विपक्ष के सांसद बुधवार शाम सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया.
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा, "इतिहास में पहली बार आपने सुना होगा कि पुलिस किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से लोगों को मिलने से रोक रही है. हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं."
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई(एम), जेएमएम, बीजेडी और आप के 15 सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलकर 55 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने की अनुमति नहीं दी गई.
संजय सिंह ने आगे कहा, "क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं? इस चिट्ठी में लिखा है कि आप अपना अनशन खत्म कीजिए. आपकी सेहत और आपकी जिंदगी की अहमियत को देखते हुए आपको अपना अनशन जारी नहीं रखना चाहिए."
सोनम वांगचुक ने कहा था कि अगर देश के सांसद हमें भरोसा दिलाएं, तो मैं अपना अनशन खत्म कर सकता हूं. लेकिन हमें यह चिट्ठी देने की इजाजत नहीं दी जा रही है, हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिल चुके हैं. विपक्ष के भी कई सांसद उनसे मिलने आए हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा."
संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे.
सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली आंग्मो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सोनम वांगचुक ने सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया है. लेकिन उन्हें भारत सरकार से यह भरोसा भी चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा."
गीतांजली ने कहा कि उन्हें यह आश्वासन भी चाहिए कि आज रात प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह की शारीरिक हिंसा नहीं होगी.