हूती विद्रोहियों का दावा, इसराइल के हमले में पीएम अल-रहावी की मौत

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि इसराइल के एक हमले में उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहावी की मौत हो गई है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और अभय कुमार सिंह

  1. राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत करने वाले को सुरक्षा देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया आदेश

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, याचिकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत करने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं

    इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह तुरंत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को उपलब्ध कराए.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, शिकायत करने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि वह कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कई मामले दायर करने और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाने के कारण लगातार ख़तरे में है.

    यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की खंडपीठ ने एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

    शिशिर का कहना है कि वह भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक स्टेट विंग से जुड़े हैं.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, शिशिर ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की हैं.

    शिशिर ने कहा है कि उन्होंने जून 2024 में लखनऊ में सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे बाद में एंटी-करप्शन-II ब्रांच, नई दिल्ली को ट्रांसफर कर दिया गया.

    इस शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं और चुनाव लड़ते समय उन्होंने इस तथ्य को छुपाया.

  2. इसराइली सेना ने बताया- ग़ज़ा से एक और बंधक का शव मिला

    इलान वाइस

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    इमेज कैप्शन, इलान वाइस

    इसराइल की सेना ने बताया है कि ग़ज़ा पट्टी में एक ऑपरेशन के दौरान इसराइली बंधक इलान वाइस का शव बरामद किया गया है.

    56 साल के इलान वाइस 7 अक्तूबर 2023 को दक्षिणी इसराइल पर हमास के किए हमले में मारे गए थे.

    इसराइली सेना ने कहा कि एक अन्य बंधक के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    इसराइल पर हमास के हमले में 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था.

    इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें कई लोग मारे गए.

    ग़ज़ा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइली हमले में अब तक 63 हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

  3. अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के कई टैरिफ़ को बताया अवैध, मैक्स मात्ज़ा और एंथनी ज़र्चर, बीबीसी न्यूज़

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया है

    अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने फ़ैसला सुनाया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए ज़्यादातर टैरिफ़ अवैध हैं.

    अदालत के इस फ़ैसले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "सभी टैरिफ़ अभी भी लागू हैं. आज एक बेहद पक्षपाती अपीलीय अदालत ने ग़लत तरीके से कहा कि हमारे टैरिफ़ हटाए जाने चाहिए, लेकिन उन्हें पता है कि आख़िर में अमेरिका ही जीतेगा."

    इस फ़ैसले से क़ानूनी टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे ट्रंप की विदेश नीति की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं.

    यह फै़सला ट्रंप के 'रेसिप्रोकल टैरिफ़' को प्रभावित करता है, जो दुनिया के ज़्यादातर देशों पर लगाए गए हैं.

    इसमें चीन, मेक्सिको और कनाडा पर लगाए गए टैरिफ़ भी शामिल हैं.

    7-4 के फै़सले में अमेरिका की फ़ेडरल सर्किट अपीलीय अदालत ने ट्रंप सरकार का यह तर्क ख़ारिज कर दिया कि ये टैरिफ़ आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के क़ानून के तहत लगाए गए थे.

    अदालत ने ट्रंप के इस क़दम को 'क़ानून के ख़िलाफ़' और 'अमान्य' करार दिया है.

    यह फै़सला 14 अक्तूबर तक लागू नहीं होगा, ताकि सरकार को सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर सुनवाई की अपील करने का समय मिल सके.

  4. अमेरिका ने फ़लस्तीनी नेता को संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने से रोका, वीज़ा रद्द किया

    फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास

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    इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क जाने की योजना बना रहे थे

    फ़लस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास अगले महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे.

    अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनका और 80 अन्य फ़लस्तीनी अधिकारियों का वीज़ा रद्द कर दिया गया है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन पर शांति के लिए की जा रही कोशिशों को कमज़ोर करने और 'एक काल्पनिक फ़लस्तीनी राज्य को एकतरफ़ा मान्यता' की मांग करने का आरोप लगाया है.

    अमेरिका के इस फ़ैसले का इसराइल ने स्वागत किया है.

    यह क़दम असामान्य माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर अमेरिका से उम्मीद की जाती है कि वह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय आने वाले सभी देशों के अधिकारियों की यात्रा को आसान बनाएगा और उन्हें इसके लिए सुविधा देगा.

    यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया गया है जब फ़्रांस, संयुक्त राष्ट्र सत्र में फ़लस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अगुवाई कर रहा है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार फ़्रांस के इस क़दम का विरोध कर रही है.