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पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'अब मोदी सरकार का अंत तय'

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतक्रिया दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'अब मोदी सरकार का अंत तय'

    दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतक्रिया दी है.

    केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "सत्येन्द्र जैन जी को एक बार फिर बीजेपी ने गिरफ़्तार करवा दिया है. अभी कुछ वक़्त पहले इन लोगों ने जेल में डालकर उनकी जो दुर्दशा की थी, वह सबको याद है. पिछला केस भी फ़र्ज़ी था और यह केस भी फ़र्ज़ी साबित होगा."

    "आख़िर कब तक बीजेपी की ये तानाशाही चलती रहेगी? जिसे मन करता है, झूठे आरोप लगाकर जेल में डाल देते हैं. इनका झूठ एक बार फिर देश के सामने आएगा, लेकिन जेल में बिताए उस वक़्त और मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा?"

    केजरीवाल ने कहा, "बीजेपी के पाप का घड़ा अब भर चुका है. ये चाहे जितनी तानाशाही कर लें, अब मोदी सरकार का अंत तय है. पूरी आम आदमी पार्टी और देश की जनता सत्येन्द्र जैन जी के साथ मज़बूती से खड़ी है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया गया है. यह गिरफ़्तारी पिछली (आप) सरकार के दौरान दिल्ली जल बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार को लेकर हुई है.

    पीटीआई ने बताया, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ समेत छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक्स पर लिखा, "अब और कितने सबूत चाहिए कि बीजेपी को आम आदमी पार्टी से डर लगता है."

    "जिस जल बोर्ड टेंडर का हवाला दे रहे हैं उस वक्त सत्येंद्र जी जेल में थे, बताओ जेल से कैसे ज़िम्मेदार हो गए? असली वजह ये है कि सत्येंद्र जैन पंजाब के सह प्रभारी हैं और पंजाब में चुनाव आ रहा है."

  2. सीरिया के एयरबेस पर इसराइल ने किया हमला, अमेरिका ने ये कहा

    अमेरिका ने उत्तर पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में एक सैन्य हवाई अड्डे पर इसराइली हमलों की निंदा करते हुए इन्हें बेवजह "तनाव को बढ़ाने वाला" बताया.

    सीरिया और इराक़ के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि व्हाइट हाउस सभी पक्षों को सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत का सहारा लेने के लिए प्रोत्साहित करता है.

    उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हम इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इसराइल की हवाई कार्रवाई एक अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाने वाला नहीं है."

    "अल-शरा (सीरिया के राष्ट्रपति) सरकार ने न तो आक्रामक रुख़ अपनाया है और न ही प्रॉक्सी बलों को बनाए रखा है. इसके बजाय, उसने बार-बार इसराइल के साथ तनाव कम करने की इच्छा जताई है. अमेरिका पहले भी दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए वार्ता की मेजबानी करता रहा है और आगे भी ऐसा करता रहेगा."

    उन्होंने कहा कि अमेरिका का अब भी मानना है कि संयम और बातचीत अधिक रचनात्मक रास्ता है और "हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे आगे की सैन्य घटनाओं के बजाय तर्कसंगत संवाद को प्राथमिकता दें."

    क़तर ने सीरिया के अबू अल-दुहूर एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए इसराइली हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है.

    क़तर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इसे सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया है. साथ ही, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ सीरियाई विदेश मंत्रालय ने हवाई अड्डे पर हुए इस हमले को "अन्यायपूर्ण" बताया था और इसकी निंदा की.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन गिरफ़्तार, जानिए क्या है मामला

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया गया है. यह गिरफ़्तारी पिछली (आप) सरकार के दौरान दिल्ली जल बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार को लेकर हुई है.

    पीटीआई ने बताया, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ समेत छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक्स पर लिखा, "अब और कितने सबूत चाहिए कि बीजेपी को आम आदमी पार्टी से डर लगता है."

    "जिस जल बोर्ड टेंडर का हवाला दे रहे हैं उस वक्त सत्येंद्र जी जेल में थे, बताओ जेल से कैसे ज़िम्मेदार हो गए? असली वजह ये है कि सत्येंद्र जैन पंजाब के सह प्रभारी हैं और पंजाब में चुनाव आ रहा है."

    अनुराग ढांडा ने कहा कि टेंडर अक्तूबर 2022 में हुआ और सत्येंद्र जैन जी को बीजेपी ने "फर्जी केस में मई 2022 से ही जेल में डाल रखा था."

    उनका कहना है कि यह "बिना सिर-पैर के राजनीतिक शत्रुता की वजह से की गई साज़िश है क्योंकि बीजेपी पंजाब में चुनाव लड़कर आप का सामना नहीं कर सकती, इसलिए सह प्रभारी को गिरफ़्तार कर लिया गया."

    सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मई 2022 में गिरफ़्तार किया था.

    जैन को 2017 में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग से जु़ड़े एक केस में गिरफ़्तार किया गया था. ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया था. उनके ख़िलाफ़ चार कंपनियों के जरिये पैसे के अवैध लेन-देने का आरोप लगाया गया था.

    सत्येंद्र जैन को अक्तूबर 2024 में दिल्ली की एक अदालत ज़मानत दी थी.

    अदालत ने मुक़दमे में देरी और 18 महीने की लंबी क़ैद को ध्यान में रखते हुए सत्येंद्र जैन को ज़मानत दी थी.

  4. हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की अरामको रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमले का किया दावा

    यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने एक बार फिर जिजान में सऊदी अरब की अरामको कंपनी के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमला किया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, हूती समाचार एजेंसी सबा न्यूज़ ने कहा है कि 'यह हमला हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के बदले में किया गया.'

    समाचार एजेंसी ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि यमन के सदा और हज्जा प्रांतों के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में हूती हथियाबंद समूह ने जिजान में अरामको रिफाइनरी के ठिकानों को कई ड्रोन से निशाना बनाया.

    ईरान के सहयोगी हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ओर से लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी के जवाब में नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की है और लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों के साथ-साथ यमन के सरकारी फ़ोर्स पर भी हमला किया है.

    उन्होंने बार-बार सऊदी अरब के तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया है.

    यमन के गृहयुद्ध के दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी सेना का समर्थन करता रहा है.

    यमन के उत्तर-पश्चिम के एक बड़े इलाक़े पर ईरान समर्थित हूती हथियारबंद गुट का नियंत्रण है.

    इस इलाक़े में लाल सागर में जहाज़ों पर हुए हालिया हमलों ने समुद्री व्यापार को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है. इसी साल फ़रवरी में ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद किए जाने के बाद कुछ टैंकर इस वैकल्पिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं.

    सोमवार को भी हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के एक सैन्य जहाज़ और उसके साथ चल रहे चार अन्य जहाज़ों को मिसाइल से निशाना बनाया है.

  5. अमित शाह के बयान पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर बोला भारतीय विदेश मंत्रालय

    शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पाकिस्तान की टिप्पणी के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है.

    रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत सरकार ने अपना पक्ष सामने रखा है और यही हमारा रुख़ है. जहां तक आतंकवाद के मामलों की बात है तो ये बेहद गंभीर मुद्दे हैं. हम चाहते हैं कि वैश्विक समुदाय ऐसी कार्रवाइयों की गंभीरता को समझे."

    उन्होंने कहा, "भारत आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है. पिछले कई वर्षों में हमने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, उससे लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को मज़बूत करने और उसे गति देने के काफ़ी प्रयास किए हैं."

    रणधीर जायसवाल ने कहा, "आतंकवाद से निपटने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. आतंकवाद के इस ख़तरे को हराने के लिए इस संबंध में जो भी कार्रवाई ज़रूरी होगी, हम उसे जारी रखेंगे."

    इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारतीय सुरक्षा बलों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में अभियान चलाकर पाकिस्तान स्थित 'आईएसआई समर्थित शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' को ख़त्म कर दिया है और 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ़्तार किया है.

    अमित शाह के इस बयान पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी थी.

    उसने सोमवार को बयान जारी कर गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया और कहा कि भारत ने अपने यहां हुई कुछ गिरफ़्तारियों को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की है.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, "ऐसा प्रचार पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत के ग़लत अभियान का एक और उदाहरण है. भारत अपने आंतरिक सुरक्षा संकट से ध्यान भटकाने और घरेलू राजनीतिक हितों के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहा है."

  6. ट्रंप ने की घोषणा- 'होर्मुज़ स्ट्रेट' अमेरिका का क्षेत्र, ईरान ने दिया ये जवाब

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में होर्मुज़ स्ट्रेट को 'अमेरिका का क्षेत्र' होने की घोषणा की है.

    ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट का एक नक्शा भी शेयर किया है, जिसके ऊपर इसे अमेरिका का इलाक़ा बताया है.

    होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ट्रंप के ताज़ा दावे के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति को "भ्रमित" बताया.

    ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने एक्स पर लिखा, "जिस तरह डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ारस की खाड़ी का नाम सही ढंग से लिखना सीख लिया, उसी तरह हम भी जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट के बारे में उनकी ग़लतफ़हमी दूर कर देंगे."

    ग़रीबाबादी ने अपनी पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी की गई होर्मुज़ स्ट्रेट की तस्वीर भी साझा की.

    ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक रैली में कहा कि वो जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर देंगे, इसे ईरान ने हास्यास्पद बताया था.

    ईरानी विदेश मंत्रालय के संसदीय महानिदेशक हुसैन नौशाबादी ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए से कहा था, "इस तरह के हास्यास्पद, बेतुके और विवादास्पद बयान केवल डोनाल्ड ट्रंप अपने देश के लोगों को ख़ुश करने के लिए देते हैं."

  7. चमोली: टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूरा, 12 मज़दूरों को बचाया गया और 10 की हुई मौत, आसिफ़ अली, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    उत्तराखंड के चमोली में मायापुर-पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद खोज और बचाव अभियान मंगलवार को पूरा कर लिया गया.

    रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे और लापता सभी मज़दूरों को बाहर निकाल लिया है.

    ज़िला प्रशासन के मुताबिक़, इस हादसे में कुल 12 मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हुई है.

    13 अगस्त की शाम को इस टनल में पानी का रिसाव और भूस्खलन होने के बाद कई मज़दूर अंदर फंस गए थे. इसके बाद ज़िला प्रशासन की निगरानी में एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़ और अन्य रेस्क्यू टीमों का अभियान चल रहा था.

    ज़िलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अभियान के पहले दिन 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया था. इनमें 12 घायल और सात मृत श्रमिक शामिल थे.

    बाद में एक और श्रमिक का शव निकाला गया और लगभग पांच दिनों तक चले इस रेस्क्यू अभियान के अंतिम चरण में 18 अगस्त को दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए.

    ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी के मुताबिक़, मृतकों में दो उत्तराखंड, तीन उत्तर प्रदेश, चार छत्तीसगढ़ और एक झारखंड के श्रमिक शामिल हैं.

  8. स्वतंत्र पत्रकार रवि नायर के घरों पर पुलिस की छापेमारी के ख़िलाफ़ मीडिया संगठनों ने जताया विरोध

    प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया (पीसीआई) ने स्वतंत्र पत्रकार रवि नायर के ख़िलाफ़ गुजरात पुलिस की छापेमारी की ख़बर पर चिंता जताई है.

    यह कार्रवाई 17 अगस्त को पत्रकार रवि नायर के दिल्ली और केरल स्थित आवास पर की गई.

    पीसीआई ने कहा, "पुलिस ने पांच डिवाइस ज़ब्त किए हैं. इनमें नायर के बेटे और उनके सहयोगी साची हेगड़े के कुछ डिवाइस भी शामिल हैं, जो उस समय उनके घर पर मौजूद थे. किसी भी डिवाइस के लिए हैश वैल्यू उपलब्ध नहीं कराई गई. यह बेहद चिंताजनक है. हैश वैल्यू के बिना यह पता लगाना संभव नहीं है कि ज़ब्ती के बाद किसी डिवाइस के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं."

    पीसीआई ने कहा है कि नायर के बेटे और हेगड़े का इस मामले या उस पोस्ट से कोई संबंध नहीं था, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है. ऐसे में उनके डिवाइस भी ज़ब्त किया जाना अस्वीकार्य है.

    प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, यह मामला अक्तूबर 2025 में नायर की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है.

    यह पोस्ट उस ख़बर के बारे में थी, जिसे उन्होंने 'वॉशिंगटन पोस्ट' में सह-लेखक के तौर पर लिखा था. ख़बर में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने एलआईसी को अडानी समूह में 3.9 अरब डॉलर तक निवेश करने का निर्देश दिया था.

    पीसीआई ने कहा, "यह भी उल्लेखनीय है कि अडानी समूह के एक कर्मचारी की ओर से दर्ज कराई गई एफ़आईआर में ख़बर के फ़र्ज़ी होने का आरोप लगाया गया है. एफ़आईआर में केवल नायर का नाम है. इसमें उनके सह-लेखक या अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन का नाम नहीं है."

    प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि एक स्वतंत्र पत्रकार को इस तरह निशाना बनाया जाना अस्वीकार्य है.

    उसने पुलिस और सरकारी एजेंसियों से ऐसे तरीके अपनाना बंद करने की अपील की है, जो उन मूल सिद्धांतों को कमज़ोर करते हैं, जिन पर स्वतंत्र भारत का निर्माण हुआ था.

    डीआईजीआईपीयूबी न्यूज़ इंडिया फ़ाउंडेशन ने जताई चिंता

    डिजिटल मीडिया संगठनों की ओर से बनाए गए डीआईजीआईपीयूबी न्यूज़ इंडिया फ़ाउंडेशन ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया है और इस पर चिंता जताई है.

    डीआईजीआईपीयूबी न्यूज़ इंडिया फ़ाउंडेशन ने कहा, "यह तलाशी अहमदाबाद की एक अदालत की ओर से जारी वारंट के आधार पर की गई. हमारी चिंता इस बात को लेकर है कि अदालत ने ऐसी तलाशी का आदेश दिया और इसे किस तरीके से अंजाम दिया गया."

    उसने कहा, "ऐसे हालात से प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के साथ समान व्यवहार के सिद्धांत को लेकर भी महत्वपूर्ण चिंताएं पैदा होती हैं. संबंधित रिपोर्टिंग 'द वॉशिंगटन पोस्ट' में प्रकाशित एक जांच पर आधारित थी. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इस रिपोर्टिंग से जुड़े भारतीय पत्रकार के ख़िलाफ़ ही यह कार्रवाई क्यों की गई."

    डीआईजीआईपीयूबी ने मांग की है कि इस मामले में जो अभियुक्त नहीं हैं उनके डिवाइस फ़ौरन लौटाए जाएं और हर डिवाइस की ज़ब्ती का स्पष्ट क़ानूनी आधार बताया जाए और डिजिटल सबूतों से जुड़े सुरक्षा उपायों का सख़्ती से पालन किया जाए.

  9. कार्टून: कुछ अलग हो जाये

  10. सीजेपी ने केंद्र सरकार से कहा, 'देरी की रणनीति वाला खेल हमसे न खेलें, यह बर्दाश्त नहीं'

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर दर्ज एफ़आईआर के मामले में सरकार की मंशा सही नहीं है.

    मंगलवार को इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट में हां बोल रहे हैं, कोर्ट जब मांग रहा है कि एफ़आईआर की लिस्ट दीजिए, जो हमें ख़त्म करनी है तो आप वो लिस्ट दे क्यों नहीं रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारी स्टूडेंट के ख़िलाफ़ एफ़आईआर रद्द होनी चाहिए. यह कैसे किया जाए, माननीय न्यायाधीश तय कर सकते हैं. साथ ही प्रदर्शनों में घुसपैठ करने वाले असामाजिक तत्वों की जांच होनी चाहिए."

    सौरव दास ने कहा, "इस मुद्दे पर पिछली सुनवाई कई दिन पहले हुई थी, आज फिर वही स्थिति है. मैं आपको बता रहा हूं, मंशा सही नहीं है. उन लोगों ने क़रीब 2800 अपराधियों की पहचान की है, उनके ख़िलाफ़ अगर एक्शन लेना है तो वो अलग मुद्दा है."

    "लेकिन स्टूडेंट का, प्रदर्शनकारियों का जो मुद्दा है वो एफ़आईआर से जुड़ा हुआ है. आप कोर्ट में हां बोल रहे हैं लेकिन जो एक्शन लेना है उस पर हिचक रहे हैं, तो आपकी मंशा नहीं दिखती है. हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. हमारे साथ 'देर करने वाली रणनीति' मत खेलिए.

    उन्होंने कहा, "अगर ऐसे लोगों (पहले से गंभीर अपराध में शामिल) ने प्रदर्शन में शामिल होकर कोई अपराध किया है तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई कीजिए. लेकिन इसकी आड़ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे तो उसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे."

    इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग में प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द करने की मंशा जताई.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 2,873 लोगों को छोड़कर, जिनके ख़िलाफ़ हत्या, रेप, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामले हैं, बाक़ी लोगों के ख़िलाफ़ मामले रद्द किए जा सकते हैं.

    दरअसल जुलाई महीने में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और अन्य शिक्षा सुधारों की मांग में देश के कई इलाकों में स्टूडेंट और युवाओं ने प्रदर्शन किए थे.

    इन प्रदर्शनों की शुरुआत सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी.

  11. रूस ने ब्रिटेन को दी चेतावनी- यूक्रेन को ड्रोन सप्लाई करने की कीमत चुकानी होगी, पॉल किर्बी और टैबी विल्सन

    रूस ने चेतावनी दी है कि हाल ही में रूस में सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर हुए हमलों में ब्रिटेन में निर्मित ड्रोन के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद ब्रिटेन को इसके "नतीजे" भुगतने होंगे.

    ब्रिटेन में रूसी दूतावास ने एक बयान में ब्रिटेन पर "जानबूझकर यूक्रेन संकट को और बढ़ाने में मदद देने" का आरोप लगाया और कहा कि "संघर्ष में उसकी भागीदारी जितनी गहरी होगी, उसे उतनी ही बड़ी कीमत चुकानी होगी."

    यूक्रेन ने मॉस्को और रूस के अंदर अन्य जगहों पर हमले तेज कर दिए हैं. यूक्रेन ख़ास तौर पर रूस की तेल रिफाइनरियों और उसके प्रमुख ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बना रहा है.

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे यूक्रेन के साथ "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़े हैं.

    प्रवक्ता ने कहा, "रूस को इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हम यूक्रेन और ब्रिटेन के अन्य सहयोगियों पर रूसी आक्रमकता के ख़िलाफ खड़े हैं.”

    रूस इससे पहले भी यूक्रेन को ड्रोन तकनीक उपलब्ध कराने में ब्रिटेन की भूमिका को लेकर उसे धमकी दे चुका है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस किस तरह की धमकी पर विचार कर रहा है.

    युद्ध के मौजूदा चरण ने रूस की घरेलू ईंधन आपूर्ति को सीधे प्रभावित किया है और रूसी अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुंचाया है.

    फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से ब्रिटेन यूक्रेन के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समर्थकों में शामिल रहा है.

    यूक्रेन को सैन्य मदद देने वालों में अमेरिका और जर्मनी के बाद ब्रिटेन ही है.

  12. जेन ज़ी प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट के ख़िलाफ़ एफ़आईआर पर ये कहा

    सुप्रीम कोर्ट ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द करने की मंशा जताई है.

    पिछले महीने परीक्षा के पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में स्टूडेंट ने प्रदर्शन किए थे.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों का पिछला रिकॉर्ड रखने वाले और प्रदर्शनों में घुसपैठ करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज मामले रद्द नहीं किए जाएंगे.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि यह हज़ारों छात्रों के भविष्य का सवाल है.

    सीजेआई ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की अदालत की मंशा भी दोहराई और संकेत दिया कि इस कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज, हाई कोर्ट के एक पूर्व जज और एक पूर्व डीजीपी शामिल होंगे.

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 2,873 लोगों को छोड़कर, जिनके ख़िलाफ़ हत्या, रेप, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामले हैं, बाक़ी लोगों के ख़िलाफ़ मामले रद्द किए जा सकते हैं.

    उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारी स्टूडेंट के ख़िलाफ़ एफ़आईआर रद्द होनी चाहिए. यह कैसे किया जाए, माननीय न्यायाधीश तय कर सकते हैं. साथ ही प्रदर्शनों में घुसपैठ करने वाले असामाजिक तत्वों की जांच होनी चाहिए."

  13. पहले टेस्ट मैच में भारत ने श्रीलंका को दिया 372 रनों का लक्ष्य

    भारत ने गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका के सामने 372 रनों का लक्ष्य रखा है.

    भारत ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाए. पारी में तेज़ी से रन बनाने की कोशिश में भारत का कोई भी बल्लेबाज़ टिक नहीं सका.

    भारत की ओर से सबसे ज़्यादा 66 रन ऋषभ पंत ने बनाए. पहली पारी में 167 रनों का योगदान देने वाले देवदत्त पडिक्कल ने दूसरी पारी में 44 रन बनाए.

    इससे पहले भारत की पहली पारी में 462 रन के जवाब में श्रीलंका की टीम अपनी 284 रनों पर आउट हो गई थी.

    भारत की ओर से मानव सुतार ने 4 और रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट चटकाए.

  14. राहुल गांधी ने झारखंड सरकार और प्रदर्शनकारियों पर अब क्या कहा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह ख़बर सुनकर ख़ुशी हुई कि झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बन गई है.

    राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, "झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनी और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की- यह ख़बर सुनकर बहुत ख़ुशी हुई."

    उन्होंने लिखा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, और समाधान निकाला. छात्रों ने संयम रखा, और अपनी बात मनवाई. यही सही तरीक़ा है - छात्र सवाल पूछें, तो जवाब मिलना चाहिए."

    राहुल गांधी ने लिखा, "हम देश के हर छात्र के साथ खड़े हैं और हम इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे, ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक़ मिले. पूरे देश में ये सिस्टम बदलेगा."

    सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-14, जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षा रद्द कर दी है. हालाँकि आंदोलनकारी स्टूडेंट सीबीआई जाँच की माँग को लेकर अब भी प्रदर्शन कर रहे हैं.

  15. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  16. पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान को अस्पताल में शिफ़्ट करने का दिया आदेश, शुमाइला ख़ान, बीबीसी संवाददाता

    पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को इलाज के लिए शिफ़ा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ़्ट करने का आदेश दिया है.

    उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में रखा जाएगा.

    सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान ख़ान की अस्पताल में भर्ती कराने की याचिका पर सुनवाई की. पीठ की अध्यक्षता जस्टिस शाहिद वाहिद ने की, जबकि जस्टिस नईम अख़्तर अफ़ग़ान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम इसके सदस्य थे.

    सुप्रीम कोर्ट ने अदियाला जेल के अधीक्षक को अवमानना का नोटिस भी जारी किया है. अदालत ने इमरान ख़ान की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित उनका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है.

    कोर्ट ने अधिकारियों को इमरान ख़ान की उनके परिवार के सदस्यों से हर सप्ताह मुलाक़ात सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया.

    इसके अलावा, कोर्ट ने इमरान ख़ान से हुई सभी मुलाक़ातों का विस्तृत रिकॉर्ड और उनके ख़िलाफ़ लंबित सभी मामलों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

    इमरान ख़ान के सलाहकार ज़ुल्फ़ी बुख़ारी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया.

    उन्होंने कहा, "इमरान ख़ान को शिफ़ा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश सही है. काश, यह फैसला पहले हो गया होता, ताकि उनकी आंख और सेहत इतनी खराब नहीं होती."

  17. जेपी नड्डा की दिल्ली एम्स में हुई एंजियोप्लास्टी, अस्पताल ने ये बताया

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त को दिल्ली स्थित एम्स में एंजियोप्लास्टी की गई.

    अस्पताल ने मंगलवार को बताया कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है.

    एम्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त 2026 को एंजियोप्लास्टी की गई. उनकी हालत स्थिर है और एम्स दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गुरुवार को जेपी नड्डा की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था.

    अस्पताल ने बताया था कि नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था.

  18. प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा

    दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाख़िल कर स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है.

    डीसीपी सचिन शर्मा की ओर से दाख़िल जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि प्रदर्शन उस समय शांतिपूर्ण नहीं रहा, जब भीड ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की.

    हलफनामे के मुताबिक़, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने चरणबद्ध तरीक़े से बल का इस्तेमाल किया.

    लाइव लॉ के अनुसार, पुलिस का कहना है कि क़रीब 5,000 पुलिसकर्मी तीन किलोमीटर के क्षेत्र में फैली 30,000 से अधिक लोगों की भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे.

    पुलिस ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए.

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई.

    पुलिस के अनुसार, "इस दौरान 240 से अधिक पुलिसकर्मी और वर्दीधारी अधिकारी, जबकि क़रीब 200 आम लोग और प्रदर्शनकारी घायल हुए."

    पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व और हिस्ट्रीशीटर शामिल हो गए थे.

    दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी. ऐसे में पुलिस के मुताबिक़ यह जमावड़ा अवैध था.

    पुलिस ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश किए गए सबूतों पर भी सवाल उठाए हैं.

    हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाओं में चुनिंदा तस्वीरों, अधूरे वीडियो क्लिप, अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा किया गया है.

  19. बिहार: लालू और तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त के लिए किया ये एलान

    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने पेपरलीक, बेरोज़गारी, शिक्षा व्यवस्था और सिवान फ़ायरिंग के मुद्दे पर 19 अगस्त को पटना में राजभवन मार्च निकालने का आह्वान किया है.

    नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपील करते हुए कहा कि सब युवा एकजुट होकर 19 अगस्त को अपनी ताक़त का प्रदर्शन करें.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "बिहार में कोई भी परीक्षा बिना पेपरलीक क्यों नहीं होती? क्या नौकरी में निष्पक्ष और पारदर्शी चयन होता है? बिहार शिक्षा क्षेत्र में लगातार फ़िसड्डी क्यों है? क्या भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव और पक्षपात नहीं होता? देश के सबसे युवा प्रदेश के नौजवान सबसे अधिक बेरोज़गार क्यों? लोकतांत्रिक तरीक़े से हक़-अधिकार माँगने वाले छात्रों पर एके-47 से गोलियां किसने चलवाई?"

    तेजस्वी ने लिखा, "इन सब सवालों का जवाब लेने के लिए आइए हम सब युवा एकजुट होकर 19 अगस्त को अपनी ताक़त का प्रदर्शन करें तथा लूट तंत्र से बनी अहंकारी सरकार की जवाबदेही तय करे."

    बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने भी लोगों से 19 अगस्त को पटना में जुटने की अपील की है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोज़गारी से त्रस्त है. लूट तंत्र से बनी दंभी सरकार उनकी लोकतांत्रिक मांगों को सुनने की बजाय एके-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है. इस तानाशाही के विरुद्ध सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो."

    गौरतलब है कि सोमवार को ही बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में माना कि हालिया स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान सिवान में एक पुलिसकर्मी ने भीड़ से घिरने के बाद अपनी एके-47 से हवा में चार राउंड फ़ायरिंग की थी.

    हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि इस फ़ायरिंग में किसी प्रदर्शनकारी को चोट नहीं लगी.

  20. होर्मुज़ स्ट्रेट से बाहर निकलते समय एक जहाज़ पर हमला, क्रू सदस्य की मौत

    होर्मुज़ स्ट्रेट से बाहर निकलते समय एक जहाज़ को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने की ख़बर है.

    ब्रिटिश मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ऑर्गनाइजेशन (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़, हमले में जहाज़ के इंजन रूम को नुक़सान पहुंचा है और एक क्रू सदस्य की मौत हो गई है.

    यूकेएमटीओ ने बताया कि घटना के बाद ओमान कोस्ट गार्ड जहाज़ पर सवार बाक़ी क्रू सदस्यों को बचाने के अभियान में जुटा हुआ है.

    यह बताया गया है कि मामले की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं.

    उल्लेखनीय है कि यह घटना ऐसे समय हुई है जब होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज़ों की संख्या में भारी कमी आई है और अब कुछ ही जहाज़ यहां से गुज़र रहे हैं.

    अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से पहले इस मार्ग से रोज़ाना 130 से अधिक जहाज़ गुजरते थे.