सऊदी अरब ने इसराइल के किस फ़ैसले पर जताई नाराज़गी?

इसराइल ने वेस्ट बैंक जाने की योजना बनाने वाले चार अरब देशों का रास्ता रोक दिया है, जिसे लेकर इन अरब देशों ने इसराइल की निंदा की है.

सारांश

लाइव कवरेज

कीर्ति रावत और इफ़्तेख़ार अली

  1. वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने बताया, ग़ज़ा में भूख से बेहाल लोगों ने राहत सामग्री से भरे ट्रकों को घेरा, मेलरी माएंच, बीबीसी न्यूज़

    ग़ज़ा में भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने वाले ट्रक

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने वाले ट्रक

    वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम का कहना है कि ग़ज़ा में लोगों ने राहत सामग्री से भरे ट्रकों को घेर लिया और खाने का सामान ले लिया.

    मानवीय सहायता संगठन (डब्ल्यूएफ़पी) ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार रात और शनिवार सुबह ग़ज़ा में आटे से भरे 77 ट्रक भेजे थे.

    डब्ल्यूएफ़पी ने कहा, "सभी ट्रकों को रास्ते में ही रोक लिया गया और ज़्यादातर खाना उन भूखे लोगों ने ले लिया जो अपने परिवारों को खाना खिलाना चाहते थे."

    डब्ल्यूएफ़पी की प्रवक्ता अबीर एतेफ़ा ने बीबीसी को बताया कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि ट्रक उनके गोदाम तक नहीं पहुंच पाएंगे, इसलिए तय किया गया कि अगर रास्ते में भीड़ मिलती है तो लोगों को सहायता सामग्री ले जाने दी जाएगी.

    इसराइल ने 11 हफ़्तों से ग़ज़ा में नाकेबंदी की थी, जिसे उसने 19 मई को हटाया. इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अब तक जो सहायता पहुंची है, वह लोगों की ज़रूरतों का केवल 10% ही है.

    शनिवार को जिन लोगों ने ट्रकों को घेरा, वे आम नागरिक थे. जिन्हें पता चला था कि खाना आ रहा है.

    डब्ल्यूएफ़पी की प्रवक्ता अबीर एतेफ़ा ने कहा, "ये वही लोग थे जो इतने हताश थे कि वितरण केंद्र तक पहुंचने का इंतजार भी नहीं कर सकते थे."

    डब्ल्यूएफ़पी ने ऐसी सड़कों का चुनाव किया जो आम लोगों के नज़दीक थीं और जहां लुटेरे गिरोहों का कम ख़तरा हो.

    वहां काम कर रहे लोगों ने भीड़ से कहा कि हर कोई सिर्फ़ एक बोरी आटा ले जाए, लेकिन लोग इतने भूखे थे कि किसी को रोकना मुश्किल हो गया.

    डब्ल्यूएफ़पी ने आगे कहा, लगभग 80 दिनों तक पूरी तरह से नाकेबंदी के बाद भूखे लोग किसी भी खाने वाले ट्रक को यूं ही नहीं जाने देंगे."

  2. अमेरिका ने ईरान को परमाणु समझौते का प्रस्ताव भेजा, एना लैमचे, बीबीसी न्यूज़

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई (दाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बाएं) और ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई (दाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका ने ईरान को एक परमाणु समझौते का प्रस्ताव भेजा है जिसकी पुष्टि व्हाइट हाउस ने शनिवार को की.

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने बताया कि ओमान के विदेश मंत्री बदर बिन हम्माद अल-बुसैदी ने उन्हें 'अमेरिका के प्रस्ताव के कुछ अहम बिंदु' तेहरान में उनकी मुलाक़ात के दौरान बताए.

    यह प्रस्ताव उस समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ईरान ने यूरेनियम को और ज़्यादा मात्रा में बढ़ाना शुरू कर दिया है, जो परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होता है.

    व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान के लिए यह समझौता स्वीकार करना उसके हित में होगा.

    उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप साफ़ कह चुके हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा."

    लेविट ने यह भी बताया कि यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने तैयार किया है, यह प्रस्ताव विस्तार से बना हुआ और स्वीकार करने लायक है.

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान इस प्रस्ताव का जवाब अपने देश के सिद्धांतों, जनता के हितों और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए देगा.

    फ़िलहाल इस समझौते के बारे में ज़्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

  3. तेज प्रताप यादव ने आरजेडी से निकाले जाने के बाद पहली बार क्या कहा?

    तेज प्रताप यादव

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, तेज प्रताप यादव को ऐसे समय में आरजेडी से निकाला गया है जब कुछ महीनों बाद बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं

    तेज प्रताप यादव ने परिवार से निकाले जाने और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पार्टी से निष्कासित होने के बाद पहली बार रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "मेरे प्यारे मम्मी पापा. मेरी सारी दुनिया बस आप दोनों में ही समाई है. भगवान से बढ़कर हैं आप और आपका दिया कोई भी आदेश. आप है तो सब कुछ है मेरे पास."

    "मुझे सिर्फ़ आपका विश्वास और प्यार चाहिए ना कि कुछ और. पापा आप नहीं होते तो ना ये पार्टी होती और ना मेरे साथ राजनीति करने वाले कुछ जयचंद जैसे लालची लोग. बस मम्मी पापा आप दोनों स्वस्थ और ख़ुश रहें हमेशा."

    24 मई को तेज प्रताप यादव के फ़ेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया गया था. इस पोस्ट में उन्होंने एक लड़की से बीते 12 साल के प्रेम संबंध की बात स्वीकार की थी.

    हालांकि, बाद में तेज प्रताप यादव ने यह फ़ेसबुक पोस्ट डिलीट करते हुए लिखा कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट को हैक किया गया था.

    इस पोस्ट के बाद ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

    लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अब पार्टी और परिवार में तेज प्रताप यादव की किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं होगी."

  4. हमास ने किया ये वादा लेकिन अमेरिका से भी प्रस्ताव में बदलाव करने को कहा, बारबरा प्लेट-अशर और रुश्दी अबू अलूफ़, बीबीसी न्यूज़

    ग़ज़ा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, उत्तरी ग़ज़ा के जबालिया में इसराइल ने अपने हमलों को तेज़ किया है

    हमास ने अमेरिका की ओर से पेश किए गए युद्धविराम प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने वादा किया है कि वह 10 ज़िंदा इसराइली बंधकों और 18 बंधकों के शव देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले में वह कुछ फ़लस्तीनी कैदियों की रिहाई चाहता है.

    साथ ही, हमास ने प्रस्ताव में कुछ बदलावों की मांग भी की है.

    हमास ने फिर से अपनी पुरानी मांगें दोहराई हैं. जैसे कि- युद्ध को पूरी तरह ख़त्म करना (स्थायी युद्धविराम), इसराइली सेना की ग़ज़ा से पूरी तरह वापसी और लगातार मानवीय मदद की गारंटी.

    लेकिन ये मांगें अमेरिका के मौजूदा प्रस्ताव में शामिल नहीं हैं.

    हमास ने न तो अमेरिकी प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकराया है और न ही साफ़तौर पर स्वीकार किया है. अमेरिका का कहना है कि इसराइल ने उसके प्रस्ताव को मान लिया है.

    हमास ने कहा कि उन्होंने अमेरिका की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया भेज दी है. जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने पेश किया था.

    विटकॉफ़ ने एक बयान में कहा, "मुझे अमेरिका के प्रस्ताव पर हमास की प्रतिक्रिया मिली है. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है और शांति प्रक्रिया को पीछे ले जाती है. हमास को हमारे प्रस्ताव को बातचीत की आधारशिला के रूप में स्वीकार करना चाहिए, ताकि हम अगले हफ़्ते से वार्ता शुरू कर सकें. यही एकमात्र तरीक़ा है जिससे हम 60 दिनों के युद्धविराम को जल्द ही लागू कर सकते हैं."

    वहीं इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने अमेरिकी प्रस्ताव पर एक बयान जारी किया है.

    जारी बयान में कहा गया है, "जहां इसराइल ने हमारे बंधकों की रिहाई के लिए विटकॉफ़ के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, वहीं हमास अब भी अपनी ज़िद पर अड़ा हुआ है."

    हमास को अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने एक आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है.

    फिर भी हमास साफ़ कह रहा है कि जब तक ग़ज़ा में स्थायी युद्धविराम और इसराइली सेना की पूरी वापसी नहीं होती, वह पीछे नहीं हटेगा.

  5. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.