राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ियों को लेकर एसआईटी गठित, नृपेंद्र मिश्रा ने क्या बताया
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की ख़बरों पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बयान आया है.
नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए 24 घंटे के भीतर एसआईटी का गठन किया है.
इससे पहले रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी कि यूपी सरकार ने राम मंदिर में कथित चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है.
एजेंसी के मुताबिक़, इस टीम में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.
एएनआई के मुताबिक़, यूपी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद जांच टीम का गठन किया है.
इसके बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "इस बात की प्रशंसा करनी चाहिए कि राज्य सरकार ने 24 घंटे से कम समय लिया और एसआईटी गठित कर दी. एसआईटी में बहुत वरिष्ठ अधिकारियों को रखा गया है."
उन्होंने कहा, "हमें इस पहल का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि राज्य सरकार जिस तेज़ी से काम कर रही है, उसने केवल 15 दिनों की समय-सीमा तय की है. सरकार ने सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है."
बीते दिनों राम मंदिर में चंदा को लेकर कथित गड़बड़ियों के आरोप लगे थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने किसी भी कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.