:47 बजे आया. इसकी गहराई 8 किलोमीटर थी. इसके बाद दोबारा कम से कम तीन झटके आए, जिनकी तीव्रता 4.5 से 5.2 के बीच रही.

    न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल (क़रीब 200 किलोमीटर दूर) और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद (क़रीब 400 किलोमीटर दूर) तक महसूस किए गए.

    मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि भूकंप से प्रभावित सूबे दूरदराज़ और कठिन पहाड़ी इलाक़ों में हैं और वहां के मकान आम तौर पर भूकंप-रोधी नहीं होते.

    तालिबान सरकार के अधिकारियों ने राहत संगठनों से अपील की है कि वे दूर-दराज़ और पहाड़ी इलाक़ों में बचाव कार्य में मदद करें.

    कुनार सूबे के पुलिस प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि बाढ़ और भूकंप के झटकों से हुए भूस्खलन की वजह से इलाक़े की सड़कें बंद हो गई हैं. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान सिर्फ़ हवा के रास्ते से ही चलाया जा सकता है.

    तालिबान अधिकारियों का कहना है कि उनके पास सीमित संसाधन हैं और वे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की गुज़ारिश कर रहे हैं ताकि हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराए जा सकें और प्रभावित इलाक़ों तक पहुंचा जा सके.

  5. इसराइल का दावा, ग़ज़ा में हुए हमले में हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा मारे गए

    अबु उबैदा

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    इमेज कैप्शन, अबु उबैदा हमेशा अपना चेहरा ढक कर रखते थे (2019 की तस्वीर)

    इसराइल ने कहा है कि हमास के हथियारबंद विंग के प्रवक्ता अबू उबैदा ग़ज़ा सिटी में एक हवाई हमले में मारे गए हैं.

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) और इसराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट को इस काम को 'अंजाम' देने के लिए बधाई दी.

    हालांकि, हमास ने अभी तक उबैदा की मौत की पुष्टि नहीं की है.

    फ़लस्तीन के इस सशस्त्र समूह ने पहले कहा था कि एक रिहाइशी इमारत पर हुए इसराइली हवाई हमलों में दर्जनों नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं.

    स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि ग़ज़ा सिटी के घनी आबादी वाले अल-रिमाल इलाक़े में हुए हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं.

    कात्ज़ ने रविवार को चेतावनी दी कि उबैदा के और भी कई "आपराधिक साझेदारों" को निशाना बनाया जाएगा, क्योंकि "ग़ज़ा में अभियान तेज़" किया जा रहा है. यह हाल ही में स्वीकृत इसराइली योजना का संकेत था, जिसके तहत ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण करने की तैयारी है.

    वहीं आईडीएफ़ और शिन बेट ने एक संयुक्त बयान में कहा कि "यह अभियान [शिन बेट] और आईडीएफ़ की इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट की ओर से पहले से जुटाई गई जानकारी की वजह से संभव हुआ", जिसमें उनके छिपने के ठिकाने की पहचान की गई थी.

    उबैदा हमास के सैन्य विंग के उन कुछ वरिष्ठ सदस्यों में से एक थे जो इसके 7 अक्तूबर 2023 को दक्षिणी इसराइल पर घातक हमले से पहले से मौजूद थे.

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  6. नमस्कार!

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