तेलंगाना पुलिस के मुताबिक़ भद्राद्री कोठागुडेम ज़िले में शनिवार को 86 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया.
भद्राद्री कोठागुडेम ज़िला छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बस्तर से लगा हुआ है. तेलंगाना पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले ज़्यादातर माओवादी छत्तीसगढ़ के हैं.
यह आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुआ है, जब देश के गृह मंत्री अमित शाह दंतेवाड़ा के दौरे पर हैं.
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक़ भद्राद्री कोठागुडेम ज़िले में मल्टी जोन-1 पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) चंद्रशेखर रेड्डी के सामने 86 माओवादियों ने सरेंडर किया.
आईजी चंद्रशेखर रेड्डी ने दावा किया कि 66 पुरुष और 20 महिला माओवादियों में से ज़्यादातर छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले के रहने वाले हैं.
उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन चेयुथा से प्रभावित हो कर इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.
आत्मसमर्पण करने वालों को तुरंत सहायता के तौर पर सरकार की ओर से 25-25 हजार रुपए का चेक दिया गया है.
आईजी ने बताया कि इस साल पिछले तीन महीनों में अब तक कम से कम 224 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं.
शाह ने फिर दोहराया माओवाद के ख़ात्मे का संकल्प
इधर शनिवार को दंतेवाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को पूरी तरह से ख़त्म करने के अपने संकल्प को दोहराया.
शाह ने कहा, "मैं अभी-अभी मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर यहां आया हूं कि अगली चैत्र नवरात्रि में यहां से लाल आतंक खत्म हो जाएगा और हमारा बस्तर फिर से खुशहाल होगा."
गृह मंत्री ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलियों को सरेंडर कराकर गांवों को नक्सल मुक्त बनाइए. ऐसा करने वाले हर गांव को एक करोड़ रुपये मिलेगा.
उन्होंने कहा कि किसी को कोई मारना नहीं चाहता, नक्सली सरेंडर करें. भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार संरक्षण देगी.
इससे पहले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "हम 15 महीने से सरकार में हैं. हमारी डबल इंजन की सरकार है. गृह मंत्री के मार्गदर्शन में सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों से लड़ाई लड़ रहे हैं. नक्सली जब समाप्त हो जाएंगे, तब देश-दुनिया के लोग यहां आएंगे."
विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां भी सुरक्षा कैंप खुले हैं, जहां पहले गोलियों की आवाज़ आती थी, वहां अब स्कूल की घंटियों की आवाज़ आ रही है.