यूक्रेन युद्ध: रूस ने अमेरिका को अंजाम भुगतने की चेतावनी क्यों दी

यूक्रेन युद्ध: रूस ने अमेरिका को अंजाम भुगतने की चेतावनी क्यों दी

सारांश

  • 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का आज पहला दिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भर्तृहरि महताब को दिलायी प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ.
  • टी20 वर्ल्ड कप: आज सुपर आठ के मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 206 रनों का लक्ष्य
  • पीएम मोदी बोले- सरकार चलाने के लिए बहुमत, देश चलाने के लिए सहमति ज़रूरी
  • कांग्रेस नेता खड़गे बोले- 'पीएम मोदी ने अघोषित आपातकाल लगा रखा है'
  • रूस: दागिस्तान के चर्च और सिनेगॉग पर हमला, 15 से ज़्यादा लोगों की मौत

लाइव कवरेज

मुकुन्द झा और प्रवीण

  1. रफ़ाह पर नेतन्याहू बोले- जल्द ख़त्म होगी 'भीषण लड़ाई'

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ाह में जारी हमलों पर बयान दिया है.

    नेतन्याहू के मुताबिक, रफ़ाह में जारी भीषण लड़ाई अपने अंतिम दौर में है और ये लगभग ख़त्म होने को है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि युद्ध ख़त्म हो गया है.

    नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक कि हमास को सत्ता से बाहर नहीं कर दिया जाएगा.

    हिज़बुल्लाह की तरफ़ से बढ़ते हमलों के बीच नेतन्याहू ने ये भी कहा कि जल्द ही इसराइली सेना लेबनान की सीमा पर अपनी टुकड़ियां भेजने में सक्षम होगी.

    वेस्ट बैंक में आधारित फलस्तीनी अथॉरिटी को हमास की जगह ग़ज़ा में भी प्रशासन चलाने देने के विचार को भी नेतन्याहू ने फिर से ख़ारिज कर दिया.

    रफ़ाह के लोगों का कहना है कि इसराइली सेना की तरफ़ से हमले बढ़े हैं और शहर पर हुए इसराइली हवाई हमलों में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की आपात सेवाओं के डायरेक्टर की भी मौत हो गई.

    राहत सामग्री वितरण करने वाला एक केंद्र भी हमले में तबाह में हो गया.

    इसराइली सेना के मुताबिक, हमास इसका इस्तेमाल कर रहा था.

  2. हज यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या हुई 1301, सऊदी प्रशासन ने बताए कारण

    हजयात्रा के दौरान मरने वालों में 98 भारतीयों भी शामिल

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    सऊदी अरब प्रशासन ने हज यात्रा के दौरान मारे गए लोगों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है. सऊदी प्रशासन के मुताबिक, 1301 यात्रियों की हज के दौरान जान गई है.

    सऊदी प्रशासन ने भीषण गर्मी और अवैध यात्राओं को इसका कारण बताया है.

    इस साल की हज यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है और तापमान 52 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है.

    सऊदी अरब की अधिकारिक न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि मरने वाले पांच में से चार हजयात्रियों के पास वैध परमिट नहीं था और वो तपती गर्मी में पनाह लिए बगैर चल रहे थे.

    मृतकों में कुछ बुज़ुर्ग और बीमार भी थे.

    सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री फ़हद अल-जलाजेल ने कहा कि भीषण गर्मी के खतरों और इससे बचने के लिए यात्रियों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

    स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब पांच लाख लोगों का इलाज हुआ है जिसमें से एक लाख 40 हज़ार ऐसे लोग थे जो बग़ैर परमिट के यात्रा कर रहे थे.

    हज यात्रा पर लगातार हो रही मौतों के कारण और ख़ासतौर से बग़ैर परमिट के आए लोगों को सुविधाएं मुहैया न करवाने के लिए सऊदी अरब की आलोचना हो रही है.

    हज यात्रा के दौरान मारे गए लोगों में सबसे ज़्यादा मिस्त्र से आए लोगों की संख्या है. ये संख्या 658 की है जबकि मरने वालों में भारतीयों की संख्या 98 है.

  3. रूस: दागिस्तान के चर्च और सिनेगॉग पर हमला, 15 से ज़्यादा लोगों की मौत

    काले कपड़े पहनकर आए थे हमलावर
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    रूस के उत्तरी काकेशस में स्थित दागिस्तान में रविवार को हथियारबंद हमलावरों के हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं.

    ये हमला तब हुआ, जब दागिस्तान में एक त्योहार मनाया जा रहा था. हमलावरों ने दो चर्च, यहूदियों के उपासना स्थल यानी सिनेगॉग और एक पुलिस पोस्ट पर हमला बोला.

    इस हमले में 15 पुलिसवाले, चर्च का एक पादरी और एक सिक्योरिटी गार्ड मारे गए हैं. हमला करने वालों में से छह हमलावरों के भी मारे जाने की भी ख़बर है.

    रूसी पुलिस ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है. हमलावरों की तलाश की जा रही है.

    हथियारबंद हमलावरों ने डर्बेंट और मखाचकाला शहर को अपना निशाना बनाया, जहां पर सदियों पुराना त्योहार मनाया जा रहा था.

    हमलावरों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है.

    सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों देखा जा सकता है कि काले कपड़ों में आए हमलावर पुलिस की कारों और इमरजेंसी सर्विस दस्ते के काफ़िले पर हमला कर रहे हैं.

    प्राचीन यहूदियों के शहर डर्बेंट में हमलावरों ने पहले एक सिनेगॉग पर गोलीबारी की और फिर इसे आग के हवाले भी कर दिया.

    दागिस्तान रूस के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है जो कि एक मुस्लिम बहुल प्रांत भी है.

    अक्तूबर 2023 में यहूदी पैसेंजरों की तलाश में दागिस्तान के एयरपोर्ट में फ़लस्तीन समर्थकों की भीड़ घुसी थी.

    ये वाकया सात अक्तूबर 2023 को इसराइल और हमास के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद हुआ था.

  4. नमस्कार,

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