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'मैं गर्भवती हूं'; ये बात मेरा फ़िटनेस ट्रैकर मुझसे पहले कैसे जान गया!
- Author, अशिता नागेश
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
रविका अपने पति के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं और अपना जन्मदिन मना रही थीं. तभी उनके फ़िटनेस ट्रैकर ने उन्हें एक असामान्य अलर्ट भेजा.
उनकी ओरा रिंग ने संकेत दिया कि उनका हेल्थ स्कोर अच्छा नहीं है. उनकी हृदय गति बढ़ गई थी, शरीर का तापमान सामान्य से ज़्यादा था और हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (एचआरवी) कम हो गई थी.
हालांकि, रविका को अपनी सेहत बिगड़ने जैसा कुछ महसूस नहीं हो रहा था. एक सप्ताह बाद भी उनके स्वास्थ्य से जुड़े पैरामीटर पर कोई सुधार नहीं हुआ.
तब इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स की 34 वर्षीय सॉलिसिटर रविका ने इंटरनेट पर जानकारी खोजी. उन्हें महिलाओं का एक ऐसा ऑनलाइन समुदाय मिला, जहां कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें भी प्रेग्नेंसी के शुरुआती संकेत हेल्थ ट्रैकर्स के जुटाए गए स्वास्थ्य संबंधी डेटा के आधार पर मिले थे.
इसके एक हफ़्ते बाद रविका का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉज़िटिव आया.
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ट्रैकर से प्रेग्नेंसी पता लगने पर क्या हालत हुई?
हालांकि, कुछ समय बाद रविका को पेट में ऐंठन महसूस हुई. इसी दौरान उनके फ़ोन पर एक नोटिफ़िकेशन आया, जिसमें बताया गया कि उनका शरीर काफ़ी दबाव या तनाव में दिखाई दे रहा है. इसके बाद वह डॉक्टर के पास गईं.
डॉक्टर ने उन्हें 10 दिन बाद फिर दोबारा यह जांचने के लिए बुलाया कि उनकी प्रेग्नेंसी में कोई समस्या तो नहीं है. वह बताती हैं कि यह इंतज़ार उनके लिए बेहद पीड़ादायक था. इस दौरान वह बार-बार अपने फ़िटनेस ट्रैकर के आंकड़े देखने लगतीं.
उन्होंने बताया कि वे लगभग हर रात में अचानक यह देखने के लिए उठ जातीं कि ऐप में उनकी सेहत से जुड़े आंकड़े अब भी सामान्य स्तर से कम हैं या नहीं. उनके शरीर का तापमान कहीं बढ़ा हुआ तो नहीं है.
रविका कहती हैं, "मैं बस ये उम्मीद कर रही थी कि मेरी प्रेग्नेंसी सुरक्षित और सामान्य हो." उनके मुताबिक़, फ़िटनेस ट्रैकर के आंकड़े धीरे-धीरे उनके लिए एक 'जुनून' बन गए थे. लेकिन उन्हें ऐसा लगता था कि यह सचमुच 'ज़िंदगी और मौत' का सवाल है.
कई औरतों के लिए गर्भवती का पहला संकेत समय पर माहवारी का न आना होता है. आमतौर पर इसी समय प्रेग्नेंसी टेस्ट भी किए जा सकते हैं.
कुछ ऐसे टेस्ट मौजूद हैं जो गर्भावस्था का पता थोड़ा पहले लगाने का दावा करते हैं. लेकिन ज़्यादातर टेस्ट शरीर में हार्मोन के बदलाव को तब तक नहीं पहचान पाते, जब तक मासिक धर्म की तय तारीख़ निकल न जाए.
हालांकि, रविका उन सैकड़ों महिलाओं में शामिल हैं जो ऑनलाइन बता रही हैं कि उन्हें इससे भी पहले संकेत मिल गए थे. ये संकेत उन्हें उनके फ़िटनेस ट्रैकर्स से मिले हेल्थ डेटा से मिले.
ब्रिटेन में फ़िटनेस ट्रैकर्स, जैसे स्मार्ट रिंग, स्मार्ट वॉच और सीने पर पहने जाने वाले ट्रैकर्स तेज़ी से लोकप्रिय हुए हैं.
यूगव के एक शोध के अनुसार, जनवरी 2026 में ब्रिटेन के 36 प्रतिशत वयस्कों के पास फ़िटनेस ट्रैकर था और वे उसका इस्तेमाल कर रहे थे. यह जुलाई 2019 के मुक़ाबले लगभग दोगुना अनुपात है.
स्मार्ट रिंग के बाज़ार में ओरा कंपनी के उत्पादों की बिक्री सबसे ज़्यादा है, यह फ़िनलैंड और अमेरिकी कंपनी है.
इस बाज़ार में भारत की अल्ट्राह्यूमन और हांगकांग की रिंगकॉन जैसी कंपनियां भी शामिल हैं.
गर्भपात के शुरुआती संकेत ऐसे पता लगे
यही वजह है कि शरीर का तापमान मापने वाले ये फ़िटनेस ट्रैकर्स उन महिलाओं के बीच ज़्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं जो मां बनना चाहती हैं.
आमतौर पर एक सामान्य माहवारी में महिला के शरीर का तापमान मासिक धर्म शुरू होने से ठीक पहले तक थोड़ा बढ़ा रहता है. इसके बाद तापमान में तेज़ गिरावट आती है.
लेकिन प्रेग्नेंसी की शुरुआती अवस्था में शरीर का तापमान आम तौर पर ऊंचा बना रहता है. अगर कोई फ़िटनेस ट्रैकर शरीर का तापमान मापता है, तो वह इस शुरुआती संकेत को दर्ज़ कर सकता है.
अपने स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों पर नज़र रखने के साथ-साथ रविका ने रेडिट पर इससे जुड़े पोस्ट पढ़ने शुरू किए.
रेडिट पर हेल्थ ट्रैकर के बारे में पोस्ट लिखने वाली महिलाओं का कहना था कि उनकी ओरा रिंग ने केवल गर्भावस्था के ही नहीं, बल्कि गर्भपात के भी संकेत पहले ही दे दिए थे. उनका दावा था कि रिंग के नोटिफ़िकेशन के ज़रिए उन्हें यह जानकारी मिली थी.
32 वर्षीय सोफ़िया भी ऐसी ही महिलाओं में से एक थीं जिनका दो बार गर्भपात हुआ. दोनों बार उन्हें इसका संकेत अपनी ओरा रिंग से मिले स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों में दिखाई दिया. बाद में वह तीसरी बार गर्भवती हुईं और अब उनका बेटा पांच महीने का है.
सोफ़िया बताती हैं कि पिछले साल की शुरुआत में जब वह पहली बार गर्भवती हुईं, तो वह हर सुबह अपना ऐप देखती थीं.
उन्होंने कहा, "जब मैं उठकर तापमान की लाइन को लगातार ऊपर बढ़ते हुए देखती थी, तो अच्छा लगता था. लेकिन एक सुबह मैंने ऐप में देखा कि मेरा तापमान गिर गया है. तभी मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है."
उन्होंने कहा, "जब मेरा गर्भपात हुआ, तब तक मैं मानसिक रूप से कुछ हद तक तैयार हो चुकी थी, क्योंकि मैंने आंकड़ों में इसके संकेत देख लिए थे."
करीब तीन महीने बाद फिर वही स्थिति बनी. इसके बाद सोफ़िया और उनके पति ने कुछ समय के लिए गर्भधारण की कोशिश से विराम लेने का फ़ैसला किया.
लेकिन इसी दौरान उनकी रिंग ने 'मामूली शारीरिक तनाव के संकेत' वाला एक नोटिफ़िकेशन भेजा. उन्होंने देखा कि उनके शरीर का तापमान फिर से बढ़ा हुआ है. इसके बाद उन्होंने प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया, जो पॉज़िटिव निकला.
हालांकि यह गर्भावस्था स्वस्थ थी, लेकिन शुरुआती हफ़्तों में सोफ़िया काफ़ी चिंतित रहीं. वह बार-बार अपने स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े जांचती रहती थीं.
उन्होंने कहा, "मैं सोचती थी, 'हे ईश्वर, क्या फिर से वही होने वाला है?' मुझे याद है कि मैं सुबह चार या पांच बजे उठ जाती थी और तुरंत ऐप खोलकर देखती थी कि कहीं मेरा तापमान कम तो नहीं हो गया."
उन्होंने कहा, "मैं उस एक आंकड़े को लेकर इतनी ज़्यादा सजग हो गई थी कि जब गर्भावस्था के सात या आठ हफ़्ते पूरे हुए तो मैंने अपनी रिंग उतार दी. इसके बाद मैंने प्रेग्नेंसी के अंतिम समय तक उसे नहीं पहना."
हेल्थ डेटा को बार-बार देखने से बढ़ता तनाव
लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल में प्रजनन चिकित्सा के सलाहकार डॉ. स्टुअर्ट लैवरी कहते हैं, "लोग इस तकनीक का इस्तेमाल करके अपने शरीर को बेहतर समझने की कोशिश कर रहे हैं. अगर वे गर्भधारण की योजना बना रहे हैं, तो वे हर संभावित संकेत को जितना जल्दी हो सके पहचानना चाहते हैं, क्योंकि इसका उनकी ज़िंदगी पर गहरा असर पड़ता है."
हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "हो सकता है कि हम अभी उतनी तैयारी के बिना आगे बढ़ रहे हों, जितनी ज़रूरी है."
उन्होंने कहा, "इन उपकरणों की विश्वसनीयता को समझने के लिए हमें कहीं ज़्यादा डेटा और शोध की ज़रूरत है. वरना लोगों की चिंता का स्तर बहुत तेज़ी से बढ़ सकता है."
डॉ. लैवरी का कहना है, "मुझे पूरा यक़ीन है कि भविष्य में और ज़्यादा लोग तकनीक, ऐप्स और पहनने वाले स्मार्ट उपकरणों की मदद से ऐसे संकेत पहचानने की कोशिश करेंगे. लेकिन इनके इस्तेमाल के साथ यह चेतावनी भी होनी चाहिए कि इनकी सटीकता पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता."
गर्भावस्था के शुरुआती दौर में रिंग के आंकड़े बार-बार देखने से महिलाओं में बढ़ी चिंता के बारे में पूछे जाने पर ओरा की महिला स्वास्थ्य संबंधी क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. क्रिस करी से बीबीसी न्यूज़ ने बात की.
उन्होंने कहा, "बायोमेट्रिक ट्रैकिंग हो या न हो, गर्भावस्था कई महिलाओं के लिए अनिश्चितता भरा समय होती है. ख़ास तौर पर पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को यह समझ नहीं होता कि कौन-सी बातें सामान्य हैं और कौन-सी नहीं."
उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला को यह सब बहुत ज़्यादा तनावपूर्ण लगे, तो कंपनी उन्हें ऐप से कुछ समय का विराम लेने की सलाह देती है. इस दौरान ओरा रिंग डेटा एकत्र करना और ज़रूरी जानकारी जुटाना जारी रखती है.
उन्होंने यह भी कहा, "रिंग एक सहायक उपकरण है, आपकी चिकित्सा टीम का विकल्प नहीं."
दुर्भाग्य से रविका का गर्भपात हो गया. अब वह फिर से गर्भधारण की कोशिश शुरू करने की उम्मीद कर रही हैं. लेकिन इस अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वह दोबारा अपना फ़िटनेस ट्रैकर पहनेंगी?
रविका कहती हैं, "मैं खुद को कभी बहुत चिंतित रहने वाला व्यक्ति नहीं मानती थी. लेकिन अब मुझे लगता है कि अगर भविष्य में मुझे यह आभास हो कि मैं गर्भवती हूं और मेरे स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े कमज़ोर दिख रहे हों, तो जैसे ही प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉज़िटिव आएगा, मेरे लिए सबसे अच्छा यही होगा कि मैं रिंग उतार दूं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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