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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने किया बशर अल-असद की सत्ता के पतन का स्वागत

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता के पतन का स्वागत किया है.

सारांश

  • शंभू बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों ने आज के 'दिल्ली चलो' मार्च को वापस लिया
  • इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सीरिया की स्थिति पर एक वीडियो संदेश जारी किया है.
  • सीरिया की स्थिति पर ईरान ने भी बयान जारी किया है
  • बशर अल-असद के सीरिया छोड़ने की ख़बरों पर रूस ने जारी किया बयान
  • अंडर-19 एशिया कप के फ़ाइनल मैच में बांग्लादेश ने भारत पर 59 रनों से जीत दर्ज कर ली है
  • ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में भारत को 10 विकेट से हराया
  • ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने रविवार को ब्रिस्बेन में खेले गए दूसरे वनडे मुक़ाबले में भारत को 122 रन से हरा दिया है

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और अभिषेक पोद्दार

  1. सीरिया: दमिश्क में खुशी मना रहे कई लोग, देखिए तस्वीरें

    रविवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में विद्रोही लड़ाकों के घुसने के ख़बर के बाद वहां कई लोग जश्न मना रहे हैं.

    बीते सप्ताह हयात तहरीर अल-शाम नाम के विद्रोही गुट के नेतृत्व में सीरिया में विद्रोहियों से बशर अल-असद सरकार का विरोध शुरू किया. वो एक के बाद एक कई शहरों पर कब्ज़ा करने लगे.

    रविवार को विद्रोही दमिश्क पहुंचे जिसके बाद वहां कई जगहों पर लोगों को जश्न मनाते देखा गया.

    इस बीच विद्रोहियों ने कहा कि राष्ट्रपति असद देश छोड़ कर भाग गए हैं. उन्होंने सीरिया को "आज़ाद" घोषित कर दिया.

  2. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में भारत को 10 विकेट से हराया, सिरीज़ 1-1 से बराबर

    बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया है. इसी के साथ सिरीज़ एक-एक की बराबरी पर पहुंच गई है.

    एडिलेड में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 19 रन का टारगेट मिला था, जिसे मेहमान टीम ने आसानी से बना लिया.

    टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 180 रन बनाए थे, जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 337 रन बनाए.

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेविस हेड ने शतकीय पारी खेलते हुए 140 रन बनाए, जिसकी बदौलत मेज़बान टीम मज़बूत स्थिति में पहुंची.

    वहीं दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी निराशाजनक रही. मेहमान टीम ने दूसरी पारी में 175 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को महज़ 19 रनों का लक्ष्य दिया.

  3. विपक्षी नेता का दावा, 'दमिश्क सुरक्षित है'

    इस्लामी विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम ने राजधानी दमिश्क में प्रवेश कर लिया है और सीरिया को आज़ाद घोषित कर दिया है.

    विद्रोहियों का दावा है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़ चुके हैं. इस बीच विपक्षी नेता हादी अल-बहरा ने कहा कि दमिश्क सुरक्षित है.

    बहरा ने अरबी न्यूज़ चैनल अल-अरबिया से कहा कि असद की सरकार गिर गई है और "सीरिया के इतिहास का काला युग बीत चुका है."

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सभी संप्रदायों और धर्मों के हमारे लोग, जब तक आप किसी अन्य नागरिक के ख़िलाफ़ हथियार नहीं उठाते, जब तक आप अपने घरों में रहते हैं, तब तक आप सुरक्षित है."

    उन्होंने लिखा, "न तो बदला लेने जैसी कोई कार्रवाई की जाएगी और न ही मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जाएगा. लोगों की गरिमा के सम्मान किया जाएगा और इसकी रक्षा की जाएगी."

  4. विद्रोही गुट बोला- सार्वजनिक संस्थानों की बागडोर संभालेंगे प्रधानमंत्री

    दमिश्क पर कब्ज़े के बाद विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम ने दावा किया है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने देश छोड़ दिया है.

    विद्रोहियों ने कहा है कि सार्वजनिक संस्थानों की बागडोर अब प्रधानमंत्री संभालेंगे.

    हयात तहरीर अल-शाम ने अपने टेलीग्राम चैनल में कहा कि सैन्य बलों के दमिश्क में स्थित सार्वजनिक संस्थानों के क़रीब जाने पर फिलहाल प्रतिबंध लगाया गया है.

    वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो सीरियाई अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद दमिश्क से विमान के ज़रिए किसी अज्ञात जगह के लिए निकल गए हैं.

  5. विद्रोहियों ने कहा, 'टीवी पर प्रसारित करेंगे संदेश'

    विद्रोही गुट एचटीएएस ने कहा है कि कुछ देर बाद वो टीवी पर आम लोगों के लिए संदेश प्रसारित करेंगे.

    इससे पहले रविवार को इस समूह ने कहा था कि वो दमिश्क में रेडियो और टेलिविज़न मुख्यालयों को अपने नियंत्रण में ले रहा है जहां से उसकी जीत का ऐलान किया जाएगा.

    राजधानी दमिश्क में विद्रोहियों के प्रवेश के बाद सरकारी टीवी ने ब्रॉडकास्ट बंद कर दिया था.

    मिल रही ख़बरों के अनुसार दमिश्क के केंद्र में मौजूद उमैद चौराहे पर कई लोग खुशियां मना रहे हैं. इस चौराहे के आसपास कई सरकारी इमारतें हैं.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, सीरिया में विद्रोहियों का दावा, ‘देश से भागे असद, सीरिया अब आज़ाद’

    सीरिया सरकार का विरोध कर रहे विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) ने दावा किया "तानाशाह" राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर भाग गए हैं और सीरिया अब "आज़ाद" हो गया है.

    विद्रोही गुट एचटीएएस ने अपने टेलीग्राम चैनल पर दावा किया है कि एक काले अध्याय का अंत हो गया है और नई शुरुआत हो रही है.

    विद्रोहियों का कहना है कि बीते पांच दशकों से असद की सत्ता के कारण विस्थापित हुए लोग या वो लोग जिन्हें कैद कर रखा गया था, वो अब वापिस आ सकते हैं.

    विद्रोहियों का कहना है कि "ये एक नया सीरिया होगा जहां हर कोई शांति से रह सकेगा और न्याय का शासन रहेगा."

    इससे पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो वरिष्ठ सीरियाई अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति बशर अल-असद दमिश्क से चले गए हैं, लेकिन ये साफ नहीं है कि वो कहां गए हैं.

  7. सीरिया में तेज़ी से बदल रहे घटनाक्रम पर एक नज़र

    सीरिया में तेज़ी से बदल रहे घटनाक्रम पर एक नज़र

    • समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो सीरियाई अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद दमिश्क से विमान के ज़रिए किसी अज्ञात जगह के लिए निकल गए हैं.
    • राष्ट्रपति बशर अल-असद के राजधानी छोड़ने की ख़बरें ऐसे वक्त आई हैं जब विद्रोही समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) ने कहा कि वो दमिश्क की तरफ बढ़ रहे हैं.
    • विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने सैदनाया जेल से हज़ारों कैदियों को रिहा कर दिया है. इस जेल में असद के विरोधियों को कथित तौर पर यातना दी जाती थी.
    • ईरान के समर्थन प्राप्त हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि उसने कुछ क्षेत्रों से अपने लड़ाकों को वापस बुला लिया है.
    • इससे पहले विद्रोहियों ने सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़ा कर लिया था.
  8. होम्स शहर पर कब्ज़ा विद्रोहियों के लिए क्यों है अहम?, ह्यूगो बशेगा, बीबीसी मध्य पूर्व मामलों के संवाददाता

    सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का विरोध कर रहे विद्रोहियों के लिए होम्स शहर पर कब्ज़ा करना उनके लिए बेहद अहम पल है

    इसके साथ ही उन्होंने राजधानी दमिश्क को दूसरे शहरों से अलग-थलग कर दिया है, जो फिलहाल सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता का केंद्र बना हुआ है.

    विद्रोही उत्तर, पूर्व और दक्षिण की तरफ से आगे बढ़ रहे हैं और सरकारी सेना के लिए उन्हें रोकना मुश्किल हो रहा है. अन्य जगहों पर सेना असमर्थ रही है.

    कुछ क्षेत्रों में सेना में विद्रोही लड़ाकों को रोकने की इच्छा की कमी भी दिखी, कहीं सैनिकों ने पाला बदल लिया तो कहीं पर उन्होंने अपनी जगह छोड़ दी. हालांकि अब तक ये स्पष्ट नहीं है कि क्या विद्रोही मज़बूत विरोध के बिना आगे बढ़ना जारी रखेंगे.

    इससे पहले विद्रोहियों ने राष्ट्रपति के पिता हाफ़िज़ अल-असद की मूर्ति को गिरा दिया था. नाराज़गी का इस तरह का नज़ारा कुछ वक्त पहले तक कल्पना से परे था. इसका ये इशारा है कि शहर के भीतर भी इस तरह की अशांति हो सकती है.

    विद्रोहियों के लिए होम्स एक प्रतीकात्मक जीत है. 2011 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद गृह युद्ध के दौरान ये शहर विपक्ष का गढ़ हुआ करता था. ये वो वक्त था जब असर सरकार ने सत्ता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों पर दमनात्मक कार्रवाई शुरू की थी.

    तीन साल तक होम्स के कुछ हिस्सों की घेराबंदी की गई थी. फिर 2015 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले एक समझौते के बाद पूरे शहर को सरकार ने अपने कब्ज़े में ले लिया.

    सीरिया में कई लोगों के लिए राष्ट्रपति बशर अल-असद का पतन खुशी की बात होगी और ये भी संभव है कि उनका पतन अब कुछ ही वक्त की बात है. लेकिन आगे क्या होगा, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है.

    सीरिया में इस विद्रोह का नेतृत्व हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) नाम का ग्रुप कर रहा है. इस समूह की जड़े अल-क़ायदा से जुड़ी हैं.

    हालांकि बीते वक्त में ये समूह खुद को एक राष्ट्रवादी ताकत के रूप में फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.

    लेकिन कई लोग इससे सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि यह एक अत्यंत हिंसक समूह हैं और वो इस बात से चिंतित हैं कि आगे क्या होगा.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने दमिश्क छोड़ा- रिपोर्ट

    सीरिया में विद्रोही गुटों ने दावा किया कि वो राजधानी दमिश्क में प्रवेश कर चुके हैं. इसके साथ ही दमिश्क में गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी है.

    इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो वरिष्ठ सीरियाई अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति बशर अल-असद दमिश्क से चले गए हैं, लेकिन ये साफ नहीं है कि वो कहां गए हैं.

    सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी कहा कि दमिश्क एयरपोर्ट से एक प्राइवेट विमान निकला है, जिसमें राष्ट्रपति बशर अल-असद हो सकते हैं.

    सीरिया में विद्रोही गुट अब तक हमा, देरा के अधिकांश हिस्सों और तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़ा कर चुके हैं.

    इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) समूह के प्रमुख अबू मोहम्मद अल-जु़लानी ने होम्स पर कब्ज़े को ऐतिहासिक पल करार दिया है.

  10. सीरिया: दमिश्क में गोलीबारी शुरू, विद्रोही गुट तेज़ी से आगे बढ़े

    सीरिया में विद्रोही गुट अब तक हमा, देरा के अधिकांश हिस्सों और तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़ा कर चुके हैं. इसके साथ ही विद्रोही गुट राजधानी दमिश्क की तरफ तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

    विद्रोहियों ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर लिखा है, "हमारे लड़ाके राजधानी के भीतर दाखिल होना शुरु हो गए हैं."

    एक शख्स ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि विद्रोही लड़ाके बार्ज़ेह के पास हैं जहां संघर्ष चल रहा है.

    उन्होंने कहा, "बिजली गुल हो गई है और इंटरनेट धीरे चल रहा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं."

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि उन्होंने दो लोगों से बात की है जिनका कहना है कि गोलीबारी की भीषण आवाज़ें आ रही हैं. हालांकि ये साफ नहीं था कि आवाज़ कहां से आ रही थी.

    सीरिया की स्थिति पर नज़र रख रहे सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि दमिश्क हवाई अड्डे से सुरक्षाबल पीछे हट गए हैं.

    वहीं इराक़ के अधिकारियों का कहना है कि लगभग दो हज़ार सीरियाई सैनिक शरण लेने के लिए इराक़ की तरफ आ गए हैं.

    राष्ट्रपति बशर अल-असद का विरोध कर रहे विद्रोहियों ने एक के बाद एक इलाक़े पर कब्ज़ा करना शुरू किया. तेज़ी से आगे बढ़ते हुए उन्होंने सीरिया के तीसरे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़े का दावा किया है.

  11. सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोहियों के तेज़ी से आगे बढ़ने पर रूस क्या बोला?

    सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोही गुट तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. इस बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने विद्रोही गुटों को "आतंकवादी" बताया है.

    शनिवार को रूस, ईरान और तुर्की के विदेश मंत्रियों की एक बैठक कतर में हुई थी. सर्गेई लावरोफ़ का बयान इस बैठक के बाद आया है.

    उन्होंने कहा, "हयात तहरीर अल-शाम ने इदलिब के इलाक़े के आगे बढ़कर दूसरे हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है. हमा का कब्ज़ा और होम्स पर कब्ज़े की कोशिश की उनकी पहले से सुनियोजित योजना थी. ये ज़मीन पर स्थितियों को बदलने की कोशिश है."

    "हम हर तरीके से इसका विरोध करेंगे और वैध सीरियाई प्रशासन का समर्थन करेंगे. हम चाहते हैं कि सरकार और वैध विपक्ष के बीच बातचीत शुरू की जाए."

    उन्होंने कहा, "हम सीरिया की संप्रभुता और इसकी एकता का सम्मान करते हैं. हम अपील करते हैं कि यहां हिंसा तुरंत ख़त्म हो."

    दरअसल रूस ने ही एक दशक पहले राष्ट्रपति बशर अल-असद का साथ दिया था और वो इस कारण सत्ता में बने रहे. लेकिन पिछले हफ्ते विद्रोही गुटों के हमले के बाद वो ऐसी सैन्य सहायता नहीं कर पाया.

    विद्रोही गुट अब तक हमा, देरा के अधिकांश हिस्सों और सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़ा कर चुके हैं. वो अब दमिश्क की तरफ बढ़ रहे हैं.

  12. सीरिया में विद्रोहियों ने किया तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़े का दावा

    सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोही गुट तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. हमा और देरा के अधिकांश हिस्सों पर कब्ज़े के बाद विद्रोही गुटों ने दावा किया है कि उन्होंने देश के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़ा कर लिया है.

    इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) समूह के प्रमुख अबू मोहम्मद अल-जु़लानी ने इसे ऐतिहासिक पल करार दिया है.

    इससे पहले एचटीएएस के नेतृत्व में अन्य चरमपंथियों ने हमा शहर पर कब्ज़ा कर लिया है.

    इसके अलावा विद्रोही जॉर्डन की सीमा के नज़दीक देरा इलाके़ के ज्यादातर हिस्से पर कब्ज़ा कर चुके हैं. ये वो ही जगह है जहां कि साल 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ विद्रोह का जन्म हुआ था.

    साल 2011 में शुरू हुआ विद्रोह इसके बाद गृह युद्ध में तब्दील हो गया. इसके बाद से इसमें पांच लाख से अधिक लोग मारे गए हैं.

    अब तक क्या कुछ हुआ?

    - 27 नवंबर से राष्ट्रपति बशर अल-असद का विरोध कर रहे विद्रोहियों ने एक के बाद एक इलाक़े पर कब्ज़ा करना शुरू किया. तेज़ी से आगे बढ़ते हुए उन्होंने अब सीरिया के तीसरे बड़े शहर पर कब्ज़े का दावा किया है.

    - सीरिया में विद्रोही समूह उत्तर और दक्षिण से राजधानी दमिश्क पर कब्ज़ा करने के लिए बढ़ रहे हैं.

    - हाल के दिनों में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है. ऐसे में वो कहां है इसे लेकर अफवाहों का दौर जारी है. हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय ने इस बात से इनकार किया है कि वो राजधानी छोड़कर जा चुके हैं.

    - अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में बिगड़ते हालात पर कहा है कि अमेरिका को इस लड़ाई से दूर रहना चाहिए. सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि "ये हमारी लड़ाई नहीं है. इसे अपने आप सुलझने दें."

  13. नमस्कार!

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