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इसराइली सेना के प्रमुख ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा की, जानिए किस वजह का दिया हवाला

इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ हरज़ी हालेवी ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने की बात कही है.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, संदीप राय

  1. छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 14 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले में संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 14 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.

    गरियाबंद के जिस कुल्हाड़ीघाट के भालूडिगी और तारझर के जंगल में यह मुठभेड़ हुई, वह ओडिशा के नुआपाड़ा ज़िले से लगा हुआ है.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सीआरपीएफ़ की 'कोबरा बटालियन' और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान रविवार को ही ऑपरेशन के लिए निकले थे, जहां देर रात संदिग्ध माओवादियों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई.

    यह मुठभेड़ सोमवार की रात तक चलती रही. इससे पहले सोमवार की दोपहर में दो संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके थे. मंगलवार की सुबह 12 अन्य माओवादियों के शव बरामद किए गए.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "हमें भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार मिले हैं. सर्चिंग ऑपरेशन अभी जारी है. मारे जाने वाले माओवादियों की संख्या बढ़ सकती है."

    मारे जाने वालों में कुछ माओवादियों की पहचान ओडिशा में सक्रिय माओवादी संगठन के वरिष्ठ सदस्यों के रुप में की गई है. हालांकि पुलिस ने इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की है.

    इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के एक जवान को भी गोली लगी है. हालांकि उनकी हालत ख़तरे से बाहर है. छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल से माओवादियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान चल रहा है.

    साल 2024 में सुरक्षाबलों ने राज्य में 219 माओवादियों को मारने का दावा किया था.

  2. 'हर गली में मिल रहे हैं शव', ग़ज़ा में हुई तबाही पर क्या कह रहे हैं बचावकर्मी

    इसराइल और हमास के बाच लागू हुए युद्ध विराम के बाद सोमवार पहला दिन था, जब राहत कर्मियों और आम लोगों ने व्यापक विनाश के बारे में बताया है.

    ग़ज़ा के सिविल डिफ़ेंस एजेंसी के पास ग़ज़ा पट्टी में आपातकालीन सेवाओं की ज़िम्मेदारी है. उसका कहना है कि उसे डर है कि इलाक़े में मलबे के विशाल भंडार अब भी दस हज़ार से ज़यादा शव दबे हुए हैं.

    एजेंसी के प्रवक्ता, महमूद बसल ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें उम्मीद है कि वो शवों को सौ दिनों में बरामद कर लेंगे, लेकिन इसमें ज़रूरी उपकरणों और बड़े बुलडोज़रों की कमी की वजह से देरी हो सकती है.

    युद्ध विराम लागू होने के बाद ग़ज़ा से ताज़ा तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिसमें बीते क़रीब पंद्रह महीनों के दौरान इसराइली हमले के बाद के हालात दिख रहे हैं.

    इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान लगाया था कि ग़ज़ा में 60 फ़ीसदी ढांचे नष्ट हो चुके हैं या उन्हें नुक़सान हुआ है.

  3. ट्रंप ने अमेरिका को डब्लूएचओ से अलग करने का आदेश जारी किया

    अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग करने का आदेश जारी किया है.

    इस आदेश पर दस्तख़त करते हुए ट्रंप ने कहा, "ओह यह एक बड़ा फ़ैसला है."

    ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने अन्य देशों के मुक़ाबले इसके लिए अनुचित कीमत चुकाई है.

    ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ की तरफ़ इशारा करते हुए कहा, "उनकी बहुत ज़्यादा इच्छा है कि हम वापस आ जाएं, इसलिए देखते हैं कि क्या होता है."

    माना जा रहा है कि यह कुछ समय बाद डब्लूएचओ में अमेरिका के फिर से लौटने की तरफ ट्रंप का इशारा हो सकता है.

  4. ट्रंप ने चीनी ऐप टिक-टॉक के मामले में कार्यकारी आदेश पर दस्तख़त किए, क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति कार्यालय पहुंचकर कई कार्यकारी आदेश जारी किए हैं. इसमें चीनी सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक से जुड़ा आदेश भी शामिल है.

    हालांकि टिक- टॉक से जुड़े आदेश में क्या लिखा है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप टिक-टॉक को 90 दिनों की मोहलत देने की बात करते रहे हैं.

    उन्होंने राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने से ठीक पहले भी कहा था कि टिक-टॉक पर एक कार्यकारी आदेश जारी करेंगे.

    राष्ट्रपति कार्यालय में एक रिपोर्टर ने ट्रंप के पूछा, "आप पहले क्यों टिक-टॉक के ख़तरों को लेकर चेतावनी दे रहे थे?"

    ट्रंप ने इस सवाल के जवाब में कहा, "यह टिक-टॉक के साथ होने वाले समझौते पर निर्भर करता है. अगर यह ऐप समझौता नहीं करता है तो यह बेकार है, लेकिन अगर समझौता कर लेता है तो इसका महत्व अरबों डॉलर का होगा."

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही कैपिटल हिल दंगों में शामिल करीब 1500 लोगों की सज़ा माफ़ की

    डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद कैपिटल हिल में 6 जनवरी 2021 को हुए दंगों में शामिल क़रीब 1500 लोगों को माफ़ी देने का आदेश जारी किया है.

    ट्रंप के पिछले चुनाव में हार के बाद उनके समर्थकों ने कैपिटल हिल पर दंगा और हंगामा किया था.

    कैपिटल हिल के दंगों के आरोप में जेल में बंद ट्रंप समर्थकों के वकील ने उम्मीद जताई है कि स्थानीय समय के मुताबिक़ सोमवार रात तक जेल में बंद लोगों की रिहाई हो जाएगी.

    वॉशिंगटन डीसी जेल के बाहर ट्रंप समर्थकों की भारी भीड़ लोगों की रिहाई का इंतज़ार कर रही है.

  6. बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े दोपहर दो बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

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