राजस्थान के जैसलमेर के लाठी थाना इलाक़े में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में चर्चित वन्यजीव प्रेमी राधेश्याम विश्नोई समेत चार लोगों की मौक़े पर ही मौत हो गई.
शनिवार को शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है.
लाठी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "शुक्रवार रात क़रीब साढ़े नौ बजे थाने से लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर एक गाय को बचाने के दौरान कैंपर गाड़ी सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई."
"हादसे में कैंपर सवार वन्यजीव प्रेमी राधेश्याम विश्नोई, श्याम विश्नोई, वन रक्षक सुरेन्द्र चौधरी और कंवरराज सिंह की मौक़े पर ही मौत हो गई."
थाना प्रभारी ने कहा, "राधेश्याम विश्नोई पूरे इलाक़े में बेहद चर्चित थे और वन्यजीव के लिए समर्पित थे. सोशल मीडिया के ज़रिए उनको शहीद का दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन पुलिस-प्रशासन से अभी इस बारे में मांग नहीं की गई है."
राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर दुख जताया है.
जैसलमेर के स्थानीय पत्रकार चंदन भाटी बीबीसी से कहते हैं, "28 साल के राधेश्याम विश्नोई लाठी थाना इलाक़े के ही धौलिया गांव के रहने वाले थे. वह वन्यजीव प्रेमी और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर थे. उनका वन्यजीव प्रेम एक मिसाल है. उन्होंने पशु-पक्षियों के लिए इस इलाक़े में आठ सौ से ज़्यादा पानी के पौंड बनाए हुए थे."
चंदन भाटी आगे कहते हैं, "राधेश्याम विश्नोई क़रीब एक हज़ार हिरणों, गोडावण समेत कई जानवरों का रेस्क्यू कर चुके थे. उनका जीवन पूरी तरह वन्यजीव के लिए ही समर्पित था. उनकी तस्वीरें अंतरार्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में रही है और कई पुरस्कारों से भी वो सम्मानित हुए हैं."
बताया जा रहा है कि हिरण के शिकार की सूचना मिलने पर अपने दो सहयोगी कंवरराज सिंह भाटी और श्याम विश्नोई के साथ राधेश्याम विश्नोई हिरण के रेस्क्यू के लिए जा रहे थे. उनके साथ वन रक्षक सुरेन्द्र चौधरी भी हादसे का शिकार हुई गाड़ी में सवार थे.