You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

यूक्रेन पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार?

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सीनियर सलाहकार का कहना है कि देश का नया प्रशासन यूक्रेन को रूस के कब्जे़ वाले क्षेत्र को वापिस हासिल करने में सक्षम बनाने की बजाय यूक्रेन में शांति स्थापित करने की ओर ध्यान देगा.

सारांश

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थता से क़तर पीछे हट गया है
  • पाकिस्तान के मुल्तान में एक्यूआई 2000 के पार, सरकार ने 17 नवंबर तक पार्क, म्यूजियम, स्कूल और सार्वजनिक स्थान को बंद करवा दिया है.
  • पाकिस्तान: क्वेटा रेलवे स्टेशन पर धमाके में कम से कम 25 की मौत, 46 से ज़्यादा ज़ख़्मी.
  • अमेरिका की पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अमेरिकी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है.
  • अमेरिकी सरकार के मुताबिक़- ट्रंप की हत्या की ईरानी साजिश के मामले में एक अफ़ग़ानी नागरिक के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए हैं.

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार, कीर्ति रावत

  1. सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, रेलवे ने क्या कहा

    शनिवार की सुबह सिकंदराबाद-शालीमार वीकली स्पेशल ट्रेन पश्चिम बंगाल के नालपुर रेलवे स्टेशन पर हादसे का शिकार हो गई.

    रेलवे ने इस हादसे पर एक बयान भी जारी किया है. दक्षिण-पूर्वी रेलवे के सीपीआरओ के मुताबिक़ यह हादसा शनिवार की सुबह क़रीब साढ़े पांच बजे हुआ.

    अपने बयान में सीपीआरओ ने बताया, “नालपुर स्टेशन के पास सुबह पांच बजकर 31 मिनट पर सिकंदराबाद-शालीमार वीकली स्पेशल ट्रेन नालपुर स्टेशन पर मिडिल लाइन से डाउन पर जाते समय पटरी से उतर गई.”

    सीपीआरओ के मुताबिक़, "इसमें एक पार्सल वैन और दो यात्री डिब्बे पटरी से उतरे हैं. किसी भी तरह की बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई है. यात्रियों को गंतव्य तक भेजने के लिए 10 बसों की व्यवस्था कर ली गई है. टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और सर्वे का काम किया जा रहा है."

  2. इसराइल में हमास के हमले के ख़िलाफ़ ग़ज़ा के इस्लामिक विद्वान ने जारी किया फ़तवा

    ग़ज़ा के एक इस्लामिक विद्वान ने पिछले 7 अक्टूबर 2023 को इसराइल में किए गए हमास के हमले के ख़िलाफ़ एक फ़तवा जारी किया है.

    ग़ज़ा के हमास इस्लामिक विश्वविद्यालय में शरिया और क़ानून संकाय के पूर्व डीन डॉ. सलमान अल दयेह ने यह फ़तवा जारी किया है.

    छह पन्नों के प्रकाशित इस फ़तवे में हमास के हमले की आलोचना करते हुए कहा गया है कि संगठन ने जिहाद को नियंत्रित करने वाले इस्लामी सिद्धांतों का उल्लंघन किया है.

    प्रोफ़ेसर सलमान ने कहा,''अगर जिहाद के स्तंभों, कारणों या फिर शर्तों को पूरा नहीं किया जा रहा है, तो इससे बचना चाहिये. ताकि लोगों के जीवन को भी बचाया जा सके. यह एक ऐसी बात है जिसका अनुमान लगाना राजनेताओं के लिए भी आसान है, इसीलिए उस हमले से बचा जाना चाहिए था.”

    प्रोफ़ेसर सलमान के मुताबिक़, “सात अक्टूबर को इसराइल में हुए हमले के बाद, ग़ज़ा में जो मानवीय तबाही हुई है वह इस्लाम की शिक्षाओं के ख़िलाफ़ है.''

    प्रोफ़ेसर ने अपने फ़तवे में इस्लामिक आयतों और सुन्नतों का ज़िक्र भी किया है, जो कि जिहाद और ऐसे कामों के लिए सख़्त शर्तों का निर्धारण करती हैं.

    उन्होंने अपने फ़तवे में यह भी कहा है कि मुस्लिम नेता, भोजन, इलाज और आश्रय सहित लड़ाई में शामिल होने वालों की सुरक्षा और भलाई के लिए बाध्य हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इंसानी जीवन मक्का से भी ज़्यादा मूल्यवान है.

  3. ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साज़िश के मामले में अमेरिका ने शख़्स पर तय किए आरोप

    अमेरिकी सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति का पदभार संभालने से पहले ही उनकी हत्या की साज़िश के मामले में एक व्यक्ति पर आरोप तय कर दिए हैं.

    अमेरिकी सरकार के मुताबिक़, "ट्रंप की हत्या की साज़िश ईरान में रची गई और इस मामले में एक अफ़ग़ानी नागरिक के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए हैं."

    अमेरिकी न्याय मंत्रालय मे शुक्रवार को 51 साल के फ़रहाद शकेरी के ख़िलाफ़ अभियोग पत्र जारी किया.

    इस अभियोग पत्र में अफ़ग़ानी नागरिक पर यह आरोप तय किया गया कि उनको ट्रंप की हत्या के लिए योजना बनाने का काम सौंपा गया था.

    अमेरिकी सरकार ने बताया है कि अभी तक फ़रहाद शकेरी को गिरफ़्तार नहीं किया जा सका है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि शकेरी फ़िलहाल ईरान में हैं.

    मैनहेट्टन कोर्ट में दायर एक आपराधिक शिकायत में, ऐसा आरोप लगाया गया है कि, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने सितंबर में शकेरी को ट्रंप की निगरानी और हत्या की योजना तैयार करने का निर्देश दिया था.

    अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी शासन ने एक ईरानी व्यक्ति पर आरोप तय किए हैं. उसे डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साज़िश रचने और इसमें शामिल लोगों को निर्देश देने का काम दिया गया था."

    इसके अलावा न्याय विभाग ने इस मामले में दो और लोगों पर भी आरोप तय किए हैं. जिन्हें कथित तौर पर एक अमेरिकी पत्रकार की हत्या के लिए भर्ती किया गया था, जो ईरान का मुखर आलोचक था.

    गुरुवार को उन्हें न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया. फ़िलहाल दोनों को ही पुलिस ने अपनी हिरासत में रखा है.

  4. नैन्सी पेलोसी ने अमेरिका के चुनावी नतीजों पर जो बाइडन और कमला हैरिस पर क्या कहा

    न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़, अमेरिका की पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अमेरिकी चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    नैन्सी पेलोसी का कहना है कि अगर जो बाइडन राष्ट्रपति की उम्मीदवारी से और पहले बाहर हो जाते, तो डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए स्थितियां ज़्यादा बेहतर होतीं.

    नैन्सी पेलोसी खुद भी डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हुई हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, पेलोसी ने अपने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा, "अगर बाइडन पहले बाहर हो जाते, तो राष्ट्रपति पद की दौड़ में दूसरे उम्मीदवार भी हो सकते थे."

    पेलोसी ने कहा, पार्टियों के राष्ट्रपति के नामांकन में कई उम्मीदवार शामिल होते हैं जो नामांकित होने के लिए महीनों तक प्रचार और बहस करते हैं. लेकिन जो बाइडन के दोबारा से चुनाव लड़ने की इच्छा के बाद पार्टी ने किसी और उम्मीदवार पर विचार नहीं किया.

    नैन्सी के मुताबिक़, “जो बाइडन ने ट्रंप के साथ पहली सार्वजनिक बहस के बाद राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का फ़ैसला किया. उसके बाद पार्टी ने कमला हैरिस के नाम पर तेज़ी से आम सहमति बनाई.”

    अपने इंटरव्यू में पेलोसी ने दौड़ से बाहर होने के तुरंत बाद हैरिस का समर्थन करने के लिए बाइडन की आलोचना भी की.

  5. नमस्कार

    आज सुबह छह बजे से दोपहर के दो बजे तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप सभी तक बड़ी ख़बरों को पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के होम पेज पर जाने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

    कल के लाइव पन्ने की ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    इस वक़्त हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें-

    - ट्रंप के लिए पुतिन ने जो कहा उसके मायने क्या हैं, इसका असर पीएम मोदी पर क्या पड़ेगा? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी ख़बर.

    - अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले को पलटा लेकिन अल्पसंख्यक दर्जे का क्या होगा? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी ख़बर.

    - वे देश जिन पर डोनाल्ड ट्रंप की जीत का सीधा असर पड़ेगा- यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी ख़बर.

    - दो मोर्चों पर युद्ध में फंसे नेतन्याहू ने खुद से ज़्यादा सैन्य अनुभव वाले रक्षा मंत्री को क्यों हटाया?- यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी ख़बर.