लाइव, प्रीति ज़िंटा ने छात्रों के प्रदर्शन पर कहा, 'एंटी-नेशनल एलिमेंट्स की ओर से...'

जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कहीं देश के अंदर और बाहर के कुछ गलत लोग छात्रों के गुस्से और परेशानियों का फायदा उठाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं.

सारांश

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • राहुल गांधी
  • राहुल गांधी
  • ममदानी के बयान के बाद क्या बोले ट्रंप?
  • पेपर लीक के मु्द्दे पर बोले पीएम मोदी
  • अभिजीत दीपके ने क्यों मांगी माफ़ी?
  • शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
  • रोहित शर्मा

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. प्रीति ज़िंटा ने छात्रों के प्रदर्शन पर कहा, 'एंटी-नेशनल एलिमेंट्स की ओर से...'

    प्रीति ज़िंटा

    इमेज स्रोत, Andrew H. Walker/Getty Images

    इमेज कैप्शन, प्रीति ज़िंटा ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कहीं देश के अंदर और बाहर के कुछ गलत लोग छात्रों के गुस्से और परेशानियों का फायदा उठाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं.

    प्रीति ज़िंटा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी तत्वों की ओर से हंगामा फैलाने या उसकी दिशा बदलने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "जहां यह ज़रूरी है कि हम अपने छात्रों का समर्थन करें और ऐसे शिक्षा सुधारों की मांग करें, जो हमारे युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाएँ, वहीं यह भी ज़रूरी है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को एंटी-नेशनल एलिमेंट्स की ओर से हंगामा फैलाने और प्रदर्शन की दिशा बदलने के लिए इस्तेमाल न किया जाए."

    अभिनेत्री ने आगे कहा, "ऑनलाइन बढ़ती नफ़रत और विभाजनकारी माहौल को देखकर मुझे चिंता होती है कि कहीं देश के अंदर और बाहर के कुछ गलत लोग छात्रों के गुस्से और परेशानियों का फायदा उठाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं."

    प्रीति ज़िंटा ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैंने हमेशा मेहनत, समानता और बेहतरीन काम में विश्वास किया है और इनसे कभी समझौता नहीं होना चाहिए. मैं अपने लोकतंत्र, क़ानून व्यवस्था और अपनी सरकार में भी विश्वास करती हूं."

    उन्होंने लिखे, "मैं दिल से उम्मीद करती हूं कि दोनों पक्ष सार्थक और अच्छे संवाद की शुरुआत करें और इस प्रदर्शन और बातचीत से सभी ग़लत इरादों वाले लोगों और मुद्दों को दूर करें, ताकि हमारे युवाओं और हमारे लोकतंत्र का भविष्य उज्ज्वल हो."

    इससे पहले प्रीति ज़िंटा ने छात्रों का समर्थन किया था. उन्होंने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन ख़त्म करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सेहत भी इस लड़ाई जितनी ही ज़रूरी है.

    गौरतलब है कि सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे. इसके बाद कई कलाकारों और हस्तियों ने छात्रों के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है.

  2. जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान बारिश में ऐसा माहौल, तस्वीरों में देखें

    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, बुधवार सुबह बारिश में भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्रों का प्रदर्शन जारी है.

    बुधवार सुबह हुई बारिश में भी प्रदर्शनकारी यहां डटे रहे और तिरपाल का इस्तेमाल करते रहे.

    इससे पहले मंगलवार देर शाम को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे और टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा समेत कई नेता पहुंचे.

    बुधवार सुबह की जंतर-मंतर की तस्वीरें-

    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे
    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुल कितने स्टूडेंट्स घायल हुए हैं. इसकी स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बताया था कि इस दौरान 70 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए थे
    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया था कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों के कुल 118 जवान घायल हुए थे
    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, बारिश में तिरपाल थामे खड़ा युवा
    जंतर-मंतर

    इमेज स्रोत, Dilnawaz Pasha

    इमेज कैप्शन, बारिश की वजह से जंतर-मंतर पर तिरपाल भी बांधे गए हैं
  3. ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपने ही देश के सरकारी न्यूज़ चैनल की आलोचना क्यों की

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान

    इमेज स्रोत, John Lamparski/Getty Images

    इमेज कैप्शन, मसूद पेज़ेश्कियान

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने वहां के सरकारी न्यूज़ चैनल आईआरआईबी की आलोचना की है.

    मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा कि सरकारी चैनल ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के बयान का एक तय हिस्सा चलाया, जबकि पूरा बयान नहीं दिखाया.

    मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, "अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ख़ामेनेई ने मंज़ूरी दी थी. लेकिन टीवी चैनल ने ख़ामेनेई के सिर्फ़ उन बयानों पर ध्यान दिया, जिनमें बातचीत से इनकार किया गया था."

    उन्होंने बातचीत को लेकर हो रही ग़लत और बिना जानकारी वाली टिप्पणियों की आलोचना की. पेज़ेश्कियान ने एकता और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील भी की.

    इस बीच, अमेरिकी सेंटकॉम ने बुधवार सुबह ईरान के ठिकानों पर एक घंटे तक किए गए हमलों के 11वें दौर की जानकारी दी.

    बाद में सेंटकॉम ने बताया कि ये हमले ख़त्म हो गए हैं. इसके बाद ईरान की समाचार एजेंसियों ने कहा कि तेहरान समेत कई नए इलाक़ों में धमाकों की आवाज़ सुनी गई.

  4. पाकिस्तान में पेट्रोल पंप मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ये है वजह

    पेट्रोल पंप

    इमेज स्रोत, Abdul MAJEED / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, पेट्रोल पंप मालिकों ने कहा है कि 22 और 23 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से पाकिस्तान के सभी पेट्रोल पंप अगले आदेश तक बंद रहेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    ऑल पाकिस्तान पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, संगठन ने कहा है कि 22 और 23 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से पाकिस्तान के सभी पेट्रोल पंप अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

    एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पेट्रोल पंप मालिकों के मार्जिन में बढ़ोतरी और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें रोजाना तय करने के प्रस्ताव को लेकर पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के साथ हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. संगठन का कहना है कि इस मुद्दे पर पिछले कई हफ्तों से सरकार के साथ वार्ता चल रही थी और विरोध की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं.

    संगठन ने स्पष्ट किया कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार उनकी मांगों पर 'सकारात्मक और स्वीकार्य' फैसला नहीं लेती.

    एसोसिएशन के चेयरमैन हुमायूं खान ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी और तेल की कीमतें हर महीने तय करने की व्यवस्था शामिल है. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में डीलरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

    हुमायूं खान ने यह भी दावा किया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें रोजाना तय करने की नई नीति लागू करने से पहले सरकार ने डीलरों से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया.

    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की थी कि ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओगरा) अब हर सात दिन के बजाय रोजाना पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तय करेगी.

    उन्होंने कहा था कि नई व्यवस्था के तहत ओगरा प्रतिदिन कीमतें अपनी वेबसाइट पर जारी करेगा और किसी भी बदलाव की जानकारी तत्काल सार्वजनिक की जाएगी.

  5. पत्रकार पर प्रदर्शनकारियों के कथित हमले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

    सौरभ दास

    इमेज स्रोत, Kabir Jhangiani/NurPhoto via Getty Images

    इमेज कैप्शन, सीजेपी ने कहा कि पुलिस चाहे कितना भी भड़काए, किसी को भी इस तरह की हिंसा नहीं करनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो: सौरभ दास)

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कुछ प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि उन्होंने टाइम्स नाउ से जुड़े पत्रकार देव कोटक से मारपीट की, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इसकी निंदा की है.

    सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि पुलिस चाहे कितना भी भड़काए, किसी को भी इस तरह की हिंसा नहीं करनी चाहिए.

    सौरभ दास ने एक्स पोस्ट में कहा, "हम देव (रिपोर्टर) पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं. वह एक शानदार रिपोर्टर हैं. पुलिस चाहे कितना भी भड़काए, किसी को भी इस तरह की हिंसा नहीं करनी चाहिए. माफ़ करना भाई देव. हम सभी से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हैं."

    पत्रकार देव कोटक ने आरोप लगाया है कि सीजेपी प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मार-पीट की और उनसे उनका मोबाइल और घड़ी छीन लिए.

    गौरतलब है कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बार मेनस्ट्रीम मीडिया के खिलाफ नारेबाज़ी की है, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं.

  6. नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद कहा, 'ग़ुस्से से खौल गया हूं'

    नसीरुद्दीन शाह

    इमेज स्रोत, Waseem Gashroo/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि ये सब बच्चे हिम्मत न हारें, बहुत से लोगों की हमदर्दी इनके साथ है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और प्रदर्शनकारी छात्रों पर सोमवार को 'संसद मार्च' के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सिनेमा जगत से जुड़ी कई हस्तियां ने इसकी निंदा की है. अब दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों के समर्थन में बयान जारी किया है.

    नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि ये सब बच्चे हिम्मत न हारें, बहुत से लोगों की हमदर्दी इनके साथ है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "एक्टिंग के दो कोर्स पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज़्यादा उन बच्चों से सीखा है, जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है. मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है, मैं उन्हें हर साँस के साथ दुआएँ देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं."

    नसीरुद्दीन शाह ने कहा, "इस वक़्त मेरा दिल भरा हुआ है और मैं ये देखकर ग़ुस्से से खौल गया हूं कि हमारे बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म से भरा बर्ताव किया जा रहा है. छात्रों के साथ ये व्यवहार उन गुंडों के हाथों हो रहा है, जो मुझे अमेरिका के आइस एजेंट्स की याद दिलाते हैं, जिनके हाथों में डंडे और मुँह पर नक़ाब होता था. कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और ये भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें एक दिन ज़रूर मिलेगा."

    उन्होंने कहा, "मैं इन सब बच्चों से कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें. बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है. मुझे इस मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है, अब वो उम्मीद उजागर हो गई है. मैं इस मुल्क की हुकूमत से कहना चाहता हूं कि सब याद रखा जाएगा."

    गौरतलब है कि इससे पहले सोनाक्षी सिन्हा, प्रीति ज़िंटा, सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, रितेश देशमुख, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और जेनेलिया समेत कई सेलेब्स ने छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी है.

  7. धर्मेंद्र प्रधान बोले, 'राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं'

    धर्मेंद्र प्रधान

    इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करके संसद के मॉनसून सत्र में रुकावट डालना चाहते हैं.

    धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार देर रात एक्स पर कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई.

    धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि संसद के मॉनसून सत्र में रुकावट पैदा की जा सके. राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना देने का फ़ैसला किया. इससे आम लोगों को परेशानी हुई और तय सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी की गई.

    "सरकार ने पूरी चर्चा के लिए अपनी तैयारी साफ़ कर दी थी. इसके बाद भी कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की जगह राजनीतिक प्रदर्शन को चुना. उनका मक़सद छात्रों की समस्या का हल निकालना नहीं था, बल्कि राजनीतिक सुर्ख़ियां बटोरने के लिए रुकावट पैदा करना था. राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों का नहीं है. यह हर उस मौक़े के बाद टकराव पैदा करने की कोशिश है, जब चर्चा का सही रास्ता पहले ही खुल चुका है."

    प्रधान ने कहा, "हमारी सरकार नीट पर चर्चा करने और युवाओं की हर सही चिंता पर संसद में बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है. भारत के छात्र राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाए जाने से कहीं बेहतर व्यवहार के हक़दार हैं. उन्हें अफ़रा-तफ़री नहीं, भरोसा चाहिए. नारे नहीं, समाधान चाहिए. रुकावट नहीं, ज़िम्मेदारी चाहिए."

    उन्होंने आगे कहा, "हम अपने छात्रों के सिर्फ़ ग़ुस्से के नहीं, बल्कि जवाब, सुधार और जवाबदेही के भी ज़िम्मेदार हैं. हमारी सरकार इन्हीं बातों पर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."

    गौरतलब है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पीएम आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना प्रदर्शन किया था.

    इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि, कुछ घंटे बाद उन्हें और हिरासत में लिए गए बाकी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया.

  8. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक अहम ख़बरें आप तक पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

    इस समय बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.