सीधी उड़ान, सीमा विवाद और ट्रंप के टैरिफ़ पर चीन से क्या हुई बात? विदेश सचिव ने बताया

विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के चीन दौरे पर विशेष प्रेस ब्रीफ़िंग की. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का सोमवार का कार्यक्रम कई अहम बैठकों से जुड़ा है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और अभय कुमार सिंह

  1. अल-रहावी को निशाना बनाने पर इसराइली सेना ने क्या कहा?, जारोस्लाव लुकिव, बीबीसी न्यूज़

    अल-रहावी

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    इमेज कैप्शन, न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, अल-रहावी को आख़िरी बार बुधवार को सना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था

    यमन के हूती विद्रोहियों ने पुष्टि की है कि उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब नासिर अल-रहावी इस हफ़्ते की शुरुआत में इसराइली हवाई हमले में मारे गए हैं.

    ईरान समर्थित इस संगठन ने बताया कि गुरुवार को इसराइली सेना ने यमन की राजधानी सना पर हमला किया, जिसमें कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए.

    इसराइली सेना का कहना है कि सना क्षेत्र में एक बैठक के दौरान इसराइली लड़ाकू विमानों ने रहावी और अन्य हूती अधिकारियों को निशाना बनाया.

    हूती विद्रोही 2014 से यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर क़ब्ज़ा किए हुए हैं.

    उसी साल उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सना से बाहर कर दिया था, जिससे यमन में विनाशकारी गृहयुद्ध शुरू हो गया था.

    हूति विद्रोहियों ने कहा है कि रहावी कई मंत्रियों के साथ मारे गए, हालांकि उन्होंने मंत्रियों के नाम नहीं बताए.

    सऊदी अरब की न्यूज़ साइट अल-हदथ की रिपोर्ट के मुताबिक़, हूति विद्रोहियों के विदेश मंत्री, साथ ही न्याय, युवा एवं खेल, सामाजिक मामलों के मंत्री और श्रम मंत्री भी इस हमले में मारे गए.

    अहमद अल-रहावी क़रीब एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन सरकार की बागडोर उनके उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद मुफ़्ताह के हाथों में थी.

    शनिवार को मुफ़्ताह को प्रधानमंत्री का कार्यभार सौंपा गया है.

  2. दिल्ली: कालकाजी मंदिर में एक सेवादार की हत्या पर पुलिस ने क्या बताया

    दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी

    दिल्ली के कालकाजी मंदिर में 37 वर्षीय सेवादार की हत्या का मामला सामने आया है.

    रविवार को दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

    डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी ने कहा, "29 अगस्त की रात क़रीब 9.30 बजे कालकाजी थाना में एक पीसीआर कॉल के ज़रिए सूचना मिली कि कालकाजी मंदिर के पास के कॉरिडोर में झगड़ा हो रहा है."

    उन्होंने बताया, "वहां पहुंचने के बाद पता चला कि एक सेवादार, जिनका नाम योगेंद्र उर्फ़ योगेश है और जो पिछले 17 सालों से यहां सेवा कर रहे थे, उनकी किसी अनजान लोगों के साथ लड़ाई हुई. लड़ाई के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उनकी मृत्यु हो गई."

    पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि वहां कुछ लड़के आए थे, जिनसे विवाद हुआ और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया.

    डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी का कहना है कि झगड़ा क्यों हुआ, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है.

    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें कुछ लोग एक व्यक्ति को डंडों से पीटते नज़र आ रहे हैं. बीबीसी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

  3. एससीओ समिट: पीएम मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी पहुँचे चीन

    भारत और पाकिस्तान

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    इमेज कैप्शन, भारत और पाकिस्तान 2017 से एससीओ के सदस्य हैं

    चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से एक सितंबर तक चलने वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के कई नेता पहुंच गए हैं.

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए तियानजिन पहुंचे हैं.

    चीन पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि वह अब एससीओ बैठक और विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाक़ात का इंतज़ार कर रहे हैं.

    वहीं, शहबाज़ शरीफ़ ने रवाना होने से पहले एक्स पर कहा, “मैं तियानजिन में होने वाली एससीओ बैठक और बीजिंग में दूसरे विश्व युद्ध में फासीवाद पर विजय की 80वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होऊंगा.”

    उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य विश्व नेताओं से मुलाक़ात का इंतज़ार है ताकि चीन और अन्य देशों के साथ रिश्ते मजबूत हों, क्षेत्रीय सहयोग बढ़े और शांति, तरक़्क़ी के लिए मिलकर काम किया जा सके.

    एससीओ क्या है?

    एससीओ की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस और सोवियत संघ का हिस्सा रहे चार मध्य एशियाई देशों कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान ने मिलकर थी.

    इसका उदय रूस, चीन और इन मध्य एशियाई देशों के बीच वर्ष 1996 में सीमा को लेकर हुए एक समझौते के साथ हुआ था. इसे ‘शंघाई फाइव’ समझौता कहा गया.

    भारत और पाकिस्तान साल 2017 में इस संगठन में शामिल हुए थे जबकि ईरान वर्ष 2023 में इसका सदस्य बना.

  4. नमस्कार!

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